बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) बर्सा थैली की एक सूजन है, जो इलिओप्सोएस मासपेशी के नीचे होती है। इलिओप्सोएस मासपेशी दो मासपेशियों का समूह है, जो हिप के सामने अंदर की तरफ स्थित होता है। बर्सा एक थैली है, जो लुब्रिकेटिंग तरल पदार्थ से भरी होती है। यह थैली मांसपेशियों, लिगामेंट्स और जोड़ों के बीच स्थित होती है। सामान्य रूप से बर्सा थैली के कार्य करने से यह हड्डियों को एक गद्देदार तकिया (कुशन) मुहैया कराती है और यह हड्डियों एक आपस में रगड़ने और घर्षण से पैदा होने वाली जलन को कम करती है।

बर्सा थैली के क्षतिग्रस्त होने पर एक व्यक्ति के जोड़ों का रेंज ऑफ मोशन घट जाता है, जिससे उसे चलने फिरने में परेशानी होती है। एथलीट और नियमित रूप से एक्सरसाइज करने वाले लोगों में बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) (Bursitis [Iliopsoas]) की समस्या पैदा होती है। इसके अलावा, यह बीमारी पुराने अर्थराइटिस या टाइट हिप्स वाले लोगों में भी हो सकती है।
बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) एक सामान्य समस्या है। यह बीमारी किसी भी व्यक्ति को हो सकती है। अर्थराइटिस या अन्य प्रकार की हड्डी की समस्या से पीढ़ित लोगों में इसका खतरा सबसे ज्यादा होता है। यदि आप इस समस्या को लेकर चिंतित हैं तो अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें।
इस समस्या के लक्षण सूजन की गंभीरता पर निर्भर हैं। इसमें दर्द हिप के सामने से शुरू हो सकता है और नीचे के पैर तक पहुंच सकता है। कई बार बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) का दर्द नितंबों में भी फैल सकता है। इसके अतिरिक्त, बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) से पीढ़ित लोगों को सुबह के वक्त अकड़न का अनुभव हो सकता है। अक्सर यह अकड़न पूरे दिन रह सकती है। हालांकि एक व्यक्ति को बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) का दर्द निम्नलिखित स्थितियों में महसूस हो सकता है:
उपरोक्त लक्षणों या संकेतों का अनुभव होते ही अपने डॉक्टर से सलाह लें। हालांकि, हर व्यक्ति की बॉडी प्रत्येक समस्या में अलग ढंग से प्रतिक्रिया देती है। ऐसे में यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति को समान लक्षणों का अनुभव हो।
बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) के कारण निम्नलिखित हैं:
यदि आप बार-बार एक ही मोशन को दोहराते हैं तो बर्साइटिस (इलिओप्सोएस ) का खतरा रहता है। कई बार जोड़ों, टेंडन और मांसपेशियों का अत्यधिक इस्तेमाल करने पर यह चोट आती है। यह बीमारी एथलीट या शारीरिक रूप से सक्रिय जैसे धावक और तैराकों में विकसित हो सकती है। टाइट हिप फ्लेक्सर मसल्स वाले लोगों में बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) हो सकती है, चूंकि इससे दबाव बढ़ता है। यह दबाव टेंडन और बर्सा के बीच घर्षण या घिसाव उत्पन्न करता है।
अर्थराइटिक कंडिशन जैसे रयूमेटाइड अर्थराइटिस और ऑस्टियोअर्थराइटिस बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) में एक अहम भूमिका अदा करते हैं। रयूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें प्रतिरक्षा तंत्र गलती से जोड़ों को नुकसान पहुंचाता है। इस नुकसान से जोड़ों में सूजन आती है।
ऑस्टियोअर्थराइटिस एक क्रॉनिक अर्थराइटिस समस्या है। अर्थराइटिस का यह प्रकार कार्टिलेज के डिजेनेरेशन का कारण बनता है। डिजेनेरेशन होने से हड्डियां आपस में रगड़ती हैं और सूजन उत्पन्न होती है।
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निम्नलिखित कारकों से बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) का खतरा हो सकता है:
यहां प्रदान की गई जानकारी को किसी भी मेडिकल सलाह के रूप ना समझें। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
निम्नलिखित तरीकों से इस समस्या का पता लगाया जा सकता है:
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निम्नलिखित तरीकों से इस समस्या का इलाज किया जाता है:
निम्नलिखित घरेलू उपाय आपको बर्साइटिस (इलिओप्सोएस) (Cause of Bursitis [Iliopsoas]) में राहत प्रदान करने में मदद करेंगे:
इस संबंध में आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि आपके स्वास्थ्य की स्थिति देख कर ही डॉक्टर आपको उपचार बता सकते हैं।
हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।