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Hemorrhoids: हिमोरॉइड्स (पाइल्स) क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

परिचय |जानें इसके लक्षण|खतरा|निदान|जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार
Hemorrhoids: हिमोरॉइड्स (पाइल्स) क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

परिचय

हिमोरॉइड्स (पाइल्स) क्या है? (What is Piles?)

पाइल्स-Piles

बवासीर रोग (हिमोरॉइड्स) में गुदा व मलाशय में मौजूद आसपास की नसों में सूजन आ जाती है। यह सूजन मलाशय के अंदर या गुदा के आसपास दिखाई दे सकती है। ऐसा आमतौर पर स्टूल पास करने के दौरान तनाव की वजह से होता है। हिमोरॉइड्स के प्रकार इस बात पर निर्भर करता है कि वह मलाशय के किस हिस्से में हुआ है।

  • अंदरूनी हिमोरॉइड्स (Internal Piles) : बवासीर का यह प्रकार मलाशय के अंदर विकसित होता है। अंदरूनी बवासीर (Internal Piles) सामान्य तौर पर कोई गंभीर स्थिति पैदा नहीं करता है लेकिन, कभी-कभी दर्द रहित ब्लीडिंग हो सकती है।
  • बाहरी बवासीर (External Piles) : बवासीर का यह प्रकार मलाशय के ऊपर विकसित होता है। ऐसी बवासीर में दर्द के साथ खुजली भी होती है और कभी-कभी दरार और खून भी आ सकता है।

बवासीर कोई गंभीर और संक्रामक बीमारी नहीं है। आमतौर पर यह अपने आप ही ठीक हो जाती है या इसे दवाओं से भी ठीक किया जा सकता है।

हिमोरॉइड्स या बवासीर कितनी सामान्य बीमारी है? (Is Piles common?)

पाइल्स (Piles) बहुत ही आम बीमारी है। 50 वर्ष की आयु वालों पर किए गए एक शोध में लगभग आधे लोगों में बवासीर की बीमारी थी। यह बीमारी पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करती है लेकिन, गर्भवती महिलाओं (Pregnant women) और पुरानी कब्ज (Constipation) या दस्त (Diarrhea) के रोगियों में यह अधिक पाई जाती है।

और पढ़ें : बवासीर की समस्या के लिए जरूरी नहीं सर्जरी, जड़ से खत्म करेंगे यह घरेलू उपाय

जानें इसके लक्षण

बवासीर या हिमोरॉइड्स के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Hemorrhoids)

बवासीर (Hemorrhoids) के सामान्य लक्षण हैं:

  • स्टूल पास करने के दौरान ब्लीडिंग होना
  • गुदा क्षेत्र में खुजली और जलन
  • स्टूल पास (मल त्याग) के दौरान दर्द और असुविधा
  • गुदा के आसपास सूजन
  • गुदा के पास एक संवेदनशील या दर्दनाक गांठ (गुदा के पास दर्द का कारण प्रोक्टैल्जिया फुगेक्स भी हो सकता है)

ज्यादातर दर्द बाहरी बवासीर के कारण होता है। आंतरिक हिमोरॉइड्स की वजह से आमतौर पर किसी भी तरह का दर्द नहीं होता है।

हो सकता है ऊपर दिए गए लक्षणों में कुछ लक्षण शामिल न हो। यदि आपको किसी भी लक्षण के बारे में कोई चिंता है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

  • जब हिमोरॉइड्स दर्दनाक हो और घरेलू उपचार काम न करे
  • यदि मल का रंग काला हो
  • मल में खून आए
  • चक्कर आना

ये सब लक्षण बवासीर की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की ओर संकेत करते हैं। अपने डॉक्टर से तुरंत जांच करवाएं।

हिमोरॉइड्स या बवासीर के क्या कारण हैं? (Cause of Hemorrhoids)

हिमोरॉइड्स सूजन वाली नसों के कारण होता है, जो निचले मलाशय में बढ़े हुए दबाव से विकसित होती है। इस दबाव का कारण बनने वाले कारकों में ये मुख्य हो सकते हैं :

और पढ़ें : Fissure treatment: बिना सर्जरी के फिशर ट्रीटमेंट कैसे होता है?

खतरा

बवासीर (Hemorrhoids) का खतरा किसे ज्यादा होता है?

  • ऐसी नौकरी, जिसमें लोग लंबे समय तक बैठे या खड़े रहते हैं
  • पुराने दस्त या कब्ज
  • प्रेग्नेंट होना
  • एनल सेक्स (गुदा सेक्स)
  • जिसके आहार में वसा अधिक और फाइबर कम होता है
  • 60 वर्ष से अधिक होने पर

आपको अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

और पढ़ें : Macular Degeneration : मैक्युलर डीजेनेरेशन क्या है?

