जानिए हेल्दी गट के लिए फूड्स में क्या करें शामिल

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट October 12, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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भोजन से बॉडी को एनर्जी मिलती है। हम सभी अपने हिसाब से भोजन का चुनाव करते हैं, लेकिन खाने के बाद उस भोजन का पाचन सही होगा या नहीं ये हमारे लिए समस्या का विषय हो सकता है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि एक हेल्दी गट के लिए फूड्स के तौर पर हमारे पास क्या-क्या विकल्प मौजूद हैं जो आपके गट यानी पाचन तंत्र को हेल्दी रखने में मदद करेंगे। कोशिश करें हेल्दी गट के लिए फूड्स में से कुछ फूड का चुनाव करें और रोज उन्हें अपने खाने में शामिल करें।

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एक्सपर्ट की राय

गट फूड हेल्थ के लिए किस तरह फायदेमंद हैं इस बारे में दिल्ली के क्लीनिकल डाइटिशियन अशोक ठाकुर का कहना है कि गट फूड हमारे पाचन स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। ये एक ऐसा फूड है जो पार्टिकल्स को आसानी से तोड़कर नुट्रिएंट्स और एनर्जी में बदल देता है। इन फूड्स में साबुत अनाज, लीन प्रोटीन, हरी पत्तेदार सब्जियां, लहसुन और कई प्रकार में सुपर फूड मौजूद हैं। इससे केवल पाचन तंत्र को ही नहीं बल्कि सभी प्रकार से शरीर के लिए लाभदायक है।

हेल्दी गट के लिए फूड्स

हेल्दी गट के लिए फूड्स के तौर पर हमारे पास कई विकल्प मौजूद हैं। इनमें से अधिकतर आहार तो हमारे किचन में बहुत ही आसानी से पाएं जा सकते हैं।

अदरक 

फ्रेश जिंजर यानी अदरक से स्टमक में एसिड का प्रोडक्शन बढ़ता है। यह पाचन तंत्र से भोजन को गट में भेजने के लिए उत्तेजित करता है। आप अदरक का इस्तेमाल खाने के साथ, सूप में, चाय में या फिर पेय पदार्थों में भी कर सकते हैं। हेल्दी गट के लिए फूड्स के तौर पर जिंजर टी आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है।

दही भी है हेल्दी गट के लिए फूड्स

पाचन की समस्या होने पर या आंत से जुड़ी छोटी-मोटी समस्या होने पर दही खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि दही में फ्रेंडली बैक्टीरिया पाए जाते हैं। गट की अच्छी हेल्थ के लिए शुगर फ्री, फुल फैट दही को आप अपने नाश्ते में शामिल कर सकते हैं।

लहसुन

गार्लिक यानी लहसुन में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। इसकी हेल्प से गट के खतरनाक बैक्टीरिया को कंट्रोल किया जा सकता है। साथ ही, लहसुन गट में यीस्ट (Yeast) के लेवल को भी सही रखता है। लहसुन का इस्तेमाल सूप में या फिर किसी भी खाने में मिक्स करके किया जा सकता है।

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रॉकफोर्ट चीज 

चीज आपकी आंतों में बेनीफिशियल बैक्टीरियां को बढ़ाने का काम करता है। हालांकि, चीज की एक सीमित मात्रा ही सेहत के लिए लाभकारी होता है। आप इसे सलाद के रूप में अपने हेल्दी गट के लिए फूड्स में  शामिल कर सकते हैं।

मटर

हरी-भरी मटर छोटे बच्चों से लकरे बड़े लोगों की भी पसंदीदा सब्जी होती है। आप जितने ज्यादा वेजीटेबल्स या फिर फ्रूट्स खाएंगे, उतना ही आपके शरीर को फाइबर मिलेगा। मटर में सॉल्युबल और नॉन सॉल्युबल फाइबर पाया जाता है। जो आंत के सिस्टम को बैलेंस रखता है। मटर को स्नैक्स के रूप में या फिर सूप या सलाद के साथ खा सकते हैं।

खाने में सेब को करें शामिल

अच्छे पाचन के लिए फूड की बात जब की जाती है तो आहार के साथ ही फलों को भी शामिल किया जाता है। फलों में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो पाचन के लिए बहुत अच्छा होता है। एप्पल यानी सेब में पेक्टिन पाई जाती है जो कि सॉल्युबल प्रोटीन है। पेक्टिन डायजेशन को सुगम बनाने का काम करता है। साथ ही ये स्टूल की वॉल्युम को भी बढ़ाने का काम करता है। जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है उनके लिए सेब का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है। सेब का सेवन इंटेस्टाइनल इंफेक्शन से भी बचाने का काम करता है। ये कोलन इंफ्लामेशन को भी कम करने का काम करता है।

करें चिया सीड का सेवन

चिया सीड का सेवन गट के स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहता है। चिया सीड में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। चिया का सेवन करने के बाग स्टमक में जिलेटिन की तरह एक पदार्थ बनता है। ये पेट में प्रीबायोटिक का काम भी करता है। ये आंत यानी गट के अच्छे बैक्टीरिया के विकास को बढ़ाने का काम करता है। फाइबर की मात्रा शरीर में पहुंचकर बाउल रेगुलरटी को प्रमोट करने का काम करती है।

खाने में ग्रीन वेजीटेबल्स करें शामिल

अच्छी गट हेल्थ के लिए खाने में डार्क ग्रीन वेजीटेबल्स को शामिल करना चाहिए। अगर आपको अक्सर कब्ज की समस्या रहती है तो खाने में हरी पत्तेदार सब्जियों को जरूर शामिल करें। ग्रीन वेजीटेबल्स मैग्नीशियम का अच्छा सोर्स होते हैं। साथ ही ये मसल्स कॉन्सट्रेक्शन को इंप्रूव करने का काम करती है। आप खाने में पालक, स्प्राउट, ब्रोकली के साथ ही सभी हरी सब्जियों को भी खाने में शामिल करें। ये जरूरी नहीं है कि आप सिर्फ हरी सब्जियों को ही खाने में शामिल करें। आप हफ्ते में दो से तीन दिन हरी सब्जियों को जरूर खाएं। ये कब्ज की समस्या राहत दिलाने का काम करती है।

ब्रसल स्प्राउट

गट के लिए फूड्स में स्प्राउट भी शामिल किया जा सकता है। ब्रसल स्प्राउट फाइबर का अच्छा स्त्रोत होता है। बेनीफिशयल बैक्टीरिया फाइबर की हेल्प से ग्रोथ करते हैं। हेल्दी गट के लिए इसे खाने में जरूर शामिल करें।

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जैतून का तेल

आंत के बैक्टीरिया फैटी एसिड और पॉलीफेनोल्स को आहार के रूप में लेते हैं। ये दोनों ही जैतून के तेल में पाए जाते हैं। स्टडी में ये बात सामने आई है कि आंत की सूजन को कम करने में जैतून का तेल मदद करता है। जैतून के तेल को सलाद या सब्जियों के साथ लिया जा सकता है।

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फरमंटेड चाय

क्या आपने ऐसी चाय का नाम सुना है? मार्केट में आसानी से आपको फरमंटेड चाय आसानी से मिल जाएगी। आप चाहे तो ऑनलाइन भी बुक कर सकती है। टी में अच्छे   प्रोबायोटिक्स होते हैं। आप इसे कॉकटेल के रूप में या फिर रिफ्रेशिंग ड्रिंक के रूप में  लिया जा सकता है।

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बादाम 

बादाम में प्रोबायोटिक्स पाएं जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए अच्छें होते हैं। फैटी एसिड और हाई फाइबर से भरपूर बादाम में पॉलीफिनॉल भी पाया जाता है। रोजाना थोड़ा सा बादाम आपकी आंतों का स्वस्थ्य रखेगा।

इसके अलावा कुछ ऐसे भी आहार हैं जो आंत के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

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गट के लिए फूड्स में क्या नहीं खाना चाहिए?

गट के लिए फूड्स के तौर पर आपको क्या नहीं खाना चाहिए, वो निम्न हैंः

एनिमल प्रोटीन

जानवरों से प्राप्त भोजन जैसे, मांस, डेयरी उत्पाद और अंडे स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभदायी होते हैं। इनमें प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है। हालांकि, जो लोग पशु प्रोटीन का बहुत ज्यादा सेवन करते हैं, उनको पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। शोध के मुताबिक, जो लोग बहुत ज्यादा प्रोटीन खाते हैं, उनके आंतों में सूजन का खतरा अधिक बना रहता है।

साल 2010 में किए गए एक अध्ययन में अफ्रीका के बुर्किना फासो के एक ग्रामीण इलाके में बच्चों के आंत बैक्टीरिया की तुलना, इतालवी के बच्चों के आंत बैक्टीरिया से की गई। अध्ययन के दौरान इतालवी के बच्चों को अधिक मांस खाने के लिए दिया गया, जबकि बुर्किना फासो के बच्चों को गट के लिए फूड्स के तौर पर उच्च फाइबर युक्त आहार, साथ ही मटर भी खाने के लिए दिया गया। इस दौरान शोधकर्ताओं ने पाया कि बुर्किना फासो के बच्चों के आंतों नें गुड बैक्टीरिया की मात्रा अधिक थी, जबकि इतालवी के बच्चों के आंतों में सूजन और बीमारी का कारण बनने वाले बैक्टीरिया अधिक पाए गए।

वहीं, साल 2019 के एक अध्ययन में दावा किया गया कि गट के लिए फूड्स के तौर पर रेड मीट का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि रेड मीट विशेष रूप से आंतों के लिए अनहेल्दी हो सकता है। रेड मीट ट्राइमेथिलैमाइन एन-ऑक्साइड (TMAO) के लेवल को बढ़ाता है। TMAO आंत की बैक्टीरिया का एक समूह होता है। जो आंतों के साथ-साथ दिल के दौरे और स्ट्रोक के उच्च जोखिम को भी बढ़ा सकता है।

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तले हुए भोजन को कहें न

तले हुए खाद्य पदार्थ शरीर के पाचन क्रिया में बाधा बनते हैं। आंत तले हुए भोजन पचाने में कठिनाई महसूस करता है। जिसके कारण पेट में जलन, एसिडिटी की समस्या, दस्त की समस्या और पेट में दर्द भी हो सकता है। साथ ही, तले हुए भोजन आंत के बैड बैक्टीरिया के विकास को भी बढ़ावा देते हैं। इसके अलावा, तले हुए भोजन की अधिक मात्रा लिवर रोगों का खतरा भी बढ़ा सकते हैं। यह ध्यान रखें की गट की परेशानी ऐंठन की परेशानी बढ़ने पर दवा दी जा सकती है।

ऊपर दी गई गट के लिए फूड्स से जुड़ी जानकारी किसी भी चिकित्सक सलाह का विकल्प नहीं है।। गट के लिए फूड्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से बात करें। अगर आप अपनी डायट में बदलाव करना चाहते हैं तो डॉक्टर से एक बार जानकारी जरूर लें। हर किसी का शरीर एक जैसा नहीं होता है, इसलिए किसी भी तरह के बदलाव के पहले जानकारी जरूर लें। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

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