बरगद के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Banyan Tree (Bargad ka Ped)

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट October 20, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

परिचय

बरगद क्या है?

बरगद एक विशाल वृक्ष होता है। आमतौर पर इसे इसके बड़े आकार, ऑक्सीजन प्रदान करने और हिंदू धर्म में आस्था की मान्यताओं से जोड़ कर देखा जाता है। इसे वट और बड़ भी कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम फाइकस बेंगालेंसिस (Ficus Benghalensis) है।

बरगद का पेड़ सीधा बड़ा होता है, तो फैलता जाता है। इसकी जड़े तनों से निकल कर नीचे की तरफ बढ़ती हैं। जो बढ़ते हुए धरती के अंदर घुस जाती हैं और एक तने की तरह बन जाती हैं। इसके इन जड़ों को बरोह या प्राप जड़ भी कहा जाता है।

बरगद का फल गोल आकार का, छोटा और लाल रंग का होता है। इसके फल के अंदर बीज होता है, जो बहुत ही छोटा होता है। बरगद की पत्तियां चौड़ी होती हैं। जिनका आकार थोड़ा ओवल शेप में होता है। इसकी ताजी पत्तियों, तनों और छाल को तोड़ने पर उनसे एक सफेद रंग का तरल पदार्थ बहता है जिसे लेटेक्स अम्ल कहा जाता है।

यह पेड़ सालों-सालों तक हरा-भरा बना रहता है। सूखा और पतझड़ आने पर भी इसकी पत्तियां पूरी तरह से नहीं झड़ती हैं। कई तरह की स्वास्थ्य स्थितियों के उपचार के लिए बरगद के पेड़ की पत्तियों, छाल, फल, बीज और निकलने वाले सफेद पदार्थ का इस्तेमाल किया जा सकता है।

बरगद के पेड़ के औषधीय गुण से कफ, वात, पित्‍त दोष को ठीक करने की क्षमता रखते हैं। सामान्य तौर पर यह उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जा सकता है। बरगद के पेड़ को हिमालय के तराई वाले भागों में भी पाया जा सकता है, लेकिन यह हिमालय के उंचाई वाले भागों में नहीं उग सकता है।

और पढ़ेंः सिंघाड़ा के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Singhara (Water chestnut)

बरगद का उपयोग किस लिए किया जाता है?

बरगद का इस्तेमाल कई तरह के स्वास्थ्य स्थितियों के उपचार में किया जा सकता है, जिसमें शामिल हो सकते हैंः

प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाएं

बरगद के पेड़ का इस्तेमाल शरीर की वीक इम्यूनिटी को स्ट्रांग बनाने के लिए किया जा सकता है। इसकी पत्तियों में पाए जाने वालों तत्वों, जैसे- हेक्सेन, ब्यूटेनॉल, क्लोरोफॉर्म और पानी हमारे इम्युनिटी पावर को बढ़ाने में काफी फायदेमंद हो सकता है।

डायबिटीज के उपचार के लिए

शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने के कारण डायबिटीज की समस्या का जोखिम भी अधिक बड़ सकता है। वहीं, बरगद पेड़ की जड़ में हाइपोग्लाइसेमिक गुण पाया जाता है, जो शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को कम करने का कार्य कर सकता है। डायबिटीज की समस्या के उपचार के लिए आपके डॉक्टर औषधीय उपचार के लिए आपको बरगद के पेड़ की जड़ का अर्क पीने की सलाह दे सकते हैं।

डायरिया की समस्या दूर करे

बरगद के पेड़ से जो सफेद पदार्थ निकलता है उसमें रेजिन, एल्ब्यूमिन, सेरिन, शुगर और मैलिक एसिड जैसे कई तत्व पाए जाते हैं जिनकी मदद से डायरिया, डिसेंट्री और बवासीर की समस्या का उपचार किया जा सकता है।

और पढ़ें : Traveler diarrhea : ट्रैवेलर्स डायरिया क्या है? जानिए इसके कारण लक्षण और उपाय

फोड़े-फुंसी की समस्या से राहत दिलाए

खासकर बारिश और गर्मियों के मौसम में छोटे बच्चों में फोड़े-फुंसी की समस्या अधिक देखी जा सकती है। इस तरह की समस्या एक प्रकार का त्वचा से संबंधित विकार हो सकता है। बरगद के पेड़ के विभिन्न भागों में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो त्वचा से संबंधी इस तरह के विकारों का उपचार करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इसके इस्तेमाल को लेकर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। इसलिए इस दिशा में अभी भी उचित शोध करने की आवश्यकता है।

ओरल हेल्थ का रखे ख्याल

बरगद के पेड़ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-माइक्रोबियल ओरल हेल्थ को बेहतर बना सकते हैं। यह दांतों और मसूड़ों में बैक्टीरिया की समस्या और सूजन की स्थिति को दूर करने में मदद कर सकते हैं। दांतों की सफाई के लिए आप इसके नरम तनों का इस्तेमाल दातून के तौर पर भी कर सकते हैं।

इसके अलावा अन्य स्वास्थ्य स्थितियों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, जिनमें शामिल हो सकते हैंः

और पढ़ेंः अर्जुन की छाल के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Arjun Ki Chaal (Terminalia Arjuna)

बरगद कैसे काम करता है?

बरगद के पेड़ की पत्तियों में ट्रीटेरपेनेस (Triterpenes), फ्रेडलीन (friedelin), सिटोस्टेरोल (sitosterol) की मात्रा होती है। वहीं, इसके छाल में ग्लूकोसाइड्स, बेंगालिनोइड्स और फ्लेवोनॉयड ग्लाइकोसाइड्स की मात्रा होती है। साथ ही, पेड़ की तनों से हवा में लटकने वाली जड़ों में फाइटोस्टेरोलिन की मात्रा पाई जा सकती है। इसकी लकड़ी में लिग्लिक एसिड, बेंगालोसाइड और ट्राटेक्सास्टरोल पाया जाता है। इतना ही नहीं, बरगद के पेड़ में मौजूद फाइटोकेमिकल्स के सेवन से कई स्वास्थ्य स्थितियों को बेहतर बनाया जा सकता है। इसके गुण कई तरह के इंफेक्शन से बचाव करने में शरीर की मदद कर सकते हैं।

बरगद के पेड़ में पाए जाने वाले अन्य रसायन तत्वः

  • एंथोसाइनिडिन
  • कीटोंस
  • स्टेरोल्स
  • फिनोल
  • टैनिन्स
  • सैपोनिंस

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

बरगद की पत्तियों में पाए जाने वाले पोषक तत्व और उनकी मात्रा:

  • प्रोटीन – 9.63 %
  • फाइबर – 26.84 %
  • कैल्शियम – 2.53 %
  • फास्फोरस – 0.4 %

और पढ़ेंः कदम्ब के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Kadamba Tree (Neolamarckia cadamba)

उपयोग

बरगद का उपयोग करना कितना सुरक्षित है?

बरगद या इससे प्राप्त किसी भी हिस्से का इस्तेमाल एक औषधीय रूप में करना ला्भकारी माना जा सकता है। हालांकि, आपको इसका सेवन हमेशा अपने डॉक्टर के निर्देश पर ही करना चाहिए।

कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में चिकित्सक इसके साथ अन्य जड़ी-बूटियों के भी सेवन की सलाह दे सकते हैं, जो इसके गुण को बढ़ाने के साथ ही, इसके कड़वे स्वाद को भी बेहतर बना सकते हैं। आपको इसके ओवरडोज की मात्रा से बचना चाहिए। सिर्फ उतनी ही खुराक का सेवन करें, जितना आपके डॉक्टर द्वारा निर्देशित किया गया हो।

और पढ़ेंः एरण्ड (कैस्टर) के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Castor Oil

बरगद का उपयोग कैसे करें

  • तुरंत आराम पाने के लिए बरगद के दूध को सीधा घाव और सूजन पर लगाने से आराम मिलता है।
  • बरगद की जड़ के काढ़े की 50-70 मिली की मात्रा से योनि से जुड़ी बीमारियों का इलाज किया जा सकता है।
  • डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए बरगद के फल और इसके काढ़े का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय की मांसपेशियों को मजबूती देने के लिए बरगद की पत्तियों को काढ़े के रूप में लेना चाहिए।
  • बरगद के दूध से प्रीमैच्योर का इलाज संभव है। इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को बरगद के दूध से आराम मिल सकता है।
  • दांतों के कीड़ों, कंजकटीवाइटीस और त्वचा रोगों के इलाज के तौर पर इसका प्रयोग किया जा सकता है।
  • महिलाओं की ब्रेस्ट को मुलायम करने के लिए इसकी जड़ से पेस्ट बनाकर लगाना चाहिए।
  • दस्त के इलाज के लिए भी आप इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • मतली और उल्टी को रोकने के लिए अन्य कई जड़ी बूटियों के साथ मिलाकर तैयार किये गए काढ़े का सेवन करना चाहिए।
  • सांप के कांटने पर बरगद के पेड़ की जड़ से पेस्ट बनाकर प्रभावित हिस्से पर लगाना चाहिए। इसमें दूर्वा, मंजिष्ठा, जीवक और काशमारी भी मिलनी है।

