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डिप्रेशन में खानपान का रखें पूरा ध्यान, भूलकर भी न लें ये चीजें

डिप्रेशन में खानपान का रखें पूरा ध्यान, भूलकर भी न लें ये चीजें

अवसाद जैसे मानसिक विकार से कोई भी व्यक्ति पीड़ित हो सकता है और यह जीवन के लिए बड़ी ही कठिन स्थिति हो सकती है। डिप्रेशन के अलग-अलग उपचार के अलावा डिप्रेशन में खानपान का ध्यान रखना भी है जरूरी। हालांकि, डिप्रेशन के उपचार के लिए साइकोथेरेपी, सपोर्ट ग्रुप और कई एंटी-डिप्रेसेंट्स दवाएं मौजूद हैं। लेकिन जीवनशैली में कुछ अच्छे बदलाव लाकर अवसाद के लक्षणों को ठीक करने में जल्दी मदद मिल सकती है। इसलिए, अवसाद ग्रस्त लोगों को डॉक्टर्स मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ खानपान में सुधार के साथ प्रतिदिन कुछ व्यायाम, योग, मेडिटेशन आदि की भी सलाह देते हैं। डिप्रेशन में खानपान कैसा है? यह डिप्रेशन के इलाज को प्रभावित कर सकता है।

डॉक्टर विवेक अग्रवाल (केजीएमयू, लखनऊ) ने “हैलो स्वास्थ्य” से बातचीत के दौरान कहा कि “जीवनशैली में बदलाव, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। डिप्रेशन में खानपान में बदलाव अवसाद के उपचार की प्रक्रिया पर प्रभाव डालता है। दरअसल, कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे होते हैं जिनमें मूड को बूस्ट करने की क्षमता होती है। वहीं, कुछ फूड्स ऐसे भी होते हैं जिनसे तनाव और थकान महसूस हो सकती है क्योंकि ऐसे खाद्य पदार्थ हमारे मस्तिष्क में रसायनों को असंतुलित करते हैं।” ऐसे में डिप्रेशन में खानपान के दौरान कुछ ऐसे फूड्स हैं जिनको खाने से अवसाद की स्थिति बिगड़ सकती हैं। जानते हैं ऐसे ही 6 फूड्स जिनको डिप्रेशन के दौरान खाना अवॉयड करना चाहिए-

कैफीन (Caffeine)

कैफीन को पूरी तरह से अपने आहार से निकाल देना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। इससे नींद की समस्या, मूड, चिड़चिड़ापन, उत्तेजना और एंग्जायटी जैसी समस्याएं होने की संभावनाएं रहती है। साथ ही यह हमारी मनोदशा को भी प्रभावित करती है जिससे अवसाद के लक्षण बिगड़ सकते हैं। डिप्रेशन में खानपान के दौरान कैफीन का सेवन न के बराबर करें ताकि उपचार में जल्दी लाभ दिख सकें। कैफीन को देर रात लेने से आपका स्लीपिंग रूटिन बदल सकता है जिससे आपको परेशानी हो सकती है। जिन लोगों को अवाद है उन्हें डिप्रेशन में खानपान का पूरा ध्यान चाहिए।

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प्रोसेस्ड फूड्स (Processed foods)

फास्ट और जंक फूड कैलोरी में उच्च और पोषक तत्वों में कम होते हैं। स्टडीज की माने तो फ्रेश फूड्स खाने वालों की तुलना बहुत अधिक फास्ट फूड का सेवन करने वाले लोगों में अवसाद होने की संभावना ज्यादा होती है। प्रोसेस्ड फूड्स खासतौर से जो शुगर और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स में उच्च होते हैं, जो डिप्रेशन के दौरान उच्च जोखिम में योगदान कर सकते हैं। इसलिए डिप्रेशन में खानपान में फ्रेश और पोषक तत्वों से भरपूर खाना खाएं। आजलक की फास्ट लाइफस्टाइल में लोग घर का खाना छोड़ प्रोसेस्ड फूड पर निर्भर होते जा रहे हैं जो उनके स्वास्थ के लिए हानिकारक हो सकता है। डिप्रेशन में खानपान पर अगर पूरी तरह से ध्यान देना है तो प्रोसेस्ड फूड को बाय कहें।

रिफाइंड शुगर (Refined sugar)

चीनी का ज्यादा सेवन शरीर में ब्लड शुगर लेवल को बढ़ा देता है, जिससे शुरुआत में तो ऊर्जा बढ़ती है लेकिन, लगातार इनके सेवन से थकान और उदासी जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। साथ ही इससे स्लीप डिसॉर्डर की समस्याएं भी पैदा होती है। डिप्रेशन में खानपान के दौरान रिफाइंड चीनी को खाने से बचना आपके मूड को ठीक रखने में सहायक हो सकता है। शरीर में एनर्जी बनी रहे इसके लिए आप लीन प्रोटीन (lean protein), कॉम्प्लेक्स कार्बोहायड्रेट (जैसे-साबुत अनाज), ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें। डिप्रेशन में खानपान से रिफाइंड शुगर क बाहर निकालें और हेल्दी फूड्स का सेवन करें

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एल्कोहॉल (Alcohol) से बनाएं दूरी

शराब का ज्यादा सेवन शारीरिक और मानसिक दोनों समस्याएं पैदा कर सकता है। असल में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र इंद्रियों के माध्यम से जानकारी लेने, मोटर फंक्शन को नियंत्रित करने, साथ ही सोचने, समझने और तर्क करने के लिए जिम्मेदार होता है। शराब के लगातार सेवन से यह तंत्र प्रभावित होता है जिससे अवसाद के लक्षण और बिगड़ सकते हैं। डिप्रेशन में खानपान का सही ध्यान देने के लिए अपने डायट से एल्कोहॉल को पूरी तरह से हटा दें। एल्कोहॉल जहां सामान्य इंसान के नर्वस सिस्टम को डिस्टर्ब करता है वहीं जब डिप्रेशन से जूझ रहा व्यक्ति एल्कोहॉल का सेवन करता है तो उसे अधिक परेशानी हो सकती है।

उच्च सोडियम वाले खाद्य पदार्थ (High sodium foods)

जिन खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। वे मानसिक स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं। डिप्रेशन के दौरान ऐसे खाद्य पदार्थों को खाना अवॉयड करें। दरअसल, अतिरिक्त सोडियम की उपस्थिति तंत्रिका तंत्र के कार्य को प्रभावित कर सकती है जो डिप्रेशन और स्ट्रेस का कारण बन सकता है। यदि आप डिप्रेस्ड या चिड़चिड़ा महसूस नहीं करना चाहते हैं, तो फ्रोजेन फूड्स, सॉसेस, बेक्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना चाहिए। डिप्रेशन में खानपान पर अगर ध्यान देना है तो हाई सोडियम फूड्स को बाय कहना है। अवसाद से लड़ रहे व्यक्ति के लिए हाई सोडियम फूड लेना भारी पड़ सकता है।

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ट्रांस फैट का न करें सेवन

डिप्रेशन से गुजर रहे लोगों के लिए ट्रांस फैट वाली चीजें जैसे फ्राय चिकन, फ्रेंच फ्राइज और तलीभुनी चीजें और नुकसानदायक होती हैं। यह ह्दय रोगों का कारण बनने के साथ-साथ डिप्रेशन का खतरा बढ़ा देती हैं। डिप्रेशन में खानपान का ध्यान ठीक से रखें और जिन फूड्स में ट्रांस फैट होता है उसे अपनी डायट में शामिल करने से बचें। डिप्रेशन में खानपान का बहुत अधिक योगदान है हेल्दी फूड्स की मदद से डिप्रेशन के लक्षणों को कम किया जा सकता है।

ऐसा बिलकुल भी नहीं है कि ऊपर बताए गए इन खाद्य पदार्थों को खाने से सीधे डिप्रेशन हो जाता है लेकिन, अवसाद के दौरान खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान से डिप्रेशन और अन्य मानसिक रोग की स्थिति बिगड़ने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। डिप्रेशन में खानपान में ताजे फल, एंटी-ऑक्सीडेंट्स, ओमेगा 3 फैटी एसिड्स आदि से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

डिप्रेशन में डायट : खाने में इन्हें करें शामिल

डिप्रेशन की समस्या से पीड़ित लोगों को खानपान में लापरवाही समस्या खड़ी कर सकती है। ऐसे लोगों को खाने में पौष्टिक आहार के साथ ही मिनिरल्स को भी शामिल करना चाहिए। अगर आप बॉडी में हैप्पी हार्मोन का सिकरीशन होगा तो स्ट्रेस की समस्या में भी कमी आ सकती है। जानिए डिप्रेशन में किन फूड को शामिल करना चाहिए।

और पढ़ें:डिप्रेशन का आयुर्वेदिक इलाज क्या है? आयुर्वेद के अनुसार क्या करें और क्या न करें?

डिप्रेशन में डायट :विटामिन डी की न होने दें कमी

उपरोक्त जानकारी में आपने ये तो पढ़ ही लिया होगा कि डिप्रेशन की समस्या होने पर किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। कई स्टडी में ये बात सामने आई है कि जिन लोगों में विटामिन डी की कमी होती है, उनमे डिप्रेशन की समस्या अधिक बढ़ने का खतरा रहता है। यानी जिन लोगों में डिप्रेशन होने की अधिक संभावना है, उन्हें अपने खाने में विटामिन डी की प्राप्ति के लिए टोफू, मिल्क और फिश को शामिल करना चाहिए.। साथ ही आप विटामिन डी लेने के लिए सुबह की हल्की धूप में भी कुछ देर बैठ सकते हैं।

डिप्रेशन में डायट : सेलेनियम भी है जरूरी

ठीक इसी तरह से सेलेनियम और डिप्रेशन के बीच संबंध के बारे में भी स्टडी में जानकारी मिली है। जिन लोगों के शरीर में सेलेनियम की कमी होती है, उन्हें अवसाद होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है। खाने में सेलेनियम युक्त फूड को शामिल करें। आप डायट में नट्स, व्होल ग्रेन, बींस, सीफूड और लीन मीट आदि को डायट में शामिल कर सकते हैं। एक बात का ख्याल रखें कि खाने में सेलेनियम की अधिक मात्रा शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है। आप डॉक्टर से सेलेनियम सप्लीमेंट लेने के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

और पढ़ें:मानसिक तनाव के प्रकार को समझकर करें उसका इलाज

आप खाने में गुड कार्ब को जरूर शामिल करें। कार्बोहाइड्रेड ब्रेन को ट्रिगर करता है जो कि न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन रिलीज करता है। बेहतर होगा कि आप कार्बोहाइड्रेड को इग्नोर करने के बाजय सही कार्ब को चूज करें। आपको शुगर स्नैक फूड से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। आप खाने में फ्रैश फ्रूट्स, वेजीटेबल्स, हाई फाइबर फूड को शामिल करें। साथ ही ओमेगा 3 युक्त फूड को खाने में शामिल करें। आप खाने में फ्लैक्सीड ऑयल, डार्क ग्रीन लीफ, नट्स, फिश आदि को शामिल करें। हेल्दी डायट लेने से मूड पर बहुत फर्क पड़ता है। बैलेंस और हेल्दी डायट लेने से एनर्जी लेवल, ओवरऑल सेंस में सुधार होता है और साथ ही निगेटिव एनर्जी भी दूर होती है। सही फूड आपको डिप्रेशन यानी आवसाद की समस्या से बाहर आने में मदद कर सकता हैं।

हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में डिप्रेशन में खानपान से जुड़ी आदतों के बारे में हर जरूरी जानकारी दी गई है। यदि आप इससे जुड़ी अन्य कोई जानकारी पाना चाहते हैं तो आप अपना सावाल हमसे कमेंट सेक्शन में कर सकते हैं। हम आपने एक्सपर्ट्स से आपके प्रश्न का जावाब देने की कोशिश जरूर करेंगे।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/10/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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