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अगर पड़ोस की आंटी या बच्चे दे रहे हैं सोशल डिस्टेंसिंग में दखल तो अपनाएं ये तरीके

अगर पड़ोस की आंटी या बच्चे दे रहे हैं सोशल डिस्टेंसिंग में दखल तो अपनाएं ये तरीके

बीमारी ही कुछ ऐसी फैली है कि खुद की सुरक्षा करने के साथ ही दूसरों की हरकते भी बहुत मायने रख रही हैं। जी हां ! कोरोना महामारी के दौरान अगर आप अपने फ्लोर में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल तन-मन से रख भी रहे हो लेकिन पड़ोसी पड़ोस की आंटी या बच्चे अचानक से बतियाते हुए आपके पास आ जाएं या फिर क्या पता घर के अंदर ही घुस जाएं तो भला आप किस मुंह से उन्हें मना करेंगे। आखिरकार जन्मों से पड़ोसी हैं आपके। खैर मुद्दा तो सीरियस है इसलिए आप इसे सिर्फ मजाक समझने की भूल न करें। कोरोना महामारी के दौरान संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना बहुत जरूरी है चाहे इसके लिए आपको अपने पड़ोसी से दो टूक कुछ कहना ही क्यों न पड़ जाए। अगर आपको फिर भी लग रहा है कि आखिर खुद को कैसे अपने आस-पास वालों से सुरक्षित किया जाए तो आपको ये आर्टिकल जरूर पढ़ना चाहिए।

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सोशल डिस्टेंसिंग का पालन पड़ोसी नहीं कर रहे?

एक ही बिल्डिंग में कई परिवार रहते हैं तो लिफ्ट का यूज तो जरूर होता है। अब चूंकि कोरोना महामारी का समय चल रहा है तो बेहतर होगा कि लिफ्ट का यूज न करें। अगर आप तीसरे या चौथे फ्लोर में रहते हैं तो बिना लिफ्ट का यूज करें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर सकते हैं। अगर आप लिफ्ट में जा रहे हैं और तीन से चार लोग एक साथ आ जाते हैं तो बेहतर होगा कि सभी को इस बारे में जानकारी दें। अगर एक समय में एक ही व्यक्ति लिफ्ट का यूज करें तो बेहतर रहेगा। बेहतर होगा कि बाहर के काम की लिस्टिंग कर लें ताकि आपको बार-बार बाहर न जाना पड़ें। आपको इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा कि जब भी अपने पड़ोसियों से बात करें, तब बेहद शांत स्वभाव से ही बात करें। कोरोना के लक्षण जिस भी व्यक्ति को होते हैं, वो आसानी से अन्य व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। बेहतर होगा कि लिफ्ट का यूज करने के बाद हाथों को सैनिटाइज जरूर कर लें क्योंकि लिफ्ट दिनभर में कई लोग यूज करते हैं।

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सोशल डिस्टेंसिंग का पालन: दोस्ती अपनी जगह, सुरक्षा अपनी जगह

कोरोना महामारी दुनिया में तेजी से फैल रही है। खुद का बचाव करना भी बहुत जरूरी है और जरूरत पड़ने पर दूसरों को समझाना भी बहुत जरूरी है। माना की शर्मा आंटी आपकी बेस्ट फ्रेंड हैं और उनके बच्चे आपके परिवार जैसे हैं। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान अगर पड़ोसी के बच्चे या फिर खुद पड़ोसन आपके घर जबरदस्ती आने की सोच रही हैं तो आपको उन्हें समझाने की जरूरत है। आपने उनसे कह सकती हैं कि अगर कोई सामान या हेल्प चाहिए तो छह फीट की दूरी जरूर बनाएं और फिर बात करें। फिलहाल बच्चों को घर के अंदर रखना ही सेफ है। बच्चों को एक साथ बिल्डिंग के गार्डेन में खेलने न भेज दें। कई बार कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं लेकिन ऐसे व्यक्ति कोरोना का संक्रमण आसानी से फैला सकते हैं। बेहतर होगा कि आप बच्चों के साथ ही खुद को घर के अंदर रखें और अपने पड़ोसियों को भी यहीं करने की सलाह दें।

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सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने वाली की करें तारीफ

हम ऐसा नहीं कह रहे हैं कि आपके पड़ोसी केवल नियम तोड़ने का ही काम करते होंगे। हो सकता है कि आपके पड़ोसियों को ये बात अच्छी तरह से पता हो कि किस तरह से महामारी के दौरान सामाजिक दूरी को मेंटेन करना है। अगर आपके पड़ोसी कोरोना वायरस से बचने के लिए जरूरी एहतियात बरत रहे हो तो उनकी तारीफ करने से भी पीछे न रहें। ऐसा करने से अन्य लोगों को भी जरूरी मैसेज जाएगा कि महामारी के दौरान सावधानी बहुत जरूरी है।

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सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें और रखें इन बातों का ध्यान

महामारी में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ही रोजाना हाइजीन का ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है। अगर आप जरा सी लापरवाही करते हैं तो कोरोना वायरस का संक्रमण आसानी से फैल सकता है। बेहतर होगा कि कोरोना के लक्षणों के बारे में जानकारी प्राप्त करें और घर में अगर किसी भी व्यक्ति में लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। रोजाना इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

  1. अगर जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकलें और लॉकडाउन का पालन करें।
  2. हाथों को अच्छी तरह से धोएं
  3. बेवजह लोगों से न मिलें, भीड़ न लगाएं।लोगों से छह फीट की दूरी बना कर जरूर रखें।
  4. आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें। अगर जरूरी है तो पहले हाथों को अच्छे से साफ करें।
  5. छींकते या खांसते समय अपने मुंह और नाक को किसी टिश्यू पेपर या फिर कोहनी को मोड़कर ढकें। फिर तुरंत हाथ साफ करें।
  6. अगर आपको बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें।
  7. कोरोना टेलीफोनिक सर्वे के अलावा अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर की हर सलाह मानें और पूरी जानकारी प्राप्त करते रहें।
  8. भारत सरकार का कहना है कि अगर आप मास्क लगा रहे हैं तो उससे पहले अपने हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड रब या फिर साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं। बच्चों को भी अच्छी आदत सिखाएं।
  9. अपने मुंह और नाक को मास्क से अच्छी तरह कवर करें कि उसमें किसी भी तरह का गैप न रहे। मास्क को न छुएं।
  10. एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें। कपड़े के मास्क को दोबारा धुलकर यूज करें।
  11. मास्क को पीछे से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं।
  12. इस्तेमाल के बाद मास्क को तुरंत एक बंद डस्टबिन में फेंक दें।
  13. समय-समय पर सैनिटाइजर का यूज जरूर करें।
  14. कोरोना से जुड़ी सही जानकारी दूसरों के साथ ही शेयर करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।


लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित
अपडेटेड 26/04/2020
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