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शिशु की गर्भनाल में कहीं इंफेक्शन तो नहीं, जानिए संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड के लक्षण और इलाज

शिशु की गर्भनाल में कहीं इंफेक्शन तो नहीं, जानिए संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड के लक्षण और इलाज

डिलिवरी से पहले गर्भनाल गर्भ में पल रहे बच्चे को मां से जोड़ती है। इसकी जन्म के बाद आवश्यकता नहीं रहती है। इसे काटकर हटा दिया जाता है जिससे एक छोटा स्टंप निकल आता है। ज्यादातर मामलों में, यह स्टंप खुद से ही सूख जाता है और कुछ हफ्तों के भीतर नवजात शिशु से अलग हो जाता है। लेकिन कभी-कभी इसमें संक्रमण हो जाता है। इस संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड के आसपास के हिस्से में सूजन, हल्की ब्लीडिंग और लालिमा देखने को मिलती है। संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड की देखभाल के लिए कुछ टिप्स यहां बताए गए हैं जो आपके लिए लाभकारी हो सकते हैं।

गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) क्या होती है?

आपको जानकर हैरानी होगी कि गर्भनाल की लंबाई लगभग 50 सेमी (20 इंच) होती है। प्रेग्नेंसी के समय अम्बिलिकल कॉर्ड गर्भवती महिला के शरीर का एक अहम हिस्सा होता है, जो उसे गर्भ में पल रहे शिशु से जोड़ता है। गर्भवती महिला द्वारा लिए जाने वाले सभी पोषण तत्व अम्बिलिकल कॉर्ड के जरिए ही शिशु के शरीर तक पहुंचते हैं। गर्भ में शिशु अम्बिलिकल कॉर्ड की वजह से ही जिंदा रहता है क्योंकि इससे ही भ्रूण को ऑक्सीजन मिलती है। यह कॉर्ड नस और धमनियों से मिलकर बनी होती है।

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बच्चे की अम्बिलिकल कॉर्ड कब काटी जाती है?

वैसे तो प्रसव के तुरंत बाद डॉक्टर शिशु की गर्भनाल को काट देते हैं। लेकिन, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) सलाह देता है कि अगर प्रसव के समय कोई जटिलता नहीं है तो जन्म के बाद गर्भनाल काटने के लिए डॉक्टरों को कम से कम एक मिनट के बाद ही इसे काटना चाहिए। यह शिशु की हेल्थ और पोषण के लिए जरूरी है। साथ ही डिलेड कॉर्ड क्लैंपिंग (delayed cord clamping) से शिशु को एनीमिया जैसे खतरे से भी दूर रखा जा सकता है।

संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड के लक्षण क्या हैं?

यदि आपके नवजात शिशु को दर्द हो रहा है या यदि आपको इनमें से कोई भी संक्रमण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

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संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड की देखभाल कैसे करें?

शिशु की नाल कटने के बाद उसकी देखभाल करना बहुत जरूरी होता है। इसकी साफ-सफाई की अनदेखी करने पर अम्बिलिकल कॉर्ड में इंफेक्शन भी हो सकता है। शिशु की कॉर्ड न गिरने तक उसकी देखभाल के लिए नीचे कुछ अम्बिलिकल कॉर्ड केयर टिप्स नीचे दिए गए हैं जैसे –

साफ रखें

यदि स्टंप गंदा या चिपचिपा दिखता है, तो इसे धीरे से गीले वॉशक्लॉथ से साफ करें और फिर सूखे कपड़े से थपथपाएं। किसी भी तरह के साबुन या अन्य पदार्थ के इस्तेमाल से बचें।

स्टंप को सूखा रखें

स्टंप को गीला होने से बचाएं। इसके लिए नियमित रूप से कॉर्ड स्टंप को हवा मिलनी जरूरी है। इससे अम्बिलिकल कॉर्ड में इंफेक्शन का खतरा कम हो सकता है।

स्पंज बाथ दें

जब तक स्टंप सूखकर गिर न जाए, तब तक शिशु को पानी के टब में न नहलाएं। उसे सिर्फ स्पंज बाथ ही दें।

डायपर

डायपर से स्टंप को कवर करने से बचें। साथ ही गीले और गंदे डायपर को तुरंत बदल दें ताकि वे नाभि की ओर ऊपर की तरफ लीक न हों।

कम्फर्टेबल कपड़े

शिशु के लिए ढीले-ढाले कपड़े चुनें ताकि वे स्टंप पर टाइट न हो।

ज्यादा न छुएं

स्टंप को कभी न खींचे और जितना हो सके इसे कम से कम छुएं। साथ ही स्टंप को छूने से पहले हाथ धोएं।

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संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड में डॉक्टरी सलाह कब लें?

यदि इनमें से कोई लक्षण दिखे तो अपने बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं:

  • अगर बच्चे का स्टंप चार हफ्ते बाद भी नहीं गिरता है।
  • आपके बच्चे को बुखार (100.4°F/38°C या इससे अधिक) है
  • संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड के लक्षण बदतर होते जा रहे हैं या उपचार शुरू करने के दो दिनों के भीतर सुधार नहीं होता है।
  • जब आप नाल और नाभि के आस-पास के हिस्से को छूते हैं तो आपका बच्चा बहुत तेजी से रोना शुरू कर देता है।
  • गर्भनाल से खून बह रहा हो।
  • नाभि के चारों ओर दाने, फुंसी या फफोले दिखें।
  • शिशु स्तनपान से इंकार कर देता है।
  • बच्चे का सुस्त रहना।
  • आपका बच्चा बीमार लगता है या कोई अन्य लक्षण है जो आपको चिंतित करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अंबिलिकल ग्रेनुलोमा क्या है?

कभी-कभी स्टंप पूरी तरह से सूखने के बजाय उसके आस-पास पिंक रंग के टिश्यू बन जाते हैं। इन्हें ग्रेनुलोमा कहते हैं। इसमें से हल्के पीले रंग का लिक्विड पदार्थ निकलता है। वैसे तो यह स्थिति खुद-ब-खुद एक सप्ताह के अंदर अंदर ठीक हो जाती है, फिर भी अगर ऐसा न हो, तो डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

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शिशु की नाभि ठीक होने में कितना समय लगता है?

स्टंप गिरने के बाद नाभि को ठीक होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगता है। हो सकता है नाभि के आसपास का हिस्सा चिपचिपा, भूरा और थोड़ा बदबूदार हो जो कि सामान्य बात है। इसके साथ ही स्टंप वाली जगह पर हल्के लाल रंग का धब्बा भी दिखाई दे सकता है। यह सब शिशु की नाभि ठीक होने के संकेत हैं, इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

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अम्बिलिकल कॉर्ड काटने के बाद शिशु का स्टंप कब गिरेगा?

अम्बिलिकल कॉर्ड काटने के बाद स्टंप पांच से 15 दिन में सूख कर खुद से ही गिर जाता है। ध्यान दें कि स्टंप में पानी न जाए और न ही इसे खुद से निकालने की कोशिश करें। समय के साथ स्टंप खुद ही नाभि से अलग हो जाएगी। हो सकता है आपको शिशु की नाल वाली जगह पर हल्का सा घाव दिखे, जो ठीक होकर खुद ही शिशु की नाभि का रूप ले लेता है।

अम्बिलिकल कॉर्ड क्या है और संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड की देखभाल कैसे की जाए। यह सब इस आर्टिकल में बताया गया है। ऊपर बताई गई बातों को ध्यान से पढ़कर उसी अनुसार शिशु की नाल की देखरेख करें। कोई भी असावधानी स्टंप में संक्रमण का खतरा बढ़ा सकती है। किसी भी तरह का कोई भी आसामान्य लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। आपका सही समय पर उठाया गया सही कदम शिशु की गर्भनाल की देखभाल में मददगार साबित हो सकता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

/Optimal timing of cord clamping for the prevention of iron deficiency anaemia in infants. https://www.who.int/elena/titles/full_recommendations/cord_clamping/en/. Accessed On 12 May 2020

Umbilical Cord Care in the Newborn Infant. https://pediatrics.aappublications.org/content/138/3/e20162149#sec-3. Accessed On 12 May 2020

Umbilical cord care in newborns. https://www.bettersafercare.vic.gov.au/resources/clinical-guidance/maternity-and-newborn-clinical-network/umbilical-cord-care-for-neonates. Accessed On 12 May 2020

What is the umbilical cord?. https://www.marchofdimes.org/pregnancy/umbilical-cord-abnormalities.aspx#:~:text=The%20umbilical%20cord%20is%20a,the%20baby%20and%20the%20placenta. Accessed On 16 September, 2020.

Caring for your baby’s umbilical cord stump and belly button. https://www.childrens.health.qld.gov.au/fact-sheet-caring-for-your-babys-umbilical-cord-stump-and-belly-button/ Accessed On 12 May 2020

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Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 16/09/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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