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न्यू मॉम का बजट अब नहीं बिगड़ेगा, कुछ इस तरह से करें प्लानिंग

न्यू मॉम का बजट अब नहीं बिगड़ेगा, कुछ इस तरह से करें प्लानिंग

बेबी के आते ही न्यू मॉम की लाइफ बदल जाती है। बिजी रहने के कारण न्यू मॉम एक साथ कई बातों पर ध्यान नहीं दे पाती है। बेबी के आने के बाद न्यू मॉम का बजट भी गड़बड़ हो सकता है। न्यू मॉम का बजट अगर बेबी के आने के पहले से तैयार किया जाए, तो कम दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अगर न्यू मॉम का बजट सही तरह से प्लान किया जाए तो पैसे की बर्बादी से बचा जा सकता है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि न्यू मॉम का बजट किस तरह का होना चाहिए और किस तरह से वो पैसे की बचत कर सकती है।

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हॉस्पिटल से करें शुरुआत

न्यू मॉम का बजट प्लान हॉस्पिटल से ही शुरू हो जाना चाहिए। इसके लिए परिवार के सदस्यों को भी साथ आना होगा। न्यू मॉम का बजट तब ही सफल हो पाएगा जब पार्टनर के साथ मिलकर परिवार साथ दे। डिलिवरी के समय अगर होने वाली मॉम प्राइवेट रूम की जगह दो लोगों के साथ रूम शेयर कर लें तो ये बेहतर रहेगा। अगर दो लोगों के साथ रूप शेयर नहीं करना है तो बिना एयर कंडिशन वाला रूम भी लिया जा सकता है। ऐसा करने से बचत होगी जो भविष्य में आपके बच्चे के लिए काम आएगी।

टीवी को कहें ना

डिलिवरी के बाद महिला का शरीर कमजोर होता है। ऐसे में न्यू मॉम को रेस्ट की बहुत जरूरत होती है। अगर हॉस्पिटल रूम में टीवी के एक्ट्रा चार्जेस जोड़े जा रहे हैं तो उसे बिल्कुल न कह दें। टीवी आपके बच्चे की नींद में भी दिक्कत पैदा कर सकता है। ऐसे में टीवी को ना कहना बेहतर रहेगा।

घर से लाएं खाने का सामान

अगर डिलिवरी ऐसे हॉस्पिटल में हुई है जहां से आपका घर पास है तो ये बहुत अच्छी बात है। नॉर्मल डिलिवरी या सी-सेक्शन डिलिवरी में तीन दिन से एक हफ्ते तक हॉस्पिटल में रहना पड़ सकता है। ऐसे में रोजाना बाहर से खाना न्यू मॉम का बजट बिगाड़ सकता है। सुबह और शाम का खाना घर से लाने की कोशिश करें। घर में खाना बनाने का काम घर का कोई भी सदस्य कर सकता है। खासतौर पर सासू मां या फिर मां। अगर किसी चीज की तुरंत जरूरत लगती है तो उसे हॉस्पिटल से लिया जा सकता है।

हॉस्पिटल में एक्ट्रा रुपए तो नहीं लेंगे ?

हॉस्पिटल में बच्चे की डिलिवरी हो जाने के बाद नर्स और अन्य स्टाफ नेक के तौर पर ज्यादा रुपय की डिमांड करता है। नेक के तौर पर रुपय देना मर्जी पर निर्भर करता है। लेकिन हो सकता है कि आपके हॉस्पिटल में जबरदस्ती अधिक रुपय की डिमांड कर रहे हो। आप चाहे तो इस बारे में वहां के पेशेंट से भी पहले से जानकारी ले सकते हैं। ऐसा करने से हॉस्पिटल के स्टाफ के बारे में पहले से जानकारी मिल जाएगी। अगर आपको पता चलता है कि हॉस्पिटल में मनमाने रुपय वसूल किए जा रहे हैं तो आप इस बारे में पहले से बात कर सकती हैं। ऐसा करने से न्यू मॉम का बजट सही रहेगा।

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कपड़े खरीदते समय न्यू मॉम का बजट

हो सकता है कि न्यू मॉम का बजट कपड़े खरीदते समय कुछ गड़बड़ हो जाए। न्यू मॉम का बजट का बजट तब सही रहेगा जब बच्चे के कपड़े पहले से न खरीदे जाएं। बच्चे के लिए क्या अच्छा रहेगा, या बच्चे पर कौन सा रंग अच्छा लगेगा, इन सब बातों की जानकारी बेबी के पैदा होने के बाद ही चलती है। ऐसे में बेबी के पैदा होने से पहले ही ज्यादा कपड़ों की खरीददारी न्यू मॉम का बजट बिगाड़ सकती है। आप चाहे तो घर या परिवार के अन्य सदस्यों के बच्चों के छोटे कपड़े का इस्तेमाल भी कुछ समय तक कर सकती है। बच्चों के बढ़ने के साथ ही कपड़े बेकार हो जाते हैं। छोटे कपड़े दूसरे बच्चों के काम भी आ सकते हैं। न्यू मॉम का बजट बेवजह से सामान खरीदने से गड़बड़ हो सकता है।

न्यू मॉम का बजट हो रहा है तैयार तो बेबी शूज हटा दें

एक बात हमेशा ध्यान रखें कि बेबी पैदा होने के बाद तुरंत नहीं चलता है। ऐसे में नवजात शिशु के लिए किसी भी प्रकार के शूज या अन्य फुटवियर लेने की गलती न करें। बच्चा जब चलने लगे जब बच्चों के लिए फुटवियर लेना उचित होता है। बच्चे के लिए मोजे लिए जा सकते हैं लेकिन फुटवियर लेने से न्यू मॉम का बजट बिगड़ सकता है। न्यू मॉम का बजट जरूरी सामान के लिए होना चाहिए न कि गैर जरूरी सामान के लिए।

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जरूरी सामान की लिस्ट बनाएं

प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलिवरी के बाद बहुत से ऐसे सामान होते हैं, जिनकी लिस्टिंग करना जरूरी होता है। अगर लिस्ट करने के बाद ऑनलाइन शॉपिंग की जाए तो न्यू मॉम का बजट गड़बड़ नहीं है। ऑनलाइन शॉपिंग करने से कई प्रोडक्ट में छूट मिलती है और बचत भी होती है। बच्चे के लिए जरूरी सामान की लिस्ट को तैयार करने के बाद ऑनलाइन बुक करें। कुछ ऑनलाइन कंपनियां एक साथ प्रोडक्ट बुक करने पर अच्छी छूट देती हैं। न्यू मॉम का बजट छोटी-छोटी बातों पर निर्भर करता है।

घर पर बनाएं बच्चे का खाना

बच्चे के लिए अगर आप घर में ही खाना बनाए तो बेहतर होगा। कुछ माओं को लगता है कि बेबी फूड में अधिक पोषण होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। घर में बनाया गया ताजा खाना बच्चे के लिए ज्यादा अच्छा होता है। अगर आपने बेबी फूड को खरीदा होगा तो आपको जानकारी होगी कि बेबी फूड महंगा पड़ता है। न्यू मॉम का बजट अगर सही रखना है तो बेबी फूड को बाजार से खरीदने के बजाय घर में ही बनाएं।

कई बार सफर के दौरान बेबी फूड की जरूरत महसूस हो सकती है, क्योंकि घर का बना खाना ज्याजदा दिनों तक यूज नहीं किया जा सकता है। अगर आपको कहीं भी बाहर जाना है तो बच्चे के लिए बेबी फूड का यूज किया जा सकता है। अगर घर में ही हैं तो बाहर के फूड को इग्नोर करना बेस्ट ऑप्शन है। घर का खाना जल्दी पचने के साथ ही बच्चे की हेल्थ के लिए भी अच्छा होता है।

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खरीदें या हायर करें

बच्चे बड़े हो जाते हैं लेकिन उनकी कुछ चीजें एक समय के बाद काम नहीं आती हैं। बच्चों के कार कैप्सूल बाउंसर और हाई चेअर एक समय बाद काम नहीं आते हैं और घर के एक कोने में पड़े रहते हैं। अगर आपको भी अपने बच्चे के लिए ये सब लेना है तो बेहतर रहेगा कि खरीदने के बजाय आप ये किसी से ले, जिनके लिए अब इसका कोई काम नहीं है। ऐसा करने से न्यू मॉम का बजट सही रहेगा। ये बजट को सही रखने का बेहतर उपाय हो सकता है।

क्या मदद के लिए कोई और भी है ?

बच्चा पैदा होने के बाद मां की कुछ दिनों के लिए ऐसी हालत बिल्कुल नहीं रहती है कि वो काम कर सके। पहले के समय में तो घर की औरतें ही करीब एक से दो माह तक होने वाली मां की काम में मदद करती थी। आज का समय बदल गया है। भले ही आजकल बाहरी सर्विस आराम से मिल जाती हो, लेकिन घर के सदस्यों की मदद की बात ही दूसरी होती है। अगर न्यू मॉम का बजट का बजट सही रखना है तो घर में मेड रखने से अच्छा है कि अन्य सदस्यों का सहारा लिया जाए। अगर मॉम वर्किंग नहीं है तो काम आसानी से चल सकता है। डिलिवरी के करीब दो से तीन महीने तक मां को शारीरिक समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है और बच्चों के संभालने के साथ ही दूसरा काम भी आसानी से कर सकती है।

अगर कुछ समय तक मदर इन लॉ और सिस्टर इन लॉ होने वाली मां की काम में मदद कर दें तो न्यू मॉम का बजट का बिगड़ेगा नहीं। भेल ही आप मेड से काम करवा लें, लेकिन घरवालों जितना भरोसा कायम करना मुश्किल होता है। ये बात सच है कि आजकल ज्वाइंट फैमिली की कमी हो गई है। अगर आप ज्वाइंट फैमिलि में रहती हैं तो घर के सदस्यों की मदद जरूर लें। ऐसा करने से न्यू मॉम का बजट बिगड़ेगा नहीं।

फ्रेंड्स और फैमिली की लें मदद

फैमिली में अगर एक या दो साल पहले किसी का बच्चा पैदा हुआ है तो आप उससे बात करके कुछ कम रुपए में बच्चों का सामान ले सकते हैं। ऐसा करने से परिवार के सदस्य को भी गैर जरूरी सामान से छुटकारा मिलेगा और आपको भी कम कीमत में सामान मिल जाएगा। दूसरे बच्चे के कपड़े को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह से धुल लें। कुछ समय तक पुराने कपड़े यूज करने के बाद नए कपड़े लिए जा सकते हैं।

मां बनने के बाद बच्चे के लिए जरूरी सामान खरीदना तो जरूरी होता है, लेकिन प्लानिंग के आधार पर कुछ बचत भी की जा सकती है। प्लानिंग करने से न्यू मॉम का बजट कभी बिगड़ता नहीं है।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 01/05/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड