हृदय में ब्लड फ्लो कम होने की वजह से चेस्ट में दर्द या बेचैनी महसूस होती है, जिसे एंजाइना कहते हैं। यह आमतौर पर शरीर में ब्लड वेसेल्स में ब्लॉकेज की वजह से होता है। ब्लड के माध्यम से हार्ट तक ऑक्सिजन पहुंचता है। कम मात्रा में ब्लड पहुंचने की वजह से हार्ट तक ऑक्सिजन भी ठीक तरह से नहीं पहुंच पाता है। इस वजह से हार्ट ठीक से पंप नहीं कर पाता है। एंजाइना तीन अलग-अलग तरह के होते हैं:

छाती में दर्द होने का मतलब हमेशा एंजाइना ही नहीं होता है। अगर आपको सीने में दर्द की परेशानी है तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
एंजाइना कितना सामान्य है?
किसी भी व्यक्ति को एंजाइना की परेशानी हो सकती है और इसके कई कारण हो सकते हैं। एंजाइना की शिकायत उन लोगों में ज्यादा होता है जिन्हें दिल से जुड़ी बीमारी है। पुरुषों में 45 और महिलाओं में 55 साल की उम्र के बाद एंजाइना का खतरा बढ़ जाता है। परेशानी को समझकर इसका हल निकाला जा सकता है। इसलिए डॉक्टर से मिलना आवश्यक है।
एंजाइना के दूसरे लक्षणों में निम्न शामिल हैं।
एंजाइना के लक्षण इसके प्रकार पर निर्भर करते हैं।
हमें डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?
अगर आपको एंजाइना के कोई संकेत या लक्षण समझ आते हैं, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। स्टेबल एंजाइना हार्ट अटैक को दर्शाता तो नहीं है लेकिन, भविष्य में हार्ट अटैक संभावना हो सकती है। जबकि अनस्टेबल एंजाइना खतरनाक हो सकता है। अनस्टेबल एंजाइना होने पर हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
यदि आपको कोई संकेत या लक्षण नजर आते हैं तो आपको डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए। डॉक्टर्स कई बार एंजाइना के लिए नाइट्रेट्स, नाइट्रोग्लासेरिन देते हैं। नाइट्रेट एंजाइना की इंटेंसिटी को कम करने का काम करते हैं। ये ब्लड वैसल्स को रिलैक्स होने में मदद करते हैं।
इनके ड्रग ऑप्शन में निम्न शामिल हैं।
हाय ब्लड प्रेशर को कम करने वाली दवाएं भी एंजाइना को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं। ये हाय ब्लडप्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करती हैं। साथ ही हार्ट रेट को कम करने के साथ ही, ब्लड वैसल्स को रिलैक्स करना, ब्लड क्लॉट बनने से रोकना, हार्ट पर प्रेशर कम करने में मदद करती हैं। किसी भी दवा का उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।
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एंजाइना हार्ट में ब्लड फ्लो कम होने के कारण होता है। एंजाइना के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
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दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
एंजाइना का निदान कैसे किया जाता है?
इलाज शुरू करने से पहले डॉक्टर आपके कुछ टेस्ट करते हैं, जिससे बीमारी का सही अंदाजा लगाया जा सकता है:
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एंजाइना का इलाज कैसे किया जाता है?
सबसे पहले हार्ट तक ब्लड फ्लो ठीक करने की कोशिश की जाती है। मरीज को आराम से साथ-साथ काम भी कम करने की सलाह दी जाती है। प्रायः ब्लड फ्लो को ठीक करने के लिए एस्प्रिन दी जाती है। नाइट्रोग्लिसरीन जैसे नाइट्रेट, डेलेशन जैसी दवाओं से ब्लड फ्लो ठीक किया जाता है। बीटा-ब्लॉकर्स जैसी अन्य दवाएं हृदय गति को धीमा कर देती हैं, जिससे हृदय पर दवाब कम पड़ता है। एंजाइना से पीड़ित व्यक्ति का सबसे पहले हाइपरटेंशन, डाइबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी परेशानियों को कम या ठीक किया जाता है। इसलिए डॉक्टर इनसे जुड़ी दवाइयां देते हैं। अगर दवा से इलाज संभव नहीं हो पाता है तो ऐसी स्थिति में सर्जरी को दूसरे विकल्प के रूप तय किया जाता है। सर्जरी के विकल्प हैं:
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निम्नलिखित जीवनशैली और घरेलू उपचार आपको एंजाइना से निपटने में मदद कर सकते हैं:
इस आर्टिकल में हमने आपको एंजाइना से संबंधित जरूरी बातों को बताने की कोशिश की है। अगर आपको इस बीमारी से जुड़े किसी अन्य सवाल का जवाब जानना है, तो आप हमारे फेसबुक फेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे। अपना ध्यान रखिए और स्वस्थ रहिए। उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।