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बच्चों को बॉडी शेमिंग से कैसे बचाएं?

हम मैग्जीन में या टीवी चैनलों पर स्लिम होने, हाइट बढ़ाने, गोरे होने आदि के विज्ञापन देखते हैं। ये हम सब जानते हैं कि कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं है। कई बार इन विज्ञापनों या अपने इर्द-गिर्द पेश आने वाली परिस्थितियों से मन में नकारात्मक भावनाएं आने लग जाती हैं, जिससे हम अपने शरीर को लेकर हीन भावना महसूस करने लगते हैं इसे ही बॉडी शेमिंग (Body Shaming) कहते है। हमारे अंदर कई कमियां हो सकती हैं जिनके बारे में दोस्‍त, रिश्तेदार, पड़ोसी आदि बुरा सोचते होंगे और शायद आपको कभी चिढ़ाते भी होंगे।

बच्चों को बॉडी शेमिंग से कैसे बचाएं?

यदि आपको भी अपनी इन कमियों की जानकारी है तो इसे लेकर शर्मिंदगी महसूस न नहीं करें बल्कि इस समस्‍या को दूर करने की कोशिश करें। बॉडी शेमिंग (Body Shaming) की समस्या ज्यादातर बच्चों और महिलाओं को होती है।

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बच्चों में बॉडी शेमिंग होने के लक्षण क्या हैं? (What are the symptoms of body shaming in children?)

  • यदि आपका बच्चा दूसरों के सामने खुद की मौजूदगी को नकारात्‍मक मानने लगा है तो यह बॉडी शेमिंग है। दूसरों के होने से मन में यह विचार आएंगे कि इन लोगों की फिटनेस आपसे अच्छी है।
  • दूसरों के शरीर से अपने शरीर की तुलना करना, दूसरों के कंधों को देखने के बाद बच्चा कहने लगे मेरे कंधे और बाहें कुछ ज्‍यादा ही मोटी या पतली हैं और मैं दूसरों की तरह सुडौल बॉडी हासिल नहीं कर पाऊंगा।
  • दूसरों की ड्रेस की फिटिंग और आकर्षित कर देने वाली ड्रेस को देखने के बाद बच्चे को यह महसूस होने लगें कि वह ऐसी ड्रेस पहने तो कभी खूबसूरत नहीं दिखेगा, क्‍योंकि उसे वह ड्रेस फिट नहीं आएगी।
  • अगर बच्चे इस तरह की किसी भी बात से परेशान रहते हैं तो वे बॉडी शेमिंग के शिकार हो सकते हैं।

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बॉडी शेमिंग

बच्चों को बॉडी शेमिंग से कैसे बचाएं? (How to protect kids from body shaming?)

बच्चों को निम्नलिखित तरह से बॉडी शेमिंग (Body shaming) से बचाया जा सकता है। जैसे:-

  • बच्चे को बताएं कि कभी भी अपना मुकाबला या तुलना किसी से न करें, क्‍योंकि हर किसी में कुछ न कुछ कमी होती ही है। अगर खामी है तो उसे दूर करने के तरीके बताएं।
  • बच्चे के लिए एक लक्ष्य तय कीजिए कि कैसे बच्चे का वजन कम या बढ़ाया जा सकें, इस पर बच्चे से गंभीरता से अमल भी करवाएं।
  • बच्चे की तारीफ करें और उसे भी खुद की तारीफ करने को कहें। बच्चे की तारीफ करेंगे तो उसमें मौजूद हीन भावना खत्म होकर कुछ करने के लिए आत्म-विश्वास जागेगा।
  • बच्चे को बताएं कि उनकी फिटनेस को लेकर कोई कमेंट करें तो उन कमेंट्स पर ध्‍यान न दें। उन्हें बताएं कि जब आप कुछ हासिल कर लेंगे तब ये हरकतें स्वतः ही बंद हो जाएगी।
  • बच्चों के कपड़ों का चयन सही तरह से और उनके शारीरिक बनावट के अनुसार करें।

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बॉडी शेमिंग एक आम समस्या है जिससे बच्चे और बड़े कोई भी ग्रसित हो सकते हैं। जबकि हम जानते हैं कि कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं है इसलिए समय रहते अपने आप को एक्सेप्ट करें और खुद से प्यार करना शुरू करें।

बच्चों में बॉडी शेमिंग की भावना दूर करने के साथ-साथ उन्हें फिट रहने के लिए प्रोत्साहित करें। इसलिए उनके डायट का ध्यान रखें। बच्चों के डायट में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें। जैसे:-

प्रोटीन (Protein)- बच्चों में प्रोटीन की कमी न हो इसलिए उन्हें सी-फूड, लीन प्रोटीन जैसे चिकेन, मछली दें। वहीं बच्चों के डायट में अंडे, बीन्स, मटर, सोया उत्पाद और अनसाल्टेड नट्स खाने के लिए दें। 

फल (Fruits)- अपने बच्चे को विभिन्न प्रकार के डिब्बा बंद जूस के सेवन के लिए प्रोत्साहित न करें। बच्चों को ताजे और मौसमी फलों का सेवन करवाएं। यह उनके शरीर के विकास पर सकारात्मक असर डालेगा। 

सब्जियां (Vegetables)- बच्चों को मौसमी और हरी सब्जियों का सेवन करने दें। कई बार बच्चे सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहते हैं। ,लेकिन उन्हें सब्जियों में मौजूद पोषण की जानकारी दें और फिर उन्हें इसे खाने के लिए प्रोत्साहित करें। सब्जियों के साथ-साथ साग भी बच्चों को अवश्य खिलाएं। 

अनाज (Whole grain)- बच्चों को साबुत आनाज अवश्य खिलाएं जैसे गेहूं की रोटी, दलिया, पॉपकॉर्न, पास्ता, क्विनोआ या चावल। 

डेयरी प्रोडक्ट (Diary Products)- अपने बच्चे को फैट फ्री या कम वसा वाले डेयरी उत्पाद जैसे दूध, दही, पनीर या फोर्टीफाइड सोया पेय पदार्थ खाने और पीने के लिए प्रोत्साहित करें।

इन ऊपर बताए गए पौष्टिक आहार को अपने बच्चों के डायट में जरूर शामिल करें, लेकिन कुछ निम्नलिखित खाद्य पदार्थों के सेवन से दूरी भी रखें। जैसे:-

बच्चों को अत्यधिक मीठा खाने न दें।

सैचुरेटेड फैट का सेवन भी न करने दें।

दो से तीन साल के बच्चों (लड़का और लड़की) के लिए डायट प्लान 

कैलोरी- 1,000 से 1,400 या फिर बच्चे के शारीरिक विकास के अनुसार

प्रोटीन– 50-110 ग्राम

फ्रूट- एक से डेढ़ कप

सब्जी- एक से डेढ़ कप

ग्रेन- 80-130 ग्राम

दूध – दो कप

चार से आठ साल के बच्चों (लड़का और लड़की) के लिए डायट प्लान 

कैलोरी- 1200 से 1800 लड़की के लिए वहीं लड़कों को 1200 से 2000 या फिर बच्चे के शारीरिक विकास अनुसार

प्रोटीन- 85-150 ग्राम

फ्रूट- एक से डेढ़ कप

सब्जी- डेढ़ कप से ढ़ाई कप

ग्रेन- 100-170 ग्राम

दूध- ढ़ाई कप

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नौ से तेरह साल के बच्चों (लड़का और लड़की) के लिए डायट प्लान 

कैलोरी- 1400 से 2200 लड़की के लिए वहीं लड़कों को 1600 से 2600 या फिर बच्चे के शारीरिक विकास अनुसार

प्रोटीन- 110-140 ग्राम लकड़ी के लिए वहीं लड़कों के लिए 110-170 ग्राम

फ्रूट- डेढ़ कप से दो कप

सब्जी- डेढ़ कप से तीन कप लड़की के लिए वहीं लड़कों को ढ़ाई से पांच कप

ग्रेन- 140-200 ग्राम लड़कियों के लिए वहीं लड़कों को पांच से नौ कप

दूध- तीन कप

चौदह से अठारह साल के बच्चों (लड़की) के लिए डायट प्लान 

कैलोरी- 1800 से 2400 या फिर बच्चे के शारीरिक विकास अनुसार

प्रोटीन- 150-200 ग्राम

फ्रूट- डेढ़ कप से दो कप

सब्जी- ढ़ाई से तीन कप

ग्रेन- 170-226 ग्राम

डेयरी- तीन कप

चौदह से अठारह साल के बच्चों (लड़कों) के लिए डायट प्लान 

कैलोरी- 2000 से 3200 या फिर बच्चे के शारीरिक विकास अनुसार

प्रोटीन- 150-200 ग्राम

फ्रूट- दो से ढ़ाई कप

सब्जी- ढ़ाई से चार कप

ग्रेन- 170-300 ग्राम

दूध – तीन कप

इन ऊपर बताए गए चार्ट के अनुसार आप अपने बच्चे के लिए डेली डायट प्लान कर सकते हैं। अगर आप बॉडी शेमिंग से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

डॉ. प्रणाली पाटील
डॉ. प्रणाली पाटील
के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटीलफार्मेसी · Hello Swasthya
sudhir Ginnore द्वारा लिखित · अपडेटेड 15/07/2021