डेंगू और स्वाइन फ्लू के लक्षणों को ऐसे समझें

Medically reviewed by | By

Update Date फ़रवरी 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

डेंगू और स्वाइन फ्लू ऐसी बीमारी हैं, जिनमें तेज बुखार समेत कई लक्षण मिलते-जुलते हैं। ऐसे में इन दोनों खतरनाक बीमारियों के बारे में जान लेना बेहद जरूरी है। इस आर्टिकल के माध्यम से आप डेंगू और स्वाइन फ्लू की बीमारी और उनके लक्षणों को ठीक तरह से समझ सकते हैं। डेंगू और स्वाइन फ्लू दोनों एक दूसरे से अलग हैं लेकिन लोग इनको लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं। अगर आपको भी डेंगू और स्वाइन फ्लू  को लेकर कोई कंफ्यूजन हैं तो इस आर्टिकल को पढ़ें।

यह भी पढ़ेंः डेंगू से हुई एक और मौत, बेहद जरूरी है जानना इसके लक्षण और उपाय

जानें डेंगू और स्वाइन फ्लू के बारे में और

डेंगू क्या है?

जिसे इंग्लिश में डेंगी कहते हैं, एडीज मच्छर के काटने के कारण होता है। एडीज मच्छर जमे हुए पानी में पैदा होता है, तो ऐसी कोई भी जगह इन के लिए घर बन जाती है। कूलर में जमा हुआ पानी, गमलों में जमा या घर पर कोई अन्य जगह जहां पर पानी भरने से डेंगू के मच्छर वहां पनपना शुरू हो सकते हैं। डेंगू और स्वाइन फ्लू के अंतर में इस बात का ध्यान रखें कि डेंगू मच्छर के काटने से होता है वहीं स्वाइन फ्लू इफेक्शन से फैलता है।

डेंगू से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

डेंगू किसी भी मरीज को हो सकता है। इसमें उम्र या फिर लिंग से कोई लेना देना नहीं है। डेंगू में खतरनाक बुखार होने पर कई बार बच्चों की मृत्यु भी हो जाती है।

  • डेंगू एक वायरल बीमारी है और DENV नाम के वायरस की वजह से होती है।
  • डेंगू एडीज एजेप्टाइ  (Aedes aegptii) मच्छर की वजह से फैलता है।
  • ये मच्छर दिन के समय संक्रमण फैलाता है।
  • एडीज के काटने पर आपको तुरंत डेंगू के लक्षण दिखाई नहीं देंगे। साफ तौर से लक्षणों के दिखने में कम से कम तीन से चौदह दिन लगेंगे।

यह भी पढ़ेंः डेंगू से जुड़ी रोचक बातें जो आपको जानना जरूरी है

डेंगू के लक्षण :

  • अचानक तेज बुखार होना
  • अत्यधिक सिरदर्द होना
  • आंखों में तेज दर्द होना
  • मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द होना
  • थका हुआ महसूस होना
  • बारबार उल्टी महसूस होना या उल्टी आना
  • त्वचा पर लाल निशान होना (2 से 5 दिनों तक ऐसे निशान रहते हैं)
  • नाक या मसूड़ों से हल्का खून आना
  • प्लेटलेट्स कम होना
  • डेंगू सिर्फ एडीज मच्छर के काटने से होता है
  • डेंगू किसी भी उम्र में हो सकता है

डेंगू के लक्षणों में वृद्धि किस तरह से हो सकती है?

आमतौर से डेंगू होने पर फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देंगे जैसे कि बुखार होना, आंखों में दर्द होना, जोड़ों में दर्द होना, बहुत अधिक सिर दर्द होना और साथ ही शरीर पर चक्कते पड़ना। इस बीमारी में डेंगू बुखार की वजह से स्थिति अधिक खराब हो सकती है। स्थिति के बहुत अधिक खराब होने पर पेट के निचले हिस्से में दर्द, उल्टी और डायरिया की समस्या भी हो सकती है।

यह भी पढ़ें : डेंगू के मरीज क्या खाएं और क्या नहीं

किन कारणों से होता है डेंगू

  • एडीज मच्छर काटने और साफसफाई नहीं रखने के कारण डेंगू का बुखार होता है।
  • डाइग्नोस्टिक टेस्ट– NS1 एंटीजीन टेस्ट NS1, IgG और IgM
  • ट्रीटमेंटलक्षणों के आधार पर इलाज किया जाता है।

डेंगू से बचाव किन तरीकों से संभव है?

  • मच्छरों से बचाने वाली क्रीम (Repellent) का उपयोग करें।
  • बहुत अधिक गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें क्योंकि बहुत गहरे रंग के कपड़े मच्छरों और कीड़ों को आकर्षित करते हैं।
  • बहुत अधिक संक्रमित जगह पर रहने पर शरीर को पूरी तरह से ढक कर रखें।
  • अपने घर के आसपास पानी न जमा होने दें। जमा हुआ पानी कई बार मच्छरों के लिए घर बन सकता है।

डेंगू और स्वाइन फ्लू में अंतर को समझने के लिए दोनो बीमारियों के बारे में जानना जरूरी है। डेंगू और स्वाइन फ्लू  को एक समझना बड़ी गलती है।

यह भी पढ़ेंः स्वाइन फ्लू होने से बचाव के लिए कैसी हो डायट?

स्वाइन फ्लू

स्वाइन फ्लू जिसे H1N1 या स्वाइन इन्फ्लूएंजा या पांडेमिक इन्फ्लुएंजा के नाम से भी जाना जाता है। यह मनुष्य में होने वाला संक्रमण है। इस बीमारी का नाम स्वाइन फ्लू इसलिए रखा गया है क्योंकि स्वाइन फ्लू स्वाइन यानी सुअर से मनुष्यों में और आगे मनुष्यों से मनुष्यों में फैलता है। दरअसलवायरस का शरीर के अंदर प्रवेश करने के साथ ही शरीर में कई अलग तरह के बदलाव हो सकते हैं और मरीज कई तरह की परेशानी महसूस कर सकता है। डेंगू और स्वाइन फ्लू  दोनों ही बीमारियां जानलेवा हो सकती है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण:

  • तेज बुखार
  • खांसी आना
  • गले में दर्द
  • थ्रोट इंफेक्शन
  • सर्दीजुकाम होना या नाक से ज्यादा पानी बहना
  • शरीर में दर्द होना
  • सिरदर्द होना 
  • ठंड लगना
  • कमजोरी महसूस होना
  • वाइट ब्लड सेल काउंट कम हो जाता है।
  • स्वाइन फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल सकता है।
  • स्वाइन फ्लू का खतरा बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा होता है।
  • डाइग्नोस्टिक टेस्टनेसल या ओरल टेस्ट (H1N1 के लिए थ्रोट स्वाब)
  • ट्रीटमेंटफ्लूविर, एंटीफ्लू जैसी एंटीवायरल दवा दी जाती है।

यह भी पढ़ें : घर पर मौजूद ये 7 चीजें बचाएंगी स्वाइन फ्लू के खतरे से

किन कारणों से होता है स्वाइन फ्लू

स्वाइन फ्लू से पीड़ित व्यक्ति के सलाइवा और म्यूकस में इंफेक्शन रहता है। इसलिए पीड़ित व्यक्ति के छींकने या खांसने की वजह से इसका इंफेक्शन अन्य लोगों में फैलता है।

  • कीटाणु वाली सतह को छूने और फिर उनसे आंखों या नाक को छूने की वजह से।
  • संक्रमित सुअर के किसी भी बॉडी फ्लूइड के संपर्क में आने से होता है।

संक्रमित सुअर

  • किसी भी कारण संक्रमित सुअर के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। क्योंकि इस बीमारी की शुरुआत संक्रमित सुअर या पक्षियों के संपर्क में आने के कारण होता है।

यह भी पढ़ेंः जुकाम और स्वाइन फ्लू में कैसे अंतर करें?

संक्रमित व्यक्ति

  • यह सामान्य कारण होने के साथ-साथ गंभीर भी हो सकती है। क्योंकि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहने वाले लोग या परिवार के सदस्यों में इसका खतरा बढ़ जाता है।

स्वाइन फ्लू होने की स्थिति में घबराएं नहीं, डॉक्टर से संपर्क करें। स्वाइन फ्लू का इलाज निम्नलिखित तरह से किया जाता है।

  • अन्य (मौसमी) फ्लू के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ ऐसी ही एंटीवायरल दवाएं भी हैं, जो H1N1 स्वाइन फ्लू के खिलाफ काम करती हैं।
  • ओसेल्टामिविर (टैमीफ्लू)जैसी दवाओं की मदद से इलाज की जाती है। लेकिन, फ्लू के गंभीर होने पर डॉक्टर बॉडी चेकप के साथ इलाज कर सकते हैं।

यदि आप आमतौर पर स्वस्थ हैं और बुखार, खांसी और शरीर में दर्द जैसे फ्लू के लक्षण हैं, तो डॉक्टर से मिलना आवश्यक नहीं है। लेकिन, गर्भवती, पुरानी बीमारी, अस्थमाडायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम जैसी स्थिति होने पर डॉक्टर से जरूर मिलें। ध्यान रखें की अगर बुखार, खांसी और शरीर में दर्द ज्यादा दिनों से है तो ऐसी स्थिति में भी डॉक्टर से मिलें।

शारीरिक परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से संपर्क करना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। किसी भी का हर खुद से न करें और हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लें। डेंगू और स्वाइन फ्लू  के लक्षण मिलते जुलते हो सकते हैं। डेंगू और स्वाइन फ्लू के लक्षणों को पहचाने और अपने डॉक्टर से तुरंत सलाह लें। डेंगू और स्वाइन फ्लू  दोनों जानलेवा हो सकते हैं ऐसे में परेशानी होने पर अवॉयड ना करें।

और पढ़ें:

जानें डेंगू से जुड़ी कुछ धारणाएं किस हद तक हैं सही

डेंगू के दौरान न करें ये गलतियां, एक्सपर्ट से जानें कैसे करनी है रोकथाम

सावधान: सेक्स करने से भी हो सकता है डेंगू, पहला मामला मिला

जानें डेंगू टाइमलाइन और इससे जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

संबंधित लेख:

    क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
    happy unhappy"
    सूत्र

    शायद आपको यह भी अच्छा लगे

    Cardiac perfusion test: कार्डियक परफ्यूजन टेस्ट क्या है?

    जानिए कार्डियक परफ्यूजन टेस्ट की जानकारी मूल बातें, कराने से पहले जानने योग्य बातें, Cardiac perfusion test क्या होता है, रिजल्ट और परिणामों को कैसे समझें।

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Shivam Rohatgi
    मेडिकल टेस्ट A-Z, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z अप्रैल 16, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    Impingement syndrome: इम्पिन्गेमेंट सिंड्रोम क्या है?

    इम्पिन्गेमेंट सिंड्रोम या तैराकी कंधे के नाम से भी भी जाना जाता है, क्योंकि यह आमतौर पर अधिक्तर तैराकों को ही होता है लेकिन अब यह अन्य एथलीटों में भी आम हो

    Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
    Written by Siddharth Srivastav
    हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z अप्रैल 14, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

    Parsley piert: पार्सले पिअर्त क्या है?

    जानिए पार्सले पिअर्त की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, पार्सले पिअर्त उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कैसे लें, कितना लें, खुराक, Parsley piert डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स, नुकसान, दुष्प्रभाव और सावधानियां।

    Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
    Written by Mona Narang
    जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल मार्च 28, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    कोराना के संक्रमण से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोना है जरूरी, लेकिन स्किन की करें देखभाल

    कोविड-19 से बचने के लिए बार-बार हाथ धोना है तो किन बातों को रखना है ध्यान? कोरोना से बचाव के लिए हाथ साफ करते वक्त इन बातों का रखें ध्यान। Handwashing and Coronavirus in hindi

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Nidhi Sinha
    कोरोना वायरस, कोविड 19 सावधानियां मार्च 24, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

    Recommended for you

    वायरल फीवर-Viral Fever

    Viral Fever: वायरल फीवर क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Ankita Mishra
    Published on जून 11, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    Fever : बुखार

    Fever : बुखार क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Ankita Mishra
    Published on जून 2, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
    Myths about Malaria: मलेरिया से जुड़े मिथ

    मलेरिया से जुड़े मिथ पर कभी न करें विश्वास, जानें फैक्ट्स

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Surender Aggarwal
    Published on अप्रैल 25, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
    ब्रेस्ट सिस्ट -breast cyst

    Breast cyst: ब्रेस्ट सिस्ट क्या है?

    Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
    Written by Poonam
    Published on अप्रैल 18, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें