Baby gender prediction: बेबी जेंडर प्रीडिक्शन के बारे में जानें विस्तार से!

    Baby gender prediction: बेबी जेंडर प्रीडिक्शन के बारे में जानें विस्तार से!

    प्रेग्नेंसी टेस्ट रिजल्ट के पॉजिटिव आने के बाद जो पहला सवाल आपके मन में आएगा, वो है ड्यू डेट। इसके साथ ही आप शिशु के सेक्स को लेकर भी उत्साहित हो सकते हैं। आने वाला शिशु लड़का होगा या लड़की, इस बारे में जानने की उत्सुकता हर किसी को होगी। आपने इस बारे में की जाने वाली प्रीडिक्शन्स के बारे में सुना ही होगा। ऐसा माना जाता है कि कुछ खास लक्षण गर्भ में लड़का होने की तरफ संकेत हो सकते हैं और कुछ सिम्पटम्स गर्भ में लड़की होने की तरफ इशारा करते हैं। हालांकि, यह केवल अनुमान हैं। इन पर पूरी तरह से विश्वास नहीं करना चाहिए। आज हम बात करने वाले हैं बेबी जेंडर प्रीडिक्शन (Baby gender prediction) के बारे में। आइए बेबी जेंडर प्रीडिक्शन (Baby gender prediction) के बारे में जानते हैं विस्तार से।

    बेबी जेंडर प्रीडिक्शन (Baby gender prediction): संकेत जो बताएं कि आपके गर्भ में लड़का है या लड़की?

    कुछ ऐसे संकेत हैं जिनसे ऐसा अंदाजा लगाया जा सकता है कि होने वाली मां के गर्भ में लड़का है या लड़की। कुछ गर्भवती महिलाओं पर की गयी स्टडी के आधार पर इन कन्क्लूजंस पर पहुंचा गया है। लेकिन, यह लक्षण केवल एक अनुमान हैं। ऐसा सच हो, यह जरूरी नहीं है। यह लक्षण इस प्रकार हैं:

    बेबी जेंडर प्रीडिक्शन (Baby gender prediction): मॉर्निंग सिकनेस

    हालांकि, होने वाली मां के लिए मॉर्निंग सिकनेस कोई गंभीर बात नहीं है। लेकिन, कुछ महिलाएं इसके बदतर लक्षणों को अनुभव करती हैं। उन्हें गंभीर जी मिचलाना और उल्टी आने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसे हायपरइमेसिस ग्राविडारम (Hyperemesis gravidarum) कहा जाता है। स्टडीज के अनुसार जिन महिलाओं के गर्भ में लड़की होती है, वो प्रेग्नेंसी में जी मिचलाना और उल्टी आने जैसी परेशानियों को अधिक महसूस करती हैं। इसके लिए हॉर्मोन्स को जिम्मेदार माना गया है। शोधकर्ताओं की मानें तो प्रेग्नेंसी, हॉर्मोन ह्यूमन कोरिओनिक गोनाडोट्रोपिन (Human Chorionic Gonadotropin) को मेल फीटस की जगह फीमेल फीटस अधिक प्रोड्यूज करती है।

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    बेबी जेंडर प्रीडिक्शन (Baby gender prediction): जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes)

    कुछ स्टडीज में यह भी पाया गया है कि होने वाली मां जिनके फीटस में बॉय है उनमें जेस्टेशनल डायबिटीज (Gestational diabetes) होने के चान्सेस अधिक होते हैं। यह वो कंडिशन है जिसमें होने वाली मां के ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा सामान्य से अधिक होती है। शोधकर्ताओं इस बात को लेकर श्योर नहीं हैं कि एक बॉय फीटस में गर्ल फीटस की तुलना में गर्भावस्था से जुड़े मेटाबोलिक चेंजेज क्यों होते हैं। इसके बारे में अधिक स्टडी की जानी जरूरी है। ध्यान रखें कि यह सब स्टडीज के निष्कर्ष हैं। ऐसा क्यों होता है इसके बारे में पूरी तरह से जानकारी नहीं हैं। अब जानते हैं जेंडर प्रीडिक्शन से जुड़े कुछ अंधविश्वासों के बारे में।

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    जेंडर प्रीडिक्शन सुपरस्टिशंस (Gender prediction superstitions) कौन से हैं?

    बेबी जेंडर प्रीडिक्शन (Baby gender prediction)के बारे में आप जान ही गए होंगे। आपने आमतौर पर अपने घर में जेंडर प्रिडिक्शन्स के बारे में सुना ही होगा। जिसके पीछे कोई लॉजिक या साइंटिफिक स्टडी नहीं होती है। शिशु के जेंडर को प्रीडिक्ट करने से जुड़े कुछ मुख्य अन्धविश्वास इस प्रकार हैं:

    याददाशय का कमजोर होना (Week memory)

    हालांकि, इसके कारणों के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन कुछ रिसर्च यह बताती हैं कि महिलाएं जिन्होनें लड़की को जन्म दिया है, उनकी मेमॉरी लड़कों की माताओं की तुलना में कमजोर होती है।

    बेबी जेंडर प्रीडिक्शन में साइंटिफिक साइन्स,Scientific Signs in baby gender prediction

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    स्ट्रेस (Stress)

    ऐसा भी माना जाता है कि अगर आप प्रेग्नेंसी में अधिक स्ट्रेस्ड रहती हैं, तो इसकी संभावना अधिक है कि आप जल्दी ही एक प्रिंसेस को जन्म देने वाली हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि लड़कों की तुलना में लड़कियां गर्भ में प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रति कम संवेदनशील हो सकती हैं। बेबी जेंडर प्रीडिक्शन (Baby gender prediction) के साथ ही इस बारे में जानना भी जरूरी है।

    प्रेग्नेंसी में हाय कैलोरी डायट का सेवन (High calorie diet)

    ऐसा पाया गया है कि प्रेग्नेंसी में हाय कैलोरी डायट और नियमित ब्रेकफास्ट करना इसकि संभावना को बढ़ाता है कि आपको एक बॉय की मां बनने वाले हैं। शोधकर्ताओं ने ऐसा पाया है कि जो महिलाएं अधिक कैलोरी डायट लेती हैं, उनमें 56 प्रतिशत बॉय होने के चान्सेस अधिक होते हैं।

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    अधिक भूख (More hungry)

    आपके गर्भ में लड़का है या लड़की, आपकी भूख भी इस बात का संकेत हो सकती है। ऐसा माना जाता है कि जिन महिलाओं को इस दौरान अधिक भूख लगती है, वो जल्दी ही एक बॉय की मां बनने वाली होती हैं। लेकिन अधिक भूख क्यों? ऐसा माना गया है कि बॉय फीटस द्वारा स्रावित टेस्टोस्टेरोन होने वाली मां को अधिक खाने का संकेत दे सकता है। यह अंधविश्वास यहीं खत्म नहीं होते हैं। जानिए इनके बारे में और विस्तार से

    कौन से हैं बेबी जेंडर प्रीडिक्शन से जुड़े अन्य अन्धविश्वास?

    ऐसे और भी कई अन्धविश्वास हैं जो शिशु के जेंडर से जुड़े हैं। इनके बारे में सुन कर आपको हैरानी हो सकती है। आइए जानें इनके बारे में।

    • पहला अंधविश्वास यह है कि अगर आपके निप्पल का रंग गहरा है, तो इसका अर्थ है कि आपके गर्भ में बॉय है। लेकिन, यह सच नहीं है। गर्भावस्था में निप्पल का गहरा रंग प्रेग्नेंसी हॉर्मोन्स के कारण होता है।
    • अगर आपको गर्भावस्था में खट्टा या नमकीन खाने की क्रेविंग हो रही है, तो आप बॉय को जन्म देने वाली हैं। लेकिन यह सच है।
    • आप मूडी हैं? अगर आपमें इस दौरान गंभीर मूड स्विंग्स हो रहे हैं तो यह लड़की के लक्षण हैं। लेकिन, असल में गर्भ में लड़का हो या लड़की, गर्भावस्था में मूड स्विंग्स होना भी नार्मल है।
    • ऐसा भी एक अन्धविश्वास है कि अगर आपको इस दौरान अधिक ठंड लगे तो इसका अर्थ है कि आपके घर जल्द ही एक बॉय आने वाला है। लेकिन, ऐसा नहीं है।
    • आपके यूरिन के रंग से भी लोग इस बात का अंदाजा लगाते हैं। यानी अगर आपके यूरिन का रंग पीला है, तो इसका अर्थ है कि आप लड़की को जन्म देने वाली हैं। लेकिन असर में यूरिन का गहरा रंग उसके लिंक से नहीं बल्कि शरीर में पानी की कमी से जुड़ा होता है।

    बेबी जेंडर प्रीडिक्शन (Baby gender prediction) के अपोजिट यह थे कुछ अन्धविश्वास। कुछ ऐसे तरीके या टेस्ट भी हैं, जो लिंग निर्धारित करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन पूरी तरह से निराधार हैं।

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    बेबी जेंडर प्रीडिक्शन के कुछ टेस्ट

    रिंग जेंडर प्रीडिक्शन टेस्ट (Ring gender prediction test): इसमें एक रिंग को धागे के साथ अटैच किया जाता है। अब गर्भवती महिला की बेली पर इस रिंग को हैंग किया जाता है। अगर यह रिंग सर्कुलर मोशन में स्विंग करती है तो आपको गर्ल होगी। लेकिन, अगर यह पेंडुलम की तरह घूमती है तो यह बॉय का संकेत है।

    चायनीज बर्थ कैलेंडर (Chinese birth calendar): लोग एक चायजिन बर्थ कैलेंडर का इस्तेमाल कर के भी गर्भवती महिला की उम्र और कंसीवड मंथ के अनुसार लिंग को प्रीडिक्ट किया जा सकता है। जो पूरी तरह से सुपरस्टीशंस पर बेस्ड है।

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    यह तो थी जानकारी बेबी जेंडर प्रीडिक्शन (Baby gender prediction) के बारे में। याद रखें कि शिशु के सेक्स की प्रीडिक्शन केवल पचास प्रतिशत ही सही निकलती है। इसके साथ ही इस बारे में किसी भी प्रिडिक्शन या अंधविश्वास पर भरोसा न करें। यही नहीं, हमारे देश में शिशु के जन्म से पहले ही अल्ट्रासाउंड के माध्यम से लिंग के बारे में जानना पूरी तरह से गैरकानूनी है। शिशु के जन्म को लेकर प्रिडिक्शन करने में कुछ गलत नहीं है। लेकिन, इन पर पूरी तरह से विश्वास न करें। क्योंकि, यह केवल एक अनुमान है। अगर इस बारे में आपके मन में कोई भी सवाल है तो अपने डॉक्टर से बात करना न भूलें।

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    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. प्रणाली पाटील

    फार्मेसी · Hello Swasthya


    AnuSharma द्वारा लिखित · अपडेटेड 01/06/2022

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