Osteoarthritis :ऑस्टियोअर्थराइटिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

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अपडेट डेट जुलाई 2, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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परिभाषा

ऑस्टियोअर्थराइटिस (Osteoarthritis) क्या है?

ऑस्टियोअर्थराइटिस गठिया का सबसे आम रूप है। यह तब होता है जब जोड़ों के बीच कार्टिलेज क्षतिग्रस्त हो जाता है, जिससे जोड़ों में दर्द और सूजन के साथ-साथ उनकी हिलने-डुलने की गति में भी कमी आती है। ऑस्टियोअर्थराइटिस शरीर के किसी भी जोड़ को प्रभावित कर सकता है लेकिन, यह सबसे अधिक हाथों, घुटनों, कूल्हों और रीढ़ के जोड़ों को प्रभावित करता है।

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क्या ऑस्टियोअर्थराइटिस (Osteoarthritis) एक सामान्य बीमारी है?

ऑस्टियोअर्थराइटिस  एक आम बीमारी है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ऑस्टियोअर्थराइटिस एंड मस्कुलोस्केलेटल एंड स्किन डिजीज के अनुसार, 45 वर्ष की आयु से पहले, पुरुषों में ऑस्टियोअर्थराइटिस आम है। वहीं, महिलाओं में 45 के बाद यह काफी सामान्य बीमारी है। यह किसी भी उम्र में प्रभावित कर सकता है लेकिन, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में यह बहुत ही आम है। इसके कारणों को कम करके इस बीमारी से कुछ राहत पाई जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से सलाह लें।

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लक्षण

ऑस्टियोअर्थराइटिस (Osteoarthritis) के क्या लक्षण हैं?

ऑस्टियोअर्थराइटिस (Osteoarthritis) के सामान्य लक्षण हैं:

  • दर्द और जकड़न। जोड़ों को हिलाने पर, सुबह या दिन के आखिरी समय में यह दर्द अधिक बढ़ जाता है।
  • लचीलापन कम होना।
  • घुटने को हिलाने-डुलाने में दिक्कत होना।
  • आपके जोड़ों में झनझनाहट या सनसनी।
  • जोड़ के आसपास सूजन।

हो सकता है ऊपर दिए गए लक्षणों में कुछ लक्षण शामिल न हो। यदि आपको किसी भी लक्षण के बारे में किसी भी तरह की चिंता हो, तो कृपया डॉक्टर से परामर्श करें।

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मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि आपको नीचे बताए गए कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। हर किसी का शरीर अलग-अलग तरीके से काम करता है इसलिए, अपनी बीमारी के बारे में हमेशा अपने डॉक्टर से चर्चा करना सबसे अच्छा रहता है।

कारण

ऑस्टियोअर्थराइटिस (Osteoarthritis) का क्या कारण है?

ऑस्टियोअर्थराइटिस सुरक्षात्मक कार्टिलेज (हड्डियों के अंतिम सिरे को कवर करने वाला एक रबरयुक्त पदार्थ) के टूटने के कारण होता है। यह जोड़ों की सुरक्षा करता है और जोड़ों को हिलाने-डुलाने में मदद करता है। ऑस्टियोअर्थराइटिस में कार्टिलेज की सतह खुरदरी हो जाने से हड्डी पर रगड़ पड़ती है और जोड़ों पर तनाव बढ़ता है, जिससे जोड़ों की गतिशीलता प्रभावित हो जाती है।

जोखिम

ऑस्टियोअर्थराइटिस (Osteoarthritis) का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

  • उम्र बढ़ने के साथ-साथ ऑस्टियोअर्थराइटिस विकसित होने का जोखिम भी बढ़ता रहता है।
  • अधिक मोटापा होने के कारण घुटनों, टखनो व कूल्हे आदि के जोड़ों पर अत्यधिक वजन पड़ना। इसके अलावा, अतिरिक्त फैट टिश्यू कुछ ऐसे रसायनों का उत्पादन करते हैं, जो जोड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • कुछ जॉब में लोगों को लंबे समय तक खड़े रहने की आवश्यकता होती है, काम के लिए बार-बार झुकना, अधिक भार उठाना आदि के कारण ऑस्टियोअर्थराइटिस का खतरा बढ़ सकता है।
  • परिवार में किसी को ऑस्टियोअर्थराइटिस होने पर दूसरे व्यक्ति में भी इसके जोखिम बढ़ जाते हैं।

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निदान और उपचार को समझें

दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

ऑस्टियोर्थराइटिस (Osteoarthritis) का निदान कैसे किया जाता है?

डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में जानकारी करेगा और शरीर की चांज करेगा। हो सकता है कि वह कुछ और भी जरूरी ​​टेस्ट भी करे।

ऑस्टियोअर्थराइटिस (Osteoarthritis) के निदान के लिए नीचे बताए गए परीक्षण किए जा सकते हैं :

  • एक्स-रे : इसके द्वारा ऑस्टियोअर्थराइटिस की वजह से हुई जोड़ों में किसी भी तरह की क्षति और अन्य बदलावों को देखा जा सकता है।
  • एमआरआई : आमतौर पर, ऑस्टियोअर्थराइटिस के निदान के लिए एमआरआई की जरूरत नहीं होती है लेकिन, कुछ गंभीर मामलों में इसकी आवश्यकता पड़ सकती है।
  • ब्लड टेस्ट : जोड़ों के दर्द के अन्य कारणों को जानने में ब्लड टेस्ट की मदद ली जा सकती है, जैसे रूमेटाइड अर्थराइटिस।
  • जॉइंट फ्लूइड एनालिसिस-गाउट : संक्रमण और गठिया के अन्य कारणों का पता लगाने के लिए द्रव का विश्लेषण करना जरूरी होता है।

ऑस्टियोअर्थराइटिस (Osteoarthritis) का इलाज कैसे किया जाता है?

ऑस्टियोअर्थराइटिस का कोई इलाज नहीं है लेकिन, इसके लक्षणों पर काबू पाकर इस बीमारी से निपटा जा सकता है। ऑस्टियोअर्थराइटिस के मुख्य उपचारों में शामिल हैं:

जीवनशैली के उपाय: ऑस्टियोअर्थराइटिस में वैसे व्यायाम करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन, इसके मरीजों के लिए व्यायाम सबसे बेहतर उपचारों में से एक है, चाहे मरीज की उम्र व वजन कितना भी हो। नियमित व्यायाम आपको सक्रिय रखता है, मांसपेशियों और जोड़ों को मजबूत बनाता है और आमतौर पर लक्षणों को सुधारने में मदद करता है। डॉक्टर आपको एक एक्सरसाइज बता सकते है, जो बीमारी के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।

वजन को संतुलित रखना: वजन कम करने से ऑस्टियोअर्थराइटिस से पीड़ित लोगों को दर्द कम करने में मदद मिल सकती है। डॉक्टर से सलाह लें कि कैसे धीरे-धीरे और सुरक्षित रूप से वजन कम किया जा सकता है।

दवाएं:

  • ऑस्टियोअर्थराइटिस में दर्द निवारक दवाएं भी दी जाती हैं, जिसमें एसिटामिनोफेन, ओपिओइड और ट्रामडोल (एटिपिकल ओपिओइड) शामिल हैं।
  • दर्द और जोड़ों में सूजन को कम करने के लिए एस्पिरिन, डिक्लोफिनेक सोडियम, इबुप्रोफेन, नेप्रोक्सन और सेलेकॉक्सिब जैसी नॉन स्टेरॉइडल एंटी इंफ्लमेटरी ड्रग (NSAIDs) दवाएं शामिल हैं। इनमें से कुछ दवाएं क्रीम के रूप में भी उपलब्ध हैं, जो आप सीधे प्रभावित जोड़ों पर लगा सकते हैं।
  • अगर ऑस्टियोअर्थराइटिस गंभीर है, तो दर्द और सूजन आदि को कम करने के लिए शायद कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन की भी जरूरत पड़ सकती है लेकिन, इन इंजेक्शन के बीच में कम से कम तीन महीने का अंतर होना चाहिए।
  • हाईऐल्युरोनिक एसिड-जोड़ों में हाईऐल्युरोनिक एसिड के इंजेक्शन लगाने से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है। इससे जोड़ों को गतिशीलता मिलती है।

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सर्जरी:

जहां पर कोई उपचार काम न कर पाएं या फिर जोड़ बहुत ज्यादा क्षतिग्रस्त हों, तो ऐसे मामलों में सर्जरी की जाती है। ऑस्टियोअर्थराइटिस में सर्जरी के बाद चलने-फिरने में काफी सुधार होता है।

अन्य उपचार:

शोध के अनुसार एक्यूपंक्चर से ऑस्टियोअर्थराइटिस के दर्द में राहत मिलती है और घुटने में सुधार आता है।

कुछ अध्ययनों से पता चला है कि कॉन्ड्रोइटिन और ग्लूकोसामाइन जैसे न्यूट्रिशन सप्लिमेंट को डायट में शामिल करने से ऑस्टियोअर्थराइटिस में लाभ मिलता है।

थेरिपी:

  • फिजिकल और ऑक्यूपेशनल थेरिपी
  • ताई ची और योग

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जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

क्या जीवनशैली में बदलाव या घरेलू उपचार से ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) से निपटने में मदद मिल सकती है?

नीचे बताई गई जीवनशैली और घरेलू उपचार आपको ऑस्टियोअर्थराइटिस से निपटने में मदद कर सकते हैं:

  • ऑस्टियोअर्थराइटिस के लक्षणों को कम करने का सबसे फायदेमंद तरीका व्यायाम करना है। डॉक्टर आपको एक उचित एक्सरसाइज बता सकते हैं।
  • ऑस्टियोअर्थराइटिस का दर्द कम करने में और आगे जोड़ों में कोई नुकसान न आएं, इसके लिए वजन कम करना बेहद जरूरी होता है। आपको वजन कम करने के स्वस्थ तरीकों के बारे में डायटीशियन से बात करनी चाहिए।
  • दर्द से निपटने के लिए ठंडी या गर्म सिकाई : जोड़ों को सेकना ऑस्टियोअर्थराइटिस के कुछ मरीजों के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। इससे मांसपेशियों की ऐंठन और दर्द से राहत दे सकती है
  • अगर ऑस्टियोअर्थराइटिस के कारण चलने-फिरने में या अन्य रोजाना के काम पूरा करने में दिक्कत आ रही है, तो कुछ सहायक उपकरण जैसे स्कूटर, वॉकर, स्प्लिन्ट्स, शू ऑर्थोटिक्स आदि के उपयोग से समस्या से निपटा जा सकता है।

अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल है, तो अपने डॉक्टर से परामर्श लेना न भूलें।

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