निदान

हिमोरॉइड्स का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Hemorrhoids)

उचित निदान देने के लिए आपका डॉक्टर नीचे बताए गए परीक्षण कर सकता है:

  • चिकित्सा और फिजिकल टेस्ट
  • निदान और उपचार को समझें

प्रदान की गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

बवासीर (Hemorrhoids) का परीक्षण कैसे किया जाता है?

आपको एक उचित निदान देने के लिए, आपका डॉक्टर नीचे बताए गए परीक्षण कर सकता है:

  • चिकित्सा और शारीरिक परीक्षा
  • निरीक्षण- एक चिकित्सीय उपकरण के द्वारा यह टेस्ट किया जाता है, जिसमें गुदा (एनोस्कोप, प्रोक्टोस्कोप या सिग्मोइडोस्कोप) के अंदर का निरीक्षण करते हैं।

हिमोरॉइड्स का इलाज कैसे किया जाता है? (Treatment of Piles)

कुछ बवासीर अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ प्रकार के बवासीर को उपचार की आवश्यकता हो सकती है। इन उपचार विकल्पों में शामिल हो सकते हैं:

  • फाइबर सप्लिमेंट जैसे- पसीलियम (Metamucil) या मिथाइलसेल्यूलोस (Citrucel) से कब्ज में मदद करके बवासीर का इलाज किया जाता है
  • ओवर-द-काउंटर (OTC) क्रीम और सपोसिटरी का उपयोग से अस्थाई रूप से बवासीर के दर्द और खुजली से छुटकारा दिला सकते हैं।
  • जरूरत पड़ने पर पाइल्स को हटाने के लिए हेमोराहाइडेक्टोमी प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

और पढ़ें : जानें बवासीर से छुटकारा पाने के घरेलू उपाय

जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

क्या जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार की मदद से हिमोरॉइड्स (Hemorrhoids) से कैसे निपटा जा सकता है?

नीचे बताई गई जीवनशैली और घरेलू उपचार आपको पाइल्स से निपटने में मदद कर सकते हैं:

  • उच्च फाइबर आहार खाएं (Fiber rich food) और खूब पानी पिएं।
  • दिन में कई बार 10 मिनट के लिए गर्म पानी के टब में बैठें।
  • व्यायाम (Workout) करें
  • गुदा क्षेत्र (एनल) को साफ रखें।
  • ड्राई टॉयलेट पेपर का उपयोग न करें।
  • मल त्याग के बाद गुदा क्षेत्र को साफ करने के लिए नम तौलिए या गीले टॉयलेट पेपर का उपयोग करें।
  • सूजन से राहत पाने के लिए ठंडी सिकाई करें।
  • मल त्याग करते समय अधिक जोर न लगाएं।

अगर आप उपरोक्त बातों पर ध्यान देंगे तो हिमोरॉइड्स की समस्या से राहत मिल सकती है। साथ ही डॉक्टर ने आपको जो भी सुझाव दिए हैं, उनका पालन जरूर करें।

और पढ़ें : आंतों की समस्याएं जो आपको पता होनी चाहिए

हिमोरॉइड्स की बीमारी में अपना सकती हैं ये उपाय (Tips for Piles)

  • हिमोरॉइड्स की बीमारी जिन लोगों को होती है, उन्हें स्टूल पास करने में दिक्कत होती है। हार्वड हेल्थ के अनुसार जो लोग स्टूल पास करने के बाद सेंधा नमक वाले पानी से नहाते हैं, उन्हें दर्द की समस्या से बहुत राहत मिलती है। ऐसे में हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • हिमोरॉइड्स में एलोवेरा जेल (Aloevera gel) का भी यूज किया जाता है। हिमोरॉइड्स जैल में एंटी इंफ्लामेट्री (Anti-Inflammatory) प्रॉपर्टी होती है। इसे एनस के पास लगाने से जलन में राहत मिल सकती है। एलोवेरा का उपयोग करना पूर्ण रूप से सुरक्षित रहता है।
  • स्टूल पास करने के बाद वाइप्स का यूज करें। ऐसी वाइप्स का यूज करें, जिसमे एल्कोहॉल (Alcohol) न हो। एल्कोहॉल के कारण जलन बढ़ सकती है।
  • एनस में जलन मचने पर आइस कम्प्रेस का यूज करें। ऐसा करने से आपको बहुत राहत मिलेगी। आईस का प्रयोग किसी कॉटन के कपड़े में लपेटने के बाद ही स्किन में करें। स्किन में डायरेक्ट आईस न लगाएं।

हिमोरॉइड्स (Piels) की समस्या होने पर लापरवाही न करें, वरना आपको बाद में अधिक परेशानी भी झेलनी पड़ सकती है। समय रहते डॉक्टर से जांच कराएं और साथ ही अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करें। खाने में फाइबर की मात्रा का अधिक सेवन करने से कब्ज की समस्या से राहत मिलती है। जिन लोगों को कब्ज की पुरानी समस्या रहती है, उन्हें पाइल्स का खतरा अधिक रहता है।

उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर करें। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

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लेखक की तस्वीर
Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 26/03/2021 को
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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