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कोरोना वायरस महामारी के दौरान न्यू मॉम के लिए ब्रेस्टफीडिंग कराने के टिप्स

कोरोना वायरस महामारी के दौरान  न्यू मॉम के लिए  ब्रेस्टफीडिंग कराने के टिप्स

कोरोना वायरस महामारी और उसके बाद लॉकडाउन का प्रकोप विशेष रूप से एक्सपेक्टिंग मदर्स और न्यू मॉम के लिए काफी कठिन रहा है। उनके लिए प्रमुख चिंता का विषय मौजूदा परिस्थितियों में अपने नवजात शिशु को स्तनपान कैसे कराया जाए, यही रहा है। मार्च के बाद से स्त्री रोग के लिए ऑनलाइन परामर्श करने वाले भारतीयों में 250% की वृद्धि देखी गई और सबसे अधिक चर्चा में से एक विषय स्तनपान था। इसलिए, हैलो स्वास्थ्य के इस लेख में हम कोविड-19 महामारी के दौरान स्तनपान कैसे कराया जाए? इस विषय पर बात करेंगे। इनफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट, गायनेकोलॉजिस्ट और प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. एरोकिया वर्जिन फर्नांडो ने ब्रेस्टफीडिंग और संभावित संक्रमण के मिथ्स के बारे में यहां कई पॉइंट्स बताएंगी जो न्यू मॉम के लिए बेहद हेल्पफुल साबित होंगे।

प्रसव के समय नहीं होता है कोरोना

डॉ. एरोकिया वर्जिन फर्नांडो का कहना है कि “कोविड-19 वायरस प्रसव के समय नहीं फैलता है। एचआईवी वायरस (HIV virus) की तरह इसका कोई वर्टिकल ट्रांसमिशन नहीं है। एक ही संभावना है कि यह बच्चे के जन्म के बाद ही संक्रमित कर सकता है। जन्म के बाद शिशु, मां या स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों के द्वारा ही इन्फेक्टेड हो सकता है। यहां तक ​​कि अगर एक माँ कोरोना संक्रमण का इलाज करा रही है, तो वह कुछ सावधानियों के बाद बच्चे को दूध पिला सकती है।”

और पढ़ें : ऑन-डिमांड ब्रेस्टफीडिंग कराने के हैं ये बड़े फायदे

नवजात के लिए मां का पहला दूध है जरूरी

“जैसे ही बच्चे को डिलीवर किया जाता है, यह आवश्यक है कि बच्चे को अच्छी तरह से लपेटने के बाद ही बच्चे को स्तनपान कराया जाए। इसके साथ ही मां भी सभी प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट पहनें। बच्चे को पहले 3 दिनों के लिए इम्युनिटी और नुट्रिशन वैल्यू के निर्माण के लिए पहले स्तन के दूध की आवश्यकता होती है जिसे कोलोस्ट्रम (Colostrum) कहा जाता है। इसलिए, यह सिफारिश की जाती है कि सभी न्यू मॉम सुरक्षात्मक किट पहनें और बच्चे की मांग पर प्रत्येक फीड पर 10 मिनट के लिए बच्चे को स्तनपान कराएं। अगर मां कोरोना वायरस के चलते गंभीर हालत में है तो इससे बचना चाहिए।

और पढ़ें : बच्चे को बॉटल फीडिंग के दौरान हो सकते हैं इस तरह के खतरे, जानें क्या करें

स्तनपान के दौरान सावधानी

इस वर्ष विश्व स्तनपान सप्ताह का विषय एक स्वस्थ ग्रह के लिए स्तनपान का समर्थन करना और वैश्विक महामारी के चलते एहतियाती उपाय अपनाना है। यहां एक्सपर्ट के द्वारा स्तनपान के दौरान नई माओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस बारे में बताया जा रहा है।

क्या करें?

  • अपने नवजात शिशु को छूने से पहले और बाद में अपने हाथ जरूर धोएं।
  • नर्सिंग करते समय मास्क पहनें।
  • अपने ब्रेस्ट मिल्क पंप (breast milk pump) या बोतल के हिस्सों को छूने से पहले अपने हाथ धो लें। प्रत्येक उपयोग के बाद सभी भागों को साफ और स्टेरिलाइज करें।
  • बच्चे को दोनों स्तनों से 10 मिनट तक दूध पिलाएं और तुरंत बच्चे को अटेंडर को दें।
  • दोनों स्तनों से समान रूप में फीडिंग कराएं।
  • हाथों पर खिंचाव से बचने के लिए तकिया, बैक सपोर्ट और एक फीडिंग चेयर का इस्तेमाल करें।
  • क्रैडल, फुटबॉल या रेक्लाइनिंग पोजीशन (reclining position) जो भी आपके लिए कम्फर्टेबल हो, उसे अपनाएं।
  • माँ और बच्चे के बीच 6 फीट की दूरी बनाए रखें।
  • बच्चे को संभालते समय पार्टनर और परिवार के सदस्य को सावधानी बरतनी चाहिए।

और पढ़ें : स्तनपान के दौरान मां-बच्चे को कितनी कैलोरी की जरूरत होती है ?

क्या न करें?

यदि आप कोरोना पॉजिटिव हैं या कोरोना के हल्के लक्षण भी आपको समझ आते हैं तो बच्चे को खुद से ओवरएक्सपोज न करें। इसके साथ ही पर्सनल हाइजीन के साथ समझौता बिलकुल भी न करें।

और पढ़ें : ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कैसी होनी चाहिए महिला की डायट, जानिए यहां

नई मां के लिए अनुशंसित आहार

एक मां का दूध पहले टीकाकरण के रूप में कार्य करता है, जिससे नवजात शिशुओं को संक्रमण के खिलाफ समग्र पोषण और प्रतिरक्षा प्रदान की जाती है। एक्सपर्ट के द्वारा नई माओं के लिए कुछ आहार संबंधी सलाह यहां दी गई हैं। यह आपके लिए फायदेमंद साबित होगी जैसे-

  • पालक जैसी ताजी पत्तेदार सब्जियों का सेवन अधिक मात्रा में करें और उच्च प्रोटीन आहार (high protein diet) का सेवन सुनिश्चित करें। इसके लिए डायट में दालें, छोले, स्प्राउट्स, ओट्स, सौंफ, लौकी, ड्रमस्टिक (drumstick) की पत्तियां शामिल करें। ये ब्रेस्ट मिल्क को बढ़ाते हैं।
  • शरीर में तरल पदार्थ को बनाए रखने के लिए ताजे तैयार जूस, सूप और स्नैक्स के रूप में ब्रेड या रस को शामिल करें।
  • विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट युक्त भोजन का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें।
  • इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए अपने डॉक्टर से जिंक टैबलेट (यदि पहले से नहीं किया गया है) प्रेस्क्राइब करने को कहें।
  • मसालेदार भोजन से बचें क्योंकि यह एसिडिटी का कारण बनता है और बच्चे को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, ज्यादा आम खाने से भी बचें क्योंकि इससे एसिडिटी भी होती है।

स्तनपान के लिए जरूरी है समर्थन और परामर्श

वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कुछ गर्भवती महिलाओं या नई माताओं को अवसाद या चिंता का सामना करना पड़ सकता है, खासकर जब एक माँ में कोरोना टेस्ट पॉजिटिव मिलता है या उसमें कोरोना के हल्के लक्षण पाए जाते हैं। इसलिए, दैनिक कार्यों की चिंताओं को न्यू मॉम से दूर रखने के लिए पार्टनर और फैमिली का सपोर्ट जरूरी है।

और पढ़ें : बच्चे को स्तनपान कराने के बाद भी कहीं वो भूखा तो नहीं? ऐसे पता लगाएं

स्तनपान के लिए काउंसलिंग सेशन

“नई माताओं को अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले स्तनपान के संबंध में कम से कम एक काउंसलिंग सेशन जरूर दिया जाना चाहिए। इसके बाद, ये सेशन हर हफ्ते ऑनलाइन जारी रह सकते हैं ताकि नई माँ स्तनपान के बारे में अधिक आश्वस्त और स्पष्ट हो। कभी-कभी सही फीडिंग पोजीशन में बच्चे को फिट करने में मदद के लिए पार्टनर का समर्थन आवश्यक होता है।

हालांकि, कोविड-19 हेल्थकेयर की सर्वोच्च प्राथमिकता है, कम्युनिटी सपोर्ट, पार्टनर का सपोर्ट और सही आहार नई माताओं को विशेष रूप से इन कठिन समय के दौरान चिंता से लड़ने में मदद कर सकता है। आशा करते हैं कि आपको यह लेख पसंद आया होगा। आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बताएं। साथ ही विषय से जुड़ा कोई सवाल है तो वो भी आप हमसे शेयर कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Shikha Patel द्वारा लिखित
अपडेटेड 06/08/2020
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