home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

रॉयल जेली के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Royal Jelly

परिचय |उपयोग|साइड इफेक्ट्स|डोजेज|उपलब्ध
रॉयल जेली के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Royal Jelly

परिचय

रॉयल जेली (Royal Jelly) क्या है?

रॉयल जेली एक दूधिया चिपचिपा पदार्थ है जो जेली जैसा दिखता है। इसको श्रमिक मधुमक्खियों द्वारा निर्मित किया जाता है। इसे रॉयल जेली शहद भी कहा जाता। आमतौर पर इसमें लगभग 60% से 70% पानी, 12% से 15% प्रोटीन, 10% से 16% चीनी, 3% से 6% वसा और 2% से 3% विटामिन, सॉल्ट और अमीनो एसिड होते हैं। अमेरीका में दवाइयों में इसका इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है।

मेमोरियल स्लोअन केटरिंग कैंसर सेंटर (Memorial Sloan Kettering Cancer Center) के मुताबिक रॉयल जेली रानी मधुमक्खियों और उनके लार्वा के लिए कार्यकर्ता मधुमक्खियों द्वारा निर्मित एक चिपचिपा पदार्थ है। रॉयल जेली प्रोटीन, खनिज और विटामिन जैसे कई पोषक तत्वों से भरपूर है। इसका प्रयोग अस्थमा, हे फीवर, लिवर संबंधित परेशानिया, पैनक्रिएटाइटिस, इनसोमनिया, अल्सर, किडनी संबंधित परेशानियां, स्किन डिसऑर्डर और हाई कोलेस्ट्रॉल के उपचार के लिए किया जाता है।

और पढ़ेंः केवांच के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Kaunch Beej

रॉयल जेली (Royal Jelly) का उपयोग ​किस लिए किया जाता है?

इसका उपयोग निम्नलिखित बीमारियों को दूर रखने के लिए किया जाता है। जैसे-

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण

हाई कोलेस्ट्रॉल से दिल से संबंधित बीमारियां होने का खतरा बना रहता है। ‘जर्नल ऑफ न्यूट्रिशनल साइंस एंड विटामिनोलॉजी’ में प्रकाशित 2007 के एक अध्ययन में 15 लोगों पर अध्ययन किया है। इसमें उन्होंने सबसे पहले इन्हें दो ग्रुप्स में बांट दिया। एक ग्रुप को चार हफ्तों तक छह ग्राम शाही जेली दी गई। इन लोगों के कुल कोलेस्ट्रॉल और लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन(LDL) दूसरे ग्रुप के लोगों से काफी कम हो गया।

बांझपन

साल 2008 में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ओब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (International Journal of Obstetrics & Gynaecology) में प्रकाशित एक अध्ययन में सामने आया कि बांझपन के लिए रॉयल जेली फायदेमंद साबित हो सकती है। वैसे इनफर्टिलिटी की समस्या होने पर कपल को परेशान नहीं होना चाहिए। बढ़ती टेक्नोलॉजी में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF), इंट्रायूट्राइन इनसेमिनेशन (IUI) जैस तकनीक से गर्भधारण किया जा सकता है। अगर यह भी सफल नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में कपल सरोगेसी की मदद ले सकते हैं।

स्तन कैंसर

राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के अनुसार, अमेरिकी महिलाओं में स्तन कैंसर सामान्य है। आमतौर पर यह लोब्यूल्स या स्तन के नलिकाओं में बनता है। लोब्यूल्स ग्रंथियां दूध का उत्पादन करती हैं और नलिकाएं के जरिए दूध ग्रंथियों से निप्पल तक जाता है। जर्नल “बायोसाइंस, बायोकैमिस्ट्री और बायोटेक्नोलॉजी” के 2007 में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि शाही जेली स्तन कैंसर से बचाने में मदद कर सकता है। वैसे ब्रेस्ट कैंसर होने पर डरना नहीं चाहिए। किसी भी महिला को अगर स्तन में गांठ या कोई बदलाव समझ में आता है, तो ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

घाव को भरने और त्वचा की मरम्मत में मददगार

रॉयल जेली को दवा के तौर पर खाकर और स्किन पर लगाकर दोनों तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो घाव को साफ करने के साथ इन्फेक्शन से बचाता है। जानवरों पर हुए एक शोध में सामने आया जिन चूहों को रॉयल जैली दी गई उनमें कोलेजन की वृद्धि हुई। त्वचा की मरम्मत के लिए कोलेजन एक रेशेदार प्रोटीन है।

शुगर को कंट्रोल करता है

रॉयल जैली हमारे शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करके शुगर को नियंत्रित रखने में भी कारगर है। शरीर में शुगर की मात्रा नियंत्रित रहने पर डायबिटीज का खतरा भी कम हो सकता है।

कैसे काम करता है रॉयल जेली?

इसके बारे में कोई स्टडी नहीं है कि रॉयल जैली कैसे काम करती है। इसलिए इसके सेवन से पहले इसके बारे में आप अपने डॉक्टर से सलाह लें।

और पढ़ें : धनिया क्या है?

उपयोग

कितना सुरक्षित है रॉयल जेली (Royal Jelly) का उपयोग ?

अगर रॉयल जेली को सही तरीके से लिया जाए तो ये ज्यादातर सभी के लिए सुरक्षित है। अगर किसी खास चीज में रॉयल जेली और मधुमक्खी पराग मिले हैं तो इसका इस्तेमाल दो महीने तक कर सकते हैं। इसके अलावा रॉयल जैली और फूल पराग (मेलब्रोसिया) के मिश्रण को तीन महीने तक लिया जा सकता है। रॉयल जेली को स्किन पर सही तरीके से लगाया जाए तो इसका आपको किसी तरह का नुकसान नहीं होगा। हालांकि अगर इसे स्कैलप पर लगाया जाए तो इससे एलर्जी और सूजन हो सकती है।

किन लोगों को इसके प्रयोग से बचना चाहिए?

निम्नलिखित शारीरिक स्थिति में इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। जैसे-

  • स्तनपान कराने वाली और गर्भवती महिलाओं को इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • डर्मेटाइटिस के पेशेंट्स इससे कोसों दूर रहे। इसके प्रयोग से डर्मेटाइटिस बिगड़ भी सकता है।
  • अगर आपका ब्लड प्रेशर लो रहता है तो भी इसे न लें वर्ना आपका ब्लड प्रेशर पहले से भी ज्यादा कम हो जाएगा।
  • अगर आप किसी दूसरी दवाइयों का सेवन कर रहे हैं तो इसे लेने की गलती न करें।
  • अगर आप अस्थमा या किसी एलर्जी से ग्रसित हैं तो भी इसका प्रयोग न करें।

इसके प्रयोग से पहले हेल्थ एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें या अगर डॉक्टर आपको इसके सेवन की सलाह देते हैं तो ऊपर बताई गई शारीरिक परेशानी है तो अपने डॉक्टर को अवश्य बताएं।

साइड इफेक्ट्स

रॉयल जेली (Royal Jelly) से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

रॉयल जेली से कुछ लोगों में गंभीर एलर्जी, अस्थमा, गले में सूजन हो सकती है। बहुत कम लोगं में पेट दर्द और खूनी दस्त हो सकते हैं। हर किसी में ये साइड इफेक्ट्स देखने को नहीं मिलेंगे। कुछ साइड इफेक्ट्स ऐसे भी होंगे जो इस लिस्ट में शामिल नहीं है। अगर आपको कोई साइड इफेक्ट नजर आए तो तुरंत अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें।

और पढ़ें : सहजन क्या है?

डोजेज

रॉयल जेली को लेने की सही खुराक

रॉयल जेली को लेकर सीमित रिसर्च किया गया है, जिस वजह से इसकी खुराक को लेकर कोई निर्धारित जानकारी नहीं है, लेकिन इसके बहुत सारे फायदे देखे गए हैं। वर्तमान में हुए रिसर्च के मुताबिक प्रति दिन 300 से 6,000 मिलीग्राम इसे लिया जा सकता है। बहुत सारे लोग स्किन पर इसे लगाते हैं। अगर आप पहली बार स्किन पर इसे लगा रहे हैं तो शुरुआत में कम मात्रा में इसे लगाएं। अगर आपको किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं नजर आ रहा तभी इसका इस्तेमाल करें।

और पढ़ें : करी पत्ता क्या है?

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

  • कैप्सूल
  • सॉफट जेल
  • फ्रेश रॉयल जैली
  • लिक्विड
  • लिक्विड डाइटरी सप्लीमेंट

अगर आप रॉयल जेली से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र
लेखक की तस्वीर
Mona narang द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/07/2020 को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
x