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क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक दवा ले सकते हैं?

क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक दवा ले सकते हैं?

शिशु के जन्म के बाद गर्भनिरोधक दवाएं कितनी सुरक्षित या असुरक्षित हैं? या जब आप बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करा रहीं हों, तो क्या गर्भनिरोधक बच्चे या आपकी सेहत के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है? इस दुविधा से जुड़े कई सवाल माता-पिता बने हर महिला और पुरुष के मन में आता है। आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक का सेवन सुरक्षित है या नहीं।

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ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन कितना सुरक्षित है?

डॉक्टर की मानें, तो ब्रेस्टफीडिंग के दौरान किसी भी तरह की गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जानिए, क्यों नहीं करना चाहिए इस दौरान गर्भनिरोधक का सेवन।

ब्रेस्टमिल्क पर असर डालती है गर्भनिरोधक दवा?

डॉक्टर्स के मुताबिक, जब तक आप अपने बच्चे को स्तनपान करवा रहीं हैं, तब तक गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि, इसके सेवन से स्तनों में दूध की मात्रा बननी घट सकती है। इसी वजह से, स्तनपान करवाने वाली सभी महिलाओं को इनका सेवन न करने की सलाह दी जाती है।

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ब्रेस्टफीडिंग है नेचुरल गर्भनिरोधक

इसके अलावा, ब्रेस्टफीडिंग की प्रक्रिया अपने आप में भी गर्भनिरोधक का काम करती है। जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी होती है। दरअसल, जब तक मां नियमित तौर पर बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराती है, तब तक प्राकृतिक तरीके से स्तनपान गर्भनिरोधक का काम करता है। हालांकि, इस बारे में कोई भी फैसला लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी होती है।

ब्रेस्टफीडिंग करवाने से ही महिलाओं की माहवारी दोबारा देर से शुरू होती है। नियमित ब्रेस्टफीडिंग कराने की प्रक्रिया को गर्भनिरोध के रूप में इस्तेमाल करना लैक्टेशनल एमेनरिया मैथड (एल.ए.एम) कहा जाता है, जो 98 प्रतिशत से अधिक प्रभावशाली पाई गई है। वहीं, जब आप ब्रेस्टफीडिंग को कम कर देती हैं या उसे रोक देती हैं, तो गर्भनिरोध के तरीके के रूप में इसका असर भी कम हो जाता है।

कब सफल हो सकती है लैक्टेशनल एमेनरिया मैथड (LAM)

लैक्टेशनल एमेनरिया मैथड (LAM) तभी सफल हो सकती है, जब आप निम्न बातों और शर्तों को पूरा करती होंः

अगर आप इन सभी शर्तों को पूरा करती हैं, तो लैक्टेशनल एमेनरिया मैथड आपके लिए प्रेग्नेंसी रोकने का प्राकृतिक और सबसे सुरक्षित तरीका साबित हो सकता है। इस लैक्टेशनल एमेनरिया मैथड को अपनाने वाली हर 100 में से लगभग 2 महिलाओं में ही गर्भवती होने की संभावना हो सकती है।

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लैक्टेशनल एमेनरिया मैथड (LAM) के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

लैक्टेशनल एमेनरिया मैथड (LAM) के दौरान महिलाएं स्तनपान कराने के अलावा बच्चे को कुछ भी न खिलाएं और न ही इसके बीच में उन्हें ब्रेस्टफीडिंग रोकनी चाहिए। इसके आलाव आपको इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि शिशु ब्रेस्टफीडिंग सीधा मां के स्तनों से ही करे। किसी ब्रेस्ट पंप की मदद या अन्य तरीकों की मदद भी न ली जा रही हो। इसके अलावा अगर इन सब बातों का ध्यान रखते हुए शिशु छह माह तक का हो जाए, तो गर्भधारण रोकने के अन्य तरीकों के बारे में तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि, लगभग छह माह के बाद ब्रेस्टफीडिंग का प्रभाव कम होने लगता है। इसके अलावा छह माह के बाद शिशु को ठोस आहार भी खिलाना शुरू कर देना चाहिए।

