संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड की देखभाल कैसे करें?
शिशु की नाल कटने के बाद उसकी देखभाल करना बहुत जरूरी होता है। इसकी साफ-सफाई की अनदेखी करने पर अम्बिलिकल कॉर्ड में इंफेक्शन भी हो सकता है। शिशु की कॉर्ड न गिरने तक उसकी देखभाल के लिए नीचे कुछ अम्बिलिकल कॉर्ड केयर टिप्स नीचे दिए गए हैं जैसे –
साफ रखें
यदि स्टंप गंदा या चिपचिपा दिखता है, तो इसे धीरे से गीले वॉशक्लॉथ से साफ करें और फिर सूखे कपड़े से थपथपाएं। किसी भी तरह के साबुन या अन्य पदार्थ के इस्तेमाल से बचें।
[mc4wp_form id=”183492″]
स्टंप को सूखा रखें
स्टंप को गीला होने से बचाएं। इसके लिए नियमित रूप से कॉर्ड स्टंप को हवा मिलनी जरूरी है। इससे अम्बिलिकल कॉर्ड में इंफेक्शन का खतरा कम हो सकता है।
स्पंज बाथ दें
जब तक स्टंप सूखकर गिर न जाए, तब तक शिशु को पानी के टब में न नहलाएं। उसे सिर्फ स्पंज बाथ ही दें।
डायपर
डायपर से स्टंप को कवर करने से बचें। साथ ही गीले और गंदे डायपर को तुरंत बदल दें ताकि वे नाभि की ओर ऊपर की तरफ लीक न हों।
कम्फर्टेबल कपड़े
शिशु के लिए ढीले-ढाले कपड़े चुनें ताकि वे स्टंप पर टाइट न हो।
ज्यादा न छुएं
स्टंप को कभी न खींचे और जितना हो सके इसे कम से कम छुएं। साथ ही स्टंप को छूने से पहले हाथ धोएं।
और पढ़ें : लोअर सेगमेंट सिजेरियन सेक्शन (LSCS) के बाद नॉर्मल डिलिवरी के लिए ध्यान रखें इन बातों का
संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड में डॉक्टरी सलाह कब लें?
यदि इनमें से कोई लक्षण दिखे तो अपने बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं:
- अगर बच्चे का स्टंप चार हफ्ते बाद भी नहीं गिरता है।
- आपके बच्चे को बुखार (100.4°F/38°C या इससे अधिक) है
- संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड के लक्षण बदतर होते जा रहे हैं या उपचार शुरू करने के दो दिनों के भीतर सुधार नहीं होता है।
- जब आप नाल और नाभि के आस-पास के हिस्से को छूते हैं तो आपका बच्चा बहुत तेजी से रोना शुरू कर देता है।
- गर्भनाल से खून बह रहा हो।
- नाभि के चारों ओर दाने, फुंसी या फफोले दिखें।
- शिशु स्तनपान से इंकार कर देता है।
- बच्चे का सुस्त रहना।
- आपका बच्चा बीमार लगता है या कोई अन्य लक्षण है जो आपको चिंतित करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अंबिलिकल ग्रेनुलोमा क्या है?
कभी-कभी स्टंप पूरी तरह से सूखने के बजाय उसके आस-पास पिंक रंग के टिश्यू बन जाते हैं। इन्हें ग्रेनुलोमा कहते हैं। इसमें से हल्के पीले रंग का लिक्विड पदार्थ निकलता है। वैसे तो यह स्थिति खुद-ब-खुद एक सप्ताह के अंदर अंदर ठीक हो जाती है, फिर भी अगर ऐसा न हो, तो डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
और पढ़ें : मैटरनिटी लीव को एंजॉय करने के लिए अपनाएं ये मजेदार तरीके
शिशु की नाभि ठीक होने में कितना समय लगता है?
स्टंप गिरने के बाद नाभि को ठीक होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगता है। हो सकता है नाभि के आसपास का हिस्सा चिपचिपा, भूरा और थोड़ा बदबूदार हो जो कि सामान्य बात है। इसके साथ ही स्टंप वाली जगह पर हल्के लाल रंग का धब्बा भी दिखाई दे सकता है। यह सब शिशु की नाभि ठीक होने के संकेत हैं, इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है।
और पढ़ें : ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पीरियड्स रुकना क्या है किसी समस्या की ओर इशारा?
अम्बिलिकल कॉर्ड काटने के बाद शिशु का स्टंप कब गिरेगा?
अम्बिलिकल कॉर्ड काटने के बाद स्टंप पांच से 15 दिन में सूख कर खुद से ही गिर जाता है। ध्यान दें कि स्टंप में पानी न जाए और न ही इसे खुद से निकालने की कोशिश करें। समय के साथ स्टंप खुद ही नाभि से अलग हो जाएगी। हो सकता है आपको शिशु की नाल वाली जगह पर हल्का सा घाव दिखे, जो ठीक होकर खुद ही शिशु की नाभि का रूप ले लेता है।
अम्बिलिकल कॉर्ड क्या है और संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड की देखभाल कैसे की जाए। यह सब इस आर्टिकल में बताया गया है। ऊपर बताई गई बातों को ध्यान से पढ़कर उसी अनुसार शिशु की नाल की देखरेख करें। कोई भी असावधानी स्टंप में संक्रमण का खतरा बढ़ा सकती है। किसी भी तरह का कोई भी आसामान्य लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। आपका सही समय पर उठाया गया सही कदम शिशु की गर्भनाल की देखभाल में मददगार साबित हो सकता है।