सोने से पहले ब्लड प्रेशर की दवा लेने से कम होगा हार्ट अटैक का खतरा

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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ब्लड प्रेशर की समस्या आजकल काफी आम परेशानी हो गई है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण हार्ट अटैक समेत अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करवाते रहना चाहिए। रक्तचाप के उतार-चढ़ाव का रिकॉर्ड अपने पास रखें। इससे डॉक्टर को आपकी हेल्थ कंडीशन की जानकारी मिलेगी और इलाज बेहतर तरीके से कर सकते हैं। अगर आप अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए कोई दवा ले रहे हैं, तो यह भी अंदाजा लगाना आसान हो जाएगा कि वह दवा कितनी असरदार है।

ब्लड प्रेशर हाई और लो ब्लड प्रेशर दोनों हो सकता है। ब्लड प्रेशर नॉर्मल 120/80 होता है लेकिन, इससे ज्यादा बढ़ना या कम होना शारीरिक परेशानी शुरू करने के साथ-साथ कई सारी बीमारियों को दस्तक देने के लिए भी काफी है।

एक अध्ययन में पता चला है कि ब्लड प्रेशर की दवा का सेवन रात को करने वाले लोगो का ब्लड प्रेशर उन लोगों के मुकाबले, जो दिन में अपनी दवा लेते हैं से बेहतर नियंत्रण में रहता है। इसके अलावा रात को इन दवाइयों का इस्तेमाल करने वाले लोगों में दिल और ब्लड वैसेल संबंधी समस्याओं का जोखिम भी कम होता है।

हाइजिया क्रोनोथेरेपी ट्रायल में किया गया यह रिसर्च यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में 19,084 मरीजों को (10614 पुरुष और 8470 महिलाएं) को अलग-अलग समय से अपनी दवाईयां लेने के लिए कहा गया। इसके अलावा उनके सोने के पैटर्न पर भी नजर रखी गई। इसके तहत देखा गया कि वे कब उठते हैं और कब सोने के लिए बिस्तर पर जाते हैं। लगभग 6 साल से अधिक समय तक उन पर नजर रखी गई। इस दौरान उन्हें दिन के समय एक्टिव रहने और रात के समय सोने के लिए कहा गया।

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डॉक्टरों ने रोगियों के ब्लडप्रेशर का जब वे अध्ययन में शामिल हुए और हर बार जब क्लिनिक गए  विश्लेषण किया। उन्होंने साल में कम से कम एक बार क्लिनिक के दौरे पर आने वाले मरीजों के एक एंब्यूलेटरी ब्लड प्रेशर की निगरानी की। इसने डॉक्टरों को 48 घंटे के अंदर एवरेज ब्लड प्रेशर का एक ठोस डाटा दिया, जबकि उसमें यह भी दिखाया गया कि क्या सोते समय ब्लड प्रेशर का दबाव काफी कम हो जाता है।

साढ़े छह साल में औसतन, 1752 रोगियों की हार्ट या ब्लड वैसेल की समस्याओं या म्योकार्डिअल इंफेक्शन, स्ट्रोक, हार्ट फेल होने या कोरोनरी रिवास्कुलराइजेशन से मौत हो गई। एंबुलेटरी ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग से जुटाए गए आंकड़ों से पता चला है कि जो मरीज रात को सोने से पहले ब्लडप्रेशर की दवा लेते है उनका ब्लड प्रेशर रात के साथ-साथ दिन में कम रहता है।  

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इसके अलावा, जब उन रोगियों के साथ तुलना की जाती है, जो जागते समय अपनी दवा का सेवन करते हैं। उनका ब्लड प्रेशर रात में अधिक हो जाता है। रिसर्च के फॉलोअप के दौरान रात के समय सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में इतनी कमी से हृदय रोग के जोखिम को कम करता है,जो इस रिसर्च का एक महत्वपूर्ण पहलू था।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन रोगियों ने रात में अपनी दवाईयों का सेवन किया, उनमें हार्ट अटैक, मायोकार्डियल इनफ्रेक्स, स्ट्रोक आदि बीमारियों का खतरा 45 प्रतिशत तक कम हो गया था, उन रोगियों के मुकाबले जो जागने पर अपनी दवाएं सुबह लेते थे।

शोधकर्ताओं ने उन कारणों को भी ध्यान में रखा जो परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं जैसे सेक्स, उम्र, टाइप -2 डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल का स्तर, धूम्रपान की आदतें और किडनी हैल्थ।

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यूनिवर्सिटी ऑफ विगो, स्पेन के बायोइंजीनियरिंग एंड क्रोनोबायोलॉजी लैब्स के निदेशक प्रोफेसर रामोन सी हर्मिडा के अनुसार, “इस अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि जो मरीज नियमित रूप से सोते समय अपनी ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं, उनमें ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और सबसे महत्वपूर्ण बात, दिल और ब्लड वैसल की समस्याओं से किसी की मौत या बीमारी के जोखिम में काफी कमी आई है। ”

ब्लड प्रेशर क्या है?

हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन एक तरह का साइलेंट किलर माना जाता है। कई लोग इस बीमारी को गंभीरता से नहीं लेते हैं, लेकिन ये शरीर को कई तरीकों से नुकसान पहुंचा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) और लो ब्लड प्रेशर  (Low Blood Pressure) होने पर आप क्या उपाय करते हैं? दवाईयों का सेवन हाई ब्लड प्रेशर को परमानेंट सॉल्यूशन नहीं है। हां, कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर की दवा की मदद से बीपी कंट्रोल में रख सकते हैं, लेकिन यह इसे जड़ से खत्म करने में मददगार साबित नहीं हो सकती। दवाईयों का सेवन कई तरह की बीमारियों को शरीर में पैदा कर सकता है, जैसे- दिल का दौरा, दिल की बीमारियां, किडनी की समस्या, ब्लड क्लोट्स व अन्य इसमें शामिल हैं। ब्लड प्रेशर की दवा का सेवन डॉक्टर के सलाह अनुसार करें।

क्या करें

इसके दो प्रमुख तरीके हैं-

  • नियमित जांच कराएं।
  • नियमित रूप से दवाएं लें।

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बचाव

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  • मोटापा घटाएं दरअसल बढ़ता वजन सिर्फ  संतुलित आहार के सेवन से वजन को नियंत्रित रखा जा सकता है।
  • धूम्रपान एवं शराब का सेवन न करें। इसके सेवन से ब्लड प्रेशर की समस्या के साथ-साथ कैंसर जैसी अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
  • नमक का सेवन कम से कम करें। यह भी ध्यान रखें की किसी भी खाने या पे पदार्थों में ऊपर से नमक मिलाकर न खायें।
  • भोजन में कैल्शियम, मैग्नेशियम और पोटेशियम की मात्रा बढ़ाएं।
  • एक्सरसाइज करने की आदत डालें। कम से कम आधे घंटे के लिए रोजाना वर्कआउट जरूर करें। अगर आप वर्कआउट नहीं कर पा रहें हैं, तो वॉकिंग करें। वॉक करने से भी हेल्थ फिट रहता है। वैसे आप स्विमिंग भी कर सकते हैं। स्विमिंग से पूरे शरीर का वर्कआउट हो जाता है।
  • योगा को अपनाएं। योगा करने से शरीर को लाभ मिलता है। वजन नियंत्रित रहता है, शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और आप फिट महसूस करेंगे।

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  • भरपूर नींद लें। नींद की कमी कई बीमारियों को दस्तक दे सकती है या आप ब्लड प्रेशर के पेशेंट हैं और आप ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं तो आपको सात से नौ घंटे की नींद अवश्य लेनी चाहिए।
  • तनाव से बचें। दरअसल तनाव की वजह से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे इससे बचने की कोशिश करें। ब्लड प्रेशर की दवा समय पर लें और तनाव से बच के रहने से अन्य बीमारियों के खतरे से बचा जा सकता है।

अगर आप ब्लड प्रेशर की दवा से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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