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महिला सशक्तीकरण: भारतीय महिलाओं को होने वाले सर्वाइकल कैंसर पर विद्या बालन की सलाह

और द्वारा फैक्ट चेक्ड Ayu


Ayu द्वारा लिखित · अपडेटेड 21/03/2023

महिला सशक्तीकरण: भारतीय महिलाओं को होने वाले सर्वाइकल कैंसर पर विद्या बालन की सलाह

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं को होने वाला दूसरा सबसे आम क़िस्म का कैंसर है। यह जानलेवा बीमारी ह्यूमन पेपिलोमावायरस यानी (एचपीवी) के कारण होती है, जो कि एसटीडी यानी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज़ का एक प्रकार है। Roche Diagnostics India ने जानीमानी भारतीय अभिनेत्री विद्या बालन के साथ मिलकर सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने की पहल की है। इस पहल का उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी स्क्रीनिंग के महत्व के संबंध में जागरूकता बढ़ाना है। विद्या बालन जैसी लोकप्रिय एवं जानीमानी शख्सियत के साथ साझेदारी करके, Roche Diagnostics बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचने और ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को एचपीवी स्क्रीनिंग करवाने के लिए प्रेरित करने की उम्मीद करता है।

एचपीवी टेस्ट का इस्तेमाल करके उससे संबंधित लक्षणों की शुरुआती पहचान कर सर्वाइकल कैंसर का बेहतर ढंग से इलाज किया जा सकता है। एचपीवी टेस्ट एक तरह का स्क्रीनिंग टेस्ट है जिसका इस्तेमाल सर्विक्स यानी बच्चेदानी के मुँह में एचपीवी वायरस की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह टेस्ट हमें एचपीवी के उन प्रकारों की पहचान करके जो कैंसर के होने की सबसे ज़्यादा संभावना बताते हैं। ये बता सकता है कि किसी महिला को सर्वाइकल कैंसर होने की संभावना है या नहीं। अगर किसी महिला में एचपीवी इन्फेक्शन के लक्षण पाएं जाते हैं, तो इन्फेक्शन की गंभीरता को तय करने और सही इलाज करने की योजना बनाकर बाकी ज़रूरी मेडिकल टेस्ट किए जा सकते हैं। यहाँ इस बात का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अगर इस बात का जल्दी पता लग जाए तो सर्वाइकल कैंसर का इलाज संभव है। आमतौर पर महिलाओं को 25 साल की उम्र से एचपीवी स्क्रीनिंग करानी शुरू कर देनी चाहिए और 65 साल की उम्र तक अक्सर स्क्रीनिंग कराना जारी रखना चाहिए। जिन महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर का ख़तरा ज़्यादा होता है, जैसे कि इस बीमारी के पारिवारिक इतिहास वाली महिलाओं को पहले ही स्क्रीनिंग कराने की शुरूआत करने की ज़रूरत पड़ सकती है और या बाकियों के मुकाबले ज़्यादा बार स्क्रीनिंग टेस्ट से गुज़रना पड़ता है।

सर्वाइकल कैंसर भारत में स्वास्थ्य संबंधी एक गंभीर चिंता है, लेकिन इसकी जल्द पहचान और समय रहते उचित इलाज से इसे रोका जा सकता है। सर्वाइकल कैंसर के संबंध में जागरूकता बढ़ाने और एचपीवी स्क्रीनिंग के फ़ायदों के लिए विद्या बालन के साथ Roche Diagnostics India की साझेदारी सही दिशा में एक पहल है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए और सर्वाइकल कैंसर का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए नियमित तौर पर एचपीवी टेस्ट कराना चाहिए और उनके पूरी तरह से स्वस्थ होने की संभावना बढ़ानी चाहिए। 

सर्वाइकल कैंसर के बारे में ज़्यादा जानने के लिए, यहाँ क्लिक करें

डिस्क्लेमर

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और द्वारा फैक्ट चेक्ड

Ayu


Ayu द्वारा लिखित · अपडेटेड 21/03/2023

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