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जानिए कितने टाइप की होती है एरोबिक्स एक्सरसाइज

जानिए कितने टाइप की होती है एरोबिक्स एक्सरसाइज

आजकल फिटनेस के लिए बहुत लोग बहुत कुछ करते हैं। कुछ लोग फिटनेस के लिए जिम जाना अच्छा उपाय माना जाता है। लेकिन जो लोग जिम नहीं जाना चाहते या किन्हीं कारणों से जा नहीं पाते, उनके लिए एरोबिक्स एक्सरसाइज (Aerobic exercise) भी एक अच्छा तरीका है। एरोबिक्स एक्सरसाइज (Aerobic Exercise) को करते हुए दिल की धड़कन और सांसे तेज हो जाती हैं, जो हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है। एरोबिक्स एक्सरसाइज की मदद से इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रॉन्ग बनाया जा सकता है। इस आर्टिकल में हम एरोबिक्स एक्सरसाइज के प्रकार के बारे में समझेंगे।

एरोबिक एक्सरसाइज के प्रकार (Types of Aerobic exercise)

एरोबिक्स एक्सरसाइज-Aerobic Exercise
हेल्दी रहने का सीक्रेट छुपा है एरोबिक्स एक्सरसाइज में

1. स्किपिंग एरोबिक्स (Skiping Aerobic)

कुछ समय पहले तक, रस्सी कूदना (स्किपिंग) बच्चों का खेल समझा जाता था। लेकिन अब यह एरोबिक्स एक्सरसाइज (Aerobic exercise) का एक हिस्सा है। रस्सी कूदने से पूरे शरीर का व्यायाम हो जाता है, जिससे शरीर में जमी चर्बी (Fat) और वजन दोनों कम होते हैं। इसके अलावा जिन बच्चों को शुरूआत से रस्सी कूदने की प्रैक्टिस होती है, उनको इसका असर अपनी लंबाई में दिखता है।

2. सैर करना या टहलना (Walking)

सैर करना, चलना या टहलना भी एरोबिक एक्सरसाइज का एक हिस्सा है। आप कितनी तेजी से चलते हैं, यह आपके शरीर की क्षमता पर डिपेंड करता है। इसके लिए आपको किसी खास चीज या उपकरण की भी जरूरत नहीं पड़ती। बस, जूते पहनकर अपनी सैर शुरू कर दें। आप कहीं भी टहल सकते हैं। सुबह- सुबह सैर करने से हमारे स्वास्थ्य को अधिक फायदा होता है। इससे मोटापा, डायबिटीज (Diabetes), डिप्रेशन (Depression) आदि कई बीमारियों से मुक्ति मिलती है। सैर करना ना केवल आपके वजन को कम करता है, बल्कि इससे आप और अधिक रिफ्रेशिंग महसूस करते हैं।

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3. जॉगिंग एरोबिक्स (Jogging Aerobics)

जॉगिंग यानी भागना, एक ऐसी गतिविधि है, जिससे ना केवल वजन कम (Weight loss) होता है, बल्कि हमारे आंतरिक बल में भी वृद्धि होती है। रोजाना आप कहीं भी जॉगिंग कर सकते हैं। अगर घर के बाहर नहीं जाना चाहते, तो घर या जिम की ट्रेड मिल पर भी जॉगिंग कर सकते हैं। इससे आपका दिल और पूरा शरीर स्वस्थ रहता है। जॉगिंग की शुरुआत कम समय से करनी चाहिए और उसके बाद धीरे-धीरे समय को बढ़ाएं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद होगा। ध्यान रहे कि अगर आप व्यायाम या कोई शारीरिक गतिविधि नहीं करते हैं, तो जॉगिंग की शुरुआत वॉकिंग से करें, फिर धीरे-धीरे जॉगिंग की तरफ कदम बढ़ाएं। जॉगिंग करने से आपके शरीर में फुर्ती आती है और जॉगिंग के दौरान आपको पसीना आता है जिससे आप बेहतर महसूस करते हैं।

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4. डांसिंग एरोबिक्स (Dancing Aerobic)

डांसिंग भी एरोबिक्स एक्सरसाइज (Aerobic exercise) का एक प्रकार है। डांसिंग स्टाइल कोई भी हो सकती है जैसे जुंबा, बेली या टेप डांसिंग आदि। मोटापा (Obesity) कम करने के लिए आजकल जुंबा (Zumba) डांसिंग काफी लोकप्रिय वर्कआउट है। इसे आप घर, डांस क्लास या जिम कहीं भी कर सकते हैं। डांसिंग से एक साथ कसरत भी होती है और मजा भी आता है। डांसिंग एरोबिक्स बच्चों की सेहत के लिए लाभकारी है।

5. स्विमिंग एरोबिक्स (Swimming Aerobic)

तैराकी भी एरोबिक्स एक्सरसाइज (Aerobic exercise) का एक प्रकार है, जिसमें पूरे शरीर की कसरत एक साथ हो जाती है। वजन कम करने और हेल्दी रहने के लिए यह तरीका बेहतरीन है। आप किसी स्विमिंग पूल, तालाब या लेक कहीं भी तैर सकते हैं। ध्यान रहे कि आप स्विमिंग हमेशा किसी ट्रेनर की निगरानी में रहकर ही करें। जिन लोगों को स्वीमिंग पसंद हैं, वह इसे एरोबिक्स एक्सरसाइज के रूप में कर सकते हैं।

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6. स्पोर्ट्स एरोबिक्स (Sports Aerobics)

खेल जैसे रोलर स्केटिंग, गोल्फ एवं बास्केटबॉल भी एरोबिक्स एक्सरसाइज के ही प्रकार हैं। रोलर स्केट्स आप सपाट जमीन पर कहीं भी कर सकते हैं, जबकि आइस स्केटिंग बर्फ पर की जाती है। एरोबिक्स एक्सरसाइज से भी पूरे शरीर की कसरत होती है, जिससे वजन कम होता है और शरीर सेहतमंद बनता है।

7. स्टेप एरोबिक्स (Step Aerobics)

क्या आप जानते हैं कि स्टेप एरोबिक्स एक्सरसाइज 1980 से धूम मचा रहा है? एरोबिक एक्सरसाइज (Aerobic exercise) का यह प्रकार जिम में आज भी लोकप्रिय है। इसमें एलिवेटेड स्टेप पर हाई एनर्जी म्युजिक ऐड की जाती है। यह कसरत महिलाओं में बहुत अधिक प्रचलित है। इससे फैट कम होता है और व्यक्ति फिट रहता है। लेकिन इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

8. रोइंग एरोबिक्स (Roing Aerobics)

रोइंग एरोबिक्स एक्सरसाइज (Aerobic exercise) का एक चुनौती भरा प्रकार है, जिसे करना थोड़ा मुश्किल होता है। इसमें टांगों, बाजुओं और पेट का अच्छा व्यायाम हो जाता है। इसे आप अपनी क्षमता के अनुसार कर सकते हैं। इसे जिम या घर पर किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए आपके पास रोइंग मशीन का होना आवश्यक है। ध्यान रहे कि ये व्यायाम आप सही तकनीक और विशेषज्ञ की निगरानी में रहकर ही करें।

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9. इसोमेट्रिक्स एरोबिक्स (Aesomatrics Aerobics)

एरोबिक्स एक्सरसाइज के इस प्रकार को करने के लिए मसल्स ज्यादा एक्टिव होती हैं और इस वर्कआउट में स्ट्रेचिंग नहीं की जाती है। एरोबिक्स एक्सरसाइज का यह प्रकार वैसे लोगों के लिए अच्छा है, जिनकी मांसपेशियों (Muscles) में समस्या है या कोई चोट है। एरोबिक्स एक्सरसाइज में किसी भी शरीर के हिस्से को मूव किये बिना एक ही स्थिति में रहना पड़ता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण है- किसी वजनदार चीज को उठाकर एक जगह खड़े रहना या किसी दीवार को धकेलना आदि।

10. वेट ट्रेनिंग एरोबिक्स (Weight training Aerobics)

वेट ट्रेनिंग एरोबिक भी एरोबिक्स एक्सरसाइज का ही हिस्सा होता है। इसे जिम में ही किया जाता है, क्योंकि एरोबिक्स एक्सरसाइज करने के लिए मशीनों और अन्य उपकरणों की आवश्यकता होती है। वजन कम करने, शरीर को सुडौल बनाने और अन्य लाभों के लिए एरोबिक्स के इस प्रकार का कोई जवाब नहीं है।

इन सब के साथ ही, टेनिस, साइकलिंग, बॉक्सिंग भी एरोबिक एक्सरसाइज के ही प्रकार हैं। आजकल यह इसलिए भी लोकप्रिय हैं क्योंकि, इन्हें किसी भी समय किया जा सकता है। यही नहीं, किसी भी उम्र के लोग इन्हें कर सकते हैं और उन्हें एरोबिक्स एक्सरसाइज से बहुत अधिक शारीरिक और मानसिक लाभ प्राप्त होता है।

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एरोबिक्स एक्सरसाइज के फायदें (Benefits of Aerobic exercise)

बात की जाए एरोबिक्स एक्सरसाइज के फायदों की, तो एरोबिक्स एक्सरसाइज से हमारे शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर होता है। इसके साथ ही, हमारे शरीर की मांसपेशियां एक साथ काम करती हैं। एरोबिक्स व्यायाम आपके शरीर की चर्बी को कम कर आपके शरीर को सुडौल बना देती है। यही नहीं, हम सामान्य रूप से टहलते हैं या जॉगिंग करते हैं, वो भी एरोबिक्स एक्सरसाइज (Aerobic exercise) का ही एक हिस्सा है। हालांकि कई लोगों को ये नहीं पता होता कि ये सभी एरोबिक्स एक्सरसाइज के प्रकार के अंतर्गत ही आता है।

एरोबिक्स एक्सरसाइज के फायदे इस प्रकार हैं:-

मूड होता है बेहतर- मूड स्विंग की समस्या से निजात पाने के लिए एरोबिक्स एक्सरसाइज (Aerobic exercise) लाभकारी माना जाता है। इस वर्कआउट को नियमित करने से डिप्रेशन, एंग्जाइटी, चिंता या तनाव (Tension) इनसभी से छुटकारा मिल सकता है।

वजन होगा कंट्रोल- वेट कंट्रोल करने के लिए एरोबिक्स का सहारा लिया जा सकता है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार बॉडी वेट कंट्रोल करने के लिए नियमित एरोबिक्स एक्सरसाइज करना चाहिए।

दिल रहता है स्वस्थ्य- हृदय संबंधी परेशानियों से दूर रहने के लिए एरोबिक्स एक्सरसाइज की जा सकती है। दरअसल इस व्यायाम से शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर होता है और हृदय आसानी से ब्लड पंप कर पाता है। एरोबिक्स एक्सरसाइज रेगुलर करने से हृदय संबंधी परेशानियों से बचने के साथ-साथ हाय ब्लड प्रेशर की समस्या से भी बचा जा सकता है। लेकिन अगर आप हार्ट पेशेंट हैं या आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है, तो पहले डॉक्टर से एरोबिक्स वर्कआउट करने की इजाजत लें और फिर इस एक्सरसाइज को अपने डेली रूटीन में शामिल करें।

शुगर लेवल रहता है नियंत्रित- कहते हैं डायबिटीज की समस्या कई रोगों को दावत दे सकती है। इसलिए ब्लड में शुगर लेवल (Blood sugar level) कंट्रोल रखने के लिए एरोबिक एक्सरसाइज का सहारा लिया जा सकता है। एरोबिक्स एक्सरसाइज करने से इन्सुलिन लेवल को बढ़ाया जा सकता है और इन्सुलिन ग्लूकोज को एब्सॉर्ब करने का कार्य करती है।

हड्डियां होंगी स्ट्रॉन्ग- स्ट्रॉन्ग बोन्स के लिए एरोबिक्स व्यायाम नियमित करना चाहिए। रिसर्च के अनुसार इस एक्सरसाइज से जोड़ों की समस्या एवं ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों को मात दिया जा सकता है।

साउंड स्लीप- अच्छी नींद की इच्छा हमसभी रखते हैं, लेकिन कई लोग हैं, जो साउंड स्लीप नहीं ले पाते हैं। ऐसे लोगों के लिए एरोबिक्स एक्सरसाइज बेहद लाभकारी है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार लगातार चार महीने तक इस एक्सरसाइज को करने से नींद ना आने की परेशानी दूर हो सकती है, लेकिन एक्सरसाइज करने की इस आदत को बनायें रखना चाहिए।

इम्यूनिटी होती है स्ट्रॉन्ग- कहते हैं इम्यून पवार कमजोर होने से कोई भी बीमारी या संक्रमण (Infection) का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन इम्यून पावर को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए एरोबिक्स व्यायाम काफी लाभकारी माना जाता है।

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एरोबिक्स वर्कआउट से शरीर को फिट रखा जा सकता है। लेकिन, इसके साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।

एरोबिक्स वर्कआउट के साइड इफेक्ट्स (Side effects of Aerobic exercise)-

  1. बॉडी मूवमेंट फास्ट होने की वजह से मांसपेशियों में थकान महसूस हो सकती है
  2. मसल्स में पेन की परेशानी हो सकती है
  3. लोअर एवं अपर बैक में दर्द की समस्या हो सकती है

एरोबिक्स वर्कआउट के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां (Precautions during Aerobic exercise)

  1. एरोबिक्स व्यायाम के दौरान अगर बॉडी या मसल्स में ज्यादा दर्द महसूस हो, तो एक्सरसाइज ना करें।
  2. अगर सर्जरी हुई है, तो व्यायाम नहीं करना चाहिए।
  3. गर्भवती महिलाओं (Pregnant lady) को इस व्यायाम से परहेज करना चाहिए।
  4. कमजोरी महसूस होने पर पहले रिलैक्स करें और बेहतर महसूस होने पर एक्सरसाइज की शुरुआत करें।

इन ऊपर बताई चार सावधानियों को ध्यान रखें। अगर आप एरोबिक्स एक्सरसाइज से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो फिटनेस एक्सपर्ट से समझना बेहतर होगा।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

पुरुष

महिला

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सूत्र

Aerobic Exercise/https://www.breastcancer.org/tips/exercise/types/aerobic /Accessed on 29/10/2020

Which is better — 30 minutes of aerobic exercise every day or one hour of aerobic exercise three times a week?/https://www.mayoclinic.org/healthy-lifestyle/fitness/expert-answers/aerobic-exercise/faq-20058561/Accessed on 29/10/2020

What Is Aerobic Exercise?/https://orthoinfo.aaos.org/en/staying-healthy/aerobic-exercise/Accessed on 29/10/2020

Health benefits of aerobic exercise/https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/2062750/Accessed on 29/10/2020

Endurance Exercise (Aerobic)/https://www.heart.org/en/healthy-living/fitness/fitness-basics/endurance-exercise-aerobic/Accessed on 29/10/2020

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Anu sharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 22/07/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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