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लेट ओव्यूलेशन (Late ovulation) हो सकता है इंफर्टिलिटी का कारण, समय पर ट्रीटमेंट है जरूरी!

लेट ओव्यूलेशन (Late ovulation) हो सकता है इंफर्टिलिटी का कारण, समय पर ट्रीटमेंट है जरूरी!

पीरियड्स, महिलाओं के लाइफस्टाइल का बहुत महत्पूर्ण हिस्सा है। इसमें आयी गड़बड़ी कई शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकती है। जो महिलाएं फैमिली प्लानिंग कर रही हैं, उनके लिए लेट ओव्यूलेशन (Late ovulation) सही नहीं है। ऐसे में आपका गर्भधारण के लिए ओव्यूलेशन कैलेंडर को समझना महत्वपूर्ण है। वैसे तो 28 दिन के मासिक धर्म चक्र सामान्य माना जाता है। कुछ महिलाओं में यह चक्र इससे अधिक लंबा या छोटा हो सकता है। लेट ओव्यूलेशन (Late ovulation) तब माना जाता है, जब आप अपने मासिक धर्म चक्र के 21वें दिन के बाद ओव्यूलेट यानि कि अंडाशय से एग रिलीज होता है। नियमित चक्र वाली महिलाओं को लगातार हर 21 से 35 दिनों में मासिक धर्म होता है। 28-दिन का चक्र ज्यादा अच्छा माना जाता है। अगर आपका मासिक धर्म चक्र 35 दिनों या उससे अधिक समय तक का है, तो आप शायद 21 या उसके बाद के दिन में ओव्यूलेट करते हैं। ज्यादातर महिलाएं जिनका चक्र लंबा होता है, उनमें भी अनियमित चक्र होते हैं, जिसका अर्थ है कि उनके मासिक धर्म के बीच की अवधि महीने दर महीने अलग-अलग होती है। वे हर चक्र में ओव्यूलेट भी नहीं कर सकते हैं। बहुत कम ही, महिलाओं का सामान्य 28-दिवसीय चक्र होता है, लेकिन लगभग 14 दिन के बजाय 17, 18 या 19 दिन के आसपास ओव्यूलेट होता है।

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लेट ओव्यूलेशन के कारण क्या हैं (What are the causes of late ovulation)?

लेट ओव्यूलेशन के कई कारण कारण हो सकते हैं। लेट ओव्यूलेशन के जो सबसे अधिक कारण देखे जाते हैं, उनमें शामिल हैं:

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome)

पीसीओएस भी लेट ओव्यूलेशन का एक कारण हो सकता है। इसे महिलाओं में इंफर्टिलिटी का प्रमुख कारण देखा गया है। पीसीओएस की समस्या प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है। यह स्थिति हाॅर्मोन के स्तर को बाधित करती है, विशेष रूप से एंड्रोजन के स्तर को। पीसीओएस की समस्या आपके अंडाशय से हर चक्र में एग रिलीज के लिए आपके शरीर की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। पीसीओडी की समस्या में, अंडाशय में एग की तरह बहुत छोटे सिस्ट में विकसित हो जाते हैं। दूसरे शब्दों में, यदि आपको पीसीओएस की समस्या है, तो आप कुछ चक्रों के दौरान ओव्यूलेट नहीं कर सकते हैं या आप पूरी तरह से ओव्यूलेट करना बंद कर सकते हैं। पीसीओडी की समस्या लेट ओव्यूलेशन का बड़ा कारण हाे सकता है

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हायपरप्रोलैक्टिनीमिया (Hyperprolactinemia)

लंबे चक्रों और मिस्ड ओव्यूलेशन की एक वजह महिलाओं में हायपरप्रोलैक्टिनीमिया की समस्या भी हो सकती है। इसमें प्रोलैक्टिन हाॅर्मोन का सामान्य से अधिक स्तर होता है, वह हाॅर्मोन जो स्तनपान करते समय दूध उत्पादन में सहायक माने जाते हैं। यह एस्ट्रोजन के स्तर को कम कर सकता है और आपके मासिक धर्म चक्र को बाधित कर सकता है। हायपरप्रोलैक्टिनीमिया की शिकारमहिलाओं में अक्सर छोटे ल्यूटियल चरण और लंबे मासिक धर्म चक्र देखे जाते हैं; जैसे-जैसे प्रोलैक्टिन का स्तर बढ़ता है, पीरियड्स पूरी तरह से बंद हो सकते हैं। स्थिति कुछ दवाओं के कारण भी ऐसा हो सकता है, लेकिन यह अक्सर मस्तिष्क के ट्यूमर से जुड़ा होता है। अनियमित या मिस्ड पीरियड्स के अलावा, जब आप स्तनपान नहीं करा रही हैं, तो महिलाओं के योनि में सूखापन और स्तन स्राव की समस्या हो सकती है।

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हायपोथायराॅयडिज्म (Hypothyroidism)

हायपोथायराॅयडिज्म को दूसरे शब्दो में अंडरएक्टिव थायरॉयड भी कहा जाता है। इस समस्या के होने पर शरीर में पर्याप्त थायराॅइड हार्मोन का उत्पादन नहीं हो पाता है। थायरॉयड हमारे गले में तितली के आकार की छोटी ग्रंथि है। यह हाॅर्मोन शरीर को ऊर्जा का उपयोग करने के तरीके को नियंत्रित करते हैं। यदि आपका शरीर, शरीर के अंगों के लिए जरूरी फंक्शन की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त थायराॅइड हाॅर्मोन नहीं बना रहा है, तो इस हाॅर्मोन का निम्न स्तर आपके मासिक धर्म चक्र को बाधित कर सकता है और ओव्यूलेशन को रोक सकता है। हायपोथायराइडिज्म कभी-कभी पीसीओएस या हायपरप्रोलैक्टिनीमिया से जुड़ा होता है। यदि आपका चक्र लंबा या लेट ओव्यूलेशन है, तो आपका डॉक्टर आपके विभिन्न हाॅर्मोन स्तरों की जांच के लिए आपको रक्त परीक्षण की सलाह देंगे। यदि डॉक्टर को संदेह है कि आपको पीसीओएस की समस्या है, तो वह इंसुलिन रेजिस्टेंस के लिए आपके फास्टिंग ग्लूकोज स्तर की जांच कर सकती है, जो पीसीओएस से जुड़ा हुआ है।

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लेट ओव्यूलेशन आपके गर्भवती होने की संभावनाओं को कैसे प्रभावित करता है (How late ovulation affects your chances of getting pregnant)?

यदि आपके पास लंबे, अनियमित चक्र हैं, तो आपके लिए मुशिकल भरा हो सकता है। सही ओव्यूलेशन के समय का पता न होने के कारण आपको फैमिली प्लानिंग के लिए सही समय पर सेक्स करना कठिन हो सकता है, इसलिए अंडे और शुक्राणु के मिलने का सही समय नहीं हो पाता है। इसका इलाज समय पर होना बहुत जरूरी है। पीसीओएस, हायपरप्रोलैक्टिनीमिया और हायपोथायराइडिज्म सभी दवाओं के साथ इलाज से इस समस्या को दूर किया जा सकता है, जो ओव्यूलेशन को अधिक नियमित बनाता है और आपके गर्भवती होने की संभावनाओं में सुधार करता है। प्रेग्नेंसी के लिए सही समय पर ओव्यूलेशन होना बहुत जरूरी है।

यदि आपको पीसीओएस की समस्या के कारण ऐसा हो रहा है, तो आपके डॉक्टर आपको गर्भवती होने में मदद करने के लिए मेटफॉर्मिन की सलाह दे सकते हैं। पीसीओएस वाली कई महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या देखी गई है और मेटफॉर्मिन इंसुलिन के प्रति कोशिकाओं की प्रतिक्रिया में सुधार करने में सहायक है। यह आपके हार्मोन के स्तर को संतुलित करने में भी मदद करता है। इसके अलावा, डॉक्टर आपको क्लोमीफीन साइट्रेट या लेट्रोजोल की सलाह दे सकते है।

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पीसीओएस से पीड़ित कई महिलाओं में अधिक वजन यानि कि मोटापे की समस्या भी देखी जाती है, जोकि लेट ओव्यूलेशन का कारण हो सकता है। मोटापे के कारण ओव्यूलेशन होने पर आपका चिकित्सक वजन कम करने के लिए आहार और व्यायाम योजना की सलाह आपको दे सकते हैं। वजन कम होने से आपके सही समय में ओवुलेशन की संभावना काफी बढ़ सकती है, क्योंकि यह आपके हार्मोन के स्तर को संतुलित रखने में मददगार है, और यह आपके गर्भधारण और स्वस्थ गर्भावस्था की संभावनाओं को बेहतर बनाती है।

यदि आपको हायपरप्रोलैक्टिनीमिया की समस्या है, तो आपका डॉक्टर आपके शरीर के प्रोलैक्टिन हॉर्मोन के उत्पादन को कम करने और आपके मस्तिष्क में ट्यूमर को सिकोड़ने के लिए दवा लिखेगा। यदि आपको हाइपोथायराॅयडिज्म है, तो डॉक्टर आपके थायराॅइड हार्मोन के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए दवाओं को सलाह देंगे। दोनों ही मामलों में, दवा आपके चक्र को सामान्य कर रखने में मददगार हो सकती है।

यदि आपके डॉक्टर को ऐसा लगता है कि आपके पास एक छोटी ल्यूटियल चरण के साथ नियमित अवधि है, तो वो आपको प्रोजेस्टेरोन लिख सकते हैं ताकि आपके गर्भाशय की परत प्रत्येक चक्र के निर्माण की मात्रा को बढ़ा सके।

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लेट ओव्यूलेशन के बारे में डॉक्टर को कब कॉल करें

जब भी आपका चक्र लंबा,ओव्यूलेशन और अनियमित है, तो आपको पीसीओएस, हायपरप्रोलैक्टिनीमिया या हायपोथायराॅयडिज्म से बचने के लिए अपने डॉक्टर से जांच समय-समय पर जांच करवाना आवश्यक है। इन स्थितियों के लिए उपचार प्राप्त करने से आपके गर्भवती होने और स्वस्थ गर्भावस्था होने की संभावना काफी बढ़ सकती है। यदि आपको पीरियड्स समय पर नहीं हो रहा है या आप लंबे समय से प्रेग्नेंसी प्लान कर रही है और वो नहीं हो रही है, तो आपको डाॅक्टर से मिलना चाहिए। समय पर इलाज होने पर आप कंसीव कर सकती है, अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

 

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/12/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड