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IBS-C: इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज का क्या है इलाज?

IBS-C: इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज का क्या है इलाज?

गुड मॉर्निंग…वैसे ये गुड मॉर्निंग वैरी गुड मॉर्निंग आपके लिए तभी होगी, जब आप सुबह-सुबह अच्छे से फ्रेश हो जाएं! हालांकि एक रिसर्च रिपोर्ट की मानें, तो भारत के ज्यादातर युवावर्ग कब्ज की समस्या से परेशान हैं और अपना ज्यादातर वक्त बाथरूम सिंगर बनके नहीं, बल्कि कॉन्स्टिपेशन की वजह से वॉशरूम में टेंशन में बिताते हैं। अब अगर ऐसी स्थिति में ये पता चले कि आपको इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS and Constipation) दोनों ने ही अपना शिकार बना लिए है, तो जाहिर से बात है आपकी टेंशन कम होने के बजाये बढ़ जाएगी। हालांकि हम आपकी टेंशन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि कम करने के लिए आपसे इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज से जुड़ी खास रिसर्च और हेल्थ एक्सपर्ट से बात कर आपकी परेशानी को कम करने की अपनी ओर से पूरी कोशिश करेंगे। आप बस इस आर्टिक को शुरुआत से अंत तक जरूर पढ़ें और IBS और कब्ज (IBS and Constipation) की समस्या से राहत पाएं।

  • इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज की समस्या क्या है?
  • इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS-C) के लक्षण क्या हैं?
  • IBS-C के कारण क्या हैं?
  • इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज का निदान कैसे किया जाता है?
  • IBS-C का इलाज कैसे किया जाता है?
  • IBS-C की समस्या होने पर डायट से जुड़ी किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

IBS-C यानी इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS and Constipation) से जुड़े इन सवालों का जवाब क्या है? जानने के लिए आगे इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें।

और पढ़ें : इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) का यूनानी इलाज कैसे किया जाता है?

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज की समस्या क्या है? (What is IBS-C?)

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS and Constipation)

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS-C) एक तरह का क्रोनिक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (Chronic Gastrointestinal) [GI]) डिसऑर्डर है, जिसकी वजह से पेट में सूजन (Bloating), पेट दर्द (Abdominal pain) या बार-बार मल त्यागने की इच्छा होती है, लेकिन मल (Stool) सख्त होने की वजह से इसे पास करने में अत्यधिक कठनाई होती है। वैसे IBS-C की वजह से आप जितनी परेशानी महसूस करते हैं, तो डॉक्टर्स की राय ये है कि इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए इसके लक्षणों को जरूर समझें।

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS-C) के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of IBS-C)

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS and Constipation)

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज की समस्या होने पर बॉवेल मूवमेंट (Bowel movements) के साथ पेट दर्द (Abdominal pain) की समस्या होने के साथ-साथ IBS-C (IBS and Constipation) के निम्नलिखित लक्षण भी हो सकते हैं। इन लक्षणों में शामिल है:

  • पेट में सूजन (Bloating) के साथ-साथ तेज दर्द (Stomach pain) महसूस होना
  • अत्यधिक गैस (Acidity) बनाना
  • पेट का टाइट या सख्त महसूस होना
  • अत्यधिक सख्त मल (Hard stool) होना
  • मल त्यागने में कठिनाई होना

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS-C) की तकलीफ होने पर ऊपर बताये लक्षण महसूस हो सकते हैं और कुछ दिनों के लिए ठीक होने के बाद वापस भी आ सकते हैं अगर इसका इलाज ठीक तरह से ना करवाया जाए तो।

नोट: यह ध्यान रखें कि अगर किसी व्यक्ति को इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) की समस्या है, तो इसकी वजह से स्टूल में ब्लड या वजन कम (Weight loss) होने जैसी समस्या नहीं होगी।

और पढ़ें : सर्जरी के बाद हो सकती है एक दूसरी परेशानी जिसका नाम है कब्ज, जानिए बचने के तरीके

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज के कारण क्या हैं? (Cause of IBS-C)

रिसर्च रिपोर्ट्स पर अगर गौर करें, तो इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज के मुख्य कारण क्या हो सकते हैं, इसकी जानकारी अभी भी उपलब्ध नहीं है। हालांकि नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार IBS-C की समस्या उनलोगों में ज्यादा हो सकती है, जिनके परिवार में पहले से कोई भी व्यक्ति इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम का पेशेंट रह चुका हो। इसलिए इसे जेनेटिकल (Genetical) भी माना गया है। वहीं अगर किसी व्यक्ति को पहले बैक्टीरियल इंफेक्शन (Bacterial Infections) की समस्या हो चुकी हो। अब इन दो कारणों के अलावा रिसर्च रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि अगर किसी भी कारण से ब्रेन यानी मस्तिष्क से इंटेस्टाइन को ठीक तरह से सिग्नल ना मिल रहा हो, तो भी इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज की समस्या हो सकती है। अगर सीधे तरह से इन कारणों को समझा जाए, तो इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS and Constipation) के कारण हो सकते हैं-

  • जेनेटिकल
  • बैक्टीरियल इंफेक्शन
  • ब्रेन और इंटेस्टाइन का आपस में तालमेल

ये तीन कारण IBS-C के हो सकते हैं। अब इस बीमारी को डायग्नोस कैसे किया जाता है यह समझेंगे।

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इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of IBS with Constipation)

डायग्नोसिस जैसे शब्दों को सुनने के बाद लोग कई बार यह सोचकर परेशान हो जाते हैं कि पता नहीं डॉक्टर मुझे कौन-कौन से टेस्ट करवाने की सलाह देंगे! कई लोग तो ऐसे होते हैं, जो सिर्फ टेस्ट की डर की वजह से इलाज शुरू करवाने में देरी कर देते हैं, जिसका नतीजा गंभीर शारीरिक परेशानी या कोई गंभीर बीमारी का आपके शरीर में आशियानी बनाने से कम नहीं होता है। खैर इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS and Constipation) की समस्या होने पर शुरुआती इलाज के वक्त में डॉक्टर सिर्फ आपकी मेडिकल हिस्ट्री, फैमली की मेडिकल हिस्ट्री और पेशेंट के द्वारा महसूस किये जाने वाले लक्षणों को पूछते हैं। इस दौरान डॉक्टर पेशेंट के पेट को दबाकर देखते हैं और पेशेंट को कब्ज (Constipation) की समस्या कब से है या कब-कब होती ऐसी तकलीफ, इसकी पूरी जानकारी लेते हैं और फिर IBS-C का इलाज करते हैं।

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IBS-C का इलाज कैसे किया जाता है? (Treatment for IBS with Constipation)

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज दोनों ही तकलीफ एकसाथ होने पर पेट में सूजन (Bloating) और पेट दर्द (Abdominal pain) की परेशानी को कम करने पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाता है। इसलिए डॉक्टर सबसे पहले ओवर-द-काउंटर मिलने वाली दवाओं को प्रिस्क्राइब कर सकते हैं। इन दवाओं में फाइबर सप्लिमेंट्स (Fiber supplements), लैक्सेटिव (Laxatives) एवं स्टूल सॉफ्टनर (Stool softeners) हो सकते हैं। अगर OTC दवाओं से पेशेंट को लाभ नहीं मिलता है, तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर पेशेंट की हेल्थ कंडिशन को ध्यान में रखते हुए एन्टीस्पैस्मोडिक (Antispasmodics) प्रिस्क्राइब कर सकते हैं। इस दवाओं के सेवन से गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट को रिलैक्स किया जाता है। वहीं ब्रेन और गट के बीच हो रहे इंट्रेक्शन को बेहतर बनाये रखने के लिए एसएसआरआई (Selective serotonin reuptake inhibitors) डिप्रिसेंट प्रिस्क्राइब की जा सकती है।

नोट: इन ऊपर बताई गई ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाएं एवं एंटीडिप्रेसेंट (Antidepressants) का सेवन अपनी मर्जी से ना करें, क्योंकि यह आपके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

और पढ़ें : जी हां! डायजेस्टिव सिस्टम रहेगा सही, तो आप रहेंगे हेल्दी

कॉन्स्टिपेशन की समस्या को योग से भी दूर किया जा सकता है। जानने के लिए नीचे दिए इस वीडियो लिंक पर क्लिक करें।

IBS-C की समस्या होने पर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (Tips for IBS and Constipation [IBS-C])

अगर आप इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS and Constipation) की समस्या से परेशान रहते हैं, तो सबसे पहले अपने लाइफ स्टाइल में 3 सबसे महत्वपूर्ण बातों को शामिल करें। जैसे:

  1. समय पर सोना और नींद पूरी (Sound sleep) करना
  2. नियमित एक्सरसाइज (Regular workout) करना और
  3. तनाव (Tension) से दूर रहना

अगर आपने इन 3 बातों को फॉलो कर लिए, तो समझिये इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज की समस्या अब और नहीं आपको परेशान करेगी। वहीं स्टैंडफोर्ड (Stanford) हेल्थ केयर में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS and Constipation) होने पर डायट में निम्नलिखित खाद्य पदार्थों को शामिल ना करें। जैसे:

  • स्वीटनर्स में शामिल फ्रुक्टोज (Fructose), हनी (Honey) एवं कॉर्न सिरप (Corn syrup)का सेवन ना करें।
  • एप्पल (Apple), एप्रिकॉट (Apricot) , एवोकैडो (Avocado) और मेलॉन से दूरी बनायें।
  • दूध (Milk) का सेवन ना करें।
  • व्हीट प्रॉडट्स ना खाएं। बिन्स (Beans) और लेगियोमस (Legumes) का सेवन ना करें
  • लहसुन (Garlic) और प्याज (Onions) के सेवन से भी बचें।

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इन खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के साथ-साथ कुछ बातों पर ध्यान रखना अतिआवश्यक हो जाता है। जैसे:

  • एल्कोहॉल (Alcohol) का सेवन ना करें।
  • कैफीन (Caffeine) के सेवन से बचें।
  • कार्बोनेटेड बेवरेज (Carbonated beverages) न लें।
  • ग्लूटेन (Gluten) न ले।
  • शुगर (Sugar) का सेवन ना करें।

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम और कब्ज (IBS and Constipation) एक सामान्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) डिसऑर्डर है, जिससे आसानी से बचा जा सकता है। हालांकि अगर आप IBS-C या किसी भी बीमारी के प्रति लापरवाही बरतते हैं, तो इस छोटी सी शारीरिक परेशानी को गंभीर होने में भले ही थोड़ा वक्त लग जाए, लेकिन फिर पूरी उम्र किसी का साथ मिले या ना मिले पर दवाओं का साथ तो आपको लेना ही पड़ेगा! इसलिए परेशान करने वाले फिजिकल चेंजेस को इग्नोर ना करें। IBS-C से जुड़े अगर आप कुछ सवाल का जवाब चाहते हैं, तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर पूछिए। हमारे हेल्थ एक्सपर्ट आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे। हालांकि अगर आप IBS-C की समस्या से अत्यधिक परेशान हैं, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

कब्ज की समस्या से पाना चाहते हैं राहत, तो खाने-पीने का रखें विशेष ख्याल। नीचे दिए इस क्विज में कॉन्स्टिपेशन और डायट से जुड़ी खास जानकारी

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 01/04/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड