Marijuana : मारिजुआना क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

मारिजुआना (Marijuana) किसलिए इस्तेमाल किया जाता है?

मारिजुआना किसलिए इस्तेमाल किया जाता है? (Use of Marijuana)

मारिजुआना का इस्तेमाल मिचली, उल्टी, वजन घटाने और भूख ना लगने में किया जाता है। इसके अलावा मारिजुआना का इस्तेमाल स्पास्टिसिटी (Spasticity) को ठीक करने, नसों में होने वाले दर्द, चलने फिरने की समस्या, अस्थमा और मोतियाबिंद आदि बीमारियों में किया जाता है।

मारिजुआना कैसे काम करता है? (How Marijuana works)

मारिजुआना में पाया जाने वाला एक्टिव इंग्रेडिएंट जिसे डेल्टा-9 टेट्राहाइड्रोकैनाबिनॉल (delta-9 tetrahydrocannabinol, THC) कहते हैं, वो आपको मदहोश यानी खुमारी लाने का काम करता है। आपको बता दें कि मारिजुआना में मौजूद टीएचसी (THC), सीबीडी (CBD) और दूसरे घटक आपके शरीर के काम करने के तरीके को प्रभावित करते हैं।

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मारिजुआना से जुड़ी सावधानियां और चेतावनी

मारिजुआना का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या जानकारी होनी चाहिए?

मारिजुआना का इस्तेमाल करने से पहले आपको डॉक्टर या फार्मासिस्ट या फिर हर्बल विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए, यदि

  • आप गर्भवती हैं या स्तनपान कराती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप बच्चे को फीडिंग कराती हैं तो अपने डॉक्टर के मुताबिक़ ही आपको दवाओं का सेवन करना चाहिए।
  • आप कोई दूसरी दवा लेते हैं जोकि बिना डॉक्टर के प्रेस्क्रिप्सन के आसानी से मिल जाते हैं।
  • अगर आपको मारिजुआना और उसके दूसरे पदार्थों से या फिर किसी और दूसरे हर्ब्स (HERBS) से एलर्जी हो।
  • आप पहले से किसी तरह की बीमारी आदि से पीड़ित हों।
  • आपको पहले से ही किसी तरह एलर्जी हो जैसे खाने पीने वाली चीजों से, या डाइज से या किसी जानवर आदि से।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की ज़रुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना ज़रुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

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मारिजुआना कैसे सुरक्षित है? (Safety of Marijuana)

बच्चों में:

बच्चों या किशोरों को मारिजुआना के सेवन से दूर रहना चाहिए। मारिजुआना बच्चों के दिमाग के विकास को प्रभावित करता है।

प्रेगनेंसी और स्तनपान:

प्रेगनेंसी के दौरान मारिजुआना का सेवन करने से बच्चों के दिमाग और उनमें व्यवहारिक समस्या के होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर गर्भवती महिला मारिजुआना का सेवन करती है तो बच्चों के दिमाग के कुछ हिस्से पर बुरा असर पड़ सकता है जिसकी वजह से बच्चों में एकाग्रता की कमी, मेमोरी कमजोर होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ शोध यह मानते हैं कि स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध में टीएचसी (THC) की कुछ मात्रा मौजूद होती है। बच्चों के दिमाग के विकास पर मारिजुआना के सेवन का क्या प्रभाव पड़ता है, इस बारे में अभी ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है।

सर्जरी:

मारिजुआना आपके सेंट्रल नर्वस सिस्टम (Central Nervous System) को प्रभावित करता है। अगर सर्जरी के दौरान या उसके बाद एनेस्थीसिया और दूसरी दवाओं के साथ मारिजुआना का इस्तेमाल होता है तो यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम (Central Nervous System) की एक्टिविटी को और कम कर सकता है। इसलिए सर्जरी शुरू होने के दो हफ्ते पहले से ही इसका इस्तेमाल बंद करना चाहिए।

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मारिजुआना के सेवन के मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं? (Side effects of Marijuana)

फिजिकल इफेक्ट्स (Marijuana – Physical side effects)

  • सांस की समस्या: मारिजुआना के धुंए से फेफड़े में उलझन होती है। जो लोग मारिजुआना के धुंए को बार बार लेते हैं उन्हें वैसी ही सांस की समस्या होती है जैसा कि तम्बाकू के धुंए से होती है। मारिजुआना की वजह से कफ और बलगम की समस्या, बार बार फेफड़े से सम्बंधित बीमारियाँ और फेफड़े का इंफेक्शन आदि होते हैं। मारिजुआना स्मोकर्स को फेफड़े का कैंसर होने का कितना खतरा हो सकता है, इस बारे में ज्यादा शोध मौजूद नहीं है।
  • हार्ट रेट का बढ़ना: स्मोकिंग करने के बाद मारिजुआना हार्ट रेट को तीन घन्टे तक बढ़ा देता है। इस वजह से हार्ट अटैक होने की संभावना बढ़ जाती है। बुजुर्ग लोग और वे लोग जिन्हें हार्ट से जुड़ी बीमारी होती है उन लोगों में मारिजुआना ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

मानसिक रोग (Marijuana – Mental side effects)

ज्यादा समय तक मारिजुआना का इस्तेमाल करने से कुछ लोगों में मानसिक रोग हो सकते हैं जैसे,

  • अस्थायी मतिभ्रम होना
  • अस्थायी तौर पर पागलपन
  • सिजोफ्रेनिया (schizophrenia) के लक्षणों का बिगड़ जाना

मारिजुआना के इस्तेमाल से और दूसरी मानसिक बीमारियां भी हो सकती हैं जैसे डिप्रेशन, उलझन और युवाओं में आत्महत्या करने का विचार आना आदि।

हालांकि हर किसी को ये साइड इफ़ेक्ट हों ऐसा ज़रुरी नहीं है। कुछ ऐसे भी साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं जो ऊपर बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफ़ेक्ट महसूस हो या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं तो नज़दीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

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मारिजुआना से पड़ने वाले प्रभाव (Impact of Marijuana)

मारिजुआना के इस्तेमाल से अन्य किन चीजों पर प्रभाव पड़ सकता है?

मारिजुआना के सेवन से आपकी बीमारी या आप जो वतर्मान में दवाइयां खा रहे हैं उनके असर पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर से इस विषय पर बात करें।

अगर आपको निम्नलिखित बीमारियां हैं तो मारिजुआना का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें।

  • लीवर डिजीज 
  • ब्लीडिंग की समस्या
  • डायबिटीज
  • ब्लड शुगर की समस्या
  • ब्लड प्रेशर की समस्या
  • हार्ट की बीमारियां
  • रोगों से लड़ने की क्षमता कम होना
  • फेफड़े संबंधी समस्या
  • दौरे पड़ना

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मारिजुआना की खुराक

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें।

आमतौर पर कितनी मात्रा में मारिजुआना का सेवन करना चाहिए? (Dosage of Marijuana)

वयस्कों के लिए सामान्य खुराक (18 साल और उससे ऊपर)

ऐमियोट्रोफिक लैटेरल स्क्लेरोसिस (Amyotrophic lateral sclerosis) नर्व सेल्स बीमारी (Nerve Cell Disease):

इस स्थिति में रोजाना दो हफ़्तों तक 10 mg टीएचसी (THC) की खुराक निर्धारित की गई है।

कीमोथेरेपी के एक से तीन घंटे पहले तक 5mg/m2 ड्रोनाबिनोल (Dronabinol) की खुराक इस्तेमाल की जा सकती है और कीमोथेरेपी के बाद हर दो से चार घंटे पर कुल चार से छह खुराक रोज़ाना दी जा सकती है।

कीमोथेरेपी के एक से तीन घंटे पहले और बाद में दो मिलीग्राम नैबिलोन (Nabilone) की खुराक इस्तेमाल की जा सकती है।

रोजाना दो से चार बार दो से तीन मिलीग्राम नैबिलोन (Nabilone) की खुराक इस्तेमाल की जा सकती है।

दो बार कीमोथेरेपी होने के दौरान चार दिन तक रोजाना तीन बार 3 mg नैबिलोन (Nabilone) का इस्तेमाल किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें.

कीमोथेरेपी से 8 से 12 घंटे पहले एक मिलीग्राम नैबिलोन (nabilone) का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद शरीर के वजन के हिसाब से कीमोथेरेपी के बाद रोज़ाना दो से तीन बार 0.5 से 2mg नैबिलोन (nabilone) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कीमोथेरेपी से दो घंटे पहले और कीमोथेरेपी के चार, आठ, 16 और 24 घंटे बाद 10mg/m2 टीएचसी (THC) की खुराक इस्तेमाल की जा सकती है।

कैनबिनोइड्स (Cannabinoids) को 0.5-1mg लेवोनेंट्राडोल (levonantradol) के रूप में 24 घंटे के दौरान रोज़ाना तीन बार मांसपेशियों में इंजेक्ट किया जा सकता है

ऐटॉपिक डर्मेटाइटिस (त्वचा में खुजली और चकत्ते पड़ना):

इस स्थिति में 20 हफ़्तों तक मारिजुआना के बीज के तेल को मुंह के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैंसर पीड़ित लोगों में भूख लगने में:

इस स्थिति में छह हफ़्तों तक 1mg सीबीडी (CBD) के साथ या इसके बिना 2.5mg टीएचसी (THC) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पुराने दर्द में:

इस स्थिति में 25 दिनों तक 2.5mg कैनाबिनोइड्स (Cannabinoids) जैसे टीएचसी (THC), बेंजोपाइरेनोपेरीडीन (benzopyranoperidine, BPP), सीबीडी (CBD), नैबिलोन (nabilone), ड्रोनाबिनोल (dronabinol) या सिंथेटिक नाइट्रोजन टीएचसी (synthetic nitrogen THC) को कैप्सूल या फिर मुंह में स्प्रे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैनाबिस पर आधारित दवाइयां (Cannabis-based medicines) एक से छह हफ़्तों तक इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा एक हफ्ते के लिए ऐजुलेमिक एसिड (Ajulemic acid) को भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

चार से छह हफ्तों तक रोज़ाना 0.25 से 2mg नैबिलोन (nabilone) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

छह घंटे से 14 दिनों तक स्मोक्ड कैनाबिस (smoked cannabis) का 1 से 9.4% इस्तेमाल किया जा सकता है। कैनाबिस (Cannabis) पांच दिनों तक रोज़ाना तीन से चार बार स्मोक्ड (Smoked) होना चाहिए।

छह घंटे से छह हफ्ते तक रोज़ाना 10 से 20mg ड्रोनाबिनोल (dronabinol) इस्तेमाल किया जा सकता है।

जिन लोगों को कैंसर है उन्हें रोजाना 5 से 20mg डेल्टा-9 टीएचसी (delta-9-THC) को इस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है: रोजाना दो से आठ मिलीग्राम नैबिलोन (nabilone), चार हफ़्तों तक रोजाना 0.25mg नैबिलोन (nabilone), एक साल के लिए रोजाना दो बार 1 से 2mg नैबिलोन (nabilone), आठ घंटे के अंतराल पर दो बार 1 से 2mg नैबिलोन (nabilone) और सात दिनों तक रोजाना दो बार 0.5mg नैबिलोन (nabilone), इसके बाद तीन हफ़्तों तक रोजाना 2mg नैबिलोन (nabilone) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

रोजाना दो बार 0.5mg नैबिलोन (nabilone) की खुराक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

10mg टीएचसी (THC) की खुराक लेनी चाहिए और इस खुराक को छह हफ़्तों तक बढाते रहें। इसके अलावा दो हफ़्तों तक 2.5 से 120mg अलग अलग खुराकों में माउथ स्प्रे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

सेटिवैक्स (Sativex) को 48 स्प्रे रोजाना एक से दो हफ्ते तक मुंह के द्वारा ले सकते हैं। इसके बाद 10 से 15 स्प्रे रोजाना या 4 से 8 स्प्रे रोजाना तीन घन्टे के भीतर इस्तेमाल किया जा सकता है।

सिस्टिक फाइब्रोसिस (cystic fibrosis) यानी अंगों में म्यूकस जमा होने के दौरान भूख लगने में

इस स्थिति में 2.5mg ड्रोनाबिनॉल (dronabinol) का इस्तेमाल किया जा सकता है। इस खुराक को छह हफ़्तों तक 10mg तक बढाया जा सकता है।

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पागलपन:

इस स्थिति में 2.5mg ड्रोनाबिनॉल को छह हफ़्तों तक दिन में दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

खाने की समस्या:

इस स्थिति में चार हफ़्तों तक रोजाना 7.5 से 30mg टीएचसी (THC) की खुराक निर्धारित की गई है।

मिरगी:

इस स्थिति में 4.5 महीने तक रोजाना 200 से 300mg सीबीडी (CBD) की खुराक निर्धारित की गई है।

हंटिंग्टन डीसीज (Huntington’s disease) के द्वारा मूवमेंट की समस्या:

इस स्थिति में पांच हफ्ते तक रोजाना 1 से 2mg नैबीलोन (Nabilone) की खुराक निर्धारित की गई है। इसके अलावा रोजाना छह हफ्ते के लिए 10mg/kg सीबीडी (CBD) का इस्तेमाल किया जा सकता है।

नींद की बीमारी:

इस स्थिति में 40 से 160mg सीबीडी(CBD) की खुराक निर्धारित की गई है।

मल्टीपल स्केलेरोसिस के लक्षण (Multiple sclerosis symptoms):

इस स्थिति में 2.5mg ड्रोनाबिनॉल रोजाना इस्तेमाल किया जा सकता है और इसे तीन हफ्तों के लिए 10mg तक बढ़ाया जा सकता है।

14 दिनों के लिए 15 से 30mg कैनाबिस एक्सट्रैक्ट (cannabis extract) को कैप्सूल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैनाबिस एक्सट्रेक्ट (Cannabis extracts) जैसे कैनाडोर (Cannador) को दो से चार हफ्ते के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैनाबिस प्लांट एक्सट्रेक्ट (Cannabis plant extracts) जिसमें 2.5 से 120mg टीएचसी-सीबीडी (THC-CBD) दोनों हों, 2 से 15 हफ्ते तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

तीन घण्टों के भीतर आठ स्प्रे और 25 घन्टे की अवधि में 48 स्प्रे तक इस्तेमाल किया जा सकता है। 6 से 14 हफ़्तों तक सेटिवैक्स (Sativex) को स्प्रे के रूप में मुंह मे इस्तेमाल किया जा सकता है।

न्यूट्रीशनल सप्लीमेंट की तरह:

रोजाना 15 से 30ml हेम्प ऑयल (Hemp Oil) को इस्तेमाल किया जा सकता है।

सिजोफ्रेनिया (Schizophrenia):

रोजाना चार हफ्ते में लिए 40 से 1280mg सीबीडी (CBD) को इस्तेमाल किया जा सकता है।

टूरेटी सिंड्रोम (Tourette’s syndrome):

जिलेटिन कैप्सुल को एक सिंगल खुराक में इस्तेमाल किया जा सकता है जिसमें 2.5 से 10mg टीएचसी (THC) होता है।

रुमेटाइड आर्थराइटिस (Rheumatoid arthritis):

रोज़ाना पांच हफ्ते के लिए रात में सोने से 30 मिनट पहले सेटिवैक्स(Sativex) की छह स्प्रे इस्तेमाल की जा सकती है।

मोतियाबिंद (आंखो में दबाव का बढ़ना):

इस स्थिति में 5mg टीएचसी (THC) को जीभ के नीचे रखना चाहिए। एक सिंगल खुराक के रूप में 20 से 40mg सीबीडी(CBD) को जीभ के नीचे रखना चाहिए। हालांकि आंखों के प्रेशर को बढाने के लिए 40mg पर्याप्त खुराक होती है।

मारिजुआना किन किन रूपों में उपलब्ध है? (Dosage forms of Marijuana)

मारिजुआना निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है

  • कैप्सूल 2.5mg
  • जिलेटिन कैप्सूल
  • माउथ स्प्रे

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सूत्र

रिव्यू की तारीख जुलाई 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 22, 2019

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