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नमक की ज्यादा मात्रा कैसे बढ़ा देती है हार्ट इंफेक्शन से जूझ रहे पेशेंट की मुसीबत?

नमक की ज्यादा मात्रा कैसे बढ़ा देती है हार्ट इंफेक्शन से जूझ रहे पेशेंट की मुसीबत?

हमारे शरीर के लिए नमक जरूरी होता है लेकिन नमक की ज्यादा मात्रा शरीर को नुकसान पहुंचाने का काम भी करती है। जिन लोगों को हाय ब्लड प्रेशर की समस्या होती है, उन्हें नमक कम खाने की सलाह दी जाती है। हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) को कंट्रोल न किया जाए, तो दिल की बीमारियां शुरू हो जाती हैं। क्लिनिकल हाइपरटेंशन में प्रकाशित एक रिपोर्ट की मानें, तो पैक्ड स्नैक्स या चिप्स में नमक की अधिक मात्रा होती है, उन्हें वॉर्निंग के तौर पर पैकेट में निर्देश देना चाहिए। ज्यादा नमक का सेवन न केवल हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ाने का काम करता है बल्कि ये हार्ट इंफेक्शन से जूझ रहे लोगों के लिए भी बेहद खतरनाक है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको हार्ट इंफेक्शन में कम नमक की डायट (Low salt diet in heart infections) के बारे में जानकारी देगें। जानिए हार्ट इंफेक्शन में कम नमक खाना आखिर क्यों जरूरी होता है।

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हार्ट इंफेक्शन में कम नमक (Low salt diet in heart infections)

SALT

हार्ट पेशेंट को हमेशा कम नमक खाने की सलाह दी जाती है। साथ ही डायट में ऐसे किसी फूड को खाने की सलाह नहीं दी जाती है, जिसमें नमक की मात्रा अधिक हो। हार्ट पेशेंट के लिए खाने में अधिक मात्रा में सोडियम का सेवन करने से फ्लूड ओवरलोड (Fluid overload) की समस्या हो सकती है। ऐसे में पेशेंट को सांस लेने में भी समस्या हो सकती है। अगर रेग्युलेटरी एजेंसी की बात की जाए, तो सोडियम को प्रति दिन 2, 500 मिली ग्राम से अधिक मात्रा का सेवन स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। अगर कोई हार्ट का पेशेंट है, तो उसे नमक की मात्रा और भी कम यानी करीब 2000 मिलीग्राम कर देनी चाहिए। लो सोडियम डायट की हेल्प से हार्ट पेशेंट हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं। सोडियम यानी नमक की मात्रा को कम करके एक व्यक्ति में कार्डियोवस्कुलर डिजीज (Cardiovascular disease) और हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।

सॉल्ट शरीर के लिए जरूरी होता है और नर्व, मसल्स के फंक्शन में भी हेल्प करता है। ये बॉडी फ्लूड के लेवल को बैलेंस करने में मदद करता है। अधिक मात्रा में सोडियम का सेवन करने से फ्लूड रिटेंशन (Fluid retention) की समस्या हो जाती है। इस कारण से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। हार्ट फेलियर (Heart failure), स्ट्रोक (Stroke) या फिर हार्ट अटैक के लिए हाय ब्लड प्रेशर जिम्मेदार हो सकता है। अगर आपको हार्ट इंफेक्शन (Endocarditis) की समस्या है, तो आपको खाने में नमक की मात्रा को कम कर देना चाहिए। जानिए कैसे हार्ट इंफेक्शन में कम नमक (Low salt diet in heart infections) वाली डायट को अपनाया जा सकता है।

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हार्ट इंफेक्शन में कम नमक खाना है, तो फॉलो करें ये डायट

हार्ट इंफेक्शन में कम नमक (Low salt diet in heart infections) का सेवन करने के लिए जरूरी है कि आपको ये बात पता हो कि किस वेजीटेबल्स या फूड्स में सोडियम की कम मात्रा हो सकती है। यहां हम आपको कुछ लो सोडियम फूड्स के बारे में जानकारी दे रहे हैं। अगर आप हार्ट इंफेक्शन में कम नमक (Low salt diet in heart infections) खाना चाहते हैं, तो दी गई डायट को फॉलो कर सकते हैं।

बिना सॉस की सब्जियां: हरी सब्जियां, ब्रोकोली (Broccoli), फूलगोभी (Cauliflower, ), मिर्च, आदि।

फ्रेश फ्रूट्स : जामुन, सेब, केला, नाशपाती (Pear), आदि।

अनाज और बीन्स (Grains and beans): सूखे बीन्स, ब्राउन राइस ( Brown rice), होल व्हीट पास्ता (whole wheat pasta)।

हार्ट इंफेक्शन में कम नमक स्टार्च वाली सब्जियां (Starchy vegetables): आलू, शकरकंद, बटरनट स्क्वैश (Butternut squash)।

फ्रेश मीट (Fresh or frozen meat): चिकन, टर्की।

हार्ट इंफेक्शन में कम नमक वाली फ्रेश फिश (Fresh or frozen fish): कॉड, सी बास (Sea bass), टूना, आदि।

अंडा: पूरे अंडे और अंडे का सफेद भाग।

हार्ट इंफेक्शन में कम नमक वाले हेल्दी फैट्स : जैतून का तेल (Olive oil,) एवोकैडो और एवोकैडो तेल।

लो-सोडियम सूप (Low-sodium soups): लो-सोडियम होममेड सूप।

डेयरी प्रोडक्ट: दूध, दही, अनसाल्टेड मक्खन।

ब्रेड और बेक किए हुए प्रोडक्ट: होल-व्हीट ब्रेड।

अनसाल्टेड नट और बीज: कद्दू के बीज, बादाम, मूंगफली, आदि।

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हार्ट इंफेक्शन में कम नमक खाना है, तो इन्हें करें अवॉयड

हार्ट इंफेक्शन में कम नमक (Low salt diet in heart infections) वाली डायट का सेवन करने के लिए आपको उन फूड्स को अवॉयड करने की जरूरत है, जिनमें अधिक मात्रा में नमक पाया जाता है। आपको खाने में फास्ट फूड्स जैसे कि बर्गर, फ्राईज, चिकन फिंगर, पिज्जा आदि को इग्नोर करना होगा। साथ ही सॉल्टी स्नैक्स फूड्स, प्रोसेस्ड फूड्स, प्रोसेस्ड मीट, सॉल्टी सूप, चीज, सॉल्टी रोल्स, पेनकेक, अधिक नमक वाली सॉस, आचार, बाजार में मिलने वाले जूस आदि से दूरी बनानी चाहिए। आपको घर के खाने का सेवन करना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि किन फूड्स में कम नमक हो सकता है। आप इस बारे में डॉक्टर से भी जानकारी ले सकते हैं।

हार्ट इंफेक्शन में कम नमक की डायट अपनानी है, तो ध्यान रखें ये बातें

अगर आप खानपान पर ध्यान देंगे, तो अधिक नमक के सेवन से बच जाएंगे। आपको नमक के स्थान पर नींबू का इस्तेमाल करना चाहिए। आप फ्रेश हर्ब को कुक करके बिना नमक के खा सकते हैं। आप चाहे तो नए मसालों के साथ एक्सपेरिमेंट भी कर सकते हैं। आप खाने में सिट्रस जूस (Citrus juice) के साथ ही ऑलिव ऑयल (Olive oil) का इस्तेमाल कर सकते हैं। सलाद (Salad) ड्रेसिंग में ये अहम भूमिका निभाते हैं। आप घर पर ही जिंजर गार्लिक का सूप (Ginger Garlic Soup) बनाकर पी सकते हैं। रिसर्च की माने तो घर के बाहर मिलने वाले फूड्स में अधिक मात्रा में सॉल्ट का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आप इससे बचना चाहते हैं, तो आपको बाहर का खाना पूरी तरह से अवॉयड करना चाहिए। खाने में नमक की कम मात्रा न केवल हार्ट संबंधी समस्याओं से बचाने का काम करता है बल्कि ये किडनी की समस्या से भी बचाता है। खाने में नमक की कम मात्रा करने पर स्टमक कैंसर (Stomach Cancer) का खतरा भी कम हो जाता है। अगर आपको लो बीपी की समस्या रहती है, तो नमक के सेवन के संबंध में डॉक्टर से जरूर बात करें।

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हमारे खानपान का हमारी हेल्थ पर सीधा असर पड़ता है। अगर खानपान में किसी भी चीज को अधिक मात्रा में लिया जाए, तो इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। अगर आपको भी हार्ट इंफेक्शन है, तो आपको अपनी डायट पर ध्यान देने की जरूरत है। हार्ट इंफेक्शन में कम नमक (Low salt diet in heart infections) की डायट का सेवन करके आप बीमारी को नियंत्रण में रख सकते हैं। अगर आपको ये समझने में समस्या हो रही है कि खाने में क्या शामिल करें और क्या नहीं, तो आपको डॉक्टर से इस बारे में जानकारी लेनी चाहिए।

हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार उपलब्ध नहीं कराता। इस आर्टिकल में हमने आपको हार्ट इंफेक्शन में कम नमक (Low salt diet in heart infections) के संबंध में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको हेल्थ से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड