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बार-बार रो रहा है बच्चा तो उसे पेट और आंत में हो सकती है तकलीफ

बार-बार रो रहा है बच्चा तो उसे पेट और आंत में हो सकती है तकलीफ

बच्चा जब भी रोता है तो मन में बस यही सवाल आता है कि ‘अब क्या हो गया इसे’ ? कई बार बच्चे पेट दर्द की वजह से भी रोते हैं। बच्चों के पेट और आंतों में समस्या हो जाने से दर्द की स्थिति बनती है। बच्चे ये बातें नहीं समझ पाते हैं और रोने लगते हैं। बच्चों के पेट की समस्याओं के कई संभावित कारण हो सकते हैं, जिनमें से अधिकांश खतरनाक नहीं होते हैं। लेकिन एपेंडिसाइटिस से बच्चों को खतरा हो सकता है। इस वजह से पेट की सभी समस्याओं को अनदेखा न करें। साथ ही कुछ भी समस्या होन पर अपने चिकित्सक से जरूर परामर्श लें।

बच्चों में पेट की समस्या के लक्षण

  • पेट में दर्द
  • उल्टी में खून आना
  • मल के साथ खून आना
  • डीहइड्रेशन की समस्या
  • अत्यधिक डकार आना

और पढ़ें : कई महीनों और हफ्तों तक सही से दूध पीने वाला बच्चा आखिर क्यों अचानक से करता है स्तनपान से इंकार

बच्चों में पेट की समस्या का कारण : हार्टबर्न (Reflux Disease)

बच्चों में हार्टबर्न के लक्षण काफी सामान्य हैं। 3 से 5 प्रतिशत बच्चों को इस रोग का अनुभव होता है। सीने और ऊपरी पेट की तकलीफ तब होती है जब पेट की अम्लीयता (Acidity) का स्तर ऊपर की ओर बढ़ता है। इस कारण पेट में जलन का अनुभव हो सकता है। रिफ्लक्स वाल्व (एसोफैगल स्फिंक्टर) कमजोर होने के कारण ऐसा हो सकता है। मोटापे की वजह से अन्नप्रणाली में बांधा आ जाती है। ऐसे समय में आहार लेना दिक्कत पैदा करता है।

फॉलो करें एक्टसर्प द्वारा बताए गएं उपचार के टिप्स

इस बारे में डफरिन हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सलमान का कहना है कि बच्चों में कई कारणों से पेट की समस्या हो सकती है। जिसके होने के कई कारण हो सकते हैं। तो जानें किस समस्या होने पर क्या उपचार करें-

हार्टबर्न (Reflux Disease) का उपचार

यदि आपका बच्चा इस रोग से ग्रस्त है तो आप डॉक्टर की सलाह से दवा का उपयोग कर सकती है। साथ ही कुछ सावधानियां जैसे एसिडिक फूड या फैटी फूड से बच्चों को बचाएं। ध्यान रखें कि आपका बच्चा सोने से पहले खाना खा लें। सोते समय उसका सिर बिस्तर से ऊंचा रखे। अगर आपका बच्चा मोटापे से ग्रस्त है तो वजन घटाने में उसकी मदद कर सकते हैं।

लाइफस्टाइल में चेंज करके आपके बच्चें को राहत नहीं मिल रही है तो आपको डॉक्टर के परामर्श से ओटीसी की दवाओं का उपयोग करना चाहिए।

और पढ़ें : पेट दर्द के सामान्य कारण क्या हो सकते हैं ?

एंटएसिड्स( Antacids)

ये दवा पेट की अंदर के अम्लीय गुणों को बेअसर करने का काम करती है। एंटएसिड में सक्रिय अवयवों में एल्यूमीनियम हाइड्रॉक्साइड और मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (12 वर्ष और अधिक आयु के बच्चों में) और कैल्शियम कार्बोनेट (2 वर्ष और अधिक आयु के बच्चों में ) शामिल हैं। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हिस्टामाइन रिसेप्टर (H2) ब्लॉकर्स

यह पेट को एसिड उत्पन्न करने से रोकता है।

H2 ब्लॉकर्स में सक्रिय अवयवों में शामिल हैं:

  • सिमेटिडाइन ( imetidine)
  • रेनीटिडिन ( Ranitidine)
  • फेमोटिडिन ( Famotidine)
  • निजाटिडीन (Nizatidine)

इन दवाओं को 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए हैं। 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के इलाज के बारे में एक डॉक्टर से पूछें।

प्रोटॉन पंप इनहिबिटर ( Proton Pump Inhibitors )

ओटीसी लेबल केवल वयस्कों द्वारा उपयोग के लिए हैं। वे पेट की अस्तर की दीवार पर छोटे एसिड पंपों को अवरुद्ध करके पेट की एसीडिटी को कम करने का काम करता है। पीपीआई सामग्री में ओमेप्राज़ोल, सोडियम बाइकार्बोनेट के साथ ओमेप्राजोल और लैंसोप्राजोल शामिल है।

और पढ़ें : पेट दर्द से निपटने के लिए 5 आसान घरेलू उपाय

बच्चों में पेट की समस्या का कारण : कब्ज( Constipation)

