गले में स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया के इंफेक्शन की वजह से स्ट्रेप थ्रोट होता है। वायरल थ्रोट इंफेक्शन की तुलना में स्ट्रेप थ्रोट इंफेक्शन ज्यादा परेशानी पैदा करता है। अगर स्ट्रेप थ्रोट का इलजा नहीं किया गया तो परेशानी बढ़ सकती है और इससे रूमेटिक फीवर (rheumatic fever) होने का खतरा बना रहता है।
5 से 15 वर्ष के लोगों में स्ट्रेप थ्रोट का खतरा ज्यादा होता है। लक्षणों को समझकर इससे बचा जा सकता है।

स्ट्रेप जर्म्स के संपर्क में आने के 2 से 5 दिनों के बाद लक्षण नजर आते हैं। इन लक्षणों में शामिल हैं:
निम्लिखित लक्षण नजर आने या महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:
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स्ट्रेप्टोकोकस बैक्टीरिया या इसके ग्रुप के इंफेक्शन की वजह से स्ट्रेप थ्रोट इंफेक्शन होता है। इसके निम्नलिखित कारण हैं:
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स्ट्रेप थ्रोट की समस्या कोई गंभीर शारीरिक परेशानी या बीमारी नहीं है, लेकिन अगर कुछ बातों जैसे अगर इसके लक्षणों को नजअंदाज किया जाए, तो पेशेंट्स की तकलीफ बढ़ सकती है। अगर यह तकलीफ बढ़ती है, तो निम्नलिखित शारीरिक अंगों में इंफेक्शन फैलने का खतरा बना रहता है। जैसे:
इन ऊपर बताये बॉडी ऑर्गेन में इंफेक्शन फैलने से पेशेंट्स की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए शुरुआती लक्षणों को ही समझकर इलाज शुरू करवाएं।
वैसे इन कारणों के अलावा अन्य कारण भी हो सकते हैं।
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दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से संपर्क करें और सलाह लें।
लक्षणों के आधार पर, शारीरिक जांच और टेस्ट के माध्यम से स्ट्रेप थ्रोट का निदान किया जाता है। यह डॉक्टर तय करते हैं कि पेशेंट को कौन सा टेस्ट करवाना है:
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वैसे लोग जिनमें इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है, उन्हें एंटीबायोटिक दी जाती है। पेशेंट पेनिसिलिन भी खा सकते हैं। वैसे पेशेंट, जिन्हें पेनिसिलिन से एलर्जी है वे अन्य दवओं का सेवन कर सकते हैं। बच्चों को एमोक्सीस्लिन सस्पेंशन दी जा सकती है। इसका स्वाद बच्चों को पसंद आ सकता है। दर्द और बुखार कम करने के लिए आईबूप्रोफेन और एसिटामिनोफेन लिया जा सकता है। रे सिंड्रोम (Reye’s syndrome) के खतरे से बचने के लिए बच्चों को एस्पिरिन दी जा सकती है। इनसब के साथ आराम करना, बहुत सारा पानी पीना, पौष्टिक आहार, गर्म नमक के पानी से गरारे करना, ह्यूमिडिफायर का उपयोग करना, और सिगरेट के धुएं से बचना लोगों को बेहतर महसूस कराने में मदद कर सकता है।
निम्नलिखित टिप्स अपनाकर स्ट्रेप थ्रोट (Strep Throat) से बचा जा सकता है:
स्ट्रेप थ्रोट (Strep Throat) के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे अपना सकते हैं, लेकिन डॉक्टर से परामर्श जरूर ले लें।
इस आर्टिकल में हमने आपको स्ट्रेप थ्रोट (Strep Throat) से संबंधित जरूरी बातों को बताने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस बीमारी से जुड़े किसी अन्य सवाल का जवाब जानना है, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे। अपना ध्यान रखिए और स्वस्थ रहिए।