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आर्म्स टोन करने के लिए ये हैं बेस्ट ट्राइसेप्स एक्सरसाइज

के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. अभिषेक कानडे · आयुर्वेदा · Hello Swasthya


Nidhi Sinha द्वारा लिखित · अपडेटेड 21/10/2021

आर्म्स टोन करने के लिए ये हैं बेस्ट ट्राइसेप्स एक्सरसाइज

एक्सरसाइज बॉडी को फिट और स्ट्रॉन्ग बनाने का सही विकल्प है। हर महिला एवं पुरूषों की चाह होती है कि उनके ट्राइसेप्स अच्छे दिखें। ट्राइसेप्स मसल्स 3 हेडेड मसल्स होते हैं। ट्राइसेप्स अपर आर्म की सबसे बड़ी मांसपेशी है। ट्राइसेप्स लेटरल हेड, मेडिअल हेड और लॉन्ग हेड इन तीन हेड में डिवाइडेड होता है। लॉन्ग हेड सबसे बड़ी मांसपेशी होती है। ट्राइसेप्स का मुख्य रूप से कोहनी (एल्बो) को बढ़ाने का काम करता है। अच्छी और आकर्षक बॉडी बनाने के इच्छुक हैं, तो ट्राइसेप्स मसल्स पर भी काम करना जरूरी है और युवा वर्गों में स्ट्रॉन्ग ट्राइसेप्स का काफी ट्रेंड देखा जाता है। ट्राइसेप्स एक्सरसाइज या फिर कोई भी एक्सरसाइज करने के पहले वॉर्मअप करना ना भूलें। वॉर्मअप करना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इससे बॉडी एक्टिव होती है और एक्सरसाइज के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव आने का डर भी कम हो जाता है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि कैसे ट्राइसेप्स एक्सरसाइज आपके आर्म्स को टोन करने में आपकी मदद करता है। 

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कौन-कौन से ट्राइसेप्स एक्सरसाइज की मदद से आर्म्स को बनायें आकर्षक?

ट्राइसेप्स एक्सरसाइज-Triceps exercise

आर्म्स को स्ट्रॉन्ग बनाने के लिए ट्राइसेप्स एक्सरसाइज इस प्रकार हैं-  

डंबल एक्सटेंशन

स्ट्रॉन्ग ट्राइसेप्स बनाने के लिए बेंच प्रेस की मदद ली जा सकती है। इससे सीने की मांसपेशियों को भी मजबूती मिलती है। बेंच प्रेस के लिए बेंच पर पीठ के बल लेट कर और दोनों हाथों की मदद से बारबेल को पकड़ना चाहिए। इस प्रक्रिया को अपनी क्षमता के अनुसार रिपीट करें। अगर आप डंबल एक्सटेंशन पहली बार कर रहे हैं, तो याद रखें कि अधिक वेट ना  उठायें। आप कम से ज्यादा भार लेकर डंबल एक्सटेंशन को स्टार्ट कर सकते हैं। 

डंबल एक्सटेंशन के फायदे- इस एक्सरसाइज से ट्राइसेप्स को स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ-साथ चेस्ट के लिए भी अच्छा माना जाता है। इससे चेस्ट और आर्म्स दोनों को अट्रैक्टिव बनाया जा सकता है। ट्राइसेप्स एक्सरसाइज में डंबल एक्सटेंशन व्यायाम रोजाना करें। 

बारबेल एक्सटेंशन 

ट्राइसेप्स बनाने का यह सबसे बेहतर एक्सरसाइज है। स्ट्रेट खड़े हो कर बारबेल हांथों में रख कर आराम से हांथों को ऊपर उठाना है और फिर धीरे-धीरे नीचे लाना है। बारबेल एक्सटेंशन ज्यादा नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे मांसपेशियों में दर्द होने का डर बना रहता है। बेहतर होगा कि आप जब भी बारबेल एक्सटेंशन करें, तो एक्सपर्ट की देखरेख में ही यह एक्सरसाइज करें।

बारबेल एक्सटेंशन के फायदे- बारबेल एक्सटेंशन का फायदा ट्राइसेप्स लेटरल हेड, मेडिअल हेड और लॉन्ग हेड पर एक साथ पड़ता है। इसलिए इसे ट्राइसेप्स एक्सरसाइज का बेस्ट वर्कआउट माना जाता है। इस व्यायाम से आर्म्स के साथ अपर फ्रंट बॉडी को टोन करने में सहायता मिलती है। 

यूनिलेटरल ओवरहेड ट्राइसेप्स एक्सटेंशन

एक हल्का डंबल एक हाथ में पकड़ लें और बेंच की एक साइड पर बैठ जाएं, साथ ही दूसरे हाथ से बेंच की दूसरे साइड को होल्ड करें। अब डंबल को बिल्कुल सीधा सिर के ऊपर की ओर ले जाएं। फिर थोड़ी देर के लिए रुकें और फिर धीरे-धीरे डंबल को नीचे अपने विपरीत कान की ओर लाएं। इसी तरह से दोनों हाथों से इस व्यायाम को दुहराएं। 

यूनिलेटरल ओवरहेड ट्राइसेप्स एक्सटेंशन के फायदे- इस ट्राइसेप्स एक्सरसाइज की मदद से आप अपनी भुजाओं को आकर्षित बनाने के साथ-साथ फ्लैक्सीबल भी बना सकते हैं। इस एक्सरसाइज से बैक शोल्डर को भी मजबूती मिलती है।

लाइंग ट्राइसेप्स एक्सटेंशन

लाइंग ट्राइसेप्स एक्सटेंशन करने के पहले बेंच पर कमर के बल लेटकर डंबल्स को अपने सिर से ऊंचा उठाएं। ध्यान रखें कि हथेलियां एक-दूसरे के सामने होनी चाहिए। सिर्फ एल्बो को मोड़ते हुए डंबल्स को सिर से नीचे की ओर लेकर आएं। डंबल्स को वापस उनकी शुरुआती स्थिति में ले आएं। आप चाहें, तो इस दौरान किसी की मदद भी ले सकते हैं।

लाइंग ट्राइसेप्स एक्सटेंशन के फायदे- इस व्यायाम की मदद से पूरे हाथों को मजबूती मिलती है। अपर बॉडी पर भी इस व्यायाम का पॉसिटिव इम्पैक्ट पड़ता है।

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यूनिलेटरल ट्राइसेप्स किकबैक

जिस हांथ का कम इस्तेमाल करते हैं, उस हांथ से हल्का डंबल उठाएं। अब साथ ही उसी साइड वाले घुटने को जमीन पर रखें और दूसरे हाथ और घुटने को बेंच पर रखें। अब आगे की ओर झुकें और शरीर फर्श की ओर मूव करें। अब डंबल को आराम से पकड़ें और पेट की साइड पर लाएं। डंबल्स को पीछे और आगे की ओर लाते हुए ध्यान रखें कि शरीर और बाजू का पॉश्चर ठीक हो। इसी प्रक्रिया को दुहराएं।

यूनिलेटरल ट्राइसेप्स किकबैक के फायदे- इस ट्राइसेप्स वर्कआउट की मदद से आर्म्स को आकर्षित बनाने के साथ इसका फायदा चेस्ट, बैक और लोअर बैक को भी मिलता है।

क्लोज ग्रिप बेंच प्रेस

 बेंच प्रेस के लिए बेंच पर पीठ के बल लेट जाएं और दोनों हाथों से बारबेल को होल्ड करें। इस प्रक्रिया को रिपीट करें। इस व्यायाम के दौरान बैलेंस का बहुत ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि अगर आप ध्यान केंद्रित कर के व्यायाम नहीं करेंगे, तो आपको चोट लग सकती है।  

क्लोज ग्रिप बेंच प्रेस के फायदे- क्लोज ग्रिप बेंच प्रेस की मदद से स्ट्रॉन्ग ट्राइसेप बनाने में मदद मिलती है और साथ ही सीने की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाया जा सकता है।

डायमंड पुश-अप्स

डायमंड पुश-अप्स ट्राइसेप के लिए उत्तम व्यायाम माना जाता है। डायमंड पुश-अप्स करने के लिए आपको प्लैंक की पुजिशन में रहना होगा। इसके साथ ही आपको अपनी हथेलियों को नीचे ऐसे रखना चाहिए, जिससे कि आपके अंगूठे और पहली अंगुली आपस में टच हो सकें। इसके बाद आपको पुश अप्स करना होगा।  इसके साथ ही आपको गर्दन और स्पाइन को ढ़ीला छोड़ना होगा। अब आपको अपने पैरों को साथ रखना होगा। इसके साथ ही आपको अपनी कोहनियों को 45 डिग्री एंगल पर रखना होगा। इसके बाद आपको अपनी बॉडी को नीचे ले जाएं। इस तरह करते हुए आपको इसके 10-10 पुश-अप्स के लगभग तीन सेट करने होंगे।

डायमंड पुश-अप्स के फायदे- इस एक्सरसाइज से ट्राइसेप्स को स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ-साथ अपर बॉडी की ताकत बढ़ती है। डायमंड पुश-अप्स नियमित करने से एब्स बनाने में भी सहयता मिलती है।

ट्राइसेप्स पुश-अप्स

यह स्टैंडर्ड पुश-अप्स का ही एक दूसरा तरीका है। ट्राइसेप्स पुश-अप्स को करने के लिए आपको अपने घुटनों या किसी ऊपर उठी हुई सतह पर करने की जरूरत होती है।

अपने हाथों को सीधे कंधे से नीचे, अपनी गर्दन और रीढ़ को स्थिर और अपने पैरों को एक साथ रखें। अब नीचे आने के क्रम में अपनी कोहनी को बाहर की तरफ मोड़ें और अपने अपर आर्म्स को सीधा रखें। इसके बाद जब तक आपका चेस्ट जमीन तक नहीं पहुंच जाता, तब तक नीचे जाएं और इसके बाद ही ऊपर उठें। आप अपनी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए ट्राइसेप पुश-अप्स कर सकते हैं।

ट्राइसेप्स पुश-अप्स के फायदे- इस एक्सरसाइज से ना सिर्फ बाजुओं को स्ट्रॉन्ग और अट्रैक्टिव बनाने में मदद मिलती है, बल्कि इस व्यायाम से कंप्लीट बॉडी को स्ट्रॉन्ग बनाया जा सकता है।

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ट्राइसेप्स पुश-अप्स विद एलिवेटेड फीट

ट्राइसेप्स पुश-अप्स को करते समय पैरों को किसी ऊंची बेंच या मेडिसिन बॉल पर रखकर करने को ट्राइसेप्स पुश-अप्स विद एलिवेटेड फीट कहते हैं। ऐसे में आप अपने ट्राइसेप्स पर ज्यादा जोर डाल कर उन पर ज्यादा दबाव डालते हैं। इस तरह के ट्राइसेप्स पुश-अप्स करने के लिए आपको प्लैंक पुजिशन से शुरू करना होता है। इसके बाद आपको अपने पैरों को बेंच या स्विस बॉल पर ऊपर की ओर रखना होता है। साथ ही आपको अपनी आर्म्स और कोहनियों को टाइट रखना होगा। इसके बाद आपको अपनी बॉडी को इतने नीचे तक ले जाना होगा जितना कि आप जा सकते हैं। इसके बाद वापस ऊपर आना होगा। इस तरह आप इस पुश-अप्स को अपनी क्षमता के अनुसार तीन सेट्स में कर सकते हैं।

इन सभी ट्राइसेप्स एक्सरसाइज को ज्यादा न करें और ध्यान से करें। फिटनेस एक्सपर्ट के सलाह अनुसार ही ट्राइसेप्स वर्कआउट करना शुरू करें। ट्राइसेप्स एक्सरसाइज के साथ-साथ आहार पर भी ध्यान दें। ट्राइसेप्स के इन व्यायामों को महिलाएं भी कर सकती हैं, लेकिन एक बार एक्सपर्ट्स से जरूर सलाह लें।  

बॉल पुश-अप्स

ट्राइसेप्स वर्कआउट में शामिल बॉल पुश-अप्स महिलाओं के ट्राइसेप्स के लिए बेहतर माना जाता है। मेडिसिन बॉल की मदद से इस पुश-अप्स एक्सरसाइज को किया जा सकता है। बॉल पुश-अप्स करने के लिए पुश-अप्स पुजिशन में आ जाएं। अब मेडिसिन बॉल को हाथों के नीचे रखकर व्यायाम की शुरुआत करें।

बॉल पुश-अप्स के फायदे- महिलाएं इस एक्सरसाइज की मदद से ट्राइसेप्स को स्ट्रॉन्ग बनाने के साथ-साथ पूरे बॉडी को स्ट्रॉन्ग बनाने में भी सहायता मिलती है।

ट्राइसेप्स के लिए ये एक्सरसाइज भी हैं बेहतर

ट्राइसेप्स एक्सरसाइज-Triceps exercise

बेंच प्रेस और ओवरहेड प्रेस दो ऐसे व्यायाम हैं, जो आपके ट्राइसेप्स के लिए अच्छी हैं। इस व्यायाम के दौरान आपकी बाजुएं बिल्कुल सीधी होती हैं, लेकिन वजन अधिक होता है क्योंकि इसमें अधिक मांसपेशियां का व्यायाम होता हैं। क्लोज-ग्रिप बेंच प्रेस, ओवरहेड ट्राइसेप्स एक्सटेंशन, ट्राइसेप डिप्स ऐसी कुछ एक्सरसाइज हैं, जिन्हें आप कर सकते हैं। फोरआर्म्स डेडलिफ्ट्स भी फोरआर्म्स के लिए अच्छी एक्सरसाइज है।

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ट्राइसेप्स एक्सरसाइज के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

ट्राइसेप्स एक्सरसाइज की शुरूआत अगर आप करने जा रहे हैं, तो आप इस बात का ध्यान रखें कि जब भी एक्सरसाइज करें, तो उसके पहले वॉर्मअप जरूर कर लें। वॉर्मअप करने से एक्सरसाइज करने के दौरान बॉडी को स्ट्रेच करने में समस्या नहीं होती है। जो लोग वॉर्मअप के बिना ही एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें कोहनी में चोट लगने का अधिक खतरा रहता है। आपको एक्ससाइज के दौरान इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि एक ही दिन में एक्सरसाइज करने से फर्क नहीं पड़ता है। रोजाना उतनी ही एक्सरसाइज करें, जितनी आपको एक्सपर्ट ने राय दी हो। अगर आपको एक्सरसाइज के दौरान खिचांव महसूस होता है, तो इस बारे में एक्सपर्ट को जरूर बताएं। ट्राइसेप्स और बाइसेप्स के एक्सरसाइज में अंतर होता है, इसलिए ट्राइसेप्स एक्सरसाइज में जल्दबाजी न करें।

हम आशा करते हैं कि आपको इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पसंद आई होगी और आपको ट्राइसेप्स वर्कआउट से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल है, तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें। अगर आप ट्राइसेप्स व्यायाम से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो फिटनेस एक्सपर्ट से समझना बेहतर होगा।

डिस्क्लेमर

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