कब्ज एक बहुत ही आम समस्या है। लो फाइबर डायट की वजह से बच्चों में ये समस्या हो जाती है । 3 से 5 प्रतिशत बच्चों में ये समस्या पाई जाती है। हालांकि लोग अक्सर कब्ज को कठोर मल का पर्याय मानते हैं। कब्ज की चिकित्सा परिभाषा अधिक विशिष्ट है। यदि सप्ताह में कम से कम एक या दो बार ये लक्षण दिखें

  • प्रति सप्ताह दो या उससे कम बार शौच होना।
  • दर्दनाक या कठोर मल त्याग का इतिहास
  • मलाशय में एक बड़े fecal द्रव्यमान की उपस्थिति
  • बड़े-व्यास के मल का इतिहास

बच्चों में कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए खानपान में बदलाव बहुत जरूरी है। फाइबर की कमी को पूरा करने के लिए बच्चों के खाने में फलों जैसे कि सेब का जूस, टमाटर का जूस, पपीते का सेवन आदि लाभकारी होगा। अगर बच्चा तीन से चार साल या अधिक उम्र का है तो उसके खाने में फाइबर युक्त आहार को शामिल किया जा सकता है। आप खाने में सब्जियों को भी शामिल करें क्योंकि सब्जियों में भी फाइबर पाया जाता है। बच्चों को मैदा या फिर फास्ट फूड खाने से रोंके। मैदा या फिर हैवी फूड का सेवन भी कई बार कब्ज की समस्या का कारण बन जाता है। जो बच्चे पानी सही मात्रा में नहीं पीते हैं, उन्हें भी कब्ज की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। बेहतर होगा कि आप उपरोक्त बातों का ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह जरूर करें।

स्टमक प्रॉब्लम : डायरिया

डायरिया बच्चों में पाई जाने वाली एक आम समस्या है। डायरिया की समस्या यानि दस्त, यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर के अंदर पानी और नमक दोनों ही खत्म हो जाता है। गलत खान-पान या बदलते मौसम के कारण बच्चों को डायरिया हो जाता है लेकिन इससे परेशान होने की जरूर नहीं। आप कुछ घरेलू तरीके अपनाकर आप बच्चों की इस समस्या को दूर कर सकते हैं। ओआरएस के घोल के साथ ही बच्चें को दाल का पानी, चावल का मांड, दही केला, हल्का पाचक भोजन दें सकते हैं।

और पढ़ें : बच्चों के लिए ओट्स, जानें यह बच्चों की सेहत के लिए कितना है फायदेमंद

बच्चों में पेट की समस्या का कारण : स्टमक फ्लू

बच्चों के पेट में एक नहीं बल्कि बहुत सी समस्याएं हो सकती हैं। पेट में दर्द सिर्फ गैस की वजह से ही नहीं बल्कि अन्य कारणों से भी हो सकता है। पेट में गैस्ट्रोएंटेराइटिस की समस्या भी हो सकती है। ये पेट का फ्लू या फिर स्टमक फ्लू भी कहलाता है। जब बच्चों को पेट दर्द और दस्त के साथ ही अचानक से ठंड लगने लगे और साथ ही बच्चे को बुखार भी हो जाए आपको समझ जाना चाहिए कि बच्चे को स्टमक फ्लू हो गया है। ऐसे में बच्चों को पेट की विशेष देखभाल की जरूरत पड़ती है क्योंकि बार बार मल करने से बच्चों के शरीर में पानी की कमी होने लगती है और साथ ही कमजोरी का एहसास भी होने लगता है। अगर बच्चे में इस प्रकार के लक्षण आपको नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। वैसे तो स्टमक फ्लू की समस्या चार से पांच दिन बाद तक ठीक हो जाती है लेकिन बच्चे को डॉक्टर के पास जरूर ले जाना चाहिए, ताकि किसी बड़ी समस्या का सामना न करना पड़े।

अगर आपके मन में ये प्रश्न है कि बच्चे के पेट में फ्लू यानी स्टमक फ्लू की समस्या क्यों होती है तो हम आपको बताते चले कि ये समस्या रोटावायरस के कारण होती है। रोटावायरस खाने के माध्यम से बच्चे के पेट में जा सकता है। अगर बच्चा संक्रमित व्यक्ति का जूठा खाना खाता है तो भी यह वायरस आसानी से फैल सकता है। एक बात का ध्यान रखें कि बच्चे को स्टमक फ्लू के कारण डायरिया की समस्या भी हो सकती है। आप बच्चे को पानी पिलाते रहे और साथ ही ओआरएस का घोल भी दें। अगर बच्चे को नारियल पानी पसंद है तो उसे दे सकते हैं। आप चाहे तो चावल का माड़, पानी में शक्कर और नमक मिलाकर घोल भी दे सकते हैं। ऐसा करने से पानी की कमी नहीं होगी।
उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर बच्चे को पेट में दर्द की समस्या या फिर स्टमक प्रॉब्लम जैसी समस्या होती है तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाए। कई बार गंभीर समस्या का पता नहीं चल पाता है। बेहतर होगा कि आप डॉक्टर से जांच कराएं। आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Abdomina problem https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/conditionsandtreatments/abdominal-pain-in-children Accessed on 09/12/2019

लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित
अपडेटेड 02/09/2019
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