क्या सोने से पहले नियमित रूप से हल्दी वाला दूध पीना फायदेमंद होता है?

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अपडेट डेट July 16, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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मसाले हमारे भोजन का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। हम अपने खाने में कई तरह के मसालों के इस्तेमाल करते हैं, जिनके अलग-अलग फायदे भी होते हैं। ऐसे ही हल्दी का इस्तेमाल भी कई तरह के पकवानों में किया जाता है। इसके अलावा हल्दी का इस्तेमाल त्वचा को निखारने के लिए भी किया जाता है। आयुर्वेद में भी स्वास्थ्य के लिए हल्दी का इस्तेमाल बताया गया है।

सवाल

क्या सोने से पहले नियमित रूप से हल्दी वाला दूध पीना फायदेमंद होता है?

जवाब

हल्दी (Turmeric) एक तरह का मसाला है। जो सफेद और पीले रंग में एक गांठ की तरह होता है। यह जमीन के अंदर उगता है, इसकी पत्तियां हरे रंग की बड़ी-बड़ी होती है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक चिकित्सा पद्धति में भी हल्दी के कई फायदों का जिक्र मिलता है। हल्दी का इस्तेमाल मसाले और दवाओं के साथ-साथ ब्यूटी के लिए भी किया जाता है। हल्दी का बोटेनिकल नाम करकुमा लोंगा (Curcuma Longa) नाम है, जो कि जिंगीबरेसी (Zingiberaceae) फैमिली से आता है। वहीं, दूध के फायदे अनगिनत हैं। तो अगर दूध में हल्दी मिलाकर हल्दी वाला दूध पिया जाए, तो दोनों के लाभ एक साथ मिलते हैं।

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जानिए हल्दी वाला दूध पीने के फायदे

हल्दी वाला दूध पीने के कई फायदे होते हैं, जिनमें त्वचा संबंधी समस्याओं से लेकर पाचन संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं।

1. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है हल्दी वाला दूध

हल्दी में एंटीबायोटिक, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लामेट्री जैसे तत्व होते हैं। जो लोग हल्दी का दूध पीते हैं, उन्हें पाचन से जुड़ी समस्या नहीं होती है। अगर आप हल्दी का दूध पीना चाहते हैं, तो गर्म दूध में हल्दी और शहद मिलाकर पीएं। एंटीऑक्सीडेंट तत्व कोशिकाओं को नुकसान होने से बचाते हैं। इसके साथ ही, हल्दी वाला दूध पीने से आप आपके शरीर में पहुंचने वाला एंटीऑक्सिडेंट संक्रमण और बीमारियों के जोखिम को कम करने में मददगार होता है।

2. हल्दी वाला दूध होता है एंटीबायोटिक

हल्दी वाला दूध कई तरह से फायदेमंद होता है। हल्दी में एंटीबायोटिक तत्व होने के कारण शरीर कई तरह के मौसमी संक्रमणों से आसानी से बचाव कर सकता है। अगर आपको बुखार या गले में खरास या दर्द है, तो हल्दी वाला दूध इसके लिए भी फायदेमंद साबित होता है।

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3.करक्यूमिन से करें कैंसर का खात्मा

हल्दी वाला दूध कैंसर से लड़ने में शरीर की मदद करता है। हल्दी में ‘करक्यूमिन’ होता है जो कैंसर के सेल्स को खत्म करने में शरीर की मदद करता है। कैंसर का कारण बनने वाली कोशिकाएं अनियंत्रित होती है, जो लगातार बढ़ती रहती हैं। कुछ शोध में इसका दावा भी किया गया है कि हल्दी वाला दूध इन अनियंत्रित कैंसर कोशिकाओं को रोकने और जड़ से खत्म कर सकता है। इसके अलावा हल्दी वाला दूध में दालचीनी और अदरक मिलाकर पीने से भी कैंसर सेल्स को खत्म किया जा सकता है। करक्यूमिन ट्यूमर का विकास करने वाली नई रक्त वाहिकाओं के विकास को रोक सकता है।

4.वजन घटाना है तो पीएं हल्दी वाला दूध

हल्दी वाला दूध वजन घटाने में भी मददगार होता है। हल्दी वाला दूध पीने से शरीर का एक्सट्रा फैट कम होता है। हल्दी पाचन प्रक्रिया को तेज करने में मदद करती है। यह तेजी से कैलोरीज भी बर्न करती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। शरीर से फैट को खत्म करने के अलावा लिवर को भी साफ रखने में मदद करती है।

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5.हल्दी वाले दूध से सुधारें कोलेस्ट्रॉल लेवल

हल्दी वाला दूध पीने से आप कोलेस्ट्रॉल, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को सुधार सकते हैं। खरगोशों में किए गए एक अध्ययन में हाई फैट वाले आहार से पता चला है कि हल्दी एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने के साथ-साथ एलडीएल को ऑक्सीकरण होने से रोकती है। ऑक्सीकृत एलडीएल को एथेरोस्क्लेरोसिस का निर्माण करने में भी मदद करती है।

6.चेहरे री रंगत निखारे

आपने भी देखा होगा कि शादी-ब्याह से पहले होने वाले दूल्हे-दुल्हन के शरीर और चेहरे पर हल्दी का लेप लगाया जाता है। शास्त्रों में इसका जो भी महत्व हो, लेकिन वैज्ञानिक तौर पर हल्दी का लेप लगाने से हल्दी के गुण चेहरे की रंगत को निखारने का काम करते हैं। वहीं नियमित तौर पर हल्दी वाला दूध पीने से त्वचा के अंदर की मृत कोशिकाएं बाहर निकल जाती हैं और उनकी जगह नई और स्वस्थ्य कोशिकाओं का निर्माण होता है। जिससे हमारी त्वचा में निखार भी आता है।

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7.जोड़ों का दर्द करे दूर

ऐसे लोग जिनके जोड़ों में दर्द की समस्या रहती है, उन्हें भी हल्दी वाला दूध पीना चाहिए। हल्दी में एंटी इंफ्लामेट्री तत्व होते हैं जो पुरानी सूजन को पुरानी बीमारियों को दूर करने में प्रमुख भूमिका निभाने का काम करते हैं। हल्दी का यह गुण कैंसर, चयापचय सिंड्रोम, अल्जाइमर और हृदय रोगों को भी दूर करने में मददगार होता है। जोड़ों में दर्द के साथ-साथ हल्दी वाला दूध पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस को कम कर सकता है। एक अध्ययन में रयूमेटाइड गठिया वाले 45 लोगों को शामिल किया गया था। जिसमें सभी लोगों को कुछ दिनों तक प्रतिदिन 500 ग्राम हल्दी दी जाती थी। जिसका परिणाम यह निकला कि गठिया के दर्द में हल्दी का असर गठिया में दी जाने वाली दवा या करक्यूमिन की दवा के बराबर था।

8.खून साफ करे

हल्दी वाला दूध हमारे खून को साफ करता है जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। हालांकि, एक बात का ध्यान रखें कि हल्दी का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करना भी नुकसानदेह हो सकता है।

और पढ़ेंः Turmeric : हल्दी क्या है?

बरते सावधानीः

कुछ मामलों में हल्दी वाला दूध पीने से परहेज भी करना चाहिए। जैसेः

डायबिटीज की समस्या

  • हल्दी के अधिक इस्तेमाल के कारण डायबिटीज की समस्या से परेशान लोगों के खून में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है।

किडनी स्टोन

  • किडनी स्टोन की समस्या में भी हल्दी का सीमित इस्तेमाल करना चाहिए। क्योंकि, अगर हल्दी का अधिक इस्तेमाल करेंगे तो शरीर में आयरन की कमी भी हो सकती है।

गॉल ब्लैडर से जुड़ी समस्याओं में

हल्दी वाला दूध आपके गॉल ब्लैडर (Gallbladder) से जुड़ी समस्याओं को और भी खराब कर सकता है। इसलिए अगर आपको पथरी की समस्या हो या फिर बाइल डक्ट ऑब्स्ट्रक्शन (Bile Duct Obstruction) की समस्या हो तो आप हल्दी वाला दूध न पीएं।

ऊपर दी गई सलाह किसी भी चिकित्सा को प्रदान नहीं करती है। हल्दी वाला दूध पीने के फायदे और लाभ समझने के लिए कृपया अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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