इसके अलावा निम्न तरीके से भी अनचाहे गर्भ से बचाव कर सकती हैं, जो सुरक्षित भी होते हैं। जिनमें शामिल हैंः

और पढ़ें – फूड सेंसिटिव बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कैसे कराएं? जानें इस बारे में सबकुछ

बैरियर गर्भ निरोधक

बैरियर गर्भ निरोधकों में कोई हार्मोन नहीं होता है, इसलिए ब्रेस्टफीडिंग के दौरान और ब्रेस्टफीडिंग के बाद भी महिला इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। इसमें किसी भी तरह का हार्मोन नहीं होता है, इस लिहाज से यह मां के दूध में किसी भी तरह का कोई रिएक्शन नहीं करता है और न ही यह मां के दूध की
पूर्ति में किसी तरह की बाधा का कारण बन सकता है। इसके कई प्रकार होते हैं, जिनमें शामिल हैंः

बाहरी कंडोम

यह लेटेक्स या पॉलीयूरिथेन से बना होता है। जिसका इस्तेमाल संभोग के दौरान पुरुष साथी के द्वारा किया जाता है।

आंतरिक कंडोम

इसे “फीमेल कंडोम” के नाम से भी जाना जाता है। जिसका इस्तेमाल सेक्स के दौरान महिला साथी द्वारा किया जाता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए महिलाओं को इसे अपनी योनि के अंगर फिट करना होता है। इसका इस्तेमाल करना पूरी तरह से सुरक्षित होता है। यह गर्भधारण और यौन जनित रोगों से भी सुरक्षित रखता है।

वजाइनल रिंग

यह एक छोटी, मुलायम, प्लास्टिक की रिंग होती है महिलाओं द्वारा सेक्स के दौरान योनि के अंदर रखा जाता है। वजाइनल रिंग एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजेन जैसे हार्मोंस को लगातार खून में संचारित करती रहती हैं।

ब्रेस्टफीडिंग की आदत पर निर्भर है

आमतौर पर शिशु के जन्म के बाद आपका पीरियड छह सप्ताह से तीन माह के बीच फिर से शुरू हो सकता है। आपका पीरियड आपके ब्रेस्टफीडिंग की आदत पर निर्भर करता है। अगर आप बच्चे को नियमित तौर पर ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं, तो यह तीन माह का समय ले सकता है। लेकिन, अगर आप बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग के साथ-साथ डिब्बा बंद दूध भी पिलाती हैं, तो आपका पीरियड जल्दी ही शुरू हो सकता है।

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान, गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करते हुए नीचे दी गई बातों को याद रखें :

  1. गर्भनिरोधक दवाओं में हार्मोन होते हैं, इसलिए इस ज्यादा चांस होता है कि आपके स्तनों में दूध की मात्रा कम हो जाए।
  2. अगर बच्चा 6 महीने से छोटा हो और स्तनपान करवा रही हों, साथ ही पीरियड्स भी अभी तक शुरू न हुए हों, तो गर्भनिरोधक लेने की जरूरत नहीं होती। जब तब पीरियड्स शुरू नहीं होते गर्भ ठहरने का खतरा नहीं रहता है।
  3. ब्रेस्टफीडिंग के दौरान, अगर आप गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना ही चाहते हैं तो कंडोम का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है।
  4. आप चाहें तो, डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पुरुष या महिला कंडोम, डायाफ्राम या कैप, मिनी-पिल, इंजेक्शन, इम्प्लांट, इंट्रायूटेरिन सिस्टम (आई.यू.एस) या इंट्रायूटेरिन डिवाइस (आई.यू.डी) जैसे गर्भनिरोधक उपाय अपना सकती हैं।

ध्यान दें कि आपका कोई भी दवा खाना ब्रेस्टफीडिंग के दौरान हानिकारक हो सकता है, इसलिए कोई भी दवा खाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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Ankita mishra द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/07/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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