जिम में जर्म्स भी होते हैं, संक्रमण से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान 

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Update Date मई 6, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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अनुशासन के साथ यदि आप जिम करेंगे तो जिम में जर्म्स से बचाव कर पाएंगे। यदि नहीं तो आपका बीमार होना तय है। यह हकीकत है कि जिम में जर्म्स होते हैं, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं कि आप जिम करना ही बंद कर दें और अच्छे वर्कआउट का फायदा न उठा पाएं। जिम में जर्म्स से बचाव के लिए समय समय हाथ धोने जैसी अच्छी आदतों को अपनाने के साथ बदन ढक कर, जूते पहन, इक्वीप्मेंट्स को इस्तेमाल करने के पूर्व साफ करने के साथ यदि आप घर से ही अपना टॉवेल और मैट लेकर जाएं तो कीटाणुओं से रक्षा कर सकते हैं।
कई मामलों में जिम में जर्म्स से बचना काफी मुश्किल हो जाता है। क्योंकि जिम में जाने मात्र से ही यह संभव है कि आप जर्म्स के संपर्क में आए। एक सर्वे की मुताबिक जिम में जाने से हजार से भी ज्यादा जर्म्स के संपर्क में व्यक्ति आता है। यह बाते आई सामने :
– जिम जाने वाले आधे से ज्यादा लोग टॉयलेट करने के बाद बिना हाथ धोए ही इक्वीप्मेंट का इस्तेमाल करते हैं।
– 35 फीसदी पुरुषों ने इस बात को स्वीकारा कि वेट लिफ्टिंग मशीन का इस्तेमाल करने के बाद पसीने को टॉवेल से नहीं पोछते, वहीं 25 फीसदी महिलाओं ने स्वीकारा कि कार्डियो इक्वीप्मेंट का इस्तेमाल करने के बाद कभी साफ नहीं करती हैं।
– दिन के समय जिम जाने वालों में 38.4 फीसदी  लोग जहां इक्वीप्मेंट को नीचे नहीं रखते हैं, वहीं रात के समय में करीब 21.2 फीसदी लोग हैं जो ऐसा करते हैं।

जिम में जर्म्स से ऐसे करें बचाव

– हाथ को मुंह पर ले जानें से बचें
– जिम इक्वीप्मेंट्स का इस्तेमाल करने के पहले और बाद में साफ करें या सैनेटाइज करें
 – बार-बार हाथों को धोते रहें
– अकेले वर्कआउट करने की आदत बनाएं
– कोई घाव हो तो उसे अच्छे से कवर कर लें, ताकि इंफेक्शन से बच सकें
– अपना टॉवेल लेकर जाए, किसी से शेयर न करें
– जूता पहनने से बचे, ताकि पैर में नमी के कारण इंफेक्शन न हो
– अपना पर्सनल मैट कैरी करें, दूसरे का इस्तेमाल करने से बचें
– खुद सुरक्षित रहें, खुद इक्वीप्मेंट साफ करें

25 प्रकार के पाए गए बैक्टीरिया

साल 2014 में छपे शोध में यह पता चला कि जिम में हर जगह जर्म्स होते हैं। यह शोध चार जिम में किया गया था। नतीजे चौंकाने वाले थे। जिम के एक्सरसाइज इक्वीप्मेंट्स के साथ ट्रेडमील, फ्री वेट, वेट मशीन, स्टेशनरी बाइक सहित अन्य में कुल 25 प्रकार के बैक्टीरिया पाए गए।

जिम में जर्म्स से इन बीमारी का खतरा

– स्टैफ (staph)
– एथलीट फूट
– रिंगवार्म
– कोल्ड एंड फ्लू
– प्लेंटर वार्ट्स
– इमपेटिगो  (Impetigo)
– हर्पिस
– हॉट टब रैश

जिम के हैं काफी हेल्थ बेनीफिट्स

द यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर न्यू ओरलींस के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. नीरव पटेल ने कहा कि यह बात सच है कि जिम जाने वाले व्यक्ति को सेहत की फिक्र होती है वहीं बीमार होने की कोई परवाह नहीं करता है। वहीं जिम की वजह से जहां लोगों में हेल्थ बेनीफिट काफी ज्यादा रहती है वहीं इंफेक्शन के कारण उनके बीमारी होने की संभावना कम होती है। जरूरी है कि जिम जाने वाले हर एक व्यक्ति को जिम में मौजूद जर्म के बारे में जानकारी होनी चाहिए, तभी बचाव संभव है।

स्टैफ बैक्टीरिया

स्टैफेलोकोकस इंफेक्शन (Staphylococcus infections) और MRSA जिम के इक्वीप्मेंट पर जिंदा रह सकता है। यह जिम में मशीन, डंबल, वेट लिफ्टिंग इक्वीप्मेंट, मैट, टॉवेल, बेच के साथ लॉकर रूम में हो सकते हैं। एक्सपर्ट बताते हैं कि जिम में जर्म्स से यदि आप बचना चाहते हैं तो उस स्थिति में आप खुद ही जिम इक्वीप्मेंट्स को सेनेटाइज करें, इसके लिए एंटीबैक्टीरियल वाइप्स या स्प्रे के अलावा टॉवेल की मदद ले सकते हैं। वहीं टॉवेल को इक्वीप्मेंट के बीच का बैरियर के रूप में इस्तेमाल कर इंफेक्शन से बचा जा सकता है।
एक्सपर्ट बताते हैं कि यदि लोग जिम के इक्वीप्मेंट का इस्तेमाल करने के पहले और बाद में उसे साफ नहीं करते हैं तो उस स्थिति में वैकल्पिक बचाव पर ध्यान देना चाहिए। जैसे, जब आप एक्सरसाइज करते हैं तो यह सुनिश्चित करें कि आपका हर एक घाव ढका हुआ हो, ऐसा करने से स्किन इंफेक्शन का खतरा कम होता है। किसी इक्वीप्मेंट या फिर जमीन को छूने के बाद चेहरे को छूने  से बचना चाहिए। ऐसा करके भी संक्रमण से बचा जा सकता है।

जिम करने के तुरंत बाद नहाए

एक्सपर्ट बताते हैं कि जिम में जर्म्स से मुक्ति पाने के लिए जैसे ही आप जिम कंप्लीट कर लेते हैं तो उसके बाद साबुन से रगड़-रगड़ कर अच्छे से नहाए। ऐसा करने से जो जर्म शरीर पर चिपके होंगे वो आसानी से चले जाएंगे। इतना ही नहीं रोजाना जिम जाने के बाद अपने कपड़े को बदले व उस कपड़े को धोएं, ताकि उसमें मौजूद कीटाणु मर जाए

फंगल इंफेक्शन का रहता है खतरा

जिम में जर्म्स से बचाव के लिए जरूरी है कि एथलीट फूट और जॉक इच जैसी बीमारी से बचें, जो एक प्रकार के फंगस के कारण होती हैं, उन्हें डर्मेटोफाइट्स (dermatophytes) कहा  जाता है। वहीं इसके कारण रिंगवॉर्म यानी दाद-खाज, खुजली की बीमारी हो सकती है। इस प्रकार का इंफेक्शन आपके जिम से सीधे आपके घर तक पहुंच सकता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि जिस फंगस के कारण एथलीट फूट की बीमारी होती है वो मॉश्चर, गीले वातावरण के साथ नमी वाले जगह में आसानी से लंबे समय तक जिंदा रह सकते हैं। ऐसे में इस बीमारी से बचने के लिए जिम से आने के तुरंत बाद कपड़े खोल नहाकर और उन कपड़ों को अच्छे से धोकर इससे बचा जा सकता है। वहीं जिम से आने के बाद जूते को जितना संभव हो जल्दी खोल देना चाहिए।

वैसी जगह जहां रहते हैं ज्यादा जर्म

फ्री वेट, वेट मशीन, एक्सरसाइज बॉल, योगा मैट, जिम बैग, टॉवेल, वाटर बाटल, कार्डियो मशीन, बाइक की सीट, पूल, लॉकर रूम से लेकर शावर में जर्म्स हो सकते हैं। यहां जाने व चीजों को इस्तेमाल करने में सावधानी बरतें।

वायरस से करना होगा बचाव

ह्यूमन पैपीलोमावायरस (एचपीवी) के कारण प्लैंटर वार्ट्स (planter warts) की बीमारी हो सकती है। सामान्य तौर पर यह बीमारी एड़ी में पनपती है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इससे बचाव के लिए जरूरी है कि जिम जैसी जगहों पर जहां पर माश्चर होता है वहां गंदे पांव न चलें। वहीं जिम में जर्म्स से बचाव के लिए वर्कआउट के बाद नहाना चाहिए।
इसके अलावा हर्पिस ग्लेडिएटोरम की बीमारी भी हो सकती है, जिसमें मैट हर्पिस के नाम से जाना जाता है। यह सिंप्लेक्स वायरस टाइप 1 की श्रेणी में आता है। पुराने समय में रेसलर में यह बीमारी ज्यादा देखने को मिलती थी, क्योंकि वो क्लोज कॉन्टेक्ट बनाकर लड़ा करते थे। वहीं मौजूदा समय में वैसे एथलीट जो एक दूसरे को छूकर खेलने वाले स्पोर्ट्स खेलते हैं उनमें यह बीमारी देखने को मिलती है।
जिम में जर्म्स के कारण एयरबोर्न रेसपिरेटरी वायरस के संक्रमण का खतरा रहता है। बता दें कि वैसे लोग जो बीमार हैं उन्हें जिम नहीं जाना चाहिए। क्योंकि उनसे दूसरों में संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। वहीं जिम में यदि आप किसी को छींकते, खांसते देखने तो उस एरिया से दूरी बनाना ही बेहतर होगा। वहीं यदि वहां जाते भी हैं तो इक्वीप्मेंट्स को अच्छे से सैनेटाइज कर इस्तेमाल करना फायदेमंद होगा। ताकि वायरस के संक्रमण से बचा जा सके। यदि संक्रमण युक्त इक्वीपमेंट को छू लें या फर्श छूकर मुंह छू लेता है तो उस स्थिति में संक्रमण का खतरा होता है।
जिम में यदि कोई खांसता या छींकता है तो उसे मुंह पर रूमाल रख छींकने की सलाह देने के साथ सैनेटाइजर इस्तेमाल करने की सलाह दें, या फिर दूसरे रूम से जाकर एक्सरसाइज करने को कहे, वहीं सबसे बेहतर यही होगा कि उसे दो से तीन दिन आराम करने को कहा जाए। कुल मिलाकर कहें तो यदि कोई सावधानी से जिम करता है तो जिम में मौजूद जर्म्स से बचाव कर अच्छे हेल्थ बेनीफिट पा सकता है। इसलिए जरूरी है कि जिम करना न छोड़े, क्योंकि यह स्वस्थ रहने का एक जरिया है। जबकि सबसे जरूरी है कि जिम करते वक्त सावधानी जरूर बरती जाए। ताकि किसी वायरस के संक्रमण से बचा जा सके।
इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए डाक्टरी सलाह लें। हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।
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