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दुनियाभर में कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाव के लिए फार्मासिस्ट ने शेयर किए ये सुझाव

दुनियाभर में कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाव के लिए फार्मासिस्ट ने शेयर किए ये सुझाव

कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में लोगों का बुरा हाल है। इस जानलेवा वायरस को फैलने से रोकने के लिए लोग अपने घरों में लॉकडाउन हैं, ताकि वे इससे प्रभावित न हो सकें। इसके बावजूद भी कोविड-19 के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके नियंत्रण में न होने का एक कारण इसकी वैक्सीन का न होना भी है। इस महामारी के चलते हम सभी के लाइफस्टाइल में काफी बदलाव आया है। सभी घरों में रहकर अपने-अपने दफ्तर का काम कर रहे हैं। सिर्फ जरूरी काम के लिए ही कोई घर से बाहर निकलता है। उन्हीं कामों में से एक है दवा लाना।

कई देशों में इस खतरनाक वायरस का कहर अभी भी जारी है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इसकी वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। फिलहाल इसके इलाज के लिए कोई दवा नहीं है। यहीं कारण है कि इस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। भारत में कोविड-19 पेशेंट्स का आंकड़ा 56 लाख पार कर चुका है। हर दिन हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं। भारत में कोविड-19 के प्रकोप ने फार्मा इंडस्ट्री को प्रभावित किया है। इस लेख में हम अलग-अलग फार्मासिस्ट से बात कर यह जानेंगे कि कोरोना वायरस के कारण फार्मासिस्टों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ा? साथ ही इस आर्टिकल के माध्यम से एक्सपर्ट्स द्वारा शेयर की गई बातों को भी पढ़ें।

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कोरोना वायरस से बचाव के लिए फार्मेसी जाते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

  • यदि आपको दवा लेने जाना है तो घर से निकलने से पहले आप एक बार फार्मेसी को कॉल करें। आप उन्हें उन सभी दवाओं के नाम बता दें जिनकी आपको जरूरत है। यदि उनके पास स्टोर में कोई दवा नहीं होगी तो वे आपकी जरूरी दवाएं मौजूद होने के बाद कॉल कर के बता देंगे। इससे आपको एक ही बार मेडिकल स्टोर जाना होगा।
  • फार्मासिस्ट अजय शर्मा कहते हैं- हम जानते हैं कि आपको एक ही दिन में सारी दवाएं नहीं चाहिए। लेकिन कोरोना वायरस के इस समय में बाहर जाने से जितना बच सकते हैं, बचें। इसलिए बार बार मेडिकल स्टोर पर भागने से अच्छा होगा कि आप एक साथ सभी दवाएं ले आएं। इसके साथ ही आप अपने फैमिली डॉक्टर से पूछकर कुछ एमर्जेंसी दवाओं को लाकर भी रखें। आपका फैमिली डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में अच्छे से जानता है। इसलिए वह आपको दवा से जुड़ी सही सलाह दे पाएंगे।
  • फार्मासिस्ट ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए यह भी सलाह दी है कि अपनी दवाओं को हमेशा स्टॉक करके रखें। कभी भी अपनी दवाओं के खत्म होने का इंतजार न करें। कोशिश करें आप 3 महीने की दवा लेकर रखें। ऐसा इसलिए क्योंकि लॉकडाउन के इस समय में कई दवा आउट ऑफ स्टॉक हो सकती है। बेहतर होगा कि आप अपना इंतजाम पहले से ही कर के रखें।
  • कई मेडिकल स्टोर होम डिलीवरी भी कराते हैं। ऐसे में आप दवा ऑर्डर कर सीधे घर पर ही मंगवा सकते हैं। इसके लिए फार्मेसी आपके प्रिस्क्रिप्शन को देखेगी। आपको अपने डॉक्टर से प्रिस्क्रिप्शन पर दवा के तीन महीने के कोर्स के बारे में लिखवाना होगा। कोई भी फार्मेसी वरना आपको इतनी मात्रा में दवाएं नहीं देगी।
  • यदि आपको हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या सीओपीडी की परेशानी है तो कोरोना वायरस से संक्रमित होना आपके लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसमें जान तक जाने का खतरा हो सकता है। इसलिए किसी भी हाल में आप अपनी दवा मिस न करें। हमेशा अपने पास दवाओं का स्टॉक रखें। छोटी मोटी तकलीफ होने पर डॉक्टर के क्लीनिक न जाएं। कोशिश करें कि आप डॉक्टर से फोन पर ही अपनी परेशानी बताकर सलाह ले लें। इसी तरह कमजोर इम्यून सिस्टम और कैंसर के मरीज भी अपनी दवाओं को समय पर लें और हमेशा दवा को स्टॉक में रखें।
  • यदि आप फार्मेसी में किसी से बात करना चाहते हैं तो भी अपनी परेशानी को फोन पर ही साझा करें। इस समय के लिए स्टोर पर बार-बार साना सुरक्षित नहीं है।

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कोरोना वायरस से बचाव के लिए फार्मेसी : फार्मासिस्टों का लोगों के लिए सुझाव

कोरोना वायरस के खिलाफ इस लड़ाई में फ्रंट लाइन वारियर्स हर दिन अपनी जान हथेली पर रख इसको हराने में जुटे हैं। कई योद्धा तो इस दौरान अपनी जान तक गवां बैठे हैं। कोरोना वायरस के चलते फार्मासिस्टों को क्या क्या बदलाव देखने को मिले इसके बारे में राम मनोहर लोहिया अस्‍पताल में कार्यात फार्मासिस्ट मनोज कुमार ने बताया- जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोविड-19 की फिलहाल कोई वैक्सीन तैयार नहीं की गई है। ऐसे में पूरी दुनिया के लिए इस परिस्थिति का सामना करना मुश्किल हो रखा है। जिन कोविड-19 पेशेंट्स में हल्के लक्षण हैं, उन्हें हम घर पर अकेले रहने की सलाह दे रहे हैं। जिससे इसको आगे फैलने से रोका जा सके।
अस्पताल में उन्हीं लोगों को भर्ती किया जा रहा है, जिनकी हालत गंभीर है। देश में जिस रफ्तार से यह वायर फैल रहा है अस्पतालों में सबको भर्ती करना मुनासिब नहीं है। पेशेंट की हालत और मेडिकल कंडिशन के अनुसार उनका इलाज किया जा रहा है। शुरुआत दौर में इसकी रिपोर्ट के लिए 24 घंटे का इंतजार करना होता है। अभी जैसा कि रैपिड टेस्ट हो रहे हैं तो इससे कोरोना वायरस संक्रमित का पता लगाने में आसानी हो गई है। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि हेल्थ वॉरियर्स अपनी जिंदगी खतरे में डालकर कोरोना वायरस से इस जंग को पूरी तरह समर्पित होकर लड़ रहे हैं। दिन-ब-दिन कोरोना संक्रमित लोगों का रिकवरी रेट बेहतर हो रहा है। हमे उम्मीद है आने वाले समय में यह स्थिति ओर बेहतर होगी।
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नोएडा सेक्टर 76 अपोलो फार्मेसी चलाने वाले फार्मासिस्ट अजय शर्मा बताते हैं- कोरोना महामारी ने देश को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। इस पूरे दौर में हमने लोगों में जो बदलाव देखा वो यह कि लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्क हैं। मेडिकल स्टोर पर लोग मास्क लगाकर आते हैं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं। लोग अपने हाथों की साफ सफाई का ख्याल रखने लगे हैं। कई मेडिकल एक्सपर्ट्स ने विटामिन्स लेने की सलाह दी है जिसे देखते हुए, इस दौरान विटामिन-सी, विटामिन-डी और मल्टीविटामिन की बिक्री काफी बढ़ी है। शुरुआती दौर में जब लोगों में इस वायरस की अधिक जानकारी नहीं थी तो लोग जैसा कहीं सुनते और पढ़ते थे वहीं दवा लेने आ जाते थे और स्टॉक कर लेते थे। इस कारण कई दवा जिन लोगों को जरूरत है, उन्हें नहीं मिल पाती थी। अभी ऐसा नहीं है। सरकार द्वारा जारी की गई जानकारी से लोग कोरोना वायरस को समझ चुके हैं।

फार्मासिस्टों का सुझाव

फार्मासिस्ट अजय कुमार गुप्ता कहते हैं- कोरोना के आने से जो सबसे बड़ा बदलाव मैंने देखा वो ये कि लोग हाइजीन के प्रति जागरूक हो गए हैं। लोग कोरोना से बचाव के लिए सैनिटाइजर और मास्क का इस्तेमाल करने लगे हैं। इसलिए सैनिटाइजर और मास्क की बिक्री में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। डेटॉल, फ्लोर क्लीनर की बिक्री में भी उछाल देखने को मिला है। वहीं दवा की बिक्री में भी बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। हर कोई दवा घर पर स्टॉक में रख रहा है। लोग सर्दी-खांसी बुखार को हल्के में नहीं ले रहे हैं। शुरुआत में कोरोना टेस्टिंग किट की कमी थी। फिलहाल ऐसा नहीं है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए लोग मल्टीविटामिन का सेवन कर रहे हैं। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के मल्टीविटामिन का सेवन कुछ लोगों के लिए खतरनाक भी हो सकता है। इसलिए डॉक्टर से कंसल्ट के बाद ही दवाओं का सेवन करें। लोग जो सुन रहे और पढ़ रहे उसे ही आंख बंद करके फॉलो कर रहे। ऐसा जरूरी नहीं है जो दवा किसी ओर के लिए फायदेमंद साबित हुई आपके लिए भी हो। इसलिए किसी भी दवा या हर्बल का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक से बात करें। भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
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फार्मसिस्ट अजय तोमर कहते हैं कि यदि कभी आपको किसी इमरजेंसी के चलते मेडिकल स्टोर जाने की जरूरत भी पड़ती है तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें।

  • कोरोना वायरस से बचाव के लिए फार्मेसी को आप ना नहीं कह सकते हैं। फार्मेसी का सहारा तो आपको लेना ही पड़ेगा। फार्मेसी पर कई दूसरे लोग भी मौजूद होंगे। ऐसे में आप लोगों से एक मीटर की दूरी बनाकर रखें। इसके अलावा फार्मेसी के स्टाफ से भी दूरी बनाकर रखें।
  • कोरोना वायरस से बचाव के लिए फार्मेसी जाने के लिए घर से निकलते वक्त मास्क लगाना न भूलें। भले ही आप गाड़ी से क्यों न जा रहे हो। मास्क लगाए बिना घर से बाहर कदम न रखें।
  • किसी भी चीज को लेने के बाद हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें, जैसे कि पैसे, एटीएम कार्ड या दवाओं के पैकेट को लेने के बाद हाथों को सैनिटाइज करना न भूलें।
  • हमारी आदत होती है स्टोर पर जाकर हम वहां रखी दूसरी चीजों को भी देखने लगते हैं। अभी पहले जैसे हालात नहीं है। ऐसे समय में जिन चीजों को आप लेने नहीं आए हैं व डिस्पले पर जो चीजे रखी हैं उन्हें टच करने से बचें।
  • मेडिकल स्टोर पर किसी दरवाजे, हैंडल, खिड़की आदि को टच करने से बचें। किसी भी चीज को टच करना भी पड़े तो टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें। टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद उसे डस्टबीन में डाल दें।
  • कोशिश करें कि आपको नकदी का लेन देन करने की जरूरत न पड़े। आप अपने फोन से ऑनलाइन पैसे ट्रांस्फर कर सकते हैं। क्योंकि कई रिपोर्ट्स के अनुसार, नोट पर कोरोना वायरस एक्टिव हो सकता है। दिनभर नोट बहुत सारे हाथों से गुजरता है। इसलिए कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए कैशलेस पेमेंट करना बेहतर ऑप्शन है।
  • जितना समय आप घर से बाहर हैं तब तकहाथों से चेहरे को टच करना एवॉइड करें घर वापस पहुंचकर सबसे पहले अपने हाथों को पानी और साबुन से अच्छे से साफ करें।

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कुछ जगाहों में फार्मेसी ऐसी जगह है जहां से आपको कोरोना वायरस होने की संभावना अधिक होती है। क्योंकि वहा पर कई मरीज दवा लेने आते हैं। इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हो सकते हैं जो कोरोना वायरस से संक्रमित हो। इसलिए कोरोना वायरस से बचाव के लिए फार्मेसी जाते वक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। हमने इस लेख में एक्सपर्ट्स के टिप्स दिए हैं कि मेडिकल स्टोर जाते वक्त किन बातो का ध्यान रखने की जरूरत है। यदि आप इससे जुड़ी अन्य कोई जानकारी पाना चाहते हैं तो आप अपना सवाल कमेंट कर पूछ सकते हैं। कोरोना वायरस से बचाव के लिए फार्मेसी जाते वक्त अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो आप डॉक्टर से जरूर जानकारी लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Mona narang द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/09/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड