Curry Leaves : करी पत्ता क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Radhika apte

करी पत्ते का उपयोग (Curry Leaves Uses In Hindi)

करी पत्ता

करी (curry leaves) संतरे की नस्ल का पेड़ है। इसकी पत्तियों को करी पत्ते के नाम से जाना जाता है,

करी पत्ते (Curry Leaves) का उपयोग किस लिए किया जाता है?

  • करी पत्ते (curry leaves) में एंटी-डायबिटिक एंजेट होते हैं। यह शरीर में ब्लड शुगर लेवल को कम करता है। साथ ही, इसमें मौजूद फाइबर भी डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।
  • करी पत्ते में रक्त कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले गुण भी होते हैं, जिससे दिल की बीमारियों से बचाव होता हैं।
  • यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल का ऑक्सीकरण होने से रोकते हैं। 
  • करी पत्ते में कार्बाजोल एल्कलॉयड्स होते हैं, जिससे इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये गुण पेट के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। यह पेट से पित्त भी दूर करता है, जो डायरिया होने का कारण है। 
  • सूखा कफ, साइनसाइटिस और चेस्ट में जमाव है तो करी पत्ता बेहद असरदार उपाय हो सकता है।
  • इसमें विटामिन सी और ए के साथ एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो जमे हुए बलगम को बाहर निकालने में मदद करते हैं
  • करी पत्ता लिवर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता हैं,
  • करी पत्ते में आयरन और फोलिक एसिड उच्च मात्रा में होने से ये एनीमिया या आयरन की कमी नहीं होने देता
  • मासिक धर्म के दिनों में होने वाली परेशानी व दर्द से निजात पाने के लिए कढ़ी पत्ता काफी असरदार होता है।

सावधानियाँ और चेतावनी (Caution and Warning Using Curry Leaves In Hindi)

अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से परामर्श करें, यदि:

  • अगर आप प्रेगनेंट है या उसके बारे में सोच रही है, या फिर बच्चे को दूध पिला रही है, तो इस दौरान करी पत्ते के इस्तेमाल से पहले आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए क्योंकि इस अवस्था मे आपको डॉक्टर की बताई दवाओं का ही सेवन करना चाहिए।
  • आप डॉक्टरी सलाह या बिना किसी सलाह वाली दवाओं का सेवन कर रही है 
  • आपको करी पत्ते  या उसके किसी सबटेंस, कोई एलर्जी तो नहीं
  • आपको किसी दूसरी चीजों से एलर्जी तो नहीं जैसे, खाने,रंग, खाने को सुरक्षित रखने वाले पदार्थ या जानवरों से।

किसी भी हर्बल के सेवन करने के नियम उतने ही सख्त होते है जितने कि अंग्रेजी दावा के । सुरक्षा के लिहाज से अभी इसमें और अध्ययन की जरूरत है । करी पत्ते के सेवन से होने वाले फायदे से पहले आपको इसके खतरों को समझ लेना चाहिए। ज्यादा जानकारी के लिए अपने हर्बल एक्सपर्ट से बात कीजिये।

साइड इफेक्ट (Curry Leaves Side Effects In Hindi)

करी पत्ते से मुझे क्या साइड इफेक्ट हो सकते है

  • करी पत्ते से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है जैसे लालिमा, सूजन, जलन 

सहभागिता/इंटरेक्शन

करी पत्ता के साथ मेरे क्या इंटरेक्शन हो सकते  है?

यह हर्बल सप्लीमेंट आपकी मौजूदा दवाओं या मेडिकल कंडिसन्स में फेरबदल कर सकता है।  उपयोग करने से पहले अपने हर्बल एक्सपर्ट, वैद या डॉक्टर से परामर्श करें।

मात्रा/ डोज

सामान्य खुराक क्या है?

पाचन तंत्र की अनियमितताएँ : करी पत्ते का ताजा रस नींबू के रस और शक्कर के साथ मिलाकर लेने से यह मिचली और उलटी में,  को ठीक करने में कामयाब है। ऐसी अवस्था में करी पत्ते का एक या दो चम्मच रस नींबू के रस के साथ मिलाकर लेना चाहिए।

करी पत्ते की नाजुक पत्तियाँ अतिसार, पेचिश में उपयोगी हैं। इन रोगों में इसे शहद के साथ मिलाकर लेना चाहिए। पित्त के कारण होने वाली उलटियों में भी करी पेड़ की छाल उपयोगी है। ऐसी अवस्था में सूखी छाल का चम्मच भर पाउडर या काढ़ा ठंडे पानी के साथ लेना चाहिए।

यदि आप शराब पीते है तो आपको उसे अवश्य छोड़ देना चाहिए, यदि आप ऐसा नहीं कर पा रहे है तो करी पत्ते का सेवन किसी ना किसी रूप में जरुर कीजिये क्योंकि यह लीवर पर शराब के साइड इफ़ेक्ट को कम करने में मदद करता है |

मधुमेह : तीन महीने तक रोजाना सुबह ताजा दस करी पत्तियाँ खाने से उन व्यक्तियों में मधुमेह को रोका जा सकता है, जिनके माता-पिता में यह रोग हो। यह मोटापे के कारण होनेवाले मधुमेह को भी ठीक करता है। क्योंकि करी पत्ते में वजन कम करने के गुण होते हैं। जैसे ही वजन कम होने लगता है, मधुमेह के मरीज के पेशाब से शर्करा का जाना रुक जाता है।

आँखों की बिमारियों में : करी पत्ते का ताजा रस लगाने से आँखें चमकीली होती हैं। इससे मोतियाबिंद को जल्दी पकने से भी रोका जा सकता है।

कीड़े के काटने पर : कीड़े के काटने पर पेड़ का फल, जो कि बेरी होती है, खाने से फायदा होता है। यह जब कच्चा होता है तो हरा होता है और पक जाने पर बैंगनी हो जाता है।

किडनी की बीमारी में : करी पौधे की जड़ें भी औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। इसकी जड़ के रस का उपयोग किडनी के दर्द में राहत पहुँचाने में किया जा सकता है।

करी पत्ता बालों के लिए : -समय से पहले बाल सफेद होना : करी पत्ते का निरंतर सेवन करना समय से पहले बाल सफेद होने को रोकने में उपयोगी है। इसमें बालों की जड़ों को ताकत और शक्ति देने के गुण हैं। उगनेवाले नए बाल सामान्य पिगमेंट सहित अधिक स्वस्थ रहते हैं। इसका उपयोग चटनी या छाछ अथवा लस्सी में मिलाकर किया जा सकता है। इसकी पत्तियों को नारियल के तेल में उबालकर लगाने से यह बालों के लिए अच्छे टॉनिक के रूप में कार्य करता है और बालों के उगने व बालों के पिगमेंट को वापस लाने के लिए मदद करता है। त्वचा में इंफेक्शन हो जाए तो उसे दूर करने में भी करी पत्ता में बहुत फायदेमंद होता है |

इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग अलग हो सकती है।  आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है।  हर्बल हमेशा सुरक्षित नहीं होते है। कृपया अपने उचित खुराक के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

करी पत्ता किस रूप में आता है?

  • तेल, क्रीम, पाउडर

हेलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

रिव्यू की तारीख जुलाई 4, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 20, 2019