गर्भवती होने के लिए फर्टिलिटी ड्रग के फायदे और नुकसान

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Update Date मई 10, 2020 . 4 mins read
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फर्टिलिटी ड्रग हर प्रकार की समस्याओं का इलाज करने में कारगर होते हैं। यह गर्भधारण करने की संभावना को बढ़ा देते हैं और महिला की प्रजजन क्षमता वापिस लौटा सकते हैं। लगभग हर महिला का सपना होता है कि वह जिंदगी में एक न एक बार मां अवश्य बने। शिशु को जन्म देना किसी भी महिला के लिए सबसे अधिक हर्ष की स्थिति होती है। लेकिन कुछ मेडिकल कारणों की वजह से कई महिलाओं का यह सपना, सपना ही रह जाता है।

हालांकि, विज्ञान ने आज के समय में इतनी तरक्की कर ली है की फर्टिलिटी ड्रग की मदद से अब बांझपन का इलाज किया जा सकता है। गर्भधारण के लिए इस प्रकार की दवा विशेष समस्याओं का ही इलाज करती हैं। इसलिए व्यक्ति को इनका सेवन केवल डॉक्टर द्वारा बताए जाने पर ही लेना चाहिए। 

अमेरिका के सबसे बड़े संस्थान सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Center for disease and prevention) के अनुसार अमेरिका में 15 से 44 उम्र की महिलाओं में से 12 प्रतिशत को गर्भधारण में समस्या आती है। बांझपन का कारण महिला या पुरुष दोनों में से किसी की भी समस्या का परिणाम हो सकता है। ज्यादातर डॉक्टर 12 महीने या उससे अधिक समय के लिए प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही महिलाओं और बार-बार गर्भपात होने पर इलाज करवाने की सलाह देते हैं।

6 महीनों से 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही हैं लेकिन नहीं हो पा रही हैं तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जिन महिलाओं को नियमित रूप से पीरियड्स नहीं आते हैं और जिन्हें कोई स्वास्थ्य समस्या है उन्हें भी डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे की कैसे महिलाओं में बांझपन को फर्टिलिटी ड्रग की मदद से खत्म किया जा सकता है। फर्टिलिटी ड्रग कितने प्रकार के होते हैं और साथ ही इनका मार्केट में कोई विकल्प मौजूद है तो वह क्या है।

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महिलाओं में फर्टिलिटी ड्रग के प्रकार

कुछ महिलाओं में प्रजनन क्षमता कमजोर या न के बराबर होती है। 4 में से 1 महिला में प्रजनन संबंधित समस्याएं होती हैं। कुछ फर्टिलिटी ड्रग उन महिलाओं में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया को शुरू करने की कोशिश करती हैं जो लगातार ओव्यूलेशन नहीं कर पा रही होती हैं। निम्न फर्टिलिटी ड्रग की मदद से महिलाओं में गर्भधारण की संभावना को बढ़ाया जा सकता है :

मेटफोर्मिन (ग्लूकोफेज)

यह दवा पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) से ग्रस्त महिलाओं में इन्सुलिन की मात्रा को कम करती है। यह खासतौर से उन महिलाओं के लिए होती है जिनका बॉडी मास इंडेक्स 35 से अधिक होता है। कुछ मामलों में इंसुलिन के कारण ओव्यूलेशन की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

डोपामाइन एगोनिस्ट

इस प्रकार की फर्टिलिटी ड्रग प्रोलैक्टिन नामक हॉर्मोन के स्तर को कम करती है। कुछ महिलाओं में अत्यधिक प्रोलैक्टिन स्तर बांझपन का कारण बन सकता है।

क्लोमीफीन

गर्भधारण के लिए यह दवा ओव्यूलेशन को ट्रिगर करती है। ज्यादातर डॉक्टर ओव्यूलेशन समस्या से ग्रसित महिलाओं को सबसे पहले इस फर्टिलिटी ड्रग के सेवन की सलाह देते हैं।

लेट्रोजोल

क्लोमीफीन दवा की ही तरह गर्भधारण के लिए लेट्रोजोल भी ओव्यूलेशन को ट्रिगर करती है। पीसीओएस और मोटापे की शिकार हुई महिलाओं में लेट्रोजोल बेहतर ढंग से काम करती है।

गोनाडोट्रोपिन 

इस प्रकार के फर्टिलिटी ड्रग अंडाशय में हार्मोन और ओव्यूलेशन की प्रक्रिया को उत्तेजित करने में मदद करते हैं। जब कोई अन्य इलाज काम नहीं कर पाता है तो डॉक्टर फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (Follicle-stimulating hormone) और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। यह ट्रीटमेंट इंजेक्शन या नेजल स्प्रे के रूप में किया जाता है।

करीब 10 प्रतिशत बांझपन के मामलों में डॉक्टर कारण का पता नहीं लगा पाते हैं। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में अस्पष्टीकृत बांझपन (unexplained infertility) कहते हैं।

ओव्यूलेशन को उत्तेजित करने वाले फर्टिलिटी ड्रग अस्पष्टीकृत बांझपन के इलाज में मदद कर सकते हैं। गर्भधारण के लिए इन दवाओं का सेवन संभोग के द्वारा मां बनने की संभावना को बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा यह अंडाशय की अज्ञात समस्याओं के प्रभाव को भी कम कर सकती हैं।

गर्भधारण के लिए दवा खाने के नुकसान

फर्टिलिटी ड्रग कुछ नुकसानों के साथ आते हैं, जिनमें शामिल हैं :

एक से अधिक बच्चे होना – मुंह से ली जाने वाली दवाओं में  मल्टीपल बच्चे होने का खतरा होता है लेकिन ट्विन्स (जुड़वा) बच्चे होने की आशंका रहती है। यही आशंका इंजेक्शन द्वारा ड्रग लेने पर 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। इंजेक्शन द्वारा फर्टिलिटी ड्रग लेने पर ट्रिप्लेट (तीन बच्चे) या उससे ज्यादा बच्चे होने का खतरा रहता है।

ओवरी हाइपरस्टीमुलेशन सिंड्रोम (ओएचएसएस) – ओव्यूलेशन बढ़ाने के लिए फर्टिलिटी ड्रग का टीकाकरण करने से ओएचएसएस का खतरा बढ़़ सकता है। ऐसे में अंडाशय पर दर्द और सूजन हो सकती है। इसके लक्षण और संकेत जैसे पेट में हल्का दर्द, ब्लोटिंग, मतली, उल्टी और दस्त आमतौर पर बिना किसी इलाज के अपने आप चले जाते हैं। लेकिन यदि आप गर्भवती हो जाती हैं तो लक्षण कुछ हफ्तों तक रह सकते हैं। फर्टिलिटी ड्रग के इस्तेमाल से गंभीर प्रकार के ओएचएसएस के विकसित होने की आशंका बेहद दुर्लभ होती है। इस स्थिति में वजन बढ़ना, अंडाशय बढ़ना, पेट में तरल पदार्थ और सांस फूलने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

ओवरी ट्यूमर – महिलाओं पर किए गए फर्टिलिटी ड्रग के अध्ययनों के अनुसार यदि कोई लंबे समय के खतरे दिखाई देते हैं तो उनकी संख्या कम होती है। हालांकि, कुछ स्टडी के मुताबिक यदि कोई महिला गर्भधारण करने में बिना सफल हुए 12 या उससे अधिक महीनों फर्टिलिटी ड्रग का सेवन करती रहती हैं तो उनमें ओवरी ट्यूमर होने का जोखिम बढ़ जाता है।

फर्टिलिटी ड्रग कुछ मामलों में बांझपन का इलाज नहीं कर सकती हैं। जब सभी ड्रग इलाज करने में असफल रहते हैं तो उन मामलों में डॉक्टर आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन की मदद से महिला को प्रेगनेंसी में मदद करते हैं।

महिलाओं की उम्र बांझपन का मुख्य कारण होती हैं। 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को फर्टिलिटी ड्रग का सेवन करने से किसी विशेषज्ञ से काउंसलिंग कर लेनी चाहिए। अधिक उम्र में मां बनने के कई जोखिम होते हैं जो न केवल महिला को बल्कि शिशु को भी प्रभावित कर सकते हैं। गर्भधारण के लिए दवा का इस्तेमाल बिना किसी डॉक्टरी सलाह के कभी न करें। यह बेहद खतरनाक और बांझपन को गंभीर बना सकता है।

बेहतर फर्टिलिटी के लिए जीवन शैली में बदलाव

इसके अलावा आप चाहें तो जीवन शैली में कुछ परिवर्तन कर के अपनी फर्टिलिटी की क्षमता को बढ़ा भी सकते हैं। निम्न कुछ ऐसे बदलाव हैं जिनके पालन से आप ऐसा कर पाएंगे :

  • धूम्रपान का सेवन बंद कर दें। धूम्रपान करने महिलाओं में फर्टिलिटी की संभावना कम होती है, और जो अंडे पैदा होते हैं, वे ठीक से नहीं बन पाते हैं।
  • वजन कम करें या स्वस्थ वजन नियंत्रित रखने की कोशिश करें।
  • शराब के सेवन से परहेज करें
  • ड्रग्स न लें
  • हमेशा सुरक्षित सेक्स का करने की कोशिश करें

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