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कोरोना वायरस के लिए यूरोप में वैक्सीन ट्रायल हुआ शुरू, प्रतिभागी ने शेयर किया अनुभव

कोरोना वायरस के लिए यूरोप में वैक्सीन ट्रायल हुआ शुरू, प्रतिभागी ने शेयर किया अनुभव

दुनियाभर में कोरोना वायरस की बीमारी कोविड- 19 से अबतक लाखों लोग संक्रमित हो चुके हैं और इससे मरने वालों की तादाद भी लाखों में पहुंच चुकी है। वहीं, कोविड- 19 के इलाज के लिए कोई वैक्सीन मिल तो नहीं पाई है, लेकिन दुनियाभर के कई देशों में इसको लेकर शोध और अध्ययन किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि SARS-CoV-2 इंफेक्शन को खत्म करने के लिए यूरोप में वैक्सीन ट्रायल चल रहा है। इस ट्रायल की अच्छी बात यह है कि, यह यूरोप में ह्यूमन ट्रायल में पहुंचने वाली पहली वैक्सीन है और इसको लेकर इसे बनाने वाली ऑक्सफोर्ड टीम काफी आशांवित है। इसके अलावा, इस ट्रायल में भाग लेने वाली एक प्रतिभागी ने अपना अनुभव साझा किया है। आइए जानते हैं कि यह वैक्सीन क्या है और कैसा रहा प्रतिभागी का अनुभव।

यूरोप में वैक्सीन ट्रायल में भाग लेने वाली प्रतिभागी का अनुभव

यूरोप में वैक्सीन ट्रायल के लिए 800 लोगों पर ह्यूमन ट्रायल किया जाएगा। जिसमें से पहले दो वॉलंटियरों को वैक्सीन दे दी गई है। इन 800 लोगों में से आधे लोगों को कोविड- 19 वैक्सीन के रूप में यह दवाई दी जाएगी, वहीं आधे लोगों को मैनिंजाइटिस (Meningitis) के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने वाली वैक्सीन के रूप में यह दवाई दी जाएगी। हालांकि, प्रतिभागियों को यह मालूम नहीं होगा कि उन्हें कौन-से रूप में यह दवाई दी जा रही है, इसके बारे में सिर्फ डॉक्टरों को जानकारी होगी। एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में वॉलंटियर एलिसा ग्रानाटो ने बताया कि, ‘मैं एक वैज्ञानिक हूं, इसलिए मैं जहां भी संभव हो सकता है वहां साइंटिफिक प्रोसेस में सपोर्ट करना चाहती हूं।’ यूरोप में वैक्सीन ट्रायल के प्री-क्लिनिकल रिसर्च की अगुवाई करने वाली साराह गिल्बर्ट ने कहा कि, ‘व्यक्तिगत रूप से मुझे इस वैक्सीन पर काफी विश्वास है। जाहिर तौर पर हमें इसे ह्यूमंस पर टेस्ट करके डाटा इकट्ठा करना होगा। ताकि इसके व्यापक इस्तेमाल से पहले यह पता लगाया जा सके कि यह कैसे कार्य करती है।’

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यूरोप में वैक्सीन ट्रायल किस चीज का हो रहा है?

प्रतिष्ठित अंग्रेजी वेबसाइट के मुताबिक, यह वैक्सीन एडिनोवायरस (Adenovirus) नामक कॉमन कोल्ड वायरस के कमजोर वर्जन से बनी है। यह वायरस चिंपैंजी में मौजूद होता है और इसे मॉडिफाई किया गया है, ताकि यह मनुष्य में ना फैल सके। आपको बता दें कि, ऑक्सफोर्ड टीम पहले भी इस तरीके से मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (Middle East Respiratory Syndrome) जिसे मार्स के नाम से जाना जाता है, के लिए वैक्सीन विकसित कर चुकी है। जिसने क्लिनिकल ट्रायल में बेहतर परिणाम दिखाए थे।

यूरोप में कोरोना वैक्सीन ट्रायल के अलावा इन वैक्सीन पर भी चल रहा है अध्ययन

आइए जानते हैं कि, दुनियाभर में किन-किन दवाइयों को कोरोना के संभावित इलाजों के रूप में देखा जा रहा है।

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कोरोना वायरस वैक्सीन ट्रायल- रेमडेसिवीर दवा को भी माना जा रहा संभावित इलाज

कोरोना वायरस के संभावित इलाज के रूप में रेमडेसिवीर दवा पर हुई स्टडी पर अपनी बात रखते हुए आईसीएमआर के एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिकेबल डिजीज (Epidemiology and Communicable Disease) विभाग के प्रमुख, रमन गंगाखेडकर ने कहा था कि, ‘नई स्टडी के मुताबिक इबोला वायरस आउटब्रेक के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली रेमडेसिवीर दवा को कोरोना वायरस के रिप्रोडक्शन में बाधा डालते हुए देखा गया है, जिस वजह से यह माना जा रहा है कि यह कोविड- 19 ट्रीटमेंट के दौरान इस्तेमाल हो सकती है। लेकिन हम विश्व स्वास्थ्य संगठन के नतीजों का इंतजार करेंगे और अगर डब्ल्यूएचओ ने इसके इस्तेमाल को मंजूरी दी तो हम इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन, चूंकि यह दवा अभी हमारे देश में मौजूद नहीं है और सरकार द्वारा अन्य फार्मासियुटिकल कंपनियों को इसके उत्पादन के लिए आमंत्रित किया जा सकता है।’

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बीसीजी वैक्सीन और हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा पर भी चल रहा है शोध

रेमडेसिवीर दवा के अलावा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा और बीसीजी वैक्सीन पर भी कोविड- 19 के इलाज में प्रभावी होने पर शोध चल रहा है। हाल ही में हुए शोध में पता चला था कि, टीबी जैसे लंग इंफेक्शन को खत्म करने के लिए जिन देशों में बीसीजी टीके का उपयोग हो रहा है, वहां कोरोना वायरस के मामले कम देखने को मिल रहे हैं। इसके साथ ही, कोविड-19 के इलाज में हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन ड्रग (Hydrocychloroquine drug) के प्रभावी होने का पता लगाने पर भी शोध किया जा रहा है। दरअसल, हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन एक एफडीए मान्यता प्राप्त एंटीमलेरियल ड्रग है, जिसका सेवन मुंह द्वारा किया जाता है। मलेरिया के अलावा, यह रूमेटाइड अर्थराइटिस और ल्यूपस एरिथेमेटोसस (rheumatoid arthritis and lupus erythematosus) बीमारी में भी इस्तेमाल की जाती है। यह दवा कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाती है, इसलिए इस दवा का सेवन सिर्फ डॉक्टर द्वारा बताए गए तरीके से ही करना चाहिए। हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन टैबलेट्स का गलत इस्तेमाल करने से कई गंभीर दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है।

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कोविड- 19 वैक्सीन ट्रायल- कोरोना वायरस से बचाव कैसे करें

कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव करने के लिए सरकार ने जनता को कुछ सलाह दी है। इन एहतियात रूपी सलाह का पालन करने से हम और आप सभी कोरोना वायरस संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं।

  1. मास्क इस्तेमाल करते हुए अपने मुंह और नाक को अच्छी तरह कवर करें ताकि उसमें किसी भी तरह का गैप न रहे।
  2. एक बार इस्तेमाल करने के बाद मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें
  3. मास्क को पीछे से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं।
  4. हमेशा इस्तेमाल के बाद मास्क को तुरंत एक बंद डस्टबिन में फेंक दें।
  5. हाथों को हमेशा अच्छी तरह से धोएं।
  6. बेवजह किसी भी व्यक्ति से न मिलें, भीड़ न लगाएं।
  7. आंखों, नाक व मुंह को छूने से बचें।
  8. यूरोप में वैक्सीन ट्रायल की जानकारी के अलावा अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर की हर सलाह मानें और पूरी जानकारी प्राप्त करते रहें।
  9. किसी टिश्यू पेपर या फिर कोहनी को मोड़कर छींकते या खांसते समय अपने मुंह और नाक को ढकें।
  10. अगर आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें।
  11. मास्क लगाने से पहले अपने हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड रब या फिर साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus – https://www.who.int/health-topics/coronavirus – Accessed on 24/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 24/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.nhs.uk/conditions/coronavirus-covid-19/ – Accessed on 24/4/2020

Coronavirus disease 2019 (COVID-19) – Situation Report – 94 – https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200423-sitrep-94-covid-19.pdf?sfvrsn=b8304bf0_4 – Accessed on 24/4/2020

Novel Corona Virus – https://www.mohfw.gov.in/ – Accessed on 24/4/2020

Coronavirus: First patients injected in UK vaccine trial – https://www.bbc.com/news/health-52394485 – Accessed on 24/4/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Surender aggarwal द्वारा लिखित
अपडेटेड 24/04/2020
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