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चेहरे के जरिए हो सकता है इंफेक्शन, कोरोना से बचने के लिए चेहरा न छूना

चेहरे के जरिए हो सकता है इंफेक्शन, कोरोना से बचने के लिए चेहरा न छूना

कोरोना वायरस की बीमारी कोविड- 19 का इंफेक्शन इस वायरस के संपर्क में आने से फैलता है। जब संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकलने वाली रेस्पिरेटरी ड्रॉप्लेट्स दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर देती हैं, तो उस स्वस्थ व्यक्ति को भी संक्रमण हो जाता है। SARS-CoV-2 फैलने का दूसरा तरीका है कि, जब वायरस किसी स्वस्थ व्यक्ति के हाथों के संपर्क में आता है और वह व्यक्ति अपने संक्रमित हाथों से जब मुंह, नाक या आंख को छूता है, तो उसके शरीर में नोवेल कोरोना वायरस पहुंच जाता है। लेकिन, आप मुंह को न छूकर इस बीमारी से संक्रमित होने से बच सकते हैं। तो आइए, जानते हैं कि एक सामान्य व्यक्ति एक घंटे में कितनी बार अपने हाथों से चेहरे को छूता है और चेहरा न छूना क्यों जरूरी है।

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चेहरा न छूना क्यों जरूरी है?

दरअसल, जब भी हम अपने हाथों से चेहरे, मुंह, नाक और आंखों को छूते हैं तो हर बार कई सारे बैक्टीरिया और वायरस को अपने हाथों से चेहरे तक पहुंचाते हैं। किसी बैक्टीरिया, वायरस या कोरोना वायरस का दूसरी संक्रमित जगहों से आपके चेहरे, मुंह, नाक या आंख तक पहुंचने का सबसे मुख्य जरिया आपके हाथ होते हैं। इन बैक्टीरिया, वायरस और कोरोना वायरस के संपर्क में आने से ही आप फ्लू, कोविड- 19 आदि जैसी संक्रामक बीमारी से ग्रसित होते हैं। इसलिए ही वर्तमान कोरोना वायरस के संकट में हाथों को बार-बार धोने, पर्सनल हाइजीन और सोशल डिस्टेंसिंग रखने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन, इन सभी के साथ आप अपने चेहरा न छूना का तरीका अपनाकर कोविड- 19 इंफेक्शन का खतरा और भी कम कर सकते हैं।

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चेहरा न छूना : हम एक घंटे में कितनी बार अपने चेहरे को छूते हैं?

2008 में हुई एक स्टडी में 10 प्रतिभागियों का 3 घंटे तक एक ऑफिस के माहौल में अध्ययन किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि, उन्होंने हर घंटे में औसतन 16 बार अपने हाथों से चेहरे को छुआ। इसके अलावा, 2015 में प्रकाशित हुई एक स्टडी में ऑस्ट्रेलिया की एक यूनिवर्सिटी में 26 मेडिकल स्टूडेंट्स को निगरानी में रखा गया। स्टडी में पाया गया कि, उन्होंने एक घंटे में करीब 23 बार अपने हाथों से मुंह, नाक और आंखों को छुआ, जो कि शरीर में वायरस जाने का प्रमुख स्त्रोत होता है। इसलिए हमें चेहरे को छूना रोकना चाहिए। जब हम ऑफिस वर्क, पढ़ाई आदि काम कर रहे होते हैं, तो कई बार अपने पैरों को छूते हैं, बालों को छूते हैं और अन्य सतह जैसे टेबल, चेयर, ग्लास, पेन, लैपटॉप, मोबाइल फोन आदि को छूते हैं, जिन पर कई बैक्टीरिया, वायरस या कोरोना वायरस हो सकता है और फिर हम इन्हीं हाथों से चेहरे को छू लेते हैं। जो कि हमारे संक्रमित होने का खतरा बनाता है।

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चेहरा न छूना : कैसे करें ये काम?

सबसे पहले हमें हाथों और पर्सनल हाइजीन की तरफ ध्यान देना चाहिए। दिन में हर एक घंटे में या ज्यादा से ज्यादा बार हाथों को साबुन और पानी से धोना चाहिए। हाथों को साबुन और पानी से लगातार कम से कम 20 सेकेंड तक मसलें। हाथों को धोते हुए अंगूठे, कलाई, उंगलियों के बीच के हिस्सों को अच्छी तरह साफ करें। इससे हाथों के द्वारा चेहरे को छूना रोकने की जरूरत कम पड़ेगी। लेकिन, फिर भी हाथों को धोने के बीच एक लंबा समय आपके हाथों में वायरस या बैक्टीरिया लगने की आशंका ज्यादा रहती है। ऐसे में आप निम्नलिखित तरीकों से चेहरा न छूना सीख सकते हैं।

चेहरे से कोरोना इंफेक्शन: दिमाग को समझाना होगा

  • सबसे पहले आपको अपने दिमाग को समझाना पड़ेगा कि आपको चेहरे को नहीं छूना है। चूंकि यह एक आदत है, इसलिए इस काम को करना काफी मुश्किल है। लेकिन, अभ्यास के साथ इस आदत को बदला जा सकता है। आपको सतर्क और चौकन्न होकर यह देखना पड़ेगा कि आप एक घंटे में कितनी बार हाथों से चेहरे को छूते हैं, जब आप अपनी इस गतिविधि पर ध्यान देने लगेंगे, तो इस आदत में अपने आप कमी आने लगेगी और चेहरा न छूना होने लगेगा।

चेहरा छूना का कारण जानें

  • इसके अलावा हर व्यक्ति का अपने व्यक्तिगत कारण भी होते हैं, जो चेहरे को छूने पर मजबूर करते हैं। जैसे- यदि कोई व्यक्ति चश्मा लगाता है, तो वह बार-बार अपने चश्मे को ठीक करने के लिए चेहरे या आंखों पर हाथ लगाता है, या कोई अपनी दाढ़ी या मूंछ को शेप देने के लिए बार-बार चेहरे को छूता है। अगर आपका भी ऐसा ही कोई व्यक्तिगत कारण है, तो उसे पहचानकर उसे ठीक करने की कोशिश करें।

चेहरे से कोरोना इंफेक्शन: किसी और अंग को छूएं

  • चेहरे को छूना रोकने के लिए यह ट्रिक काफी काम आ सकती है। जब भी आपको अपने चेहरे को छूने का मन करता है, तो आप कोशिश करें कि शरीर के दूसरे अंग यानी हाथ, पैर, कंधे आदि को छुएं। इससे आपकी चेहरा छूने की आदत बदल जाएगी।

डर करेगा मदद

  • किसी भी चीज को शुरू करने या रोक देने में आपकी भावनाएं काफी महत्वपूर्ण भूमिका अपनाती हैं। इसलिए, आप यह बात अच्छी तरह समझ जाएं कि कोरोना वायरस की बीमारी कोविड- 19 से बचने के लिए आपको चेहरे को छूना रोकना ही होगा। यह डर काफी हद तक आपकी मदद करेगा।

चेहरे से कोरोना इंफेक्शन फैलने से रोकने के लिए इस्तेमाल करें मास्क

ये बात सच है कि हम लोग अपनी आदतों में सुधार कर कोरोना महामारी को फैलने से रोक सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि कोरोना महामारी का आप शिकार न हो तो आपको अपनी बहुत-सी आदतों में सुधार करने की जरूरत है। चेहरे से कोरोना इंफेक्शन तेजी से फैलता है इसलिए आपको अपनी रोजमर्रा की आदतों में मास्क का इस्तेमाल करने की आदत डालनी होगी। साथ ही आपको आंखों में चश्मे का इस्तेमाल भी करना होगा ताकि अगर आप गलती से मुंह छू भी ले तो नाक मुंह और आंख में हाथ लगने से बच जाए। क्या आपको पता है कि कुछ साइटिस्ट ने ये माना है कि मास्क पहनने से इम्युनिटी डेवलप हो जाती है। साइंटिस्ट का मानना है कि अगर ऐसे में किसी भी व्यक्ति को इंफेक्शन हो भी गया तो वो हल्का इंफेक्शन होगा। यानी बीमारी का असर कम हो जाएगा। यानी मास्क का इस्तेमाल आपको भले ही सौ प्रतिशत सुरक्षा न प्रदान करें लेकिन बीमारी को कम करने में मदद जरूर कर सकता है।

अगर आप वायरस का असर कम करना चाहते हैं तो चेहरे पर मास्क के साथ ही आपनी कुछ आदतों में सुधार करें। हाथों का इस्तेमाल मुंह पर तभी करें, जब बहुत जरूरी हो। हाथों का इस्तेमाल करने से पहले उसे अच्छे से सैनेटाइज जरूर कर लें। कोरोना वायरस का कुछ लोगों में बहुत कम असर देखने को मिल रहा है। कुछ लोगों में हल्की सर्दी-जुकाम के लक्षण देखने को मिल रहे हैं जो अपने आप ठीक हो रहे हैं। ये बात तय है कि कोरोना के इंफेक्शन को रोकने के लिए सावधानी ही फिलहाल एकमात्र इलाज है। हम सभी को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा और कुछ सुधार अवश्य करने होंगे ताकि इस बीमारी से पूरी तरह से छुटकारा पाया जा सके।

कॉटन मास्क कर सकते हैं इस्तेमाल

कोरोना वायरस से बचने के लिए जरूरी नहीं है कि आप N95 मास्क का ही इस्तेमाल करें। अगर आपके पास सर्जिकल मास्क है तो भी आप उसका यूज कर सकते हैं। डिस्पोजल मास्क का यूज करने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान में फेंक देना चाहिए। साथ ही बाद में हाथों को भी अच्छे से सैनिटाइज कर लेना चाहिए। आप मास्क को सात से आठ घंटे लगा सकते हैं। अगर आपके पास FFP3 मास्क है तो भी इसे सुरक्षा के लिहाज से लगाया जा सकता है। फिलहाल बाजार में कॉटन में बने मास्क भी मिल रहे हैं, जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है। आप चाहे तो मोटे कॉटन कपड़े का इस्तेमाल भी मास्क के रूप में कर सकते हैं।

और पढ़ें: अगर जल्दी नहीं रुका कोरोना वायरस, तो ये होगा दुनिया का हाल

कोरोना वायरस अपडेट (latest news on corona)

वर्ल्ड ओ मीटर के मुताबिक 14 अप्रैल 2020 को सुबह 9.30 बजे तक दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 18,25,179 हो गई है और इस खतरनाक बीमारी से जान गंवाने वालों की तादाद 1,19,701 हो गई है। दुनियाभर में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले लोगों की संख्या 4,47,821 पहुंच गई है।

कोरोना वायरस के भारत में मरीज (How many cases of coronavirus in India?)

भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 14 अप्रैल 2020 को सुबह 8 बजे तक देश में 8988 कोरोना वायरस इंफेक्शन से संक्रमित मरीजों की पहचान कर ली गई है। जिसमें से 1035 का इलाज करने के बाद छुट्टी दे दी गई है, वहीं 339 लोगों की जान जा चुकी है। मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक भारत में संक्रमित मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या महाराष्ट्र में हो गई है, जहां 2334 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके बाद दिल्ली 1510 मामले और तमिलनाडु 1173 केस का नंबर आता है।

कोरोना वायरस महामारी को देश से खत्म करने के लिए आपको चेहरे को छूना रोकने, लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मास्क व पर्सनल हाइजीन जैसी सावधानियों का पालन करना होगा। इसके अलावा, सिर्फ सरकार या हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करें।

उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको कोरोना वायरस के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। अगर आप संयुक्त परिवार में रह रहे हैं तो बेहतर होगा कि खुद को आइसोलेट कर लें ताकि ये बीमारी किसी और अन्य व्यक्ति को न हो। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 14/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.nhs.uk/conditions/coronavirus-covid-19/ – Accessed on 14/4/2020

Coronavirus disease 2019 (COVID-19) – Situation Report – 84 – https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200413-sitrep-84-covid-19.pdf?sfvrsn=44f511ab_2 – Accessed on 14/4/2020

Novel Corona Virus – https://www.mohfw.gov.in/ – Accessed on 14/4/2020

A study quantifying the hand-to-face contact rate and its potential application to predicting respiratory tract infection. – https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/18357546 – Accessed on 14/4/2020

लेखक की तस्वीर
14/04/2020 पर Surender aggarwal के द्वारा लिखा
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
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