बेटनोवेट जीएम एक क्रीम के फॉर्म में बाजार में उपलब्ध है। सबसे अहम और जरूरी बात यह कि इस दवा को बिना डॉक्टरी सलाह के इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसमें बीटामेथासोन (Betamethasone) (0.1%w/w) + जेन्टामाइसीन (Gentamicin) (0.1%w/w) + मिकोनाजोल (Miconazole) (2%w/w) पाए जाते हैं। इस दवा का इस्तेमाल स्किन से जुड़े बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन को ठीक करने के लिए किया जाता है। आपको बता दें कि बिना डॉक्टरी सलाह के क्रीम का इस्तेमाल करना नुकसादायक हो सकता है।

जैसा डॉक्टर ने सुझाया है उसके अनुसार ही इस दवा का इस्तेमाल करना चाहिए। व्यस्क बेटनोवेट क्रीम को अफेक्टेड स्किन पर डॉक्टर के सुझाए अनुसार लगा सकते हैं। वहीं बुजुर्गों को क्रीम को स्किन पर दिन में कम से कम दो बार लगाना चाहिए।
सुझाए गई दवा से यदि कोई ज्यादा डोज अप्लाई कर लेता है तो उस स्थिति में डॉक्टरी सलाह जरूरी हो जाती है। कई मामलों में मेडिकल इमरजेंसी तक की जरूरत पड़ सकती है।
यदि कोई व्यक्ति इस क्रीम को लगाना भूल जाता है तो याद आते ही लगा लें। हालांकि, अगर आपकी अगली डोज का समय होने वाला है तो भूले हुए डोज की बजाए, पहले से निर्धारित समय के अनुसार दवा लगाएं। डॉक्टर ने जितना बताया उतनी मात्रा में ही क्रीम लगाए, ज्यादा व कम मात्रा में लगाना हानिकारक हो सकता है।
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इस क्रीम को लगाने का यही तरीका है कि प्रभावित स्किन पर क्रीम की पतली परत लगाएं। दवा की पैकेजिंग के साथ में दिए दिशा निर्देशों का पालन करें। डॉक्टर ने जितना सुझाया है उतनी ही मात्रा में क्रीम को लगाएं, न तो ज्यादा और न ही कम। यदि आप डॉक्टर द्वारा बताई बातों को नहीं मानते हैं तो इसके नकारात्मक असर हो सकते हैं।
क्रीम लगाने के बाद उसके ऊपर कोई बैंडेज या फिर कवर नहीं लगाना चाहिए। जब तक डॉक्टर ऐसा करने को कहे। एक सप्ताह तक यदि लक्षण ठीक हो जाए या न ठीक हो तो अपने डॉक्टर को सूचना जरूर देनी चाहिए। इस क्रीम को लगाने का खानपान का कोई असर नहीं पड़ता है। आप चाहे तो खाना खाने के पहले या फिर खाना खाने के बाद में बेटनोवेट जीएम लगा सकते हैं।
इसमें पाया जाने वाला बेटामिथासोन (Betamethasone) सूजन और स्किन में होने वाले इरीटेशन को कम करता है। वहीं जेंटामाइसिन (Gentamicin) प्रोटीन सेंथेसिस के रूप में काम कर बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है। मिकोनाजोल (Miconazole ) कुछ प्रकार के फंगस को पनपने से रोकता है। इस तरह यह दवा काम करती है।
इस क्रीम को लगाने से कुछ मेजर तो कुछ माइनर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। शरीर में इस प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर जरूरी है कि जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए जैसे:
गर्भवती महिलाओं के मामले में उन्हें इस क्रीम का इस्तेमाल करने को लेकर तब तक सलाह नहीं दी जाती जब तक जरूरी नहीं है। डॉक्टर से इसके रिस्क और बेनीफिट्स पर पहले से ही चर्चा कर लें। वहीं शिशु को दूध पिलाने वाली महिलाओं को भी इस क्रीम के इस्तेमाल की सलाह नहीं दी जाती है। इस स्थिति में भी पहले डॉक्टर से चर्चा कर लें।
यह क्रीम अलग-अलग लोगों पर अलग अलग तरीके से रिएक्शन करती है। ऐसे में डॉक्टरी सलाह लेने के बाद ही क्रीम का उपयोग करना चाहिए। एंटीबाॅयटिक दवाओं के साथ यह रिएक्शन कर सकती है।
यदि आप नियमित तौर पर शराब का सेवन करते हैं तो जरूरी है कि इस क्रीम को लगाने के साथ शराब का सेवन करने से क्या होगा, इसके लिए डॉक्टर से पूछें। इस संबंध में मौजूदा समय में ज्यादा शोध नहीं किए गए हैं।
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इस क्रीम को घर में सामान्य रूम टेम्प्रेचर पर ही रखें। इसे सूर्य कि किरणों से बचाकर रखें। 25 डिग्री तापमान दवा के लिए बेस्ट है, लेकिन बेटनोवेट जीएम को फ्रिज में रखने की गलती न करें। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो यह दवा सामान्य रूप से काम नहीं कर पाएगी। इसे बच्चों की पहुंच और पालतू जानवरों से दूर रखना चाहिए। एक्सपायर होने के पहले ही क्रीम का उपयोग कर लें। क्रीम को टॉयलेट में फ्लश नहीं करना चाहिए, इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। दवा एक्सपायर हो जाए तो उसे कैसे डिस्पोज करना है इस बारे में फॉर्मासिस्ट से सलाह लें।
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाॅक्टरी सलाह लें। हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।