अर्थराइटिस के दर्द से ये एक्सरसाइज दिलाएंगी निजात

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट November 11, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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अगर आप अर्थराइटिस यानि जोड़ों में दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं और साथ ही आप एक्सरसाइज करने से कतराते हैं या आपको इसके लिए समय नहीं मिलता, तो जान लीजिए कि एक्सरसाइज आपके लिए संजीवनी साबित हो सकती है। अर्थराइटिस में जोड़ों में दर्द होना एक आम समस्या है। ऐसे में एक्सरसाइज न केवल जोड़ों (joints) को मजबूत रखती है बल्कि मांसपेशियों को भी लचीला बनाने में मदद करती है। इसके अलावा जो लोग ऑस्टियोआर्थराइटिस और रुमेटॉइ़ड अर्थराइटिस से पीड़ित है उन लोगों को एक्सरसाइज करने से दर्द में खासा आराम मिलता है। व्यायाम दर्द में आराम देने के साथ-साथ वजन घटाने, बॉडी वेट बैलेंस रखने और स्ट्रैस कम करने में भी सहायक साबित होता है। अर्थराइटिस की तकलीफ दूर करने वाले एक्सरसाइज से पहले जाने लेते हैं अर्थराइटिस क्या है?

अर्थराइटिस क्या है?

अर्थराइटिस को सामान्य भाषा में गठिया कहते हैं, जिसका अर्थ है कि एक ऐसी शारीरिक तकलीफ जिसमें जोड़ों में दर्द की समस्या होती है। गठिया या जॉइंट्स पेन बुजुर्गों में होने वाली परेशानी है, लेकिन बदलती जीवनशैली की वजह से अर्थराइटिस किसी भी उम्र में दस्तक दे देती है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इस शारीरिक तकलीफ से बचा  जा सकता। जोड़ों के दर्द की परेशानी को दूर करने के लिए एक्सरसाइज सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।

अर्थराइटिस में एक्सरसाइज कौन-कौन से वर्कआउट किये जा सकते हैं? 

इन वर्कऑउट्स से अर्थराइटिस में फायदा मिल सकता है, लेकिन अगर इन्हें नियमित रूप से किया जाए तो-

वॉटर वॉकिंग (Water Walking)

स्वीमिंग पूल में कमर तक पानी में चलना, जमीन पर चलने की तुलना में 50 प्रतिशत तक जोड़ों पर भार कम करता है।

ट्रेनर की मदद लें: ट्रेनर के साथ एक क्लास लें जो आपको गाइड कर सके।

सावधानियां : पैर के दर्द से जूझ रहे मरीजों को पानी में चलना आराम देता है। ऐसे में वे यह एक्सरसाइज ज्यादा करते है, जो उन्हें थका देता है और उनके जोड़ों के दर्द को कम करने के बाजाए बढ़ा देता है। अमेरिका स्थित न्यूयॉर्क में प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर रेयेस इस बारे में कहते हैं कि वॉटर वॉकिंग एक्सरसाइज की सलाह उन लोगों को दी जाती है, जिन्होंने नी रिप्लेसमेंट सर्जरी करवाई हो। लेकिन ध्यान दें कि सर्जरी का घाव ठीक होने तक इंतजार करना बेहद जरूरी है। जब तक डॉक्टर आपको वॉटर वॉकिंग की सलाह ना दें, तबतक यह एक्सरसाइज न करें। 

और पढ़ें : ऑस्यिोइंटिग्रेशन: क्या आप जानते हैं इसके बारे में?

अर्थराइटिस में एक्सरसाइज:  वॉटर एरोबिक्स (Water Aerobics)

वॉटर एरोबिक्स में मरीज के गर्दन के नीचे लगभग पूरा शरीर शामिल होता है। इसे छाती तक गहरे पानी में किया जाता है, पारंपरिक एरोबिक्स की तुलना में यह आपके जोड़ों पर 75 प्रतिशत तक कम प्रभाव डालता है।

पहले वॉर्मअप करें: वॉटर एरोबिक्स करने से पहले 5 से 10 मिनट तक वॉर्मअप करें, इसके लिए हल्का मूवमेंट और हाथ की एक्सरसाइज कर लें। इस तरह आप अपने जोड़ों और हाथों को पहले ही वॉटर एरोबिक्स के लिए तैयार करते हैं। 

सावधानियांः पानी में एक्सरसाइज करते समय बैलेंस बनाकर चलें, जिससे फिसलने की आशंका कम हो जाए।

ट्रेडमिल पर चलना (Treadmill Walking)

अर्थराइटिस में एक्सरसाइज करने पर विचार कर रहें हैं, तो ट्रेडमिल पर जरूर चलें। ट्रेडमिल आपको आसानी से चलने में सक्षम बनाती है (इसमें सहारा लेने के लिए हैंडलबार भी होते हैं), स्पीड बढ़ाने के साथ-साथ इसमें मौजूद अन्य फंक्शन्स से एक्सरसाइज को आसान बनाया जा सकता है। अपने स्टेमिना के आधार पर आप ट्रेडमिल की स्पीड और मोड्स में बदलाव कर सकते हैं।

स्टेमिना के लिहाज से स्पीड बढ़ाएं: इस एक्सरसाइज को धीरे-धीरे शुरू करें। शुरुआत में एक हफ्ते में दो या तीन दिन ही इसे करें। उसके बाद अपने स्टेमिना के अनुसार इसे ट्रेनर की सलाह के हिसाब से बढाएं। यदि आप खुद आंकलन करना चाहते हैं, तो इसके लिए एक समतल सतह पर आराम से 30 मिनट चलें और इसमें सझम हो जाने के बाद आप गति बढ़ा सकते हैं।

सावधानियां: ध्यान दें कि ट्रेडमिल पर पांच से दस प्रतिशत से अधिक का झुकाव (इन्क्लाइंड) आपके जोड़ों पर दबाव डाल सकता है।

और पढ़ेंः जिम वाली एक्सरसाइज, जिन्हें आप घर पर आसानी से कर सकते हैं

अर्थराइटिस में एक्सरसाइज: एलिप्टिकल मशीन (Elliptical Machine)

इस एक्सरसाइज में ज्यादा काम मशीन करती है। जोड़ों में एक तरल पदार्थ मौजूद होता है जिसका प्रवाह इस व्यायाम के दौरान बढ़ जाता है। जिस कारण आपके शरीर के निचले भाग पर कम तनाव पड़ता है।

शुरुआत में सावधानी बरतें: पहले कुछ हफ्ते इस एक्सरसाइज को 10 मिनट करने से शुरू करें। जिसके बाद हर सप्ताह में 5 से 10 मिनट का समय बढ़ाएं। मशीन में कम (सबसे आसान) रेसिस्टेन्स सेटिंग्स से शुरू करें।

चेतावनी: अगर आपके साथ संतुलन बनाने की समस्या है, तो यह मशीन आपके लिए परेशानी बन सकती है।

और पढ़ें : ये स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज कमर दर्द से दिलाएंगी छुटकारा

अर्थराइटिस में एक्सरसाइज: बाहर घूमना (Walking Outdoors)

चलने से अर्थराइटिस या गठिया के दर्द में राहत मिलती है। इससे मांसपेशियों को मजबूत करने और तनाव को कम करने में मदद मिलती है। वहीं आउटडोर वॉक एक बेहतरीन स्ट्रेस रिलीवर भी है।

प्लेन सड़क पर वॉक करें: कोशिश करें कि आप सपाट सड़क पर ही वॉक करें। इसके अलावा खराब और टूटे रास्तों पर चलने से आपके कूल्हे, घुटने और पैरों में गठिया का दर्द बढ़ सकता है।

सावधानी: ढ़लान वाले रास्तों पर चलना आपके घुटनों पर दबाव डाल सकता है।

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और पढ़ेंः पुरानी एक्सरसाइज से हो गए हैं बोर तो ट्राई करें केलेस्थेनिक्स वर्कआउट

हैलो हेल्थ ने जब मुंबई के हीरानंदानी अस्पताल के कंसल्टेंट, बोन एंड ज्वाइंट सर्जन डॉ. मनीष सोनटके से बात की तो उन्होंने बताया कि ‘एक्सरसाइज करने वाले को यह पता होना चाहिए की वह किस तरह की एक्सरसाइज कर रहें हैं। जागरुकता के आभाव के कारण एक्सरसाइज करने से दर्द बढ़ने की आंशका तो रहती ही है, साथ ही गलत एक्सरसाइज शरीर के दूसरे अंगों के लिए भी परेशानी का सबब बन सकती है। अधिक शारीरिक गतिविधियां जैसे कि दौड़ना या कूदना, फ्रैक्चर का कारण भी बन सकता है। ऐसे में आपको मेडिकल हेल्प की जरूरत होती है। हड्डी के दर्द का कारण बनने वाली दूसरी स्थितियों में ऑस्टियोअर्थराइटिस और ऑस्टियोपोरोसिस भी शामिल हैं। अगर आपको लगातार इस तरह का दर्द है, तो मूल कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह लें।”

और पढ़ें : आखिर क्या है आलिया भट्ट के स्लिम बॉडी का राज, जानिए उनका फिटनेस सीक्रेट

अर्थराइटिस में एक्सरसाइज:  दर्द से राहत के लिए क्या किया जा सकता है?

कम एक्सरसाइज करें: अर्थराइटिस में व्यायाम के बाद अगर दर्द बढ़ जाता है, तो आप अपने वर्कआउट को कम कर लें। एक्सरसाइज को कम करने या बदलने से हड्डी को आराम मिलता है। ऐसी किसी भी तरह की एक्सरसाइज करने से बचें जो दर्द को बढ़ा सकती है। अगर आप फिर भी एक्सरसाइज करना चाहते हैं तो ऐसी एक्सरसाइज करें जो आपके जोंड़ों पर ज्यादा दबाव ना डाले। 

दर्द से राहत: हड्डियों में दर्द आपकी जीवनशैली पर खास असर डालता है। आपको इन लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए। दर्द वाले अंगाों पर मालिश करने से सूजन कम होती है और यह आपको बेहतर महसूस कराने में मदद करता है। अगर आपका दर्द कुछ दिनों से अधिक समय तक रहता है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

एक्सरसाइज करना भी जरूरी: भले ही आप दर्द महसूस कर रहे हों, लेकिन आपको अर्थराइटिस में व्यायाम करने के बाद हार नहीं माननी चाहिए। अधिक शारीरिक गतिविधी वाली एक्सरसाइज जैसे कि दौड़ना या खेलना कुछ समय के लिए छोड़ सकते हैं। हालांकि आप स्विमिंग और साइकिलिंग को जारी रख सकते हैं। इस बात पर ध्यान दें कि आपका शरीर इसके प्रति कैसे प्रतिक्रिया करता है।

 इस आर्टिकल की जानकारी अगर आपको पसंद आई हो तो आप शेयर जरूर करें। हमने इस आर्टिकल में आपको अर्थराइटिस में एक्सरसाइज से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां देने की कोशिश करी है। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए आप हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आप अर्थराइटिस या इस परेशानी को दूर करने के लिए एक्सरसाइज से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

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