Clove : लौंग क्या है?

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

परिचय

लौंग (Clove) का पौधा एशिया और साउथ अमेरिका में उगाया जाता है। यह एक सुगंधित पौधा है, जिसके सूखे फूल की कलियां, तेल, पत्तियां और डंठल को दवाई बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लौंग का बोटेनिकल नाम सियाजियम ऐरोमेटिकम (Syzygium aromaticum) है, जो कि माइरटेसी (Myrtaceae) फैमिली से आता है।

लौंग के अंदर फाइबर, विटामिन और मिनरल होते हैं। इसलिए लौंग को खाने में फ्लेवर के लिए इस्तेमाल करने पर खाने में पोषण को भी मिलाया जा सकता है।

लौंग को आमतौर पर मसूड़ों के दर्द, दंत चिकित्सा के दौरान होने वाले दर्द और अन्य दांतों की समस्याओं के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अभी इसके प्रभाव को लेकर कुछ ही वैज्ञानिक रिसर्च की गई हैं। दूसरी तरफ, लौंग को खाने और ड्रिंक्स में फ्लेवरिंग एजेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।

लौंग को टूथपेस्ट, साबुन, कॉस्मेटिक्स, परफ्यूम और सिगरेट के निर्माण में भी इस्तेमाल किया जाता है। क्लोव (लौंग) सिगरेट में सामान्यतः 60 से 80 प्रतिशत तक तंबाकू और 20 से 40 प्रतिशत तक लौंग होता है।

यह भी पढ़ेंः  Cocoa : कोकोआ क्या है?

उपयोग

लौंग का उपयोग किस लिए किया जाता है? 

लौंग का इस्तेमाल निम्नलिखित स्थितियों में किया जाता हैः

  • इसका उपयोग पेट की खराबी और कफ या बलगम को शरीर से निकालने के लिए किया जाता है।
  • लौंग के तेल का उपयोग दस्त, हर्निया और सांसों की बदबू दूर करने के लिए किया जाता है। लौंग और लौंग के तेल का उपयोग आंतों की गैस, मतली और उल्टी के लिए किया जाता है।
  • दांत दर्द के लिए, दांतों के इलाज के दौरान दर्द रोकने के लिए, लौंग को मसूड़ों पर सीधे लगाया जाता है।
  • इसका उपयोग त्वचा की सतह पर जलन या दर्द और मुंह और गले की सूजन को दूर करने के लिए किया जाता है।
  • दूसरे पदार्थों के साथ मिलकर लौंग मर्दों की शीघ्रपतन की समस्या में भी कारगर सिद्ध हो सकती है।
  • इसका उपयोग टूथपेस्ट, साबुन, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, सेंट और सिगरेट में किया जाता है।
  • लौंग के सुगंधित गुणों के कारण शरीर पर इसका तेल या क्लोव ऑयल जेल को लगाने से मच्छर दूर रहते हैं।

यह कैसे काम करता है?

लौंग की एक बड़ी चम्मच (2 ग्राम) में निम्नलिखित चीजें होती हैं-

कैलोरी- 21

कार्ब्स- 1 ग्राम

फाइबर– 1 ग्राम

मैंगनीज- आरडीआई का 30%

विटामिन K –  आरडीआई का 4%

विटामिन C – आरडीआई का 3%

फायबर कब्ज की समस्या को दूर करता है और विटामिन सी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती देता है। इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन K ब्लड क्लोटिंग के लिए काफी जरूरी पोषक तत्व है। दूसरी तरफ मैंगनीज दिमागी प्रक्रिया और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए एक जरूरी मिनरल है।

इन सभी बातों के अलावा लौंग में कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन ई की भी थोड़ी बहुत मात्रा होती है।

लौंग में इन पोषक तत्वों के साथ एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं, जो कि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से क्रोनिक डिजीज होने की आशंका रहती है। लौंग में यूजनोल (Eugenol)  नामक नैचुरल एंटी-ऑक्सीडेंट होता है।

वैसे इस बात पर अभी कम अध्ययन हुआ है कि यह कैसे काम करता है, इसलिए इससे जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

हालांकि, कुछ अध्ययन हैं, जो दिखाते हैं कि लौंग प्रोस्टाग्लैंडीन संश्लेषण, साइडोऑक्सीजिनेज और लाइपोक्सिजेनेज को बाधित करता है। लौंग में पाया जाने वाला एक रासायनिक घटक, यूजेनॉल एनेस्थेटिक एक्शन और रोग पैदा करने वाले जीवाणुओं को शरीर से खत्म करता है।

यह भी पढ़ें : Aloe Vera : एलोवेरा क्या है?

सावधानियां और चेतावनी

लौंग का उपयोग करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

लौंग का इस्तेमाल करने से पहले निम्नलिखित स्थितियों में अपने चिकित्सक या फार्मसिस्ट या हर्बलिस्ट से परामर्श करें:
1. यदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं- गर्भवती या स्तनपान कराने की स्थिति में किसी भी आहार या दवा का सेवन करने से पहले अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से जरूर परामर्श करें, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव बच्चे और मां के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
2. यदि आप कोई अन्य दवा ले रहे हैं- इसमें आपके द्वारा ली जा रही कोई भी दवा शामिल है, जो बिना डॉक्टर के पर्चे के खरीदने के लिए उपलब्ध है।
3. यदि आपको लौंग या अन्य दवाओं या अन्य जड़ी बूटियों के किसी भी पदार्थ से एलर्जी है।
4. यदि आपको कोई अन्य बीमारी, विकार या चिकित्सा संबंधी बीमारियां हैं।
5. यदि आपको किसी अन्य प्रकार की एलर्जी है, जैसे कि खाद्य पदार्थ, डाई, डिब्बा बंद चीजें या जानवर से।

लौंग को ठंडी, सूखी जगह पर रखें। इसे गर्मी और नमी से दूर रखें।

आपको लौंग के तेल को खाने के तेल में मिलाकर पतला करना चाहिए।

किसी भी हर्बल सप्लीमेंट के सेवन करने के नियम उतने ही सख्त होते हैं, जितने कि अंग्रेजी दवा के। सुरक्षा के लिहाज से अभी इसमें और अध्ययन की जरूरत है। हर्बल सप्लीमेंट से होने वाले फायदे से पहले आपको इसके खतरों को समझ लेना चाहिए। ज्यादा जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट से बात कीजिए।

लौंग कितनी सुरक्षित है?

अभी इससे जुड़े और वैज्ञानिक शोध करने की जरूरत है। इसलिए विश्वसनीय प्रमाण मिलने से पहले प्रेग्नेंट महिला या मां का दूध पी रहे बच्चे, लौंग या लौंग से बनी चीजों का इस्तेमाल न करें।

यह भी पढ़ें : Curry Leaves : करी पत्ता क्या है?

साइड इफेक्ट्स

लौंग से मुझे किस तरह के साइड इफेक्ट हो सकते हैं?

लौंग के कई साइड इफेक्ट हो सकते हैं:

  • अवसाद, दौरे
  • टिश्यू की जलन
  • त्वचा की जलन
  • मांसपेशियों में ऐंठन

जरूरी नहीं कि दिए गए साइड इफेक्ट का ही आपको सामना करना पड़े। ये दूसरे प्रकार के भी हो सकते हैं, जिन्हें यहां शामिल नहीं किया गया है। अगर आपको साइड इफेक्ट को लेकर कोई शंका है, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

लौंग के साथ किस दवा का इंटरैक्शन हो सकता है?

यह आपकी दवाओं और मेडिकल कंडिसन्स पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है। इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर से राय जरूर लें।

लौंग उन दवाओं जो ब्लड क्लॉट को धीमा करती हैं जैसे एंटीकोआगुलेंट / एंटीप्लेटलेट ड्रग्स इसके साथ मिलकर शरीर पर विपरीत असर डाल सकती है।

यह भी पढ़ें :  Ashwagandha : अश्वगंधा क्या है?

मात्रा/डोसेज

लौंग की सामान्य खुराक क्या है?

हर हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। कृपया अपनी उचित खुराक के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

यह भी पढ़ें : Chicory: कासनी क्या है?

उपलब्धता

लौंग किस रूप में आती है?

लौंग निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकती है:

  • कच्ची लौंग
  • लौंग का तेल
  • क्लोव ऑयल जेल
  • सिगरेट, माउथवॉश के अंदर।

हेलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

और पढ़ें : 

Chamomile: कैमोमाइल क्या है?

Fenugreek: मेथी क्या है?

Fir: फर क्या है?

Honey: शहद क्या है?

Share now :

रिव्यू की तारीख जुलाई 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया जनवरी 17, 2020

सूत्र
शायद आपको यह भी अच्छा लगे