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अगर शरीर में दिखें ये लक्षण तो आपके गट सिस्टम को है खतरा

अगर शरीर में दिखें ये लक्षण तो आपके गट सिस्टम को है खतरा

गट (Gut) को सामान्य भाषा में आंत का पूरा सिस्टम कहते हैं। जिस तरह शरीर के अन्य हिस्से में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं ठीक वैसे ही गट में भी अच्छे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं। यही अच्छे बैक्टीरिया हमें बीमारी से दूर रखने में मदद करते हैं। लेकिन असंतुलित आहार (Unhealthy food) और बदलती लाइफस्टाइल इन पर बुरा प्रभाव डालती हैं। ऐसी स्थिति में गट से जुड़ी परेशानी शुरू हो सकती है, जिसका बुरा असर संपूर्ण शरीर पर पड़ता है। अनहेल्दी गट को कुछ बातों का ध्यान रख हेल्दी भी बनाया जा सकता है। लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ ही आहार में बदलाव बहुत जरूरी है। खाने में उन फूड को लेना बंद करना चाहिए जिससे गट बैक्टीरिया को हानि पहुंचती हो। आप इस आर्टिकल के माध्यम से अनहेल्दी गट (Unhealthy Gut) के कारण दिखने वाले लक्षण और अनहेल्दी गट को स्वस्थ्य रखने के लिए किए जाने वाले उपाय के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

अनहेल्दी गट होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण (Symptoms of Unhealthy Gut)

पेट खराब रहना

पेट की गड़बड़ी जैसे गैस (Gas), सूजन (Inflammation), कब्ज (Constipation) और दस्त (Diarrhea) अस्वस्थ गट (Unhealthy Gut) के लक्षण हो सकते हैं। कब्ज की समस्या खानपान पर ध्यान न देने, फाइबर (Fiber) युक्त भोजन न लेने से हो सकती है। जो लोग खाने में प्रोसेस्ड फूड (Processed food) का सेवन अधिक करते हैं और साथ ही कम मात्रा में पानी पीते हैं, उन्हें पेट खराब की समस्या हो सकती है। कब्ज की समस्या से बचने के लिए खाने में पर्याप्त मात्रा में फाइबर को शामिल करना चाहिए। खाने में फाइबर सब्जियों, फलों, साबुत अनाज, सेम, फलियां, केला आदि का सेवन करने से प्राप्त होता है। ऐसा करने से कब्ज की समस्या (Constipation problem) से राहत मिलती है और साथ ही गट हेल्थ (Gut Health) भी बेहतर रहती है।

फूड इंटॉलरेंस की समस्या

फूड इंटॉलरेंस से मतलब कुछ फूड का डायजेशन न हो पाने से है। फूड इंटॉलरेंस फूड एलर्जी से अलग होता है। फूड इंटॉलरेंस की समस्या इम्यून सिस्टम (Immune system) के किसी खास तरह से फूड के रिएक्शन के कारण होता है। ऐसा गट में खराब बैक्टीरिया (Bacteria) के कारण हो सकता है। इस कारण से किसी खास तरह के फूड को डायजेस्ट होने में समस्या होती है। साथ ही गैस की समस्या, डायरिया, एब्डॉमिनल पेन भी हो सकता है। आप डॉक्टर से फूड इंटॉलरेंस और फूड एलर्जी के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

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अनहेल्दी गट होने पर शरीर में दिख सकती है सूजन

गट में अच्छे बैक्टीरिया मौजूद होते हैं, जो पाचन में मदद करते हैं। प्रोसेस्ड फूड और आहार में शुगर की ज्यादा मात्रा इन्हें कम कर देती हैं। इस असंतुलन की वजह से गट में समस्या शुरू हो सकती है। रिफाइंड शुगर वाले खाद्य पदार्थ जैसे हाई फ्रुक्टोस कॉर्न सिरप की वजह से शरीर में सूजन का कारण बन सकती है। इस सूजन की वजह से कई बीमारियों का और कैंसर का भी खतरा बढ़ सकता है।

