Urine Test : यूरिन टेस्ट क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

बेसिक्स को जाने

यूरिन टेस्ट (Urine Test) क्या है?

यूरिन टेस्ट एक लैब टेस्ट है। यूरीन टेस्ट आपके डॉक्टर को उन समस्याओं का पता लगाने में मदद कर सकता है जो आपके यूरिन में पाई जाती है।

कई बीमारियां और विकार शरीर द्वारा बेकार और विषाक्त पदार्थों को दूर करने की क्रिया को प्रभावित करते हैं । इस क्रिया को पूरा करने में सहयोग देने वाले अंग है,फेफड़े, किडनी, यूरिन ट्रैक, त्वचा और ब्लैडर ।  इनमें से किसी के साथ अगर कोई दिक्कत होती है,तो इसका सीधा प्रभाव आपके यूरिन के कार्यक्षेत्र पे पड़ता है ।

यूरिन टेस्ट ड्रग स्क्रीनिंग या प्रेगनेंसी टेस्ट जैसा नहीं है लेकिन तीनों में एक समानता ये है कि टेस्ट के दौरान सभी में यूरिन सैंपल की जरूरत होती है।

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यूरिन टेस्ट (Urine Test) क्यों किया जाता है?

एक यूरिन टेस्ट एक सामान्य  टेस्ट है जो कई कारणों से किया जाता है:

  • आपके ओवरऑल हेल्थ की जांच करने और दूसरे कई कारणों को समझने के लिए आपका डॉक्टर यूरिन टेस्ट कराने के निर्देश दे सकता है

जिनमे शामिल है 

  •  रूटीन मेडिकल टेस्ट
  • प्रेगनेंसी टेस्ट,
  • प्री-सर्जरी 
  • डाइबिटीज
  • किडनी और लिवर रोग 
  • एक चिकित्सा स्थिति का निदान करने के लिए।  यदि आप पेट दर्द, पीठ दर्द, पेशाब करने में असहनीय दर्द,  यूरिन में ब्लड, या अन्य यूरिन समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो आपका डॉक्टर यूरिन टेस्ट कराने का सुझाव दे सकता है। 
  • चिकित्सा स्थिति की निगरानी के लिए।  यदि आपको कोई चिकित्सकीय स्थिति, जैसे कि किडनी की बीमारी या यूरिन ट्रैक में समस्या है, तो आपका डॉक्टर आपकी स्थिति और उपचार की मॉनिटरिंग के लिए नियमित रूप से यूरिन टेस्ट के निर्देश दे सकता है।

अन्य  टेस्ट, जैसे प्रेगनेंसी टेस्ट और ड्रग स्क्रीनिंग, भी यूरिन के सैंपल पर निर्भर हो सकते हैं, लेकिन ये  टेस्ट उन पदार्थों की तलाश करते हैं जो एक सामान्य यूरिन टेस्ट में शामिल नहीं हैं। उदाहरण के लिए, प्रेगनेंसी टेस्ट ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (एचसीजी) नामक एक हार्मोन को मापता है और ड्रग स्क्रीनिंग टेस्ट दवाओं या उनके मेटाबॉलिज्म उत्पादों का पता लगाता है।

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जानने योग्य बातें

यूरिन टेस्ट (Urine Test) कराने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

यदि आप यूरिन टेस्ट करा रहे है तो आपको यूरीन

सैंपल एकत्र करने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है । यूरिन सैंपल को दूषित या खराब होने से बचाने के लिए बताए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करे

प्रक्रिया

यूरिन टेस्ट (Urine Test) की तैयारी कैसे करें?

  • अपने  टेस्ट से पहले, पर्याप्त मात्रा में पानी पीजिए ताकि आप पर्याप्त मात्रा में यूरिन सैंपल दे सकें। जरूरत से ज्यादा पानी मत पीजिये क्योंकि ये आपके टेस्ट रिजल्ट को प्रभावित कर सकते है ।
  • आप जूस या दूध के दो ग्लास पी सकते है यदि आपके डाइट प्लान में कोई समस्या ना हो तो। इसके अलावा टेस्ट के दिन खाने पीने को लेकर किसी तरह के एहतियात बरतने की जरूरत नहीं है

डॉक्टर आपसे उन दवाओं या डाइट्री सप्लीमेंट के बारे में पूछ सकता है जिसे आप मौजूदा समय मे ले रहे है क्योंकि ये दवाएं आपके टेस्ट रिजल्ट को प्रभावित कर सकती है । इन दवाओं में शामिल है

  •  विटामिन सी की खुराक
  •  राइबोफ्लेविन
  •  एन्थ्राक्विनोन जुलाब की दवा
  •  मेथोकारबामो
  •  नाइट्रोफ्यूरन्टाइन

कुछ अन्य दवाएं भी आपके रिजल्ट को प्रभावित कर सकती हैं।  यूरिन टेस्ट कराने से पहले सभी चीजों के बारे में अपने डॉक्टर को सूचित करें

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यूरिन टेस्ट (Urine Test) के दौरान क्या होता है?

हॉस्पिटल या डॉक्टर के क्लीनिक में आपका यूरिन टेस्ट किया जाएगा जहां आपको एक प्लास्टिक के कप में अपना यूरिन सैंपल एकत्र करना होगा जिसके लिए आपको एक प्राइवेट कमरे की सुविधा दी जाएगी।

इस टेस्ट के लिए “क्लीन-कैच”यूरिन सैंपल की जरूरत  होती है। 

इस प्रकार का सैंपल एकत्र करने के लिए:

  • यूरिन कंटेनर के ढक्कन को खोलने से पहले अपने हाथों को सावधानी से धोएं और सूखा ले ।
  • एक एंटीसेप्टिक पैड की मदद से यूरिनमार्ग के आसपास की जगह को साफ करें।
  • सीधे शौचालय में पेशाब करना शुरू करें, फिर एक सैंपल लेने के लिए कंटेनर में पेशाब करें।
  • निर्देश के अनुसार कंटेनर भरें।
  • ध्यान रखे कि कंटेनर के किसी भी हिस्से से आपके प्राइवेट पार्ट या स्किन टच ना हो।
  • कन्टेनर का ढक्कन बंद कर दे ।

यूरिन सैंपल जमा होने के बाद उसे जांच के लिए लैब में या फिर हॉस्पिटल में ही रखा जाएगा यदि वहां जांच संबधी सभी उपकरण और साजोसामान उपलब्ध है तो।

यूरिन टेस्ट (Urine Test) के बाद क्या होता है?

आपका डॉक्टर आपके यूरिन की जांच करने के लिए दी गई विधियों में से एक या अधिक का उपयोग करेगा:

माइक्रोस्कोपिक एग्जाम

माइक्रोस्कोपिक एग्जाम में, डॉक्टर एक माइक्रोस्कोप की मदद से आपके यूरिन की बूंदों को देखता है। 

 वे देखते है:

  • आपके लाल या सफेद ब्लड सेल में असामान्यताएं, जो इंफेक्शन, किडनी की बीमारी, ब्लेडर के कैंसर या ब्लड विकार के लक्षण हो सकते हैं
  •  क्रिस्टल जो किडनी की समस्या का संकेत दे सकते हैं
  •  संक्रामक बैक्टीरिया या यीस्ट
  •  उपकला कोशिकाएं, जो एक ट्यूमर का संकेत दे सकती हैं

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डिपस्टिक टेस्ट

डिपस्टिक टेस्ट के लिए, डॉक्टर आपके यूरिन सैंपल में एक कैमिकल ट्रीटेड प्लास्टिक डालेगा। स्टिक सैंपल में उपस्थित दूसरे सबटेंस की पहचान कर अपना रंग बदल लेती है ।  यह आपके डॉक्टर को देखने में मदद कर सकता है:

  •  बिलीरुबिन जो लाल ब्लड सेल डेथ का एक उत्पाद है
  •  ब्लड
  •  प्रोटीन
  •  एकाग्रता या विशिष्ट गुरुत्व
  •  पीएच स्तर या अम्लता में परिवर्तन
  •  शुगर

आपके यूरिन में मोजूद कणों की उच्च सांद्रता बताती है कि आप डिहाइड्रेड है।  उच्च पीएच स्तर यूरिन ट्रैक या किडनी की समस्याओं की तरफ इशारा कर सकते है। शुगर की मोजूदगी डाइबिटीज का संकेत कर सकती है।

विसुअल एग्जाम

आपका डॉक्टर असामान्यताओं के लिए यूरिन सैंपल की जांच भी कर सकता है, जैसे:

मलिन या क्लाउडेड दिखना, जो  इंफेक्शन का संकेत दे सकता है

  •  असामान्य गंध
  •  लाल या भूरा दिखना, जो आपके यूरिन में ब्लड का संकेत दे सकता है

यदि आपके मन मे यूरिन टेस्ट को लेकर कोई प्रश्न हैं, तो निर्देशों को बेहतर ढंग से समझने के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

रिजल्ट को समझें

मेरे रिजल्ट का क्या मतलब है?

जब आपके यूरिन टेस्ट के रिजल्ट दिए जाते है, तो  डॉक्टर आपके साथ उनकी समीक्षा करेगा।

 यदि आपके रिजल्ट असामान्य दिखाई देते हैं, तो दो विकल्प हैं।

यदि आपका पहले कभी किडनी की समस्याओं, यूरिन ट्रैक की समस्याओं, या दूसरी हेल्थ कंडीसन का डायग्नोस किया गया है, तो आपका डॉक्टर आपके यूरिन में पाई गई असमानता की जांच पड़ताल के लिए कई दूसरे यूरिन टेस्ट कराने के निर्देश दे सकता है।

 नीचे बतायी गयी कुछ शारीरिक स्थितियों के लक्षण यदि आपके अंदर मौजूद नहीं है और आपके फिजिकल एग्जाम से पता चलता है कि आप पूरी तरह से ठीक है , तो आपके डॉक्टर को किसी भी दूसरे टेस्ट को फॉलो करने की जरूरत नहीं है।

आपके यूरिन में प्रोटीन

आपके यूरिन में सामान्य रूप से प्रोटीन का लेवल बहुत ही मामूली होता है।  कभी-कभी, आपके यूरिन में प्रोटीन का स्तर कुछ कारणों से बढ़ सकता है जैसे,

  • अत्यधिक गर्मी या सर्दी
  •  बुखार
  •  तनाव, शारीरिक और भावनात्मक रूप में
  •  अत्यधिक व्यायाम

ये कारक किसी चिंता का विषय नहीं है लेकिन यूरिन में प्रोटीन के होने का संकेत दे सकते है जो आगे चलकर कुछ बीमारियों का कारण बन सकते है

डॉक्टर आपके यूरिन में असामान्य रूप से हाई प्रोटीन लेवल को बढ़ाने वाली किसी भी स्थिति की पहचान करने के लिए पहले बताए टेस्ट को फिर से कराने के निर्देश दे सकता है। 

प्रयोगशाला और अस्पताल के आधार पर, यूरिन टेस्ट लिए नार्मल रेंज अलग अलग हो सकती है। कृपया अपने डॉक्टर से यूरिन टेस्ट से जुड़े किसी भी सवाल के बारे में बात करे ।

हेलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

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रिव्यू की तारीख जुलाई 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 22, 2019

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