Thyroid biopsy: थायरॉइड बायोप्सी क्या है?

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

परिभाषा

थायरॉइड बायोप्सी (Thyroid Biopsy) क्या है?

थायरॉइड बायोप्सी में डॉक्टर आपकी थायरॉइड ग्रंथि से संदिग्ध टिशू (कोशिका) का छोटा सा हिस्सा सुई की मदद से निकालता है। सुई को संदिग्ध हिस्से तक पुंहचाने में मदद के लिए अल्ट्रासाउंड ट्रांस्ड्यूसर की मदद से इमेज बनाई जाती है।

थायरॉइड बायोप्सी (Thyroid Biopsy) क्यों की जाती है ?

थायरॉइड बायोप्सी का मकसद इस बात का विश्लेषण और मूल्यांकन करना है कि कहीं गांठ और गोइटर (घेंघा) खतरनाक तो नहीं है और ये कोई समस्या तो नहीं खड़ी करेंगे।

थायरॉइड बायोप्सी की मदद से डॉक्टर गांठ और गोइटर के कारणों का पता लगता है, लेकिन आपको थायरॉइड की सभी समस्याओं के लिए इसकी आवश्यकता नहीं पड़ती। उदाहरण के लिए, आपके लक्षण, ब्लड टेस्ट और इमेजिंग यह बताने के लिए पर्याप्त हैं कि आपको ग्रेव्स रोग है या नहीं।

हो सकता है आपका डॉक्टर एक सेंटीमीटर (करीब आधा इंच) से बड़े किसी गांठ की जांच करना चाहेगा, खासतौर पर जब इमेजिंग में यह दिखे कि गांठ ठोस है, उसके ऊपर कैल्शियम है और इसके आसपास स्पष्ट सीमाएं नहीं हैं।

बिना गांठ के भी आपकी बायोप्सी की जा सकती है, यदि आपको बहुत दर्द हो और थायरॉइड जल्दी बढ़ रहा हो।

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एहतियात/चेतावनी

थायरॉइड बायोप्सी (Thyroid Biopsy) से पहले आपको क्या पता होना चाहिए ?

टेस्ट की योग्यता कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे व्यक्तिगत स्थिति, मेडिकल हिस्ट्री और सामान्य स्वास्थ्य।

आपको सिर पीछे की ओर झुकाकर लेटना असहज लग सकता है। बायोप्सी वाले हिस्से में 1-2 दिन तक दर्द और संवेदनशीलता महसूस हो सकती है।

थायरॉइड के लिए फाइन निडल एस्पीरेशन बायोप्सी से जुड़े जोखिम में रक्तस्राव, संक्रमण और सिस्ट का बनना शामिल है, लेकिन ये जटलिताएं बेहद दुर्लभ हैं।

मरीज को यदि थायरॉइड बायोप्सी वाली जगह पर बहुत गहरा निशान या सूजन हो, उस हिस्से में लगातार दर्द या बुखार आए तो तुरंत डॉक्टर को संपर्क करना चाहिए।

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प्रक्रिया

थायरॉइड बायोप्सी (Thyroid Biopsy) के लिए कैसे तैयारी करें ?

  • अपने डॉक्टर से पूछें कि प्रक्रिया से पहले आपको क्या करना है और क्या नहीं। कुछ सामान्य तैयारियों में शामिल हैंः
  • आप जो भी दवा या नेचुलर हेल्थ प्रोडक्ट्स ले रहे हैं उसके बारे में डॉक्टर बताएं। इनमें से कुछ रक्तस्राव का जोखिम बढ़ा सकते हैं या एनेस्थीसिया को प्रभावित कर सकते हैं।
  • यदि आप ब्लड थिनर लेते हैं, जैसे वार्फ़रिन (कौमेडिन), क्लोपिडोग्रेल (प्लाविक्स) या एस्पिरिन तो इस बारे में पहले अपने डॉक्टर से बात कर लें। वह आपको बताएगा/बताएगी कि क्या आपको अपनी प्रक्रिया से पहले इन दवाओं को लेना बंद कर देना चाहिए। डॉक्टर आपसे जो कहना चाहता है वह आप समझ रहे हैं या नहीं यह सुनिश्चित करना जरूरी है।
  • डॉक्टर आपको बताएगा कि प्रक्रिया से पहले आपको कौन सी दवाइयां लेनी हैं और कौन सी बंद करनी हैं। आपको प्रक्रिया से एक हफ्ते या उससे भी पहले से कुछ दवाइयों का सेवन बंद करना होगा। इसलिए जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से बात करें।
  • यदि आपके पास अपनी देखभाल के लिए योजना है तो डॉक्टर को बताएं। उसकी एक प्रति अस्पताल में लेकर आएं। यदि आपके पास यह नहीं है, तो आप इसे बनाना चाहते हैं। इससे आपके डॉक्टर और प्रियजनों को आपके स्वास्थ्य की देखभाल की जरूरतों के बारे में पता चलता है। डॉक्टर हर मरीज को किसी भी तरह की सर्ज़री से पहले इस तरह की तैयारी की सलाह देते हैं।
  • प्रक्रिया से कितनी देर पहले खाना-पीना बंद करना है इस बारे में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, वरना आपकी बायोप्सी रद्द भी हो सकती है। यदि डॉक्टर ने आपको प्रक्रिया के दिन दवाइयां लेनी के लिए कही है तो बस एक घूट पानी के साथ ही दवा लें।
  • प्रक्रिया के लिए जाने से पहले स्नान कर लें। कोई भी लोशन, परफ्यूम, डियोड्रेंट या नेलपॉलिश न लगाएं।
  • अपने सभी गहने और यदि पियरसिंग करवाई है तो वह भी निकाल दें। यदि कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हैं तो उसे भी निकाल दें।

थायरॉइड बायोप्सी के दौरान क्या होता है ?

बायोप्सी में लगने वाला समय उसके तरीके पर निर्भर करता है। आपको अस्पताल में एक रात के लिए रुकना पड़ सकता है।

आमतौर पर फाइन निडल एस्पीरेशन बायोप्सी का ही इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन कुछ कारणों से दूसरी बायोप्सी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • फाइन निडल एस्पीरेशन (FNA) बायोप्सी। इस टेस्ट में छोटी सुई का इस्तेमाल होता है। आप होश में रहते हैं और आपको चींटी काटने जैसा एहसास होता है। इसलिए आपको किसी तरह की सुन्न करने वाली दवा की ज़रूरत नहीं होती। अल्ट्रासाउंड इमेजिंग की मदद से डॉक्टर सुई को गर्दन के अंदर डालकर जांच के लिए नमूना निकालता है। आप सुई को थोड़ा इधर-उधर घूमता महसूस कर सकते हैं। आपका डॉक्टर गांठ और गोइटर के अलग-अलग हिस्सों के नमूने के लिए यह प्रक्रिया दोहरा सकता है। साथ ही डॉक्टर थायरॉइड के पास स्थित लिम्फ नोड से भी नमूना ले सकता है। इस प्रक्रिया में आधे घंटे का समय लगता है। जहां सुई डाली जाती है वहां पर एक छोटा बैंडेज लगाया जाता है।
  • कोर निडल बायोप्सी। यह FNA की तरह ही होता है, लेकिन सुई थोड़ी बड़ी होती है। यदि डॉक्टर को FNA बायोप्सी से साफ परिणाम नहीं मिलते हैं तो कोर निडल बायोप्सी अच्छा बैकअप प्लान है। शोधकर्ता अभी भी देख रहे हैं कि इसका बेहतरीन इस्तेमाल कब और कैसे करना है।
  • सर्जिकल बायोप्सी। डॉक्टर थायरॉइड में इस विधि का इस्तेमाल शायद ही कभी करते हैं। इसमें गांठ को निकालने के लिए गर्दन में चीरा लगाने की ज़रूरत पड़ी है। इसका यह भी मतलब है कि आपका आधा थायरॉइड हटाया जाए। क्योंकि यह सर्जरी है इसलिए आपको ऑपरेशन के दौरान दवाइयां लेनी पड़ेंगी। इसमें ठीक होने में भी ज़्यादा समय लगता है।

थायरॉइड बायोप्सी (Thyroid Biopsy) के बाद क्या होता है ?

  • सुनिश्चित करें कि आपको घर ले जाने के लिए साथ कोई हो, क्योंकि एनेस्थिसिया और दर्द कम करने वाली दवाओं के कारण आप अकेले घर नहीं जा पाएंगे।
  • जब भी थकान महसूस हो आराम करें। पर्याप्त नींद लेने से जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है।
  • आप सामान्य खाना खा सकते हैं। यदि आपका पेट ठीक नहीं है, तो सादा चावल, उबला चिकना, टोस्ट और दही जैसे लो फैट वाली चीज़ें खाएं।
  • आप दोबारा कब से दवाइयां ले सकते हैं इस बारे में डॉक्टर आपको बताएगा। साथ ही यदि कोई नई दवा लेनी है तो इस बारे में भी डॉक्टर सलाह देगा।
  • यदि आप ब्लड थिनर लेते हैं, जैसे वार्फ़रिन (कौमेडिन), क्लोपिडोग्रेल (प्लाविक्स) एस्पिरिन, तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात कर लें। वह आपको बताएगा कि आप दोबारा कब से इन दवाओं को ले सकते हैं। आपका डॉक्टर जो कह रहा है आप उसे ठीक से समझ रहे हैं या नहीं यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है।
  • दवाइयां निर्देशानुसार ही लें।
  • बायोप्सी वाले हिस्से को 48 घंटे तक ढंककर और सूख रखें। उस जगह से थोड़ा रक्तस्राव हो सकता है।

थायरॉइड बायोप्सी के बारे में किसी तरह का प्रश्न होने पर और उसे बेहतर तरीके से समझने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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परिणामों को समझें

मेरे परिणामों का क्या मतलब है?

आपको परिणाम कुछ ही दिनों में मिल जाएगा। आमतौर पर इसमें 2 हफ्ते का समय लगता है। अपने डॉक्टर से पूछें कि आपको परिणामों के बारे में कब पता लगाना चाहिए।

आगे क्या करना है यह बायोप्सी के परिणामों पर निर्भर करता है। यदि यह कैंसर नहीं है और आप में अन्य कोई लक्षण नहीं दिखते हैं, तो आपको फॉलो अप के लिए तैयार रहना होगा। इसमें अन्य चीज़ों की जांच की जाएगी, जैसे- गांठ में हुआ बदलाव या कोई नई गांठ दिखना।

यदि यह कैंसर है तो आपको सर्जरी की जरूरत है। अधिकांश थायरॉइड कैंसर इलाज किया जा सकता है।

दूसरे मामलों में, आपको अंडरएक्टिव और ओवरएक्टिव थायरॉइड के लिए उपचार की आवश्यकता होगी। या एक बड़े गांठ के लिए जो आपकी सांस लेने और भोजन निगलने के रास्ते में है।

कभी-कभी FNA से निश्चित परिणाम नहीं मिलता है। अक्सर फिर इसे दोहराया जाता है, लेकिन तब भी परिणाम स्पष्ट नहीं आए तो आपके लक्षण और अन्य परिणामों के आधार पर डॉक्टर आपको अन्य विकल्प बताएगा। इसका मतलब है कि आपको दूसरे तरह की बायोप्सी करवानी होगी, जैसे- थायरॉइड सर्जरी या वॉचफुल वेटिंग।

सभी लैब और अस्पताल के आधार पर थायरॉइड बायोप्सी की सामान्य सीमा अलग-अलग हो सकती है। परीक्षण परिणाम से जुड़े किसी भी सवाल के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी तरह की चिकित्सा सलाह, निदान और उपचार प्रदान नहीं करता है।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 20, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 8, 2019

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