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डेंगू को दूर भगाएंगे पपीते के पत्ते

डेंगू को दूर भगाएंगे पपीते के पत्ते
पपीते के पत्ते का जूस डेंगू का रामबाण इलाज|पपीते के पत्‍ते से डेंगू का इलाज|दो केस स्टडी जिसने डॉक्टर्स को भी चौंकाया|इस्तेमाल

पपीते के पत्ते का जूस डेंगू का रामबाण इलाज

डेंगू (Dengue) का बुखार एक संक्रामक रोग है जो एक मच्छर द्वारा और डेंगू के चार में से किसी भी एक वायरस की वजह से होता है। इस बीमारी को अंग्रेजी में ब्रेक-बोन (Break-Bone Fever) यानी हड्डी तोड़ बुखार की संज्ञा भी दी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बुखार में रोगी को जोड़ों और मासपेशियों में ऐसा दर्द होता है कि मानो उसकी हड्डियां टूट रही हों। शुरुआती चरण में डेंगू के बुखार की वजह से बहुत तेज बुखार, शरीर पर लाल चट्टे और जोड़ों के दर्द जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं। लेकिन डेंगू के बिगड़ने पर खून बहना और ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट जैसे लक्षण सामने आते हैं, जिससे व्यक्ति की मौत भी हो जाती है।

डेंगू के लक्षण क्या हैं?

  • अचानक तेज बुखार होना
  • अत्यधिक सिरदर्द होना
  • आंखों में तेज दर्द होना
  • त्वचा पर लाल निशान होना (2 से 5 दिनों तक ऐसे निशान रहते हैं)
  • नाक या मसूड़ों से हल्का खून आना
  • प्लेटलेट्स कम होना आदि
  • मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द होना
  • थका हुआ महसूस होना
  • बार–बार उल्टी महसूस होना या उल्टी आना

डेंगू पर काबू पाने के लिए कोई अचूक दवा अभी तक सामने नहीं आई है। लेकिन कुछ प्राकृतिक नुस्खे डेंगू से बचने में हमारी मदद कर सकते हैं। इसमें से एक इलाज है जो पपीते के पत्तों से किया जाता है।

यह भी पढ़ें : Conjunctivitis : कंजेक्टिवाइटिस क्या है? जाने इसके कारण ,लक्षण और उपाय

पपीते के पत्‍ते से डेंगू का इलाज

आमतौर पर पपीता एक फल के रूप में कई तरह की बीमारियों को दूर करने की क्षमता रखता है, लेकिन इसके पत्ते भी औषधीय गुणों में भरपूर होते हैं। 2013 में इंडियन इंस्टीट्यूब ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट की रिपोर्ट में सामने आया था कि पपीते के पत्तों से बने रस ससे कई डेंगू रोगियों की तबीयत में अचानक सुधार आ गया। पपीते के पत्ते में प्लेटलेट्स को बढ़ाने की अद्वितीय क्षमता होती है। साथ ही साथ यह एंटी-मलेरिया के गुणों से भी भरपूर होता है। इस तरह से यह डेंगू और मलेरिया दोनों से लड़ने में हमारी मदद करता है। डेंगू के इलाज के लिए पपीते की पत्तियों के इस्तेमाल को लेकर और भी तरह के शोध भी हुए हैं।

दो केस स्टडी जिसने डॉक्टर्स को भी चौंकाया

बैंगलोर के डॉक्टर बीएन विश्वनाथ द्वारा शेयर किए गए

केस-1 :

डॉ. विश्वनाथ ने बताया कि कैसे उनके मित्र के बेटे की जान पपीते के पत्तों से बच गई थी। डॉक्टर ने कहा, मेरे दोस्त का बेटा हॉस्पिटल में था। उसके ब्लड प्लेटलेट्स 15,000 के जानलेवा स्तर पर पहुंच गई थी, जिन्हें 1.5 लाख से 4 लाख के बीच होना चाहिए। करीब 15 लीटर ब्लड ट्रांसफ्यूजन के बाद भी उसके हालत गंभीर बनी हुई थी। जिसके बाद मेरे दोस्त को किसी व्यक्ति ने सलाह दी कि वो अपने बेटे को पपीते के पत्तों का जूस पिला दे। उसने ऐसा ही किया। अचानक न जानें क्या हुआ कि देखते-देखते उसके बच्चे के ब्लड प्लेटलेट्स 1.5 लाख तक पहुंच गए। उसकी स्थिति में आश्चर्यजनक सुधार आया और उसे डिसचार्ज कर दिया गया। डॉक्टश्र ने कहा, वो कच्चे पपीते की पत्तियों का जूसा था। एक पत्ती से सिर्फ एक चमच्च ही निकलता है। ये बेहद साफ, बिना डंठल और बिना उबाले दिया जाता है। ये बेहद कड़वा लेकिन असरदार होता है।

केस-2

डॉ. विश्वनाथ ने ऐसे ही एक और केस के बारे में बताया, जिसमें पपीते के पत्तों ने मरीज की जान बचाई। उन्होंने कहा, मेरी 32 वर्षीय एक महिला मित्र का भी डेंगू बिगड़ गया थ। उसके भी ब्लड प्लेटलेट्स 28 हजार के आसपास आ चुके थे। उसके फेंफड़ों में पानी भरने लगा और उसकी जान खतरे में पड़़ गई थी। दो ब्लड ट्रांसफ्यूजन से भी कोई असर नहीं पड़ रहा थ। आखिर में उसकी सास ने पपीते के पत्ते के इलाज के बारे में सुना और उसका कच्चा जूस महिला को पिलाया। देखते-देखते उसके ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ने लगे और वो ठीक भी हो गई। ये किसी चमत्कार से कम नहीं था।

नोट- यह जानकारी किसी भी स्वास्थ परामर्श का विकल्प नहीं हैं। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

यह भी पढ़ें : Flavoxate : फ्लावोक्सेट क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

इस्तेमाल

कैसे करें इस्‍तेमाल

एडीज मच्छरों से होने वाले डेंगू रोग में पपीते के पत्तियों के जूस का इस्तेमाल दवा के रूप में किया जाता है। पपीते की पत्तियां डेंगू के तमाम लक्षणों को खत्म करने में अहम भूमिका निभाती हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले मध्यम आकार के कच्चे पपीते की पत्तियों को अच्छी तरह से साफ करके इनका कूट कर या पीसकर रस निकाल लें। इसके बाद इसका छानकर उपयोगर करें। ध्यान रहे कि किसी भी हाल पत्तों को उबालें, पकाएं या उनकी चाय न बनाएं। बहुत सारे लोग पपीते के पत्ते की चाय बनाकर पीते हैं लेकिन यह बिल्कुल ठीक तरीका नहीं है। यदि आप भी पहले ऐसा करते थे तो अब यह गलती बिल्कुल न करें।

इन घरेलू नुस्खों को भी अपना सकते हैं:

  • डेंगू से राहत पाने के लिए जितना हो सके नारियल पानी पिएं। इसमें मौजूद जरूरी पोषक तत्व शरीर को मजबूत बनाने का काम करते हैं।
  • डेंगू में आप मेथी की पत्तियों को उबालकर चाय बनाकर पी सकते हैं। इससे शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकल आते हैं। साथ ही शरीर से डेंगू का वायरस दूर होता है।
  • गर्म पानी में तुलसी के पत्तों को उबालें और पिएं। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है। दिन में इसे चार से पांच बार पिएं।
  • आप चाहे तो तुलसी के पत्तों और काली मिर्च को पानी में उबालकर पी सकते हैं। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है।

निष्कर्ष :

डेंगू के घरेलू उपचार में पपीते के पत्तों का जूस एक अचूक दवा मानी गई है। हालांकि, इसका असर अलग-अलग लोगों पर अलग तरह से पड़ता है। इसके अलावा इस बात का ध्यान जरूर रखें कि किसी भी घरेलू उपचार से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की मेडिकल सलाह , निदान या सारवार नहीं देता है न ही इसके लिए जिम्मेदार है।

हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में डेंगू में पपीते के पत्तों के इस्तेमाल से जुड़ी हर जानकारी दी है। यदि आप इससे जुड़ी अन्य कोई जानकारी पाना चाहते हैं तो आप अपना सवाल हमें कमेंट कर पूछ सकते हैं। आपको हमारा यह लेख कैसा लगा यह भी आप हमें कमेंट कर बता सकते हैं।

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लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Piyush Singh Rajput द्वारा लिखित
अपडेटेड 04/07/2019
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