Antibiotic Resistance: एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस क्या है?

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Update Date जून 11, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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परिचय

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस क्या है?

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के पहले जानते हैं कि एंटीबायोटिक क्या होती हैं?

एंटीबायोटिक- एंटीबायोटिक बैक्टीरिया के खिलाफ सक्रिय रोगाणुरोधी पदार्थ का एक प्रकार है। यह जीवाणु संक्रमण से लड़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रकार का जीवाणुरोधी एजेंट है, और इस तरह के संक्रमण के उपचार और रोकथाम में एंटीबायोटिक दवाओं का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। एंटीबायोटिक या तो बैक्टीरिया को मार सकते हैं या इनकी वृद्धि को रोक सकते हैं।

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस उस स्थिति को कहते हैं जब बैक्टीरिया उन दवाइयों के प्रति अनुकूलित हो जाते हैं जो उन्हें मारने के लिए बनाई गई हैं। इसका मतलब है कि बैक्टीरिया मरते नहीं है और लगातार बढ़ते जाते हैं। एंटीबॉयोटिक रेजिस्टेंस बैक्टीरिया के कारण होने वाले इंफेक्शन का इलाज करना कभी-कभी काफी मुश्किल हो जाता है और कई बार इसका इलाज करना असंभव होने लगता है। ज्यादातर मामलों में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के मरीज को मेडिकल सुविधाओं का सहारा लेना पड़ता है। लंबे समय तक हॉस्पिटल में एडमिट रहने के साथ ही मौत का भी सामना करना पड़ सकता है।

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का यह मतलब नहीं है कि बॉडी एंटीबायोटिक के खिलाफ रेजिस्टेंट हो गई है बल्कि बैक्टीरिया उन ड्रग्स के प्रति रेजिस्टेंट हो गए हैं जो उन्हें मारने के लिए बनाई गई थी।
दुनियाभर में एंटीबायोटिक्स का उपयोग और प्रिस्क्रिप्शन को चेंज करने की जरूरत है। अगर नई मेडिसिन डेवलप होती हैं तो विहेवियर चेंज के बिना एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस वैसा ही बना रहेगा। विहेवियर चेंज इंफेक्शन को रोकने के लिए टीकाकरण, हाथ धोना, सेफ सेक्स और अच्छी फूड हाइजीन को शामिल करना चाहिए।

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की तरह ही एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस भी होता है। इसमें माइक्रोऑगेर्निज्म जैसे कि बैक्टीरिया, पैरासाइट, वायरस और फंगी एंटीमाइक्रोबियल ड्रग (एंटीबायोटिक, एंटीफंगल, एंटीवायरल्स, एंटीमलेरियाज और एंथेलमिनटिक्स) के संपर्क में आने पर चेंज हो जाते हैं। ये एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस डेवलप कर लेते हैं। इन्हें ‘सुपरबग्स’ कहा जाता है। इसका परिणाम यह होता है कि दवाइयां इंफेक्शन पर असर नहीं करती। जिससे दूसरों को भी इंफेक्शन फैलने का खतरा बड़ जाता है।

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लक्षण

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के लक्षण क्या हैं?

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस किसी भी इंसान को किसी भी स्टेज पर प्रभावित कर सकता है।एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बैक्टीरिया से होने वाला इंफेक्शन आपकी पूरी बॉडी को अफेक्ट कर सकता है। ये बहुत सारे लक्षणों का कारण बन सकते हैं, लेकिन सिर्फ कुछ लक्षणों को देखकर यह नहीं कहा जा सकता है कि यह इंफेक्शन एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बैक्टीरिया के कारण हुआ है। इसका सबसे सामान्य लक्षण मरीज पर दवा का असर नहीं होना है। साथ ही ट्रीटमेंट में स्टेंडर्ड एंटीबायोटिक्स का उपयोग करने पर भी मरीज का ठीक न होना भी इसका लक्षण है।

और पढ़ें: क्या एंटीबायोटिक्स का फर्टिलिटी पर असर होता है?

कारण

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का कारण है?

हर साल अमेरिका में लगभग 30 लाख लोग एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बैक्टीरिया या फंगी से इंफेक्ट होते हैं और 35000 से ज्यादा लोग मरते हैं। कोई भी रेजिस्टेंस इंफेक्शन के रिस्क को अवॉइड नहीं कर सकता, लेकिन जो लोग क्रोनिक इलनेस का शिकार होते हैं उनको रिस्क ज्यादा होता है। अगर एंटीबायोटिक्स दवाएं अपनी इफेक्टिवनेस खो देती हैं तो इंफेक्शन का इलाज मुश्किल हो जाएगा। एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस तब होता है जब बैक्टीरिया का इलाज एंटीबायोटिक के द्वारा किया जाता है। इसमें दवाइयां ज्यादातर जर्म को मार देती है, लेकिन कीटाणुओं का छोटा ग्रुप सरवाइव कर सकता है। ऐसा निम्न कारणों से हो सकता है।

  • दवा के इफेक्ट के खिलाफ जीवित रहने की क्षमता विकसित कर लेना
  • दवा को कोशिका से बाहर करने की क्षमता विकसित कर लेना
  • म्यूटेशन को बदल लेना जिससे मेडिसिन काम नहीं कर पाती।

जब बैक्टीरिया रेजिस्टेंस हो जाते हैं तो ओरिजनल एंटीबायोटिक्स उन्हें मार नहीं पाती। ये जर्म ग्रो होते हैं और फैलते हैं। कई बार ये दूसरे बैक्टीरिया से मिलकर उनमें भी रेजिस्टेंस फैला देते हैं।

अन्य कारण

कभी भी या हमेशा एंटीबायोटिक का यूज करना एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का कारण बन सकता है। ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस में वृद्धि एंटीबायोटिक के संपर्क में आने वाले कीटाणुओं और उन कीटाणुओं के रेजिस्टेंस मेकेनिज्म के प्रसार से होती है। हालांकि, बहुत अधिक एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक रूप से और दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे इन महत्वपूर्ण दवाओं की उपयोगिता को खतरा है।

कई बार लोग एंटीबायोटिक्स का उपयोग करते हैं जब उन्हें इनकी जरूरत नहीं होती। उदाहरण के लिए एंटीबायोटिक्स वायरस पर काम नहीं करती। बैक्टीरिया की तरह, वायरस रोगाणु होते हैं जो आपके शरीर पर आक्रमण कर सकते हैं और संक्रमण का कारण बन सकते हैं। जुकाम या फ्लू एक प्रकार का वायरस है। इन मामलों में एंटीबायोटिक लेने से बीमारी का इलाज नहीं होता है। यह वास्तव में एंटीबायोटिक प्रतिरोध के लिए जोखिम उठा सकता है।

आपकी डोज में लिखी गई सभी एंटीबायोटिक न लेने से भी रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है। यदि आप इसे बहुत जल्दी लेना बंद कर देते हैं, तो आप सभी जीवाणुओं को नहीं मार सकते। शेष रोगाणु प्रतिरोधी हो सकते हैं।

और पढ़ें: एंटीबायोटिक अवेयरनेस है जरूरी

निदान

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस इंफेक्शन के बारे में पता कैसे लगाएं?

इसका पता लगाने के लिए आपका हेल्थकेयर प्रोवाइडर आपके इंफेक्टेड टिशू का सेंपल ले सकता है और उसे लेब में भेज सकता है। इसके बाद इंफेक्शन के प्रकार के बारे में पता लगाया जा सकता है। टेस्ट में यह भी पता चल सकता है कि कौन से एंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया को मारेंगी। आपको एंटीबायोटिक रेजिस्टेंट इंफेक्शन हो सकता है अगर आप स्टेंटर्ड एंटीबायोटिक्स के ट्रीटमेंट के बाद भी ठीक नहीं होते हैं।

रोकथाम और नियंत्रण

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस को कैसे रोका जा सकता है?

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंट एंटीबायोटिक्स का मिसयूज और ओवरडोज लेने से बढ़ता है। इसके साथ ही अगर इसकी रोकथाम और नियंत्रण ठीक से न किया जाए तो इसकी संभावना और बढ़ जाती है। इसकी रोकथाम के लिए हर स्तर पर कदम उठाने होंगे।

आम आदमी –एक आम इंसान इस बैक्टीरियल रेजिस्टेंस को रोकने के निम्न बातों को फॉलो कर सकता है।

  • प्रमाणित स्वास्थ्य पेशेवर द्वारा निर्धारित किए जाने पर ही एंटीबायोटिक्स का उपयोग करें।
  • कभी भी एंटीबायोटिक्स की मांग न करें यदि आपका स्वास्थ्य कार्यकर्ता कहता है कि आपको उनकी आवश्यकता नहीं है।
  • एंटीबायोटिक्स का उपयोग करते समय हमेशा अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर की सलाह का पालन करें।
  • बचे हुए एंटीबायोटिक्स को कभी भी शेयर या उपयोग न करें।
  • संक्रमण को रोकने के लिए नियमित रूप से हाथ धोना, स्वच्छता के साथ भोजन तैयार करना, बीमार लोगों के साथ निकट संपर्क से बचना, सुरक्षित यौन संबंध बनाना और टीकाकरण को बनाए रखने का प्रयास करें।
  • WHO द्वारा निर्धारित सेफ फूड के लिए बताई गईं 5 बातों का ध्यान रखें। (सफाई रखें, कच्चा और पका हुआ खाना अलग रखें, खाने को अच्छी तरह पकाएं, सुरक्षित तापमान पर भोजन रखें, सुरक्षित पानी और रॉ मटेरियल्स का उपयोग करें) और एंटीबायोटिक दवाओं के उपयोग के बिना उत्पादित खाद्य पदार्थों का चयन करें।
  • डॉक्टर के द्वारा लिखे गए एंटीबायोटिक का पूरा डोज लें।

हेल्थ केयर प्रोफेशनल – एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के प्रसार को रोकने और नियंत्रित करने के लिए, स्वास्थ्य पेशेवर निम्न काम कर सकते हैं:

  • अपने हाथों, उपकरणों और पर्यावरण को साफ करके संक्रमण को रोकें।
  • वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक होने पर ही एंटीबायोटिक्स निर्धारित और वितरित करें।
  • निगरानी करने वाली टीमों को एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंस संक्रमण की रिपोर्ट करें।
  • अपने रोगियों से बात करें कि एंटीबायोटिक दवाओं को सही तरीके से कैसे लें,
  • एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस और इसके दुरुपयोग के खतरे के बारे में उनको बताएं।
  • संक्रमण को रोकने के बारे में अपने रोगियों से बात करें (उदाहरण के लिए, टीकाकरण, हाथ धोना, सुरक्षित यौन संबंध, और छींक आने पर नाक और मुंह ढंकना आदि जरूरी बातों को उन्हें समझाएं)।

कृषि क्षेत्र- एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस को रोकने और नियंत्रित करने के लिए, कृषि क्षेत्र कर निम्न बातों को फॉलो कर सकता है:

  • केवल पशुचिकित्सा पर्यवेक्षण के तहत जानवरों को एंटीबायोटिक्स दें।
  • पशुओं के विकास के लिए या स्वस्थ जानवरों में बीमारियों को रोकने के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग न करें।
  • उपलब्ध एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता को कम करने और उपलब्ध होने पर एंटीबायोटिक दवाओं के विकल्प का उपयोग करने के लिए पशुओं का टीकाकरण करें। खेतों में जैव विविधता में सुधार और बेहतर स्वच्छता और पशु कल्याण के माध्यम से संक्रमण को रोकना।

उपचार

एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का उपचार कैसे किया जाता है?

इसका ट्रीटमेंट व्यक्ति के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। आपका डॉक्टर आपको दूसरी एंटीबायोटिक दे सकता है जो इंफेक्शन से लड़ सके, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं और इससे साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं साथ ही रेजिस्टेंट की संभावना भी बढ़ सकती है, लेकिन कुछ मामलों में आपको डॉक्टर के पास कोई ऑप्शन नहीं बचता।

हमें उम्मीद है कि अब आप एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस के बारे में समझ गए होंगे। इससे बचने के लिए आपको यहां बताई गई बातों को फॉलो करना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।  हैलो हेल्थ ग्रुप किसी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान और उपचार प्रदान नहीं करता।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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