वजन में अचानक से बदलाव

अगर आहार और एक्सरसाइज में बिना बदलाव किए वजन में अचानक से बदलाव होना अस्वस्थ गट के लक्षण होते हैं। असंतुलित गट शरीर में पोषक तत्वों को अवशोषित करने, ब्लड शुगर लेवल और वसा को सुरक्षित रखने में सक्षम नहीं होते हैं। शरीर के वजन में कमी की वजह स्मॉल इंटेस्टाइनल बैक्टेरियल ओवरग्रोथ (SIBO) हैं, तो वहीं वजन के बढ़ने की पीछे इंसुलिन (Insulin) की असंतुलित मात्रा भी हो सकती है।

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ठीक से नहीं सोना

7 से 8 घंटे की पूरी नींद नहीं लेना या इंसोम्निया (Insomnia) की वजह से भी गट पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। दरअसल, गट में मौजूद सेरोटोनिन हॉर्मोन पर पड़ रहे बुरे प्रभाव की वजह से ऐसा होता है।

अनहेल्दी गट होने पर दिख सकती है त्वचा से जुड़ी परेशानी

गट में परेशानी शुरू होने पर त्वचा संबंधी बीमारी और एक्जिमा भी होने की संभावना हो सकती है। असंतुलित आहार या फिर वैसे आहार जिनके सेवन से एलर्जी होने पर गट में सूजन की समस्या हो सकती है।

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ऑटो इम्यून डिसऑर्डर

एक ऐसी बीमारी जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ कोशिकाओं पर बुरा प्रभाव डालती हैं, उसे ऑटो इम्यून डिसऑर्डर (Autoimmune Disorder) कहते हैं। ऐसी स्थिति में भी गट से जुड़ी परेशानी हो सकती है। मेडिकल रिसर्च में ये बात पाई गई है कि गट का इम्यून सिस्टम में भी प्रभाव पड़ता है। रिसर्च में इस बात के कुछ एवीडेंस भी मौजूद है। ऐसा सामने आया है कि अनहेल्दी गट के कारण सिस्टमेटिक इंफ्लामेशन बढ़ सकती है और साथ ही इम्यून सिस्टम (Immune system) का कार्य भी प्रभावित होता है। इस कारण से ऑटोइम्यून डिजीज का खतरा भी बढ़ जाता है।

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फोकस न कर पाना (ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना)

अगर गट में सूजन या कोई और परेशानी होने पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई महसूस हो सकती है।

इन लक्षणों के साथ-साथ अस्वस्थ गट के और भी लक्षण हो सकते हैं। जैसे चिंतित रहना, जोड़ों में दर्द होना या स्वभाव में अत्यधिक बदलाव होना आदि। हर व्यक्ति के शरीर की बनावट अलग होती है। इसलिए कभी-कभी लक्षण अलग भी हो सकते हैं।

अनहेल्दी गट को स्वस्थ करने के टिप्स

हेल्दी गट के लिए टिप्स अपानकर बदलाव किए जा सकते हैं। आहार में परिवर्तन के साथ-साथ खाने की आदतों में सुधार बहुत जरूरी है। जानिए किन आदतों को अपनाना आपके गट के लिए फायदेमंद रहेगा।

1.आहार – प्रोसेस्ड, हाई-शुगर और उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थों की मात्रा को नियंत्रित करें। ज्यादा से ज्यादा हरी पत्तीदार खाद्य पदार्थों का सेवन करें और कम प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हाई फाइबर वाले खाद्य पदार्थों जैसे साबुत अनाज, अंकुरित अनाज और नट्स का सेवन किया जा सकता है। यह भी ध्यान रखें की ऐसे खाने-पीने की चीजों से दूरी बनाएं जिनसे आपको परेशानी या एलर्जी हो।

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2. पानी- एक दिन में 3-4 लीटर पानी पीने की कोशिश करें। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होगी और आप हाइड्रेट रहेंगे। पानी की सही मात्रा गट में मौजूद अच्छे बैक्टेरिया को संतुलित रहने में मदद करता है। एक बात का ध्यान रखें कि पानी की उचित मात्रा का ही सेवन करें वरना आपको अधिक पानी का सेवन करने से भी समस्या हो सकती है। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं।

3. धीरे-धीरे खाएं- भोजन को अच्छी तरह से चबाकर और खाने को धीरे-धीरे खाने और अच्छी तरह से चबा कर खाने से पाचन ठीक होता है और गट को हेल्दी रखने में मदद करता है। आप खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं बल्कि खाने के आधे घंटे पहले पानी पिएं और खाने के करीब एक घंटे बाद पानी पिएं। आप दिन में आठ से दस ग्लास पानी पी सकते हैं।

4. नींद- रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लें। इससे पाचन के साथ-साथ आप अच्छा महसूस करेंगे और अपने काम पर ध्यान केंद्रित आसानी से कर सकते हैं। आप देर रात में सोने और सुबह देर से उठने की आदत को पूरी तरह से छोड़ दें और जल्दी सोने के साथ ही जल्दी उठने की आदत डाले।

5. तनाव- इस भाग-दौड़ के जीवन में तनाव के शिकार हम सभी हो जाते हैं। लेकिन, कोशिश करें की तनाव से दूर रहें। आप चाहें तो पसंद के गाने सुनें, वॉक पर जाएं, डांस करें, मेडिटेशन करें या अपनी पसंद की चीजें जरूर करें। इससे तनाव को कम किया जा सकता है।

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6. प्री-बायोटिक या प्रो-बायोटिक- गट में मौजूद अच्छे बैक्टेरिया को स्वस्थ रखें के लिए प्री-बायोटिक या प्रो-बायोटिक सप्लीमेंट का सहारा लिया जा सकता है। लेकिन, एक बार स्वास्थय विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें।

7. एमसीटी ऑइल- मीडियम चेन ट्राईग्लिसराइएड (MCT) जैसे- नारियल तेल या ब्रेन ऑक्टेन ऑइल को अवश्य अपने आहार में शामिल करें। यह गट के लिए अच्छा माना जाता है। आप इस बारे में डॉक्टर से भी अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

8. एंटीबायोटिक मेडिसिन लेते समय रखें ध्यान – जब भी कोई बैक्टीरिया का अटैक शरीर में होता है तब डॉक्टर एंटीबायोटिक दवा लेने की सलाह दे सकता है। आपको इस बात की जानकारी जरूर होनी चाहिए कि गट में अच्छे बैक्टीरिया भी मौजूद रहते हैं। अगर अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन किया जाता है तो अच्छे बैक्टीरियां के खत्म होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसी समस्या से बचने के लिए बेहतर होगा कि आप अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक न लें। आप इस बारे में डॉक्टर से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आप प्रोबायोटिक की हेल्प भी ले सकते हैं। प्रोबायोटिक्स के लिए आप दही का इस्तेमाल डायट में कर सकते हैं। ऐसा करने से अच्छे बैक्टीरिया में वृद्दि होगी। आहार में बदलाव के साथ ही आपको ऐंठन की समस्या ज्यादा होने पर दवा दी जा सकती है

9. गार्लिक और ओनियन को करें शामिल – कई स्टडी में ये बात सामने आ चुकी है कि शरीर के लिए प्याज और लहसून का सेवन लाभदायक होता है। प्याज और लहसुन में एंटी-कैंसर और इम्यून सिस्टम इनहेंस प्रॉपर्टी होती है जो आंत के अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी होते हैं। अगर आप खाने में इन्हें शामिल करते हैं तो ये अनहेल्दी गट को हेल्दी रखने में मदद कर सकते हैं।

10. कोलेजन बढ़ाने वाले फूड का सेवन – कोलेजन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कि बोन ब्रोथ और सालमन गट हेल्थ के लिए अच्छा होता है। इस बारे में अभी भी रिचर्स चल रही है। आप खाने में मशरूम, डेयरी प्रोडक्ट को भी शामिल करें चुंकि ये आपकी आंत को स्वस्थ्य रखने में मदद करेगा।

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उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको आंत या गट से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए तो बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से जानकारी प्राप्त करें। अगर आप गट की परेशानी महसूस कर रहें हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से इलाज न करें। गंभीर से गंभीर बीमारी को ठीक किया जा सकता है अगर बीमारी की जानकारी शुरुआती वक्त में पता चल जाए। कई बार हम बीमारी को नजरअंदाज कर किसी अन्य बीमारी को न्योता दे सकते हैं। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

 

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सूत्र

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/02/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड