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Durian:  ड्यूरियन क्या है?

परिचय

 ड्यूरियन क्या है?

ड्यूरिअन फल अपने अलग स्वाद और न्यूट्रिशनल वेल्यू के लिए जाना जाता है। ये फल मलेशिया, थाईलैंड, इंडोनेशिया और फिलिपींस में पाया जाता है। साउथ एशिया के कई देशों में लोग इसे ‘किंग ऑफ फ्रूट्स’ कहते हैं। फल के साथ-साथ इसकी पत्तियां और छाल का उपयोग भी दवाइयां बनाने के लिए किया जाता है। दिखने में ये बिल्कुल कटहल के जैसा होता है। इसमें विटामिन-सी, फोलिक एसिड, विटामिन-बी 6 और विटामिन-ए होते हैं। इसमें पोटेशियम, सोडियम, फॉसफोरस, आयरन, कैल्शियम जैसे प्रोटीन और मिनरल्स भी पाए जाते हैं।

Durian:  ड्यूरियन क्या है?

ड्यूरियन का उपयोग किस लिए किया जाता है?

इम्यूनिटी बढ़ाए:

ड्यूरियन में अच्छी मात्रा में विटामिन-सी होता है, जो हमारे इम्यून सिस्टम को हानिकारक वायरस से बचाने में मदद करता है। इसके साथ ही ये फ्री रेडिकल्स से भी सुरक्षा प्रदान करता है। विटामिन-सी हमारे शरीर को कोल्ड और फ्लू जैसी बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है।

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एनीमिया को करे दूर:

एनीमिया रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को नीचे ले आता है। हीमोग्लोबिन हमारे शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। ऐसे में हेमोग्लोबिन की कमी होने से सिर दर्द, थकान, अनिद्रा और सांस लेनें में दिक्कत होना जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ड्यूरियन फल में फोलिक एसिड अच्छी मात्रा में होता है। हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने के लिए फोलेट की आवश्यकता होती है। ये शरीर में ब्लड के प्रोडक्शन को बढ़ाता है जो शरीर की कार्यक्षमता और ऑक्सीजन वितरण में सुधार करता है। 

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हड्डियों को बनाए मजबूत:

ड्यूरियन पोटैशियम का अच्छा स्त्रोत है। हालांकि इसमें कैल्शियम भी होता है लेकिन कम मात्रा में। हड्डियों को मजबूत बनाने में कैल्शियम अहम भूमिका निभाता है, लेकिन पोटैशियम इसके वितरण और जमाव का नियंत्रण करता है। अगर शरीर में पोटैशियम ही नहीं हो तो ज्यादातर कैल्शियम की खपत समाप्त हो जाएगी। साथ ही ये कैल्शियम की कमी का कारण बन सकता है। पोटैशियम सीधे तौर पर शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने की क्षमता बढ़ाता है। इससे हड्डियों के स्वास्थ्य में सुधार होता है और ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डी से संबंधित परेशानियां होने का खतरा कम होता है।

डिप्रेशन को करे दूर:

ड्यूरियन में ट्रिप्टोफैन (Tryptophan) नामक एमीनो एसीड होता है, जो नींद के लिए अच्छा माना जाता है। इसके अलावा ये सेरोटोनिन और मेलाटोनिन को मेटाबोलाइज करता है और ये दोनों न्यूरोकेमिकल्स मूड को बेहतर बनाने के लिए अच्छे माने जाते हैं। बहुत सारे शोधों में भी पाया गया कि ट्रिप्टोफैन, स्ट्रेस, चिंता और अवसाद को दूर करता है। ये मस्तिष्क तक संचार को धीमा कर देता है, जिससे दिमाग शांत हो जाता है और लगातार आ रहे विचारों से राहत मिलती है।

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ब्लड प्रेशर को मेंटेन करता है:

ड्यूरियन फल में पोटैशियम और सोडियम होते हैं। ये दोनों ही ब्लड प्रेशर को सुधारने का काम करते हैं। फ्री रेडिकल्स हमारे शरीर में मौजूद हेल्दी सेल्स के डीएनए को नष्ट करते हैं और कोशिकाओं के कार्य को बदलकर उन्हें कैंसरग्रस्त बना देता है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स को कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचाने देते हैं।

डाइजेशन में करे सुधार:

ड्यूरियन में फाइबर होता है जो वसा को अवशोषित करने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने का काम करता है। इसके सेवन से कब्ज की समस्या नहीं होती। फाइबर के अलावा इसमें विटामिन-बी 1 और विटामिन-बी 3 होता है जो भूख में सुधार और पाचन को नियंत्रित करता है। ये मेटाबॉलिज्म में भी सुधार करता है, जो शरीर के पोषक तत्वों को अच्छे से एब्सॉर्ब करता है।

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फर्टिलिटी बढ़ाता है:

इस्ट्रोजन (oestrogen) एक हॉरमोन है जो कंसीव करने में मदद करता है। बहुत सारी महिलाएं लो इस्ट्रोजन की वजह से फर्टिलिटी की परेशानी झेल रही होती है। स्टडी में पाया गया कि ड्यूरियन इस्ट्रोजन के उत्पादन का बेहतरीन स्त्रोत है।

कैंसर से लड़ने में मदद करता है:

ड्यूरियन में अच्छी मात्रा में विटामिन-बी, सी और ई जैसे एंटी-ऑक्सीडेंस होते हैं। ये हमारे शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को दूर करने में मदद करते हैं।

कैसे काम करता है ड्यूरियन?

ड्यूरियन में प्रचूर मात्रा में फाइबर, फॉस्फोरस, विटामिन-ए, विटामिन-बी, विटामिन-सी, विटामिन-बी1,2,3,5,9 होते हैं। इसके अलावा कैल्शियम, कॉपर, पोटैशियम, जिंक आदि भी इसमें पाए जाते हैं। ये कई तरह से हमारे शरीर को फायदा पहुंचाते हैं। ड्यूरियन हमारे दिल और बल्ड सर्कुलेशन के साथ कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में भी मदद करता है। ये ब्लड प्रोटीन को लेवल में रख क्लोट न होने से भी बचाता है।

उपयोग

कितना सुरक्षित है ड्यूरियन का उपयोग ?

अगर आप ड्यूरियन का इस्तेमाल पारंपरिक रूप में जैसे – केक, शेक, आइस क्रीम, या फ्लेवर्ड कैंडीज के साथ करते हैं करते हैं। आमतौर पर नॉन एलर्जिक और हाइपर सेंसिटिव लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है।

अगर आप शराब आदि का सेवन करते हैं तो इसका सेवन न करें। शराब और इसके कॉम्बिनेशन से मौत की रिपोर्ट आई है।

इसके बिना पके हुए बीजों के सेवन से बचें, क्योंकि वे विषाक्त और कैंसरकारी हो सकते हैं।

ऐसी महिलाएं जो गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हों, उन्हें ड्यूरियन के इस्तेमाल से बचना चाहिए, क्योंकि यह एबॉर्शन की नौबत ला सकता है।

साइड इफेक्ट्स

ड्यूरियन से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

ड्यूरियन में हाई शुगर क्वांटिटी होती है, इसलिए डायबिटीज रोगी केवल संयम बरतते हुए इसका सेवन करते हैं।

हालांकि यह प्रजनन क्षमता में सुधार करता है और इस्ट्रोजन के साथ गर्भावस्था में हेल्प करता है। फिर भी हाई शुगर गर्भावस्था के दौरान हानिकारक माना जाता है। इसलिए अपने डॉक्टर से बात करने के बाद ही इस फल का सेवन करें।

ड्यूरियन को एक फल माना जाता है जो शरीर की गर्मी को बढ़ाता है। अधिक मात्रा में खाने पर यह पेट में ऐंठन, मतली, पेट दर्द और पेट फूलने का कारण बन सकता है।

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हालांकि ड्यूरियन में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है, लेकिन यह एक वसायुक्त फल है। जिसमें 5 ग्राम वसा प्रति 100 ग्राम में पाया जाता है। अधिक मात्रा में सेवन करने पर कोलेस्ट्रॉल का स्तर अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ सकता है।

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ड्यूरियन फल खाने से यह साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जैसे:

  • पेट की तकलीफ
  • गैस
  • दस्त
  • उल्टी
  • एलर्जी
  • सांसों में बदबू
  • डायबिटीज
  • सूखे और फटे होंठ
  • बहुत पसीना आना
  • बुखार
  • खट्टी डकार
  • इंसुलिन का बढ़ना
  • समय से पहले सफेद का बाल होना
  • बेचैनी

डोसेज

ड्यूरियन को लेने की सही खुराक

  • बुखार के लिए: 

इसकी जड़ों को पारंपरिक रूप से हिबिस्कस सिनेंसिस, नेफेलियम लोंगान, नेफेलियम म्यूटाबिल और आर्टोकार्पस इन्टेग्रीफोलीया के साथ उबाला जाता है। इसके सेवन से त्वचा पर फैलने वाले मुंहासों को खत्म किया जा सकता है

इसके अलावे बुखार में इसकी ताजी पत्तियों का लोशन बनाकर इस्तेमाल किया जाता है। ड्यूरियन के पत्तों का इस्तेमाल काढ़ा के रूप में भी किया जा सकता है।

  • पीलिया के लिए:

पीलिया के मरीजों को पानी में उबाले गए ड्यूरियन के पत्तों को त्वचा पर लगाया जाता है।

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इस हर्बल सप्लिमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। इसकी खुराक उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। कृपया अपने उचित खुराक के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

यह हर्बल पूरक निम्नलिखित खुराक रूपों में उपलब्ध हो सकता है:

  • काढ़ा के रूप में
  • लोशन
  • फ्रूट

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हैलो हेल्थ किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या इलाज मुहैया नहीं कराता।

Dr. Shruthi Shridhar
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Mona narang द्वारा लिखित · अपडेटेड 07/06/2020