और पढ़ें : कंटोला (कर्कोटकी) के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Kantola (Karkotaki)

साइड इफेक्ट्स

बरगद से क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

अधिकांश अध्ययनों के मुताबिक, बरगद का सेवन करना पूरी तरह से सुरक्षित हो सकता है। इससे किसी तरह के गंभीर दुष्प्रभाव के मामले बहुत ही दुर्लभ हो सकते हैं। हालांकि, इसके सेवन से पहले निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे-

  • अगर आप मौजूदा समय किसी भी प्रकार की दवा का नियमित सेवन कर रहे हैं, तो इसके ओरल दवा का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें।
  • अगर आप बरगद की जड़, छाल, पत्तियों और दूध से आपको किसी तरह की एलर्जी है या इनका इस्तेमाल करने से आपको किसी एलर्जी की प्रतिक्रिया होती है, तो तुरंत इसका उपयोग बंद करें और अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

हर किसी को ऐसे साइड इफेक्ट हो ऐसा जरूरी नहीं है, यानि कुछ ऐसे भी साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जो यहां इस लेख में बताए नहीं गए हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट हो रहा हे या आप इनके बारे में और जानना चाहते हैं, तो तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ेंः शतावरी के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Asparagus (Shatavari Powder)

डोसेज

बरगद को लेने की सही खुराक क्या है?

बरगद का इस्तेमाल आप विभिन्न रूपों में कर सकते हैं। इसकी मात्रा आपके स्वास्थ्य स्थिति, उम्र और लिंग के आधार पर आपके डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जा सकती है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ेंः केवांच के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Kaunch Beej

उपलब्ध

यह किन रूपों में उपलब्ध है?

  • बरगद की पत्‍तियां
  • बरगद की जड़
  • बरगद के फल
  • बरगद के बीज
  • बरगद के फूल
  • बरगद के तने

अगर आपका इससे जुड़ा किसी तरह का कोई सवाल है, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

Was this article helpful for you ?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

हाइपरग्लाइसेमिया और टाइप 2 डायबिटीज में क्या है सम्बंध?

हाइपरग्लाइसेमिया डायबिटीज से जुड़ी गंभीर स्थिति है जिसमें ब्लड ग्लूकोज लेवल बहुत बढ़ जाता है। समय रहते इलाज न कराने पर यह जानलेवा हो सकता है।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Toshini Rathod
डायबिटीज, हेल्थ सेंटर्स February 10, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें

कम उम्र के पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के क्या हो सकते हैं कारण?

कम उम्र के पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने के कई कारण हो सकते हैं। अगर बीमारियों पर नियंत्रण किया जाए, तो इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से निजात पाया जा सकता है। Erectile Dysfunction in young men

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) का यूनानी इलाज कैसे किया जाता है?

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम क्या है? इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम का यूनानी इलाज किन-किन दवाओं से किया जाता है? Unani treatment for Irritable bowel syndrome in Hindi

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha

डिप्रेशन को छूमंतर करने के लिए लें होम्योपैथी का सहारा

अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ्य तन के साथ ही स्वस्थ्य मन भी जरूरी है। डिप्रेशन के लिए होम्योपैथिक ट्रीटमेंट कारगर साबित होता है। जानिए डिप्रेशन के लिए होम्योपैथिक मेडिसिन्स के बारे में। depression ke liye homeopathy treatment

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi

Recommended for you

सिंगल किडनी के साथ लाइफस्टाइल (Living with one functioning kidney)

सिंगल किडनी के साथ लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए? किन बातों का रखें ध्यान और कौन से एक्टिविटी से रहें दूर?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ March 2, 2021 . 4 मिनट में पढ़ें
मूड डिसऑर्डर्स

मूड डिसऑर्डर के बारे में हर छोटी- बड़ी जानकारी पाएं यहां

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया AnuSharma
प्रकाशित हुआ February 27, 2021 . 7 मिनट में पढ़ें
नक्स वोमिका (Nux Vomica)

नक्स वोमिका क्या है? जानिए इसके फायदे और नुकसान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ February 15, 2021 . 4 मिनट में पढ़ें
पुरुषों की मेंटल हेल्थ बिगाड़ने वाले कारण/ Men's Mental Health

पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारणों के बारे में जान लें, ताकि देखभाल करना हो जाए आसान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare
प्रकाशित हुआ February 15, 2021 . 6 मिनट में पढ़ें