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मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड कब आता है, जानिए इससे जुड़ी अहम जानकारी!

मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड कब आता है, जानिए इससे जुड़ी अहम जानकारी!

मिसकैरिज जहां एक और महिला को शारीरिक रूप से परेशान करता है वहीं दूसरी ओर महिलाएं मिसकैरिज के कारण खुद को मानसिक रूप से भी बीमार महसूस करती हैं। मिसकैरिज के बाद का कुछ समय महिलाओं के लिए बहुत कठिन होता है। मिसकैरिज के बाद महिलाएं दोबारा कंसीव करना चाहती हैं इसलिए उन्हें पीरियड्स का इंतजार रहता है। मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। जहां एक और पीरियड का आना भविष्य में कंसीव करने की संभावना को बढ़ाता है, वहीं ये इस ओर भी इशारा करता है कि महिलाओं का शरीर धीरे-धीरे रिकवर हो रहा है। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड (First Period After Miscarriage) कब शुरू हो सकता है, इसके संबंध में जानकारी देंगे और साथ ही इससे संबंधित महत्वपूर्ण बातें भी बताएंगे।

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मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड (First Period After Miscarriage)

मिसकैरिज-के-बाद-पहला-पीरियड

मिसकैरिज या गर्भपात के बाद हॉर्मोनल लेवल पर बहुत अधिक बदलाव होता है। इस हॉर्मोनल बदलाव के कारण ही पीरियड्स का समय बढ़ जाता है। सभी महिलाओं को मिसकैरिज के बाद एक ही समय में पीरियड शुरू हो जाए, ये जरूरी नहीं है। ज्यादातर महिलाएं जिनका गर्भपात हो चुका है, उन्हें चार से छह सप्ताह बाद तक पहला पीरियड आ जाता है। मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड (First Period After Miscarriage) अधिक दर्दनाक या हैवी हो सकता है। मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड (First Period After Miscarriage) अधिक बदबूदार या तेज गंध वाला हो सकता है।

कई बार महिलाएं कंसीव कर लेती हैं लेकिन उनको पता नहीं चलता है कि वो प्रेग्नेंट हैं। अगर किन्हीं कारणों से मिसकैरिज हो जाता है, तो ब्लीडिंग होती है। कुछ केस में महिलाओं को लगता है कि यह नॉर्मल होने वाली बिल्डिंग है या महीने में एक बार होने वाली मीटिंग है लेकिन ऐसा नहीं होता है। यह मिसकैरिज हो सकता है। जानिए मिसकैरिज या गर्भपात के दौरान होने वाली ब्लीडिंग अन्य ब्लीडिंग से भिन्न कैसे होते हैं।

  • अधिक गंध के साथ ही डिस्चार्ज
  • सामान्य से हैवी ब्लीडिंग होना
  • ज्यादा लंबा पीरिडय चलना
  • ज्यादा दर्द का एहसास होना

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मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड: क्या होता है कम्प्लीट मिसकैरिज (Complete miscarriage)?

अक्सर महिलाओं के मन में कम्प्लीट मिसकैरिज (complete miscarriage) को लेकर सवाल रहता है।कम्प्लीट मिसकैरिज से मतलब प्रेग्नेंसी टिशू का यूट्रस से बाहर आ जाना होता है। या तो ये प्रोसेस नैचुरली होता है या फिर डॉक्टर डाइलेशन और क्यूरेटेज (dilation and curettage) की हेल्प ले सकते हैं। इस प्रोसेस की हेल्प से डॉक्टर यूट्रस से सभी टिशू निकालते हैं। कई बार डॉक्टर मेडिसिंस लेने भी सलाह देते हैं, जो कम्प्लीट मिसकैरिज या यूट्रस से टिशू को बाहर निकालने में मदद करती है। आपको पीरियड्स तब तक सामान्य नहीं होंगे जब तक यूट्रस से पूरी तरह से प्रेग्नेंसी टिशू बाहर नहीं निकल जाते हैं।

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मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड: क्या फिर रेग्युलर हो जाते हैं पीरियड्स?

अगर आपको मिसकैरिज के पहले समय पर पीरियड्स नहीं होते थे, तो मिसकैरिज के बाद भी ऐसा ही होगा। वहीं अगर आपको मिसकैरिज के पहले समय पर पीरिड्स होते थे, तो मिसकैरिज से चार से छह सप्ताह बाद भी रेग्युलर पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट की मानें तो,मिसकैरिज के दो सप्ताह बाद ही ओव्यूलेशन शुरू हो सकता है। मासिक धर्म या फिर पीरियड्स के पहले ही ओव्यूलेशन होता है, इसलिए महिलाएं मिसकैरिज के दो सप्ताह बाद तक फर्टाइल हो जाती हैं। डॉक्टर मिसकैरिज या गर्भपात के अक्सर बाद दो से तीन महीने रुकने की सलाह देते हैं ताकि महिला शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत हो जाए। मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड (First Period After Miscarriage) शुरू होने पर और क्या बदलाव हो सकते हैं, आप इस बारे में डॉक्टर से भी जानकारी ले सकते हैं।

किन कारणों से हो सकता है मिसकैरिज या गर्भपात?

मिसकैरिज के एक नहीं बल्कि कई कारण हो सकते हैं। अगर महिला को किसी प्रकार का जेनेटिक डिसऑर्डर है या फिर महिला की उम्र 35 वर्ष से अधिक है, महिला एल्कोहल या स्मोकिंग अधिक करती हैं, तो यह सभी कारण मिसकैरिज की संभावना को बढ़ाने का काम करते हैं। अगर महिला हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाती है या फिर जिन कारणों से मिसकैरिज हो रहा है, उनकी ओर ध्यान देती है, तो वह आसानी से दोबारा कंसीव कर सकती है। दोबारा कंसीव कब करना चाहिए या फिर कौन-सा समय ठीक रहेगा, इस बारे में डॉक्टर से जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

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मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड: कब डॉक्टर की होती है जरूरत?

अगर आपको मिसकैरिज के बाद हैवी पीरियड्स शुरू हो जाते हैं और साथ ही तेजी से दर्द शुरू हो जाता है, तो आपको डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। अगर आपको इंकम्पलीट मिसकैरिज हुआ है, तो आपको जल्द या कुछ दिनों के अंतर में ही पीरियड्स हो सकते हैं। आपको इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए क्योंकि अभी आपका मिसकैरिज पूरा नहीं हुआ है। डॉक्टर आपका एचसीजी लेवल भी चेक कर सकते हैं। मिसकैरिज का ये मतलब बिल्कुल नहीं होता है कि दोबारा मां नहीं बना जा सकता है या फिर कंसीव नहीं किया जा सकता है। दो से तीन महीने के अंतर में आसानी से दोबारा कंसीव कर सकती हैं लेकिन आपको एक बार डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए।

जहां एक ओर कुछ महिलाओं को हैवी पीरियड्स होते हैं, वहीं कुछ महिलाओं को हल्के पीरियड्स भी हो सकते हैं। अगर आपको एब्नॉर्मल लाइट फ्लो हुआ है, तो आपको करीब एक से दो महीने तक अपनी पीरियड सायकल को मॉनिटर करना चाहिए। अगर ऐसा दो महीने तक हो तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड आपको अगर नहीं आता है तो आप एक से दो महीने के इंतजार के बाद डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। मिसकैरिज के कारण महिला को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनमें लॉस, एंगर, दुखी होना आदि शामिल होते हैं। मिसकैरिज के कारण हुई समस्या कुछ समय बाद ठीक होने लगती है। ऐसे में महिलाओं को अपने पार्टनर का पूरा साथ चाहिए होता है। अगर उन्हें डॉक्टर की सही देखभाल के साथ ही पार्टनर का साथ मिले, तो कुछ ही समय बाद महिलाएं दोबारा आसानी से कंसीव कर सकती हैं। अगर आपको मिसकैरिज के बाद कंसीव करने में समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। दोबारा कंसीव करने जा रही हैं, तो पार्टनर की रजामंदी को भी ध्यान में रखें।

इस आर्टिकल में हमने आपको मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड (First Period After Miscarriage) कब शुरू हो सकता है, इसके बारे में जानकारी दी है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस संबंध में अधिक जानकारी चाहिए, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्स्पर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड