home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

दिल्ली और मुंबई ने लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं किया सख्ती से पालन!

दिल्ली और मुंबई ने लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं किया सख्ती से पालन!

भारत में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 50 हजार को छूने वाला है, जिसमें से सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या अकेले महाराष्ट्र से देखने को मिली है। इन पहलुओं पर भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Health Minister Dr. Harsh Vardhan) ने कहा कि, भारत के संक्रमित मरीजों के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार मुंबई और दिल्ली हैं। क्योंकि, इन दोनों बड़े शहरों में रहने वाले लोगों ने भारत सरकार द्वारा जारी लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग (Lockdown and Social Distancing) के नियमों का सख्ती से पालन नहीं किया। केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक इंटरव्यू में भारत में कोविड-19 की स्थिति, लॉकडाउन 3.0 (Lockdown 3.0) और कम्युनिटी ट्रांसमिशन (Community Transmission) के बारे में भी जानकारी दी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) ने मौजूदा हालात के लिए दिल्ली और मुंबई को बताया जिम्मेदार

डॉ. हर्षवर्धन ने देश के दूसरे शहरों की तुलना करते हुए कहा कि, ‘देश के कुल मामलों में से 20 प्रतिशत मरीज अकेले मुंबई से आते हैं, जहां अभी कोरोना वायरस के मरीजों का आंकड़ा 10 हजार के पार जा चुका है। वहीं, दिल्ली में भी 5 हजार से ज्यादा मरीज हो चुके हैं। क्योंकि, यहां के लोगों ने लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन नहीं किया है।‘ इसके पीछे के अन्य कारणों की बात करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा कि, ‘दिल्ली व मुंबई जैसे बड़े शहरों में विदेश से आने वाले लोगों की तादाद भी ज्यादा है और यहां मौजूद झुग्गी-झोपड़ियों में सोशल डिस्टेंसिंग आदि के नियमों का सही रूप में पालन नहीं किया जा सकता। जो कि मामलों के बढ़ने की बड़ी वजह हो सकते हैं।’

यह भी पढ़ें: अगर आपके आसपास मिला है कोरोना वायरस का संक्रमित मरीज, तो तुरंत करें ये काम

कम्युनिटी ट्रांसमिशन और कोरोना वायरस टेस्टिंग (Community Transmission and Coronavirus Testing) पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की जानकारी

कोरोना वायरस टेस्टिंग पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Health Minister Dr. Harsh Vardhan) ने इंटरव्यू में बताया कि, भारत 10 लाख से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग कर चुका है और दूसरे देशों की तुलना में भारत में इतने टेस्ट से निकलने वाली इंफेक्शन रेट काफी कम है। इसलिए, देश में कोरोना वायरस टेस्टिंग आईसीएमआर के द्वारा निर्धारित तरीके के मुताबिक ही चल रही है। हालांकि, हमारे पास हर दिन करीब 1 लाख लोगों की कोरोना वायरस टेस्टिंग करने की योजना और क्षमता है। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि, अभी तक हम भारत को इंफेक्शन की स्टेज 3 यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन से बचाने में कामयाब रहे हैं और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के द्वारा परिभाषित इस ट्रांसमिशन का कोई भी मामला देश में देखने को नहीं मिला है।

यह भी पढ़ें: कोरोना से बचाव के लिए कितना रखें एसी का तापमान, सरकार ने जारी की गाइडलाइन

कोरोना के संभावित ट्रीटमेंट के रूप में रेमडेसिविर (Remdesivir trial for emergency use) पर स्वास्थ्य मंत्री की राय

कोविड-19 के संभावित ट्रीटमेंट के रूप में सबसे बड़ी उम्मीद साबित हो रहे रेमडेसिविर ड्रग (Remdesivir Drug) पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि, “सरकार के ऊपरी स्तर व आईसीएमआर और सीएसआईआर के वैज्ञानिकों के बीच भी इस ड्रग के उपयोग पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही अभी हम डब्ल्यूएचओ के सॉलिडरिटी ट्रायल में भाग ले रहे हैं और इसके लिए संगठन ने हमें 1 हजार डोज उपलब्ध करवाई हैं। जिन्हें देश के कई राज्यों में मौजूद मरीजों पर हो रहे क्लिनिकल ट्रायल में इस्तेमाल किया जा रहा है।” आपको बता दें कि, रेमडेसिविर ड्रग को इबोला में काफी प्रभावशाली माना गया था।

दूसरे देशों को हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) देने के बाद क्या हमारे पास पर्याप्त दवा है?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि, ‘हमारा देश हमेशा से दूसरे देशों की मदद करता आया है। सरकार ड्रग मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को लगातार सहायता प्रदान कर रही है और हम अभी कुल 97 देशों को हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) और 103 देशों को पेरासिटामोल (Paracetamol) दे रहे हैं। सरकार ने अपने एग्जिट प्लान में ड्रग मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री को जरूरी सहायता देने और अपने लिए पर्याप्त दवाओं का उत्पादन करने के लिए तैयारी कर रखी है।‘

यह भी पढ़ें: UV LED लाइट सतहों को कर सकती है साफ, कोरोना हो सकता है खत्म

रैपिड टेस्टिंग किट का इस्तेमाल क्यों रोक दिया गया?

डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि, “आरटीपीसीआर (RTPCR) टेस्ट कोविड-19 की जांच करने के लिए था, जिसे हमने देश के हॉटस्पॉट एरिया में कम्युनिटी ट्रांसमिशन के मामलों का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किया था। हालांकि, जब हमें विभिन्न राज्यों से इन रैपिड (Rapid) टेस्टिंग किट के खराब होने की सूचना मिलने लगी, तो हमने लैब में टेस्टिंग के बाद हर राज्य से इन किटों को वापस मंगवा लिया। जैसे ही हमें अच्छी क्वालिटी की किट उपलब्ध होगी, वैसे ही हम यह एंटीबॉडी टेस्ट दोबारा शुरू कर देंगे।“

डॉ. हर्षवर्धन के मुताबिक देश को विभिन्न जोन में क्यों बांटा गया?

स्वास्थ्य मंत्री का इंटरव्यू में कहना है कि, बीते दो लॉकडाउन में जनता और देश ने काफी कुछ सहा है। भारत के 319 जिले अप्रभावित है औऱ 130 हॉटस्पॉट बने हुए हैं। हमने इन कंटेनमेंट जोन के लिए बेहतरीन स्ट्रेटजी बनाने के लिए विभिन्न जोन बनाए। जिसमें प्रत्येक घर से सर्वे, प्रभावित घरों को कुछ छूट के साथ सील करना और कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए आसानी से कदम उठाए जा सकें। हालांकि, अभी यह कहा जा सकता है कि, भारत के कोविड-19 से बचाव और लड़ाई के प्रयासों को पूरी दुनिया प्रोत्साहित कर रही है। भारतीयों ने संकल्प और संयम की बेहतरीन मिसाल पेश की है।

यह भी पढ़ें: कोरोना के दौरान वर्क फ्रॉम होम करने से बिगड़ सकता है आपका बॉडी पोस्चर, जानें एक्सपर्ट की सलाह

कोरोना वायरस से बचने का तरीका क्या है?

सरकार द्वारा जारी निर्देशों में बताया गया है कि, अगर किसी भी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण दिखते हैं तो उसे तुरंत खुद को आइसोलेट करना होगा और आने वाले कुछ दिनों में इन लक्षणों पर गौर करना होगा और इनमें सुधार नहीं होता तो वह व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए डॉक्टर को दिखाए व टेस्ट करवाए। इसके अलावा, सामान्य व्यक्ति कोरोना वायरस से बचाव के लिए अपने हाथों को साबुन व पानी से अच्छी तरह धोए और अपनी पर्सनल हाइजीन का ख्याल रखें। अगर वह घर से बाहर जा रहा है, तो सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का ख्याल रखे और अपने पास एल्कोहॉल बेस्ड सैनिटाइजर रखे। चेहरे पर मास्क होना सभी के लिए अनिवार्य है, क्योंकि कोरोना का संक्रमण उन व्यक्तियों के द्वारा भी फैल सकता है, जिनमें कोविड-19 के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे। इसके अलावा, बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी हुई है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus disease (COVID-19) outbreak – https://www.who.int/westernpacific/emergencies/covid-19 – Accessed on 6/5/2020

Coronavirus – https://www.who.int/health-topics/coronavirus – Accessed on 6/5/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 6/5/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.nhs.uk/conditions/coronavirus-covid-19/ – Accessed on 6/5/2020

Novel Corona Virus – https://www.mohfw.gov.in/ – Accessed on 6/5/2020

लेखक की तस्वीर badge
Surender aggarwal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/05/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
x