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Moles: तिल (मोल) क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

परिचय|लक्षण|कारण|जोखिम|Diagnosis & treatment|जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार
Moles: तिल (मोल) क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

परिचय

तिल या मस्सा क्या (what is mole) है?

तिल काले या भूरे रंग का त्वचा पर होने वाला एक उभार है। ये शरीर पर कही भी और कभी भी आ सकता है। तिल सिंगल या गुच्छे के रूप में भी निकल सकते हैं। वक्त के साथ-साथ ये बड़े होते हैं या खत्म हो जाते हैं। कुछ तिल पर बाल भी आते हैं। वहीं, कुछ पूरी जिंदगी एक आकार के ही बने रहते हैं।

कितना सामान्य है तिल होना?

तिल या मस्सा होना बहुत सामान्य है। ज्यादातर तिल बचपन में ही हो जाते हैं या फिर 25 साल की उम्र तक शरीर पर तिल आ चुके रहते हैं। वयस्कों के शरीर पर 10 से 40 तिल होना बहुत ही सामान्य है। लेकिन, शरीर पर लगातार तिल बढ़ रहे हैं तो आप डॉक्टर को दिखा सकते हैं।

लक्षण

तिल होने के क्या लक्षण (Mole Symptoms) है?

अमूमन तिल का रंग भूरा होता है। लेकिन, ये रंग, आकार और रूप के आधार पर अलग भी हो सकते हैं :

  • रंग और बनावट : तिल भूरे, गाढ़े भूरे, काले, लाल, नीले या गुलाबी रंग के हो सकते हैं। इसके अलावा इनकी बनावट चिकनी, झुर्रीदार, समतल या उभरे हुए हो सकते हैं। कुछ पर बाल भी उगे हो सकते हैं।
  • तिल या मस्सा गोल या अंडाकार हो सकता है।
  • तिल का आकार लगभग छह मिलीमीटर की गोलाई का हो सकता है। कुछ का आकार इससे भी बड़ा हो सकता है। साथ ही तिल जन्म से चेहरे, धड़ और हाथों-पैरों पर होते हैं।

असामान्य तिल मेलानोमा हो सकते हैं

एबीसीडीई (ABCDE) गाइड आपको ये समझने में मदद करता है कि कहीं आपका तिल मेलानोमा तो नहीं :

  • A यानी कि असिमेट्रिकल शेप/विषम आकार (asymmetrical shape) के तिल, जो देखने में आधा-आधा सा लगता है।
  • B यानी कि बॉर्डर, ऐसे तिल जो देखने में नोकदार, अनियमित बॉर्डर से उभार।
  • C का मतलब है कलर (Color) या रंग, जैसे-जैसे तिल बड़ा होता जाए और उसका रंग बदलता जाए तो मेलानोमा हो सकता है।
  • D का मतलब है डायमीटर (Diameter) या परिधि, अगर तिल 6 mm से ज्यादा बड़ा हो तो मेलानोमा हो सकता है।
  • E यानी कि इवॉल्विंग (Evolving) या विकसित होना, आकार, रूप, रंग सभी लगातार बदलते रहे और ज्यादातर तिल भूरे से काले होने लगे तो समझ लें कि ये मेलानोमा है।

कैंसर पैदा करने वाले तिल के साथ भी एबीसीडीई गाइड ही फॉलो होती है। ऐसे में अगर आपको संबंधित लक्षण मिल रहे हैं तो इसके बाद डॉक्टर से जरूर मिल लें। .

मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

आपको जब तिल के साथ निम्न तरह की समस्याएं हो तो डॉक्टर को दिखाएं :

  • तिल में दर्द हो
  • तिल में जलन या खुजली हो
  • तिल से खून निकलना
  • अगर ABCDE लक्षण नजर आए
  • एक बार तिल हटाने के बाद दोबारा होना
  • 30 की उम्र के बाद नए तिलों का आना

अगर आपको तिल समस्याओं संबंधित किसी तरह के सवाल पूछने हो तो आप चर्मरोग विशेषज्ञ (dermatologist) से मिलें

और पढ़ें – Pick Disease: पिक्स डिजीज क्या है?

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कारण

तिल होने का क्या कारण (Causes of mole) है?

तिल या मस्सा होने का कारण है त्वचा की ऐसी वृद्धि जो फैल कर नहीं बल्कि समूह में होती है। जिसके कारण त्वचा पर उभार बन जाते हैं और ये मस्से या तिल के रूप में दिखाई देने लगते हैं। तिल या मस्सा बनाने वाली कोशिकाओं को मेलैनोसाइट्स कहते हैं। मेलैनोसाइट्स का काम त्वचा को प्राकृतिक रंग देने का है। तिल धूप में ज्यादा गाढ़े रंग के हो जाते है। इसके अलावा किशोरावस्था या गर्भावस्था में भी इनका रंग गाढ़ा हो जाता है।

और पढ़ें – Pelvic Inflammatory Disease: पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

जोखिम

तिल के साथ मुझे क्या समस्याएं हो सकती हैं?

तिल या मस्सा होने पर क्या समस्याएं हो सकती हैं, इसके लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें – Warts : मस्सा क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

Diagnosis & treatment

यहां प्रदान की गई जानकारी को किसी भी मेडिकल सलाह के रूप ना समझें। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

तिल या मस्सा का निदान कैसे किया जाता है?

पहले डॉक्टर आपके त्वचा को देख तक तिलों की स्थिति समझने की कोशिश करेंगे। आपके सिर से लेकर पांव तक पूरी तरह से सभी तिलों की जांच करेंगे। इसके बाद अगर डॉक्टर को जरूरत लगी तो वे त्वचा संबंधित कुछ टेस्ट करा सकते हैं। साथ ही अगर उन्हें तिल कैंसर पैदा करने वाले लगे तो वे बायॉप्सी यानी कि टिश्यू सैंपल ले सकते हैं और जांच के लिए लैब भेज सकते हैं।

तिल या मस्सा का इलाज (Treatment of mole) कैसे होता है?

ज्यादातर तिल या मस्सा का इलाज जरूरी नहीं होता है। लेकिन, अगर आपके तिल कैंसर पैदा कर सकते हैं तो डॉक्टर उसे जांच के लिए लैब भेजेंगे।

तिल को हटाना (Mole Removal)

अगर आपका तिल कैंसर पैदा कर सकता है तो डॉक्टर सर्जरी के द्वारा तिल को हटाने का काम करते हैं। वहीं, अगर तिल आपके दाढ़ी वाले भाग पर है तो शेविंग के दौरान बार-बार उसमें घाव लगने के चांस रहते हैं। ऐसे में तिल या मस्से को हटाना ही बेहतर है। इसके साथ ही शरीर के किसी भी अंग पर अगर तिल आपको परेशान कर रहे हैं तो आप उसे हटवा सकते हैं।

तिल हटाने की प्रक्रिया मात्र कुछ समय की है। ऐसे में आपको हॉस्पिटल में पूरे दिन रुकने की जरूरत नहीं है। लेकिन, ये मस्सा हटाने की प्रक्रिया आपके शरीर पर निशान छोड़ देते हैं।

  • सर्जरी से तिल काटना : इस प्रक्रिया में डॉक्टर मस्सा हटाने वाली जगह को सुन्न कर देते हैं। फिर मस्से को काट कर निकाल लेते हैं। इसके बाद घाव को टांके से बंद कर देते हैं।
  • सर्जकिल शेव : इस प्रक्रिया में डॉक्टर मस्सा हटाने वाली जगह को सुन्न करते हैं। इसके बाद मस्से को छील देते हैं। ये प्रक्रिया ज्यादातर छोटे तिल को हटाने में इस्तेमाल होती है।

अगर दोबारा उसी स्थान पर तिल आए तो अपने डॉक्टर से तुरंत मिलें।

कॉस्मेटिक देखभाल (Cosmetic care)

अगर आप खुद जागरूक हैं तो तिल को खुद ही छिपा सकते हैं :

  • तिल और धब्बों को छिपाने के लिए कई तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स मौजूद हैं। आपको अपने लिए सही प्रोडक्ट चुनने के पहले सैंपल टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए।
  • अगर आपके तिल पर बाल उगा है तो आप उसे काट सकते हैं या हेयर रिमूवल क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपने डॉक्टर से मिल कर बाल को हमेशा के लिए हटवा सकते हैं।

और पढ़ें – Ringworm : दाद (रिंगवर्म) क्या है?

जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

जीवनशैली में बदलाव जो मुझे तिल को ठीक करने में मदद कर सकते हैं?

लाइफस्टाइल में बदलाव और घरेलू उपाय निम्न प्रकार से हैं जो आपको मस्से या तिल से छुटकारा दिला सकते हैं :

  • तेज धूप में न निकलें। खासकर से सुबह 10 से शाम 4 बजे के बीच में। इस समय यूवी किरणें ज्यादा तेज होती हैं। ये आपके शरीर के तिल को और भी ज्यादा गाढ़ा रंग दे देंगी।
  • हमेशा सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। हमेशा बाहर निकलने से 30 मिनट पहले सनस्क्रिन का प्रयोग आपके लिए सही रहेगा। धूप हो या न हो हमेशा सनस्क्रिन का इस्तेमाल करें। कम से कम 15 SPF की सनस्क्रीन को हमेशा चुनें। साथ ही अगर धूप में हैं तो हर दो घंटे पर सनस्क्रिन को दोबारा लगाते रहें। लेकिन, अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी का मानना है कि ब्रॉड-स्पैक्ट्रम और वॉटर रेसिसटेंट सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए, जो 30 SPF का हो।
  • शरीर को धूप में निकलने से पहले पूरी तरह से ढक लें। कपड़ें पहनते समय ध्यान रखें कि वह यूवी किरणों को रोकने के काबिल है या नहीं।
  • धूप में टैनिंग बेड लेने से बचें, इससे आपको कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाएगा।
  • इसके अलावा आप इन उपायों को बेहतर तरीके से समझने के लिए अपने डॉक्टर से मिलें।

अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Moles. https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/moles/basics/definition/con-20019745. Accessed October 22, 2019.

Moles (Nevi)/https://www.health.harvard.edu/a_to_z/moles-nevi-a-to-z/accessed on 05/07/2020

What to Do About Moles/https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/2813216/accessed on 05/07/2020
Patient understanding of moles and skin cancer, and factors influencing presentation in primary care: a qualitative study/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2939514/accessed on 05/07/2020
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Shayali Rekha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 17/05/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड