सेब (एप्पल) के फायदे एंव नुकसान

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अपडेट डेट September 10, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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परिचय

सेब (एप्पल) क्या है?

सेब (एप्पल) एक फल है। सेब का रंग लाल या हरा होता है। वैज्ञानिक भाषा में इसे मेलस डोमेस्टिका (Melus domestica) कहते हैं। इसका मुख्यतः स्थान मध्य एशिया है। इसके बाद यह यूरोप में भी उगाया जाने लगा। यह हजारों वर्षों से एशिया और यूरोप में उगाया जाता रहा है। इसे एशिया और यूरोप से उत्तरी अमेरिका को बेचा जाता है। इसका ग्रीक और यूरोप में धार्मिक महत्व है। 

लोग सेब (एप्पल) को आहार के सामान्य हिस्से के रूप में खाते हैं तथा सेब का जूस क सेवन भी करते हैं। औषधि के रूप में भी सेब का उपयोग किया जाता है, जो बहुत महत्वपूर्ण है।

लोग कैंसर, डायबिटीज की समस्या, मोटापा, और कई अन्य स्थितियों के लिए एप्पल का उपयोग करते हैं। दुनिया में सबसे अधिक खेती और खपत वाले फलों में से एक के रूप में, सेब को लगातार “मिरेकल फूड” के रूप में सराहा जा रहा है।

यह भारत के उत्तरी और पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के साथ उत्तराखंड में बहुतायत रूप से उगाया जाते हैं। सेब (एप्पल) में विटामिन होते हैं। 

सैन डिएगो के एक न्यूट्रिशन विशेषज्ञ, लॉरा फ्लोर्स के अनुसार, “सेब पॉलीफेनोल्स में उच्च होते हैं, जो एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं।” ये पॉलीफेनोल सेब की छिल्कों और गुद्दे दोनों में पाए जाते हैं। एप्पल विटामिन-सी से भरे हुए होते हैं, विशेष रूप से खाल में, जो फाइबर से भी भरे हुए हैं। सेब (एप्पल) में अघुलनशील फाइबर होता है, जो फाइबर का प्रकार है जो पानी को अवशोषित नहीं करता है। 

  • कार्ब्स: 25 ग्राम
  • फाइबर: 4 ग्राम
  • विटामिन सी: संदर्भ दैनिक सेवन (आरडीआई) का 14%
  • पोटेशियम: 6%
  • विटामिन K: 5%

कैसे काम करता है सेब (एप्पल) ?

एप्पल में पेक्टिन होता है, जो दस्त और कब्ज के इलाज के लिए मददगार होता है। सेब में कुछ रसायन भी होते हैं जो बैक्टीरिया को मारने, शरीर में सूजन को कम करने और कैंसर कोशिकाओं को मारने में सक्षम होते हैं। सेब के छिलके में यूरोसोलिक एसिड नामक एक रसायन होता है जो मांसपेशियों और मेटाबॉलिज्म के निर्माण के लिए उपयुक्त माना जाता है।

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उपयोग

सेब (एप्पल) का उपयोग किस लिए किया जाता है?

मुख्यतः एप्पल का उपयोग इन लाभों को प्राप्त करने करते हैं:

दस्त के इलाज में सेब (एप्पल)

1-3 दिनों के लिए मुंह से एप्पल पेक्टिन और कैमोमाइल युक्त एक विशष्ट संयोजन उत्पाद लेने से मल की संख्या कम हो सकती है और बच्चों में दस्त के लक्षणों में सुधार हो सकता है। अन्य शोध बताते हैं कि वास्तव में एप्पल का रस पीने से शिशुओं में दस्त के लक्षण गायब हो सकते हैं।

पित्ताशय की थैली को नरम करना 

कुछ दिनों के लिए एप्पल का रस पीने और फिर बिस्तर पर जाने से पहले जैतून का तेल साथ जोड़ने से पित्त पथरी नरम हो सकती है। और शरीर को मल त्याग में मदद कर सकती है।

लंग कैंसर

प्रमाण हैं कि अधिक एप्पल खाने से लंग कैंसर के विकास का खतरा कम हो सकता है।

मोटापा कम होना

कुछ शुरुआती शोध बताते हैं कि प्रति दिन तीन बार एप्पल खाने से 12 सप्ताह की अवधि में वजन कम हो सकता है।

सेब फल के ज्यूस से दमा रोगियों को अत्यधिक लाभ  

इसमें दमे के अटैक को रोकने की क्षमता होती है। इसमें होने वाला फ्लेवोनोइड्स फेफड़ों को ताकतवर बनाता है। शोध से यह साबित हुआ है कि जो लोग नियमित रुप से एप्पल के जूस का सेवन करते हैं उन्हें फेफड़ों संबंधी बीमारियां होने की संभावना काफी कम हो जाती है।

  • सेब (एप्पल) में शरीर के ph स्तर को नियंत्रित करने का गुण होता है। इसकी बाहरी परत में मौजूद पेक्टिन से पाचन तंत्र दुरुस्त होता है।
  • इसमे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने का अनूठा गुण होता है। आधुनिक लाइफस्टाइल में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की समस्या बड़े व्यापक पैमाने पर फैल चुकी है और यह ह्रदय संबंधी रोगों का मुख्य कारण है। इस प्रकार एप्पल का जूस अपनाकर आप अपने ह्रदय को सुरक्षित रखने का एक आसान रास्ता अपना सकते हैं। 
  • एप्पल फल में विटामिन C संतुलित मात्रा में होता है साथ ही साथ इसमें आयरन और बॉरोन भी पाया जाता है। इन सभी के कॉम्बीनेशन से हड्डियों में ताकत आती है।
  • इसमें मौजूद विटामिन C से इम्यून सिस्टम भी सुधरता है। एप्पल फल के नियमित इस्तेमाल से शरीर में बैक्टीरिया और जर्म्स से लड़ने की क्षमता भी बढ़ जाती है। 

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  • सेब (एप्पल) फल अनोखा ऐसा फल है जिसमें ट्यूमर और कैंसर जैसे भयानक रोगों से लड़ने की क्षमता होती है। एप्पल के फल को फेफड़ों में होने वाले कैंसर से लड़ने में बहुत कारगर समझा जाता है। इसमें पाए जाने वाले फ्लेवोनोइड्स और फेनोलिक एसिड्स से ट्यूमर से शरीर को बचाए रखने का गुण होता है।
  • सेब (एप्पल) में भरपूर मात्रा में विटामिन A होता है जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है साथ ही आंखों में होने वाली अन्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है। 

कितना सुरक्षित है सेब का उपयोग ?

जब तक बीज खाए नहीं जाते, तब तक एप्पल ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है। एप्पल के फल या एप्पल के रस के साथ कोई दुष्प्रभाव आम तौर पर ज्ञात या अपेक्षित नहीं है।

एप्पल पॉलीफेनोल्स संभवतः छोटे समय के लिये उपयोग करने पर सुरक्षित हैं जब मुंह से लिया जाता है या सीधे त्वचा पर लगाया जाता है।

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साइड इफेक्ट्स

सेब से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

अधिक मात्रा में सेब खाने से कई दुष्प्रभाव नहीं होंगे। लेकिन जैसा कि कुछ भी अधिक मात्रा में खाया जाता है, सेब वजन अप्रत्याशित रूप से बढ़ने का कारण बन सकता है।

जर्नल ऑफ डेंटिस्ट्री में 2011 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि सेब खाने से कार्बोनेटेड पेय की तुलना में दांतों को चार गुना अधिक नुकसान हो सकता है।

हालांकि, प्रमुख शोधकर्ता के अनुसार, लंदन के किंग्स कॉलेज में डेंटल इंस्टीट्यूट में प्रोस्थोडॉन्टिक्स के प्रमुख डेविड बार्टलेट ने कहा, “न केवल कि हम क्या खाते हैं, बल्कि हम इसे कैसे खाते हैं” इस पर भी बहुत ध्यान देने कि आवश्यकता हैं। बहुत से लोग सेब को धीरे-धीरे खाते हैं, जिससे यह संभावना बढ़ जाती है कि एसिड दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचाएगा।

दंत चिकित्सक सेब को काटने और उन्हें चौ दांतों से चबाने की सलाह देते हैं। वे एसिड और शर्करा को दूर करने में मदद करने के लिए पानी के साथ मुंह को रिंस करने की भी सलाह देते हैं।

जब मुंह से सेवन किया जाता है: 

सेब ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित हैं, जब तक कि बीज नहीं खाया जाता है। सेब में पाया जाने वाला एक विशिष्ट रसायन, जिसे ऐप्पल पॉलीफेनोल्स कहा जाता है, मुंह से सेवन करने पर, कम अवधि में सेफ होता है। हालांकि, सेब के बीज में साइनाइड होता है और यह जहरीला होता है। पर्याप्त बीज खाना मौत का कारण बन सकते हैं। साइनाइड पेट में जारी होता है क्योंकि बीज पचता है, इसलिए विषाक्तता के लक्षण दिखाई देने में कई घंटे लग सकते हैं।

बच्चे: 

सेब जब तक बीजों को नहीं खाया जाता, तब तक वह सुरक्षित रहता है। सेब पेक्टिन बच्चों के लिए पॉसिबली सेफ है, जब इसे मुंह से लिया जाता है, वह भी लगातार बहुत दिनों तक नहीं। 

खुबानी और संबंधित पौधों से एलर्जी: 

सेब उन लोगों में एलर्जी का कारण हो सकता है जो रोसेसी परिवार के प्रति संवेदनशील हैं। इस परिवार के सदस्यों में खुबानी, बादाम, बेर, आड़ू, नाशपाती और स्ट्रॉबेरी शामिल हैं। सेब से बर्च पराग से एलर्जी वाले लोगों में एलर्जी की प्रतिक्रिया भी हो सकती है। यदि आपको एलर्जी की समस्या है, तो सेब लेने से पहले अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट के साथ जांच करना सुनिश्चित करें।

डायबिटीज:

सेब, विशेष रूप से सेब का रस, ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है। यदि आप सेब उत्पादों का उपयोग करते हैं और डायबिटीज से ग्रसित है, तो अपने ब्लड कोलेस्ट्रॉल की सावधानीपूर्वक जांच व निगरानी करें।

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प्रभाव

फेक्सोफेनाडाइन (एलेग्रा) Fexofenadine (Allegra) एप्पल के साथ परस्पर क्रिया करता है।

एप्पल का रस आपके शरीर द्वारा फेक्सोफेनाडाइन (एलेग्रा) को अवशोषित करने की क्षमता को कम कर सकता है। एप्पल को फेक्सोफेनाडाइन (एलेग्रा) के साथ लेने से इसकी प्रभावशीलता कम हो सकती है।

उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आप सेब के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं तो विशेषज्ञ से इस बारे में जरूर पूछें।

डोजेज/खुराक

 सेब के लिए सामान्य खुराक क्या है?

यह सभी उपयोगकर्ता या रोगियों के लिए एप्पल का सामान्य खुराक भिन्न हो सकता है। ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है। कृपया अपने उचित खुराक के लिए डॉक्टर या हर्बलिस्ट से संपर्क करें। 

उपलब्ध

सेब किन रूपों में उपलब्ध है?

यह मिरेकल फूड या फ्रूट निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकता है:

  • ताजे सेब के फल
  • एप्पल साइडर सिरका आहार अनुपूरक कैप्सूल, 450mg
  • एप्पल पेक्टिन (आंतों के लिए) कैप्सूल, 700mg
  • एप्पल की चाय

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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