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New moles: त्वचा पर नए मोल्स के यह हो सकते हैं कारण? तुरंत उपचार है आवश्यक!

    New moles: त्वचा पर नए मोल्स के यह हो सकते हैं कारण? तुरंत उपचार है आवश्यक!

    मोल यानी मस्सा होना सामान्य है। इसे ब्यूटी मार्क भी कहा जाता है। अधिकतर मोल्स हानिरहित होते हैं। न ही यह संक्रामक होते हैं और न ही इनसे दर्द, खुजली या ब्लीडिंग होती है। मोल्स कई सालों तक रह सकते हैं, लेकिन अगर यह आपको एब्नार्मल लगे, तो ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ऐसा माना जाता है कि मोल्स अधिकतर बचपन या युवावस्था में बनते हैं लेकिन न्यू मोल्स (New moles) एडल्टहुड में विकसित होते हैं। आज हम आपको जानकारी देने वाले हैं न्यू मोल्स (New moles) के बारे में। इसके कारणों और रिस्क फैक्टर्स के बारे में भी जान लें। सबसे पहले मोल्स के प्रकारों के बारे में थोड़ी इंफॉर्मेशन ले लेते हैं।

    मोल्स कितने प्रकार के होते हैं?

    मोल्स के कई प्रकार हैं। इनकी अपीयरेंस के अनुसार इन्हें विभाजित किया जाता है। न्यू मोल्स (New moles) में सबसे पहले आइए जानें इसके प्रकारों के बारे में:

    कॉमन मोल्स (Common moles)

    कॉमन मोल्स जन्म के दौरान या चाइल्डहुड में नजर आते हैं। यह मोल्स आमतौर पर स्किन के उन भागों में नजर आते हैं, जो सनलाइट के एक्सपोज में आते हैं। एक सामान्य मोल की आमतौर पर राउंड और सिमिट्रिकल अपीयरेंस होती है, जिसका सरफेस स्मूथ होता है। यह मोल्स छोटे होते हैं और बहुत कम मामलों में कैंसरस हो सकते हैं। लेकिन, जिन लोगों को बहुत अधिक कॉमन मोल्स होते हैं, उनमें मेलेनोमा के विकसित होने की संभावना बहुत अधिक होती हैं।

    कॉमन मोल्स

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    कंजेनिटल मोल्स (Congenital moles)

    इन मोल्स को बर्थमार्क भी कहा जाता है और यह साइज, शेप और रंग में बड़े होते हैं। 0.2 से 2.1 प्रतिशत नवजात शिशु कंजेनिटल मोल (Congenital mole) के साथ जन्म लेते हैं। जब बच्चा बड़ा होता है, तो कुछ बर्थमार्क्स का इलाज कॉस्मेटिक रीजन से किया जा सकता है। उपचार के विकल्पों में यह सब शामिल हैं:

    • सर्जरी
    • स्किन लेयर की स्किन शेविंग
    • लाइटनिंग के लिए केमिकल पील
    • लाइटनिंग के लिए लेजर एबलेशन

    वयस्क होने पर लार्ज कंजेनिटल मोल्स के मैलिग्नेंट में परिवर्तित होने का रिस्क होता है। ऐसे में मोल की ग्रोथ, रंग, शेप और बर्थमार्क में दर्द को लेकर डॉक्टर की सलाह लें। न्यू मोल्स (New moles) के बारे में यह जानकारी बेहद आवश्यक है।

    न्यू मोल्स, New moles

    एटिपिकल मोल (Atypical mole)

    एटिपिकल मोल शरीर में किसी भी जगह पर हो सकता है और अन्य मोल टाइप्स के मुकाबले यह बड़े दिखाई देते हैं। इनका रंग और टेक्सचर अलग हो सकता हैं और उनका आमतौर पर एक असमान आसमान बॉर्डर होता है जो आसपास की त्वचा से फीका हो सकता है। यह मोल्स मल्टीप्ल रंग के हो सकते हैं जैसे पिंक, रेड, टेन और डार्क ब्राउन आदि। कुछ एटिपिकल मॉल्स कैंसरस हो सकते हैं हालांकि अधिकतर मोल्स मेलेनोमा में डेवलप नहीं होते हैं।

    न्यू मोल्स, New moles

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    न्यू मोल्स: स्पिट्ज निवस (Spitz nevus)

    यह दुर्लभ तरह का मोल है जो मेलेनोमा की तरह लगता है, लेकिन यह कैंसरस नहीं होता है। यह आमतौर पर फेयर स्किन वाले बच्चों और बीस साल से कम उम्र के लोगों में विकसित होते हैं। कई बार डॉक्टर स्पिट्ज निवस और मेलेनोमा में अंतर नहीं कर पाते हैं और प्रिवेंटिव मेजर के रूप में इसे हटाने की सिफारिश कर सकते है। यह मोल्स बहुत जल्दी ग्रो होते हैं और कुछ मिलीमीटर से सेंटीमीटर तक बढ़ सकते हैं। इसकी अन्य कैरेक्टरस्टिक्स इस प्रकार हैं:

    • राउंड, सीमेट्रिक शेप
    • स्मूथ सरफेस
    • एक स्टारबर्स्ट पैटर्न में रेडिएटिंग करने वाली पिग्मेंट की लाइन्स

    यह तो थे मोल्स या न्यू मोल्स (New moles) के बारे में जानकारी। अब जानते हैं न्यू मोल्स के कारणों के बारे में।

    न्यू मोल्स, New moles.

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    न्यू मोल्स (New moles) के क्या हैं कारण?

    एडल्टहुड में नजर आने वाले न्यू मोल्स (New moles) के कारणों के बारे में जानकारी नहीं है । नए मोल्स बिनाइन भी हो सकते हैं और यह कैंसरस भी हो सकते हैं। मेलेनोमा के कारणों के बारे में अच्छे से स्टडी की गयी है लेकिन, बिनाइन मोल्स के बारे में अधिक रिसर्च की जानी जरूरी है। ऐसा पाया गया है कि इसमें जेनेटिक म्युटेशन एक कारण हो सकता है। मेलेनोमा में BRAF म्युटेशन को भी एक कारण माना जाता है। लेकिन, एक बिनाइन मोल के कैंसर वाले मोल में बदलने में शामिल मॉलिक्यूलर प्रोसेस के बारे अभी तक ज्ञान नहीं हैं। अगर बात की जाए BRAF की तो एक ह्यूमन जीन है, जो एक B-RAF नामक प्रोटीन को एनकोड करता है।

    डीएनए के साथ नेचुरल और आर्टिफिशियल दोनों तरह की अल्ट्रावॉयलेट लाइट (यूवी) की इंटरैक्शन जेनेटिक डैमेज का कारण बनती है। जिससे मेलेनोमा और अन्य तरह के स्किन कैंसर का विकास हो सकता है। सन एक्सपोजर बचपन या यंग एडल्टहुड के दौरान हो सकता है और बाद यह स्किन कैंसर का कारण बन सकता है है। न्यू मोल्स (New moles) के कारणों में यह सब भी शामिल हैं:

    • उम्र का बढ़ना
    • साफ स्किन और लाइट या रेड हेयर
    • एटिपिकल मोल्स की फैमिली हिस्ट्री
    • उन ड्रग्स का रिस्पांस जो इम्यून सिस्टम को सप्रेस करती हैं
    • अन्य ड्रग्स का रिस्पांस जैसे कुछ एंटीबायोटिक, हार्मोन या एंटीडेप्रेसेंट्स
    • जेनेटिक म्युटेशन
    • सनबर्न और सन एक्सपोजर

    न्यू मोल्स (New moles) कैंसरस हो सकते हैं। अगर आप एडल्ट हैं और आप नए मोल्स का अनुभव करते हैं, तो आपको सबसे पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए। अब जानते हैं इससे जुड़े कुछ चेतावनी के संकेतों के बारे में।

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    न्यू मोल्स (New moles) से जुड़े वार्निंग साइन्स कौन से हैं?

    जब एडल्टहुड में ओल्ड मोल्स में बदलाव आता है और इस उम्र में नए मोल्स नजर आते हैं, तो सबसे पहले मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए। अगर आपके मोल में खुजली,ब्लीडिंग, दर्द आदि हो, तो भी डॉक्टरों की सलाह जरूरी है। मेलेनोमा एक गंभीर स्किन कैंसर है लेकिन न्यू मोल्स (New moles) भी बेसल सेल (Basal cell) या स्क्वैमस सेल कैंसरस (Squamous cell cancers) का कारण हो सकते हैं। यह शरीर के अन्य हिस्सों में नजर आ सकते हैं जो हिस्से सूरज की हानिकारक किरणों के संपर्क में आते हैं जैसे चेहरे, सिर और गर्दन। हालांकि, इनका उपचार आसानी से हो सकता है।

    मेलेनोमा (Melanoma)की पहचान करने का ABCDE क्रायटेरिया इस प्रकार हैं:

    • असयंमेट्रिकल शेप (Asymmetrical shape): मेलेनोमा कैंसर वाले मोल का हर आधा हिस्सा अलग होता है।
    • बॉर्डर (Border): इस मोल का इर्रेगुलर बॉर्डर होता है।
    • रंग (Color): ऐसे मोल का रंग बदल जाता है या कई या मिश्रित रंगों का होता है।
    • डायमीटर (Diameter): यह मोल बड़ा होता है और इसका डायमीटर 1/4 इंच से अधिक होता है।
    • इवॉल्विंग (Evolving): इन मॉल्स का साइज, रंग, शेप और थिकनेस बदलती रहती है।

    यह तो थी न्यू मोल्स (New moles) के बारे में जानकारी। अब जानते हैं की मोल में बदलाव को कैसे स्पॉट किया जा सकता है?

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    मोल में बदलाव को कैसे स्पॉट करें?

    मोल्स में होने वाले बदलावों को जांचना और उनकी सही समय पर जांच व उपचार बेहद जरूरी है। इससे बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है। मोल्स में बदलाव को इस तरह से स्पॉट किया जा सकता है:

    • रोजाना अपनी स्किन की जांच करें ताकि मोल में परिवर्तन को पहचाना जा सके। आधे से अधिक स्किन कैंसर शरीर के उन हिस्सों पर होते हैं जिन्हें आप आसानी से देख सकते हैं।
    • जिन बॉडी पार्ट्स पर सूरज की हानिकारक किरणें नहीं पड़ती है, वहां मेलेनोमा होना असामान्य है। महिलाओं में मेलेनोमा के लिए सबसे आम बॉडी पार्ट्स हाथ और पैर हैं। पुरुषों में यह कैंसर अधिकतर पीठ, गर्दन और सिर में होता है।

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    यह तो थी जानकारी न्यू मोल्स (New moles) के बारे में। उम्मीद है कि यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। जो मोल्स एडल्टहुड में नजर आते हैं, उनकी जांच डॉक्टर से करवाना आवश्यक है। साल में एक बार डॉक्टर से स्किन की जांच कराना भी जरूरी है। अगर आपको मेलेनोमा का रिस्क है तो आपको हर छह महीने बाद स्किन की जांच करानी चाहिए। अगर आपको अपनी स्किन पर ऐसा मोल नजर आता है जो बदलता रहता हो खासतौर पर वो मोल जिसकी कैरेक्टरस्टिक्स ऊपर दी ABCDE गाइड में से एक या अधिक मापदंडों में मिलती हों, तो भी आपके लिए तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। अच्छी बात यह है कि मेलेनोमा के जल्दी डिटेक्शन से इसका उपचार आसानी से हो सकता है। अगर आपके मन में न्यू मोल्स (New moles) को लेकर कोई भी सवाल है तो डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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    AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 15/05/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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