Breast changes after Breastfeeding: ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव के कारण और क्या है इससे बचने के उपाय?

    Breast changes after Breastfeeding: ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव के कारण और क्या है इससे बचने के उपाय?

    प्रेग्नेंसी के दौरान और प्रेग्नेंसी के बाद शरीर में कई तरह से बदलाव देखे जाते हैं या महसूस किये जाते हैं। शरीर में होने वाले कई तरह के बदलाव में एक बदलाव महिला के स्तन से भी जुड़ी हुई है। ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव (Breast changes after Breastfeeding) के कई कारण हो सकते हैं और इस आर्टिकल में इससे जुड़ी जानकारी शेयर करेंगे।

    • ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव के कारण क्या हो सकते हैं?
    • ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में होने वाले बदलाव क्या हो सकते हैं?
    • क्या ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट प्रेग्नेंसी के पहले की शेप में वापस आ सकते हैं?
    • ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में आये बदलाव को कैसे दूर किया जा सकता है?

    चलिए अब ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव (Breast changes after Breastfeeding) से जुड़े इन सवालों का जवाब जानते हैं।

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    ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव के कारण क्या हो सकते हैं? (Cause of Breast changes after Breastfeeding)

    ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव (Breast changes after Breastfeeding)

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव आना या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ब्रेस्ट में बदलाव के कारण एस्ट्रोजेन (Estrogen), प्रोजेस्टेरॉन (Progesterone) और प्रोलैक्टिन (Prolactin) लेवल में होने वाले बदलाव और ब्लड फ्लो (Blood flow) बढ़ने के कारण होता है। इन हॉर्मोन लेवल में हुए बदलाव के कारण ब्रेस्ट के कप साइज (Cup size) में बदलाव होने के साथ-साथ ब्रेस्ट के वेन (Breasts veins) भी आसानी से नोटिस किये जा सकते हैं। रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार ब्रेस्ट टिशू को सपोर्ट देने वाले लिगामेंट्स (Ligaments) ढ़ीले पड़ने लगते हैं। ऐसी स्थिति में ब्रेस्ट पर स्ट्रेच मार्क्स भी देखे जा सकते हैं। दरअसल ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट के मिल्क डक्ट में मिल्क नहीं होने के कारण और इलास्टिसिटी की कमी की वजह से ब्रेस्ट के शेप में बदलाव देखे जाते हैं। चलिए अब जानते हैं ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में किस-किस तरह के बदलाव को देखा जा सकता है।

    ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में होने वाले बदलाव (Breast changes after Breastfeeding) क्या हो सकते हैं?

    यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेस (U.S. Department of Health and Human Services) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव आना सामान्य है। इसलिए स्तनपान के बाद स्तन में बदलाव देखे जा सकते हैं, जो इस प्रकार हैं-

    • निप्पल का नीचे की ओर झुक (Inverted nipples) जाना।
    • निप्पल पर गड्ढे या स्किन ऊपर नीचे नजर (Bumpy skin) आना।
    • ब्रेस्ट पर स्ट्रेच मार्क्स (Stretch marks) आना।
    • ब्रेस्ट को टच करने पर गर्म (Warm) महसूस होना।
    • स्तन में खुजली (Itching) होना।
    • निप्पल का रंग (Nipple color) सामान्य से अलग दिखना।

    इस तरह के बदलाव ब्रेस्ट पर देखे या महसूस किये जा सकते हैं। हालांकि अब ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या ब्रेस्टफीडिंग के कारण ब्रेस्ट में बदलाव ठीक हो सकते हैं या नहीं।

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    क्या ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट प्रेग्नेंसी के पहले की शेप में वापस आ सकते हैं?

    स्तनपान के कारण स्तन में बदलाव पूरी तरह से दूर नहीं हो सकते हैं और यह कई बातों पर निर्भर भी होता है। जैसे:

    • महिला की उम्र (Age)।
    • जेनेटिक्स (Genetics)।
    • प्रेग्नेंसी के बाद शरीर का वजन बढ़ना (Weight gain) या वजन कम (Loss) होना।
    • कई बार गर्भधारण (Pregnancies) होना।
    • प्रेग्नेंसी से पहले ब्रेस्ट की साइज (breast size)।
    • स्मोकिंग (Smoker) करना।

    ये सभी स्थिति ब्रेस्ट को फिर से अपने सही या पहले आकार में आने पर निर्भर करती है, लेकिन एक्सरसाइज और कुछ अन्य उपायों से इसे दूर करने की कोशिश की जा सकती है।

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    ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में आये बदलाव को कैसे दूर किया जा सकता है? (Tips for Breast care after Breastfeeding)

    फिलाडेल्फिया के पेन मेडिसिन (Penn Medicine, Philadelphia) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार ब्रेस्टफीडिंग के कारण ब्रेस्ट में बदलाव (Breast changes after Breastfeeding) को ठीक करने के लिए निम्नलिखित टिप्स फॉलो किये जा सकते हैं। जैसे:

    • सही ब्रा का करें चुनाव (Perfect Bra)- ब्रेस्टफीडिंग के दौरान नर्सिंग ब्रा का इस्तेमाल करें, लेकिन जब आपका शिशु ब्रेस्टफीडिंग स्टेज से आगे बढ़ जाए और उसे मां के दूध का सेवन नहीं करवाया जाए तो सही साइज के ब्रा (Bra) का चयन करें। ध्यान रखें कि अत्यधिक टाइट या जरूरत से ज्यादा लूज ब्रा का इस्तेमाल ना करें।
    • ब्रेस्ट की मसाज (Breast massage)- ब्रेस्फीडिंग के बाद ब्रेस्ट की मसाज करें। मसाज की वजह से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने के साथ-साथ ब्रेस्ट टिशू को भी बेहतर होने में मदद मिलती है। इसलिए ऑलिव ऑयल (Olive oil) या बादाम के तेल (Almond oil) से मालिश करने से विशेष लाभ मिल सकता है। मालिश से ब्रेस्ट के शेप को बेहत बनाने के साथ ही ब्रेस्ट मसल्स भी स्ट्रॉन्ग बनते हैं।
    • नैचुरल ब्रेस्ट क्रीम (Natural Breast Cream)- बाजार में कई ऐसे नैचुरल ब्रेस्ट क्रीम आसानी से मिल सकते हैं, जिनका इस्तेमाल ब्रेस्ट के लिए किया जा सकता है। इन ब्रेस्ट क्रीम (Breast cream) के पैकेट पर इस्तेमाल करने की विधि भी दी गई होती है और यह बिना प्रिस्क्रिप्शन की भी खरीदी जा सकती है, लेकिन बेहतर होगा कि इन क्रीम के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
    • एक्सरसाइज करें (Workout)- स्तन के आकार को बेहतर बनाने के लिए एक्सरसाइज भी अच्छा विकल्प है। ब्रेस्ट में बोन नहीं होती है और सिर्फ मसल्स होने की वजह से एक्सरसाइज करने से स्तन की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। इसलिए डंबल स्क्वीज (Dumbbell Squeeze), डंबल चेस्ट प्रेस (Dumbbell Chest Press), पुश-अप (Push-Up), कोबरा पोज (Cobra pose) एवं ट्राइसेप डिप्स के साथ स्ट्रेट लेग्स (Tricep dips with straight legs) करने से लाभ मिल सकता है।
    • हेल्दी डायट (Healthy diet)- एक्सरसाइज, मालिश या सही ब्रा साइज के साथ-साथ स्तन के आकार को ठीक बनाने के लिए हेल्दी डायट फॉलो करना अत्यधिक जरूरी है। इसलिए डायट में विटामिन बी (Vitamin B) एवं विटामिन ई (Vitamin E) से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन अवश्य करना चाहिए।

    इन अलग-अलग उपायों एवं टिप्स को फॉलो करने से स्तन में आये बदलाव को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

    नोट: ब्रेस्ट के साइज को बेहतर बनाने के लिए सर्जिकल ऑप्शन (Surgical option) का भी सहारा लिया जा सकता है। बढ़ती मेडिकल टेक्नोलॉजी की मदद से ब्रेस्ट शेप को ठीक करवाने से पहले डॉक्टर से इस बारे में पूरी जानकारी एवं प्रक्रिया को समझें। इस दौरान डॉक्टर से ब्रेस्ट सर्जरी के कारण होने वाली परेशानियों के बारे में भी जरूर पूछें। क्योंकि कॉम्प्लिकेशन को समझते हुए सर्जरी करवाना जरूरी है।

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    ब्रेस्ट में आने वाले बदलाव की वजह से ब्रेस्फीडिंग से पीछे ना हटें, क्योंकि ब्रेस्टफीडिंग से ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है और शिशु को संपूर्ण पोषण भी मिलता है।

    इस आर्टिकल में हमनें आपके साथ ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव (Breast changes after Breastfeeding) की जानकारी शेयर की है। अगर आप ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रेस्ट में बदलाव (Breast changes after Breastfeeding) से जुड़े किसी तरह के सवालों का जवाब जानना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

    प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला अपना ख्याल तो रखती हैं, लेकिन प्रेग्नेंसी के बाद भी गर्भवती महिला को अपने विशेष ख्याल रखना चाहिए। इसलिए नीचे दिए इस वीडियो लिंक पर क्लिक करें और एक्पर्ट से जानें न्यू मदर के लिए खास टिप्स यहां।

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    लेखक की तस्वीर badge
    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 31/03/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड