डायबिटीज में फल को लेकर अगर हैं कंफ्यूज तो पढ़ें ये आर्टिकल

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट July 9, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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लोगों को डायबिटीज में फल खाने को लेकर बहुत कंफ्यूजन रहता है। डायबिटीज को पूरी तरह से ठीक करने का कोई इलाज नही हैं। लेकिन डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाएं जा सकते हैं। जैसे कि खाने पीने में सावधानी बरतना और सही मात्रा में एक्सरसाइज करना आपकी परेशानी कम कर सकता है।

सवाल

मेरे पापा को डायबिटीज है, क्या आप बता सकती हैं कि उन्हें कौन से फल अवॉयड करने चाहिए और कौन से डायबिटीज में फल खाने चाहिए?

जवाब

डायबिटीज में आपको अपनी डायट का ख्याल रखना जरूरी होता है। अगर आप डायट ठीक से लेते हैं तो शुगर लेवल और डायबिटीज से होने वाली दूसरी बीमारियों जैसे हार्ट, किडनी और लिवर की परेशानियों को कंट्रोल कर सकते हैं। साथ ही इससे वजन कंट्रोल करने में भी मदद मिलेगी। बहुत से लोगों का यह सवाल होता है कि उन्हे डायबिटीज में फल कौन से खाने चाहिए और कौन से नहीं। इसको लेकर लोग अलग-अलग सलाह देते हैं। मेरे हिसाब से मैं आपको इसका आसान तरीका बताउंगी। कोई भी फाइबर वाले फल हमारे ब्लड शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल को मेनटेन  करता है। इसके अलावा इसका भी फर्क पड़ता है कि आप डायबिटीज में फल का सेवन कैसे करते हैं। जैसे कि स्टीम और बेक्ड फलों के मुकाबले डायबिटीज में फल ताजे ही खाना चाहिए।

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डायबिटीज में फल कौन से खाएं?

आप डायबिटीज में फल के तौर पर सेब, नाशपाती, बेरी, केला, तरबूज और साइट्रस फ्रूट्स शामिल कर सकते हैं। हालांकि, इन फलों के अत्यधिक सेवन से बचना चाहिएः

1.सेब

सेब स्वाद में मीठा होता है शुगर फ्री भी होता है। सेब खाना डायबिटीज में फल का सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन (ADA) के अनुसार, सेब में शुगर, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा होती है, हालांकि, सेब टाइप-1 डायबिटीज और टाइप-2 डायबिटीज (मधुमेह) के जोखिमों को कम करने में विशेष रूप से फायदेमंद होता है। एक मध्यम आकार के सेब में निम्न मात्रा पाई जाती हैः

  • पानी: 155.72 ग्राम
  • एनर्जी: 95 कैलोरीज
  • प्रोटीन: 0.47 ग्राम
  • फैट: 0.31 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट: 25.13 ग्राम, 18.91 ग्राम शुगर की मात्रा के साथ
  • फाइबर: 4.4 ग्राम
  • कैल्शियम: 11.00 मिग्रा
  • मैग्निशियम: 9.00 मिग्रा
  • पोटैशियम: 195 मिग्रा
  • फासफोरसः 20 मिग्रा
  • सोडियम: 2 मिग्रा
  • जिंक: 0.07 मिग्रा
  • विटामिन सी: 8.4 मिग्रा
  • विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन के और विटामिन बी के विभिन्न मात्राः 5 माइक्रोग्राम।

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2.नाशपाती

नाशपाती को भी आप डायबिटीज में फल के तौर पर चुन सकते हैं। यह पौष्टिक गुणों से भरा एक फल है। इसका वानस्पातिक नाम पाइरस कम्यूनिस है। नाशपाती रोसेशिए (Rosaceae) परिवार का सदस्य है। इसका प्रयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। मिनेसोटा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. जोनने स्लाविन के नेतृत्व में हुए एक अध्ययन में पाया कि नाशपाती फाइबर का अच्छा स्रोत है। नाशपाती डायबिटीज के जोखिमों को कम करने, आंतों  को तंदुरुस्त रखने, वजन कम करने, कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने, दिल को स्वस्थ्य रखने, हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ कैंसर से भी शरीर का बचाव करता है।

डायबिटीज में फल के तौर पर शामिल नाशपाती में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और शरीर को एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी प्रदान करता है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर से हानिकार तत्वों को बाहर निकाल स्वास्थ्य को ठीक रखता है।

3.स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी स्वाद में हल्का खट्टा-मीठा फल होता है। यह फ्रागर्या (Fragaria) जाति का एक पौधा होता है। इसके फल और पत्तियों का इस्तेमाल दवा बनाने के लिए किया जाता है। स्ट्रॉबेरी मिनिरल्स से भरपूर होता है, साथ ही इसमें प्रोटीन, नियासिन और खनिजों का एक अच्छा प्राकृतिक स्त्रोत भी पाया जाता है। इसे डायबिटीज में फल के तौर पर खा सकते हैं।

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इन बीमारियों में मददगार है स्ट्रॉबेरीः

  • कैंसर
  • ह्रदय संबंधित रोग
  • हड्डियों को बनाए मजबूत
  • ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे
  • मस्तिष्क स्वास्थ्य को बेहतर बनाए
  • इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार
  • कब्ज का इलाज करे
  • ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करे
  • कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करे
  • सूजन
  • डायरिया
  • लिवर की बीमारी
  • पीलिया
  • रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट में दर्द और सूजन
  • गाउट
  • गठिया
  • नर्वस टेंशन
  • वाटर रिटेंशन (एडेमा)
  • किडनी स्टोन
  • बुखार
  • रात को पसीना आना
  • एनीमिया
  • रैशेज

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4. केला

केले में 93 फिसदी कैलोरी कार्ब्स से आती है। ये कार्ब्स, शुगर, स्टार्च, एंटी-ऑक्सीडेंट, विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर के रूप में होते हैं। एक मध्यम आकार के केले में 14 ग्राम शुगर और 6 ग्राम स्टार्च की मात्रा होती है। अगर मधुमेह में फल का चुनाव कर रहें हैं, तो केला सबसे बेहतर विकल्प होता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, केला टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में बढ़ते ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। अध्ययन में 68 लोगों को शामिल किया गया। जिसमें से कुछ लोगों को कुछ दिनों के लिए हर दिन डायबिटीज में फल के तौर पर 2 केले खाने के लिए कहा गया और कुछ लोगों को कम से कम डायबिटीज में फल खाने के लिए कहा गया। अध्ययन के दौरान पाया गया कि डायबिटीज में फल न खाने वाले लोगों के मुकाबले डायबिटीज में फल खाने वाले लोगों के स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा गया है। इनके ब्लड  शुगर लेवल में कंट्रोल और वजन बढ़ने की समस्या में भी सुधार देखी गई।

5. तरबूज

मधुमेह में फल के तौर पर तरबूज को भी शामिल कर सकते हैं। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) के मुताबिक तरबूज का तरबूज में विभिन्न प्रकार के खनिजों और विटामिन की मात्रा के लगभग 286 ग्राम स्रोत पाए जाते हैं, जिनमें शामिल हैंः

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डायबिटीज में फल कौन से नहीं खाने चाहिए?

डायबिटीज में फल क्या नहीं खाना चाहिए इसके लिए सूखे हुए फल, फलों के जूस और अधिक मात्रा में शुगर और कम मात्रा में फाइबर वाले फल खाने से परहेज करना चाहिए।

सूखे फल (ड्राई फ्रूट्स)

डायबिटीज में फल के तौर पर ड्राई फ्रूट्स का इस्तेमाल न करें। आमतौर पर यह सेहत के लाभकारी होता है। हालांकि, डायबिटीज में फल के तौर पर सूखे फल खाना जोखिम भरा होता है। सूख फलों में शुगर की अधिक मात्रा होती है, साथ ही इनके छिलके हटा दिए जाने से फाइबर की मात्रा भी खत्म हो जाती है। अगर बात करें दो बड़े किशमिश की तो इसमें 100 ग्राम कैलोरी, 23 ग्राम कार्ब्स और 18 ग्राम शुगर की मात्रा  होती है, जबकि 8 से 10 ताजा अंगूर में 62 ग्राम कैलोरी, 16 ग्राम कार्ब्स और 15 ग्राम शुगर की मात्रा होती है।

इसके अलावा डायबिटीज में फल के तौर पर कुछ फलों और उनके जूस को भी एक लिमिट में खाना चाहिए। ध्यान रखें कि आप जो भी खाए एक लिमिट में खाएं जिससे आपका ब्लड शुगर लेवल मेनटेन रहें। डायबिटीज में पोर्शन साइज बहुत मायने रखता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए खाने के साथ एक्सरसाइज करना भी बहुत जरुरी होता है। आपको हफ्ते में पांच दिन 30 मिनट वॉक करना चाहिए तभी आप डायबिटीज मे फिट रह सकते हैं।

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