पपीता पेट के लिए फायदेमंद होता है, भारत में यह बात लगभग सभी जानते हैं। लेकिन, यह सिर्फ पेट के लिए ही नहीं, बल्कि दिल संबंधित समस्या, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर में भी काफी फायदेमंद है। इसका बोटेनिकल नाम कारिका पपाया (Carica papaya) नाम है, जो कि कैरिकेसी (Caricaceae) फैमिली से आता है।

पपीते का इस्तेमाल पेट से जुड़ी समस्याओं, आंतो के इन्फेक्शन दूर करने में होता है। पपीते में नींद लाने और मूत्र बढ़ाने वाले गुण होते हैं। इसके अलावा यह नसों के दर्द और इलेफैन्टॉइड ग्रोथ (Elephantoid growth) में भी इस्तेमाल होता है। इलेफैन्टॉइड ग्रोथ एक ऐसी समस्या है जिसमें शरीर का कोई हिस्सा बहुत फूल जाता है, यह समस्या लिम्फैटिक सिस्टम डिसऑर्डर का लक्षण है।
पपीते के और भी उपयोग हैं लेकिन इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आप किसी डॉक्टर या फार्मसिस्ट से सम्पर्क करें।
आपको बता दें कि पपीते में दो मुख्य कैमिकल पाए जाते हैं, जिन्हें पपायेन (papain) और कारपेन ( carpain) कहते हैं।
इस बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए आप किसी डॉक्टर या किसी हर्बलिस्ट से संपर्क करें।
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पपीते का इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर या फार्मसिस्ट या फिर हर्बलिस्ट से सलाह लेनी चाहिए, यदि
हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बलिस्ट या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।
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प्रेग्नेंसी और स्तनपान के दौरान:
अगर आप गर्भवती हैं तो पपीते का सेवन करना असुरक्षित है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को मुंह के माध्यम से औषधि के रूप में पपीते का सेवन नहीं करना चाहिए। आपको बता दें कि ऐसे कुछ प्रमाण हैं कि पपीते में मौजूद पपायेन (papain) होने वाले बच्चों के लिए जहर के समान होता है और इस वजह से बच्चे को दिक्कत हो सकती है।
स्तनपान के दौरान पपीते के इस्तेमाल को लेकर अभी कोई ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। इसलिए नार्मल मात्रा से ज्यादा इसका सेवन ना करें।
सर्जरी
सर्जरी शुरू होने से दो हफ्ते पहले ही आपको पपीते का सेवन बंद कर देना चाहिए। क्योंकि पपीता आपके ब्लड शुगर लेवल को कम कर सकता है और इस वजह से सर्जरी के बाद आपका ब्लड शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है।
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आपको बता दें कि पपीते के सेवन से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है। पपीते में मौजूद लैटेक्स (latex) से त्वचा में जलन हो सकती है।
अगर पपीते के जूस और इसके बीज को मुंह के माध्यम से लेते हैं तो संभवतः इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। इसके अलावा पपीते की पत्तियों की ज्यादा खुराक से पेट में उलझन भी हो सकती है।
हालांकि हर किसी को ये साइड इफेक्ट हों ऐसा जरुरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।
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पपीते के सेवन से आपकी बीमारी या आप जो वतर्मान में दवाइयां खा रहे हैं उनके असर पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर से इस विषय पर बात करें।
पपीते के सेवन से इन दवाइयां और बीमारियों पर प्रभाव पड़ सकता है :
वारफैरिन (कोमाडीन)
वारफैरिन कोमाडीन ब्लड क्लॉटिंग को कम करता है। आपको बता दें कि पपीता वारफैरिन (Warfarin) कोमाडीन (Coumadin) के प्रभाव को बढ़ा देता है और इस वजह से ब्लीडिंग और चोट की संभावना बढ़ सकती है। इसलिए आप अपने ब्लड की रेगुलर जांच कराएं। आपको वारफैरिन (कोमाडीन) की खुराक बदलनी पड़ सकती है।
डायबिटीज:
फरमेंटेड किया हुआ पपीता ब्लड शुगर लेवल को कम कर सकता है। डायबिटीज के वे मरीज जो ब्लड शुगर लेवल को कम करने के लिए दवाएं ले रहें हैं। उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इन दवाइयों के साथ अगर आप पपीते का सेवन करते हैं तो ब्लड शुगर बहुत ज्यादा कम हो सकता है। ऐसे में आपको अपनी दवाओं की खुराक भी बदलनी पड़ सकती है।
लो ब्लड शुगर (Low blood sugar)
फरमेंटेड किया हुआ पपीता ब्लड शुगर लेवल को कम कर सकता है। इसलिए जिन लोगों का ब्लड शुगर लेवल पहले से ही कम है, अगर वो लोग इस तरह फरमेंटेड पपीते का सेवन करते हैं तो उनका ब्लड शुगर लेवल बहुत ज्यादा कम हो सकता है।
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यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरुर लें।
पपीते की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।
पपीता निